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टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संघर्ष समिति की मुख्यमंत्री से नही बनी बात, 01 सितम्बर से ब्यापक आंदोलन की तैयारी टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संघर्ष समिति की मुख्यमंत्री से नही बनी बात, 01 सितम्बर से ब्यापक आंदोलन की तैयारी

2 days ago
user_Uklive Uttrakhand
Uklive Uttrakhand
टिहरी, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड•
2 days ago

टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संघर्ष समिति की मुख्यमंत्री से नही बनी बात, 01 सितम्बर से ब्यापक आंदोलन की तैयारी टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संघर्ष समिति की मुख्यमंत्री से नही बनी बात, 01 सितम्बर से ब्यापक आंदोलन की तैयारी

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  • हिमालय को बचाने को लेकर बने ठोस पॉलिसी, नही तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम : किशोर हिमालय को बचाने को लेकर बने ठोस पॉलिसी, नही तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम : किशोर
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    हिमालय को बचाने को लेकर बने ठोस पॉलिसी, नही तो  भुगतने होंगे गंभीर परिणाम : किशोर 
हिमालय को बचाने को लेकर बने ठोस पॉलिसी, नही तो  भुगतने होंगे गंभीर परिणाम : किशोर
    user_Uklive Uttrakhand
    Uklive Uttrakhand
    टिहरी, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • चमोली के नंदानगर घाट बाजार में अचानक भूस्खलन, सड़क पर गिरे बड़े-बड़े पत्थर The Aman Times चमोली के नंदानगर घाट बाजार में अचानक भूस्खलन, सड़क पर गिरे बड़े-बड़े पत्थर घाट/नंदा नगर/चमोली चमोली जिले के नंदानगर घाट बाजार के ऊपर अचानक भूस्खलन होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर तेजी से गिरकर सड़क पर आ गए। घटना के दौरान सड़क पर कई वाहन खड़े थे। पत्थरों को गिरता देख वाहन चालक और आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। गनीमत रही कि समय रहते लोगों ने मौके से दूरी बना ली और बड़ा हादसा टल गया। भूस्खलन के बाद सड़क पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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    चमोली के नंदानगर घाट बाजार में अचानक भूस्खलन, सड़क पर गिरे बड़े-बड़े पत्थर
The Aman Times 
चमोली के नंदानगर घाट बाजार में अचानक भूस्खलन, सड़क पर गिरे बड़े-बड़े पत्थर
घाट/नंदा नगर/चमोली
चमोली जिले के नंदानगर घाट बाजार के ऊपर अचानक भूस्खलन होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर तेजी से गिरकर सड़क पर आ गए। घटना के दौरान सड़क पर कई वाहन खड़े थे।
पत्थरों को गिरता देख वाहन चालक और आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। गनीमत रही कि समय रहते लोगों ने मौके से दूरी बना ली और बड़ा हादसा टल गया।
भूस्खलन के बाद सड़क पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • #हरिद्वार के ग्राम भोगपुर से हर वर्ष की तरह इस बार भी आपसी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए जायरीनों का जत्था कलियर शरीफ दरगाह के लिए चादर लेकर रवाना हुआ।
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    #हरिद्वार के ग्राम भोगपुर से हर वर्ष की तरह इस बार भी आपसी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए जायरीनों का जत्था कलियर शरीफ दरगाह के लिए चादर लेकर रवाना हुआ।
    user_मोहित सम्पादक हरिद्वार (UK)
    मोहित सम्पादक हरिद्वार (UK)
    Newspaper publisher हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    32 min ago
  • मेहवड़ खुर्द उर्फ नागल में ग्राम प्रधान पर अनियमितताओं के आरोप, शिकायत के बाद जांच के आदेश मेहवड़ खुर्द उर्फ नागल में ग्राम प्रधान पर अनियमितताओं के आरोप, शिकायत के बाद जांच के आदेश
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    मेहवड़ खुर्द उर्फ नागल में ग्राम प्रधान पर अनियमितताओं के आरोप, शिकायत के बाद जांच के आदेश
मेहवड़ खुर्द उर्फ नागल में ग्राम प्रधान पर अनियमितताओं के आरोप, शिकायत के बाद जांच के आदेश
    user_सुमित सैनी पत्रकार
    सुमित सैनी पत्रकार
    Newspaper publisher हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • उत्तराखण्ड में ग्रामीण महिलाएं फूलों की खेती कर बन रही हैं आत्मनिर्भर ।
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    उत्तराखण्ड में ग्रामीण महिलाएं फूलों की खेती कर बन रही हैं आत्मनिर्भर ।
    user_Shanti Tamta
    Shanti Tamta
    Graphic designer राजगढ़ी, उत्तर काशी, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों? पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए। “बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है। लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों? पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है। रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें। उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए। “बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है।
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    लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद
लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों?
पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें।
उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए।
“बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है।
लक्सर भाजपा के नेताओं में रक्षाबंधन को लेकर प्रतिस्पर्धा, पवित्र पर्व को राजनीतिक लूट-खसोट का पर्याय बनाया जा रहा: रविंद्र सिंह आनंद
लक्सर। रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, विश्वास और सम्मान का पर्व है, लेकिन लक्सर में भाजपा नेताओं के बीच इस पर्व को लेकर जिस प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है, उसने इसकी गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने भाजपा नेताओं संजय गुप्ता, ओमप्रकाश जमदग्नि और सचिन अग्रवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बहनों के सम्मान और अधिकारों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके वास्तविक मुद्दों पर काम होना चाहिए।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे संवेदनशील और पवित्र अवसर को राजनीतिक प्रचार, प्रतिस्पर्धा और कथित रूप से व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में लक्सर की बहनों की चिंता है तो उन्हें बताना चाहिए कि महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा, महंगाई और उनके सम्मान के लिए उन्होंने धरातल पर क्या ठोस कार्य किए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई देता है। एक ओर प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के मामले में परिवार और प्रदेश की जनता आज भी न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के नाम पर बड़े-बड़े दावे और वादे किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अपनी बहन मानती है तो फिर उनके न्याय और सम्मान के गंभीर मुद्दों पर इतनी लंबी चुप्पी क्यों?
पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लक्सर की बहनें केवल त्यौहार के दिन किए जाने वाले दिखावटी सम्मान या राजनीतिक आयोजनों की पात्र नहीं हैं। उन्हें सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर चाहिए। चुनावी मौसम या त्यौहार के अवसर पर किए जाने वाले वादों से महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के नाम पर बहनों से किए जा रहे वादों का हिसाब भी जनता के सामने रखा जाए। कितने वादे पूरे हुए, कितने रोजगार दिए गए और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए—इसका जवाब लक्सर की जनता मांग रही है।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि त्यौहार आस्था और रिश्तों को जोड़ने के लिए होते हैं, राजनीतिक बाजार लगाने के लिए नहीं। भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा छोड़कर लक्सर की जनता और विशेषकर महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से काम करें।
उन्होंने कहा कि लक्सर की जनता अब केवल भाषण, फोटो और खोखले वादों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता को काम चाहिए, जवाब चाहिए और अपने अधिकारों का सम्मान चाहिए।
“बहनों के हाथ में राखी बांधने से पहले उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया जाए—यही रक्षाबंधन की वास्तविक भावना है।” रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि जनता अब दिखावे और वास्तविक जनसेवा के बीच का अंतर अच्छी तरह समझ चुकी है।
    user_DIGITALभारत
    DIGITALभारत
    Photographer लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • मेडिकल कॉलेज टिहरी के इंणिया मे ही प्रस्तावित है वहीँ पर बनेगा : किशोर मेडिकल कॉलेज टिहरी के इंणिया मे ही प्रस्तावित है वहीँ पर बनेगा : किशोर
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    मेडिकल कॉलेज टिहरी के इंणिया मे ही प्रस्तावित है वहीँ पर बनेगा : किशोर
मेडिकल कॉलेज टिहरी के इंणिया मे ही प्रस्तावित है वहीँ पर बनेगा : किशोर
    user_Uklive Uttrakhand
    Uklive Uttrakhand
    टिहरी, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • नेपाल में कुदरत का कहर: 95 की मौत, 750 से ज्यादा लापता; 133 भारतीय भी शामिल नेपाल के रसुवा क्षेत्र में नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। 26 अगस्त तक नेपाल में कम से कम 95 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई शामिल हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और मृतकों व लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
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    नेपाल में कुदरत का कहर: 95 की मौत, 750 से ज्यादा लापता; 133 भारतीय भी शामिल
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। 26 अगस्त तक नेपाल में कम से कम 95 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई शामिल हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और मृतकों व लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
    user_Viral Zone
    Viral Zone
    Medical group विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
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