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आजकल ऑनलाइन शॉपिंग का दौर है, जिसके कारण लोग घर से बाहर निकले बिना ही सभी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस बदलते परिवेश में, उन दुकानदारों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की गई है जो ग्राहकों की सेवा के लिए 12-12 घंटे इंतज़ार में रहते हैं। एक मार्मिक अपील की गई है कि लोग उन दुकानदारों और उनके परिवारों के बारे में भी सोचें, क्योंकि यदि हम उनके बारे में नहीं सोचेंगे तो कौन सोचेगा।
सिद्धार्थ कुमार साहू
आजकल ऑनलाइन शॉपिंग का दौर है, जिसके कारण लोग घर से बाहर निकले बिना ही सभी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस बदलते परिवेश में, उन दुकानदारों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की गई है जो ग्राहकों की सेवा के लिए 12-12 घंटे इंतज़ार में रहते हैं। एक मार्मिक अपील की गई है कि लोग उन दुकानदारों और उनके परिवारों के बारे में भी सोचें, क्योंकि यदि हम उनके बारे में नहीं सोचेंगे तो कौन सोचेगा।
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- सूर्य प्रकाश पाण्डेय और मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन की ओर से दिए गए एक संदेश में बताया गया है कि "विनाश काले विपरीत बुद्धि" केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन का एक अटल सत्य है। जब मनुष्य पर अहंकार हावी हो जाता है, तब उसकी बुद्धि सही और गलत का अंतर समझने की क्षमता खो देती है। इतिहास और वर्तमान दोनों ही इस बात के गवाह हैं कि अहंकार ने बड़े-बड़े राजाओं, नेताओं, धनवानों और शक्तिशाली व्यक्तियों को पतन की ओर धकेला है। अहंकार मनुष्य को यह भ्रम देता है कि वह सबसे श्रेष्ठ है, उसे किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है, और उसकी हर बात सही है। यही सोच धीरे-धीरे उसके विवेक को नष्ट कर देती है। जब बुद्धि पर अहंकार का पर्दा पड़ जाता है, तब व्यक्ति अपने शुभचिंतकों की बात सुनना भी बंद कर देता है और गलत निर्णय लेने लगता है। रामायण में रावण और महाभारत में दुर्योधन इसके सबसे बड़े उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद अहंकार ने उनकी बुद्धि को भ्रमित कर दिया और अंततः उनका सर्वनाश हुआ। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि आज के समय में भी जब व्यक्ति धन, पद या प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेता है, तो कई बार वह दूसरों को तुच्छ समझने लगता है और यह भूल जाता है कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। जीवन में सफलता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है विनम्र बने रहना। विनम्रता मनुष्य को महान बनाती है, जबकि अहंकार उसे अकेला और कमजोर कर देता है। जो व्यक्ति दूसरों का सम्मान करता है, वह समाज में सम्मान पाता है, लेकिन जो अहंकार में डूब जाता है, वह धीरे-धीरे अपने रिश्ते, मित्र और सम्मान सब कुछ खो देता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सफलता मिलने पर भी अपने संस्कार, विनम्रता और मानवता को न भूलें, क्योंकि जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान यही है कि अहंकार का अंत विनाश है और विनम्रता का परिणाम सम्मान है। संदेश में जोर दिया गया है कि "जब मनुष्य के भीतर अहंकार बढ़ता है, तब उसका पतन शुरू हो जाता है। इसलिए जीवन में हमेशा विनम्र रहें, क्योंकि झुकने वाला वृक्ष ही फल देता है और अकड़ने वाला वृक्ष सबसे पहले टूटता है।"1
- मछलीशहर तहसील में उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विभिन्न मुद्दों पर सुनवाई की गई।1
- आज जौनपुर जिले के कचगांव बाजार के पास बूंदाबांदी हुई। इस बूंदाबांदी के कारण क्षेत्र के मौसम में कुछ ठंडक महसूस की गई।1
- भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान ने 19 ओवरों में 94 रन पर 4 विकेट गंवा दिए हैं। भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 ओवर में केवल 6 रन देकर 4 विकेट चटकाए हैं। मैच में एक अद्भुत संयोग देखने को मिला, जहाँ अफगानिस्तान के शुरुआती तीन विकेट एक ही तरीके से गिरे: प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद बल्ले का किनारा लेकर सीधे रोहित के हाथों में गई।1
- पितृ दिवस के पावन अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने सभी सम्मानित पिताओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर परिवार और समाज में पिता के महत्व को रेखांकित करते हुए संगठन ने कहा कि "पिता ही जीवन है, पिता ही प्यार है, पिता ही पूरा संसार है। पिता हैं तो परिवार है।" ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पिता परिवार की वह मजबूत नींव होते हैं जो अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं। उनके अनुसार, पिता अपने परिवार की खुशियों, शिक्षा, सुरक्षा और संस्कारों के लिए जीवनभर समर्पित रहते हैं, और उनके त्याग, परिश्रम तथा मार्गदर्शन से ही परिवार व समाज का विकास संभव होता है। इस दौरान, लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपने माता-पिता, विशेषकर पिता के प्रति सम्मान, आदर और कृतज्ञता व्यक्त करें। वक्ताओं ने आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी माता-पिता के साथ समय बिताने और उनके योगदान को कभी न भूलने का संदेश दिया। संगठन की ओर से सभी पिताओं के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए पितृ दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, यह दोहराते हुए कि "पिता का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, उनका सम्मान और आशीर्वाद ही परिवार की वास्तविक शक्ति है।" रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने यह जानकारी दी।1
- महाराष्ट्र के परभणी जिले में स्थित यशवाड़ी देवस्थान के हनुमान मंदिर के हॉल की छत गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया है। इस घटना में 30 से 40 श्रद्धालु घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दुखद हादसे में कुछ लोगों की मौत होने की भी खबर है, जिससे कइयों के हताहत होने की जानकारी मिल रही है।1