बीना में देवी दर्शन गल्ला मंडी स्थित मां अन्नपूर्णा के दर्शन करने पहुंचे भक्तगण नवरात्रि की सप्तमी के दिन माँ कालरात्रि की आराधना का विधान है। लोकेशन :- बीना रिपोर्टर राकेश सेन बीना:-बीना में राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा देवी दर्शन मंगलवार को सप्तमी के अवसर पर गल्ला मंडी स्थित मां अन्नपूर्णा के दर्शन करने पहुंचे भक्तगण और कल होगा कन्या पूजन नवरात्रि की सप्तमी के दिन माँ कालरात्रि की आराधना का विधान है। सातवाँ नवरात्र माता का सातवां स्वरूप "माँ कालरात्रि" माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन 'सहस्रार' चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता देवी- काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, मृित्यू, रुद्रानी, चामुंडा, चंडी और दुर्गा के कई विनाशकारी रूपों में से एक माना जाता है। रौद्री और धुमोरना देवी कालात्री के अन्य कम प्रसिद्ध नामों में हैं। देवी के इस रूप में सभी राक्षस,भूत, प्रेत, पिसाच और नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है, जो उनके आगमन से पलायन करते हैं। इनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं। गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। इनके तीन नेत्र हैं। ये तीनों नेत्र ब्रह्मांड के सदृश गोल हैं। इनसे विद्युत के समान चमकीली किरणें निःसृत होती रहती हैं। माँ की नासिका के श्वास-प्रश्वास से अग्नि की भयंकर ज्वालाएँ निकलती रहती हैं। इनका वाहन गर्दभ (गदहा) है। ये ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ की वरमुद्रा से सभी को वर प्रदान करती हैं। दाहिनी तरफ का नीचे वाला हाथ अभयमुद्रा में है। बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का काँटा तथा नीचे वाले हाथ में खड्ग (कटार) है। सिल्प प्रकाश में संदर्भित एक प्राचीन तांत्रिक पाठ, सौधिकागम, देवी कालरात्रि का वर्णन रात्रि के नियंत्रा रूप में किया गया है। सहस्रार चक्र में स्थित साधक का मन पूर्णतः माँ कालरात्रि के स्वरूप में अवस्थित रहता है। उनके साक्षात्कार से मिलने वाले पुण्य (सिद्धियों और निधियों विशेष रूप से ज्ञान, शक्ति और धन) का वह भागी हो जाता है। उसके समस्त पापों-विघ्नों का नाश हो जाता है और अक्षय पुण्य-लोकों की प्राप्ति होती है। माँ कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, लेकिन ये सदैव शुभ फल ही देने वाली हैं। इसी कारण इनका एक नाम 'शुभंकारी' भी है। अतः इनसे भक्तों को किसी प्रकार भी भयभीत अथवा आतंकित होने की आवश्यकता नहीं है। माँ कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं। ये ग्रह-बाधाओं को भी दूर करने वाली हैं। इनके उपासकों को अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय, शत्रु-भय, रात्रि-भय आदि कभी नहीं होते। इनकी कृपा से वह सर्वथा भय-मुक्त हो जाता है। माँ कालरात्रि के स्वरूप-विग्रह को अपने हृदय में अवस्थित करके मनुष्य को एकनिष्ठ भाव से उपासना करनी चाहिए। यम, नियम, संयम का उसे पूर्ण पालन करना चाहिए। मन, वचन, काया की पवित्रता रखनी चाहिए। वे शुभंकारी देवी हैं। उनकी उपासना से होने वाले शुभों की गणना नहीं की जा सकती। हमें निरंतर उनका स्मरण, ध्यान और पूजा करना चाहिए। नवरात्रि की सप्तमी के दिन माँ कालरात्रि की आराधना का विधान है। इनकी पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है व दुश्मनों का नाश होता है, तेज बढ़ता है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में सातवें दिन इसका जाप करना चाहिए। या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। अर्थ : हे माँ ! सर्वत्र विराजमान और कालरात्रि के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे पाप से मुक्ति प्रदान कर। ----------:::×:::---------- ॐ ऐं ह्रीं क्रीं कालरात्रै नमः
बीना में देवी दर्शन गल्ला मंडी स्थित मां अन्नपूर्णा के दर्शन करने पहुंचे भक्तगण नवरात्रि की सप्तमी के दिन माँ कालरात्रि की आराधना का विधान है। लोकेशन :- बीना रिपोर्टर राकेश सेन बीना:-बीना में राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा देवी दर्शन मंगलवार को सप्तमी के अवसर पर गल्ला मंडी स्थित मां अन्नपूर्णा के दर्शन करने पहुंचे भक्तगण और कल होगा कन्या पूजन नवरात्रि की सप्तमी के दिन माँ कालरात्रि की आराधना का विधान है। सातवाँ नवरात्र माता का सातवां स्वरूप "माँ कालरात्रि" माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन 'सहस्रार' चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता देवी- काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, मृित्यू, रुद्रानी, चामुंडा, चंडी और दुर्गा के कई विनाशकारी रूपों में से एक माना जाता है। रौद्री और धुमोरना देवी कालात्री के अन्य कम प्रसिद्ध नामों में हैं। देवी के इस रूप में सभी राक्षस,भूत, प्रेत, पिसाच और नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है, जो उनके आगमन से पलायन करते हैं। इनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं। गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। इनके तीन नेत्र हैं। ये तीनों नेत्र ब्रह्मांड के सदृश गोल हैं। इनसे विद्युत के समान चमकीली किरणें निःसृत होती रहती हैं। माँ की नासिका के श्वास-प्रश्वास से अग्नि की भयंकर ज्वालाएँ निकलती रहती हैं। इनका वाहन गर्दभ (गदहा) है। ये ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ की वरमुद्रा से सभी को वर प्रदान करती हैं। दाहिनी तरफ का नीचे वाला हाथ अभयमुद्रा में है। बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का काँटा तथा नीचे वाले हाथ में खड्ग (कटार) है। सिल्प प्रकाश में संदर्भित एक प्राचीन तांत्रिक पाठ, सौधिकागम, देवी कालरात्रि का वर्णन रात्रि के नियंत्रा रूप में किया गया है। सहस्रार चक्र में स्थित साधक का
मन पूर्णतः माँ कालरात्रि के स्वरूप में अवस्थित रहता है। उनके साक्षात्कार से मिलने वाले पुण्य (सिद्धियों और निधियों विशेष रूप से ज्ञान, शक्ति और धन) का वह भागी हो जाता है। उसके समस्त पापों-विघ्नों का नाश हो जाता है और अक्षय पुण्य-लोकों की प्राप्ति होती है। माँ कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, लेकिन ये सदैव शुभ फल ही देने वाली हैं। इसी कारण इनका एक नाम 'शुभंकारी' भी है। अतः इनसे भक्तों को किसी प्रकार भी भयभीत अथवा आतंकित होने की आवश्यकता नहीं है। माँ कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं। ये ग्रह-बाधाओं को भी दूर करने वाली हैं। इनके उपासकों को अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय, शत्रु-भय, रात्रि-भय आदि कभी नहीं होते। इनकी कृपा से वह सर्वथा भय-मुक्त हो जाता है। माँ कालरात्रि के स्वरूप-विग्रह को अपने हृदय में अवस्थित करके मनुष्य को एकनिष्ठ भाव से उपासना करनी चाहिए। यम, नियम, संयम का उसे पूर्ण पालन करना चाहिए। मन, वचन, काया की पवित्रता रखनी चाहिए। वे शुभंकारी देवी हैं। उनकी उपासना से होने वाले शुभों की गणना नहीं की जा सकती। हमें निरंतर उनका स्मरण, ध्यान और पूजा करना चाहिए। नवरात्रि की सप्तमी के दिन माँ कालरात्रि की आराधना का विधान है। इनकी पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है व दुश्मनों का नाश होता है, तेज बढ़ता है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में सातवें दिन इसका जाप करना चाहिए। या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। अर्थ : हे माँ ! सर्वत्र विराजमान और कालरात्रि के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे पाप से मुक्ति प्रदान कर। ----------:::×:::---------- ॐ ऐं ह्रीं क्रीं कालरात्रै नमः
- लोकेशन बीना रिपोर्टर विजय चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मंत्री मोहन यादव जन्मदिन मनाने बच्चों के पास पहुंचे देखें1
- लोकेशन :- बीना रिपोर्टर :-राकेश सेन बीना(सागर) नरसिंह हिंदू संगठन द्वारा बुधवार को नरसिंह मंदिर परिणय गार्डन में प्रेस से मिला कार्यक्रम में 27 मार्च को राम जन्म महोत्सव पर भव्य शोभा यात्रा में शामिल होने की लिए आम नागरिकों से अपील की है उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से अनेक झांकियां शामिल हो रही हैं। सुबह 11:00 नरसिंह मंदिर पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्म महोत्सव मनाया जाएगा तत्पश्चात 4:00 बजे से शुभ है यात्रा नरसिंह मंदिर से प्रारंभ होगी सर्वोदय चौराहा पर महा आरती की जाएगी उसके पश्चात सर्वोदय चौराहा से स्टेशन रोड गांधी तिराहा महावीर चौक मां जागेश्वरी मार्ग से होती हुई नरसिंह मंदिर पर संपन्न होगी इस मौके पर सभी उपस्थित सदस्यों ने सभी से आग्रह किया है कि घर के सामने रंगोली सजाकर भगवान श्री राम की यात्रा का स्वागत करें। राम नवमी के पावन अवसर पर नरसिंह हिंदू संगठन द्वारा इस वर्ष भी भव्य राम जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम 27 मार्च को आयोजित होगा, जिसमें सायं 4 बजे नरसिंह मंदिर प्रांगण से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। संगठन के सदस्य विकास राजपूत ने बताया कि शोभायात्रा में देश के विभिन्न प्रदेशों की आकर्षक झाकियां एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। इनमें काशी का अघोरी नृत्य, छत्तीसगढ़ की नवदुर्गा झांकी, कोलकाता की महाकाली द्वारा महिषासुर मर्दन, वृंदावन की महारासलीला, दक्षिण भारत की कांतारा प्रस्तुति, हरियाणा से बाहुबली हनुमान, आदि शामिल झांकियां होगी संगठन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने घरों के बाहर रंगोली बनाकर एवं आरती कर भगवान का स्वागत करें, जिससे पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण का निर्माण हो सके।1
- लोकल न्यूज़ बीना स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस नेता महेंद्र कुमार नवैया की प्रेस वार्ता, विद्युत मंडल पर जानकारी छुपाने का आरोप स्मार्ट मीटर को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता महेंद्र कुमार नवैया ने प्रेस वार्ता कर विद्युत मंडल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी आम जनता और जनप्रतिनिधियों से साझा नहीं की जा रही है। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता महेंद्र कुमार नवैया ने कहा कि विद्युत मंडल द्वारा स्मार्ट मीटर योजना के संबंध में आईटीआर (सूचना/तकनीकी रिपोर्ट) की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने मांग की कि योजना से जुड़े सभी दस्तावेज और तकनीकी पहलुओं को सार्वजनिक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। नवैया ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं को इसके फायदे-नुकसान और बिलिंग प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। यदि पारदर्शिता नहीं बरती गई तो कांग्रेस इस मुद्दे को जन आंदोलन का रूप दे सकती है। बाइट — महेंद्र कुमार नवैया (कांग्रेस नेता “स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में भ्रम की स्थिति है। विद्युत मंडल को चाहिए कि वह आईटीआर और अन्य तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करे, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहे।” फिलहाल स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। अब देखना होगा कि विद्युत मंडल इस पर क्या जवाब देता है।1
- बीना। बुधवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां कुरवाई रोड के किरर्वदा स्थित बायपास पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- मुंगावली। पहला मैच कुम्हर्रा बनाम बावरोध के मध्य हुआ जिसमें बावरोध ने कुम्हर्रा को 6 विकेट से हराया। दूसरा मैच मुंगावली वार्ड 11 बनाम गोरा के बीच हुआ इस रोमांचक मैच में मुंगावली वार्ड 11 ने 15 रंन से जीत हासिल की। तीसरा मैच *मुंगावली वार्ड 14 बनाम खुटिया बमोरी* के मध्य हुआ जिसमें *वार्ड 14* की 10 रनों से जीत हुई..मुख्य अतिथि के रूप मे सांसद प्रतिनिधि पुष्पेंद्र दांगी नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेश ग्वाल मुंगावली मंडल अध्यक्ष नागेंद्र सिंह परिहार जी,भातपुरा सरपंच पंजाब गुर्जर जी रहे मैचों के मैनेजमेंट लाइव अतिथि स्वागत की जिम्मेदारी इंद्रजीत यादव,अविनाश यादव,हरिओम सेन,ऋषि तिवारी,अविनाश यादव,नीतेश यादव की रही।2
- अशोकनगर जिले की मुंगावली तहसील में सोमवार की शाम अर्जुन कब सीजन 4 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष युवराज महा आर्यमन सिंधिया जी आए एवं में बटन दबाकर क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया इसके पश्चात युवराज साहब ने मैदान में उतरकर खुद मोर्चा संभाल एवं चौथे छक्के लगाकर खिलाड़ियों को प्रोत्साहन किया एवं उसके बाद अशोकनगर के लिए रवाना हुए1
- Post by News reporter1
- नगर पालिका सीएमओ आर गौरव द्वारा की गई कार्रवाई सब्जी के ठेले अतिक्रमण रोड पर लग रहे हैं सब्जी के ठेले नगर पालिका द्वारा झांसी फटक ओवर ब्रिज के नीचे लगेंगे सब्जी के ठेले नहीं तो होंगे तराजू जप्त1