जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने एक मुकदमे में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों तथा वांछित व वारंटी अपराधियों की गिरफ्तारी के विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी केराकत ने पर्यवेक्षण एवं दिशा-निर्देशन प्रदान किया। केराकत पुलिस टीम ने थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 267/2026 धारा 191(2), 191(3), 115(2), 351(3), 352, 109(1), 3(5) बीएनएस से संबंधित अभियुक्तों को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान कृपाशंकर यादव उर्फ टूवर पुत्र भुल्लन यादव और अंगद यादव उर्फ गुड्डू पुत्र भुल्लन यादव के रूप में हुई है, ये दोनों ग्राम दिल्ला का पुरा, थाना केराकत, जनपद जौनपुर के निवासी हैं। पुलिस ने इन दोनों अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार किया। आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद, उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने एक मुकदमे में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों तथा वांछित व वारंटी अपराधियों की गिरफ्तारी के विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी केराकत ने पर्यवेक्षण एवं दिशा-निर्देशन प्रदान किया। केराकत पुलिस टीम ने थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 267/2026 धारा 191(2), 191(3), 115(2), 351(3), 352, 109(1), 3(5) बीएनएस से संबंधित अभियुक्तों को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान कृपाशंकर यादव उर्फ टूवर पुत्र भुल्लन यादव और अंगद यादव उर्फ गुड्डू पुत्र भुल्लन यादव के रूप में हुई है, ये दोनों ग्राम दिल्ला का पुरा, थाना केराकत, जनपद जौनपुर के निवासी हैं। पुलिस ने इन दोनों अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार किया। आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद, उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उनके काफिले में सैकड़ों गाड़ियां शामिल थीं, जिसके कारण घंटों तक सड़क पर जाम लगा रहा। इस भारी जाम के चलते कई TET अभ्यर्थी समय पर अपने परीक्षा केंद्र नहीं पहुँच सके और उनकी परीक्षा छूट गई।1
- वाराणसी में यातायात पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता का एक और उदाहरण सामने आया है, जहाँ टीएसआई बृजेश कुमार सिंह और उनके हमराही अमित कुमार ने एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़प रही एक महिला को समय रहते अस्पताल पहुँचाकर उसकी जान बचाई। राजघाट और नमो घाट के बीच हुई इस घटना में, टीएसआई बृजेश कुमार सिंह गश्त के दौरान वहाँ पहुँचे और उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत एक ऑटो की सहायता से घायल महिला को कपिल चौरा मंडलीय अस्पताल पहुँचाया। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला दुर्घटना के बाद सड़क पर घायल अवस्था में पड़ी थी। डॉक्टरों ने बाद में पुष्टि की कि समय पर अस्पताल पहुँचने से ही महिला की जान बच सकी। पुलिस के इस सराहनीय और मानवता से प्रेरित कार्य के लिए उत्तर प्रदेश ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर चालक यूनियन के जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह ने टीएसआई बृजेश कुमार सिंह एवं अमित कुमार को सम्मानित कर उनके कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने इस कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि यह पुलिस की सकारात्मक एवं मानवीय छवि को मजबूत करता है।1
- चंदौली जिले के मारुफपुर चौकी से मात्र 500 मीटर की दूरी पर चोरों ने एक रात में तीन घरों को अपना निशाना बनाया। इस वारदात में कुल ₹15 लाख की चोरी हुई है, जिसमें बेटी की शादी के लिए रखे गए गहने भी शामिल हैं। यह घटना जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय ने रिपोर्ट की है।1
- शुक्रवार को वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के शंकरपुर में एक नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच में नया मोड़ आ गया। इस प्रकरण में नामजद एक युवक की मां के समर्थन में लगभग 70 महिलाएं चौबेपुर थाने पहुंचीं और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर ढाई बजे तक चला, जिसके दौरान महिलाओं ने थाने के बाहर जोरदार नारेबाजी भी की।1
- जैतपुर आज़ाद पार्क से जुड़े एक वायरल वीडियो की सच्चाई को लेकर नगर निगम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस वीडियो के आधार पर नगर निगम ने अपनी ही दो महिला माली कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। हालांकि, जब "ग्राउंड जीरो" पर इस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की गई, तो यह पूरी तरह फर्जी निकली। इस घटना के बाद, यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या उद्यान अधीक्षक ने मौके पर जाकर कोई जांच नहीं की थी। इस पूरे प्रकरण ने नगर निगम को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, क्योंकि उसने कथित तौर पर फर्जी वीडियो के आधार पर अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी।1
- गिन्हापुर गांव के प्रधान से यह बात कही गई है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- जौनपुर के बस चालकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है, जिसके तहत बदलापुर बस स्टैंड पर 6 तारीख को बस चालकों की संविदा पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इच्छुक सभी बस चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाने के लिए अपने रिज्यूम और आईडी के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचें।1
- आगरा में एक महिला ने अपने पति की हत्या कर दी है और उसके शव को घर के बाथरूम में ही दफना दिया। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद महिला ने बाथरूम को प्लास्टर करवाकर बंद कर दिया और लगभग 45 दिनों तक अपने पति के गुमशुदा होने का नाटक करती रही। उसने पुलिस में पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवा दी थी। हालाँकि, जब पुलिस एक पुराने मामले के सत्यापन के लिए उसके घर पहुँची तो महिला घबरा गई। मृतक के भाई ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने बाथरूम की खुदाई की। खुदाई के दौरान पति का शव बरामद हुआ, जिससे इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।1
- शुक्रवार को वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के शंकरपुर में नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले की जांच में नया मोड़ आ गया। इस प्रकरण में नामजद एक युवक की मां के समर्थन में करीब 70 महिलाएं चौबेपुर थाने पहुंचीं और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर ढाई बजे तक चला, इस दौरान महिलाओं ने थाने के बाहर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस विवेचना में महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी कर रही है और निर्दोष युवकों को जानबूझकर मुकदमे में फंसाया गया है। इसी प्रदर्शन के दौरान आरोपी काजू की नानी दुईजा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर भेजा, जहां उनका उपचार कराया गया। आरोपी करन की मां मीना देवी ने दावा किया कि उनके बेटे को पुराने जमीन विवाद की रंजिश के चलते साजिशन इस मुकदमे में नामजद कराया गया है। उन्होंने आगे कहा कि धारा 164 के बयान और अन्य साक्ष्यों से वास्तविक घटनाक्रम सामने आ सकता है, लेकिन इन पहलुओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा। मीना देवी का आरोप है कि नाबालिग को लंबे समय तक अपने पास रखने वाले असली व्यक्ति पर कार्रवाई करने के बजाय उनके बेटे को जेल भेज दिया गया है। दूसरी ओर, प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि इस प्रकरण की विवेचना एसीपी सारनाथ द्वारा की जा रही है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष ढंग से की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।1