रक्षाबंधन से पहले बहनों के लिए बड़ा तोहफा, 24 घंटे के अंदर पहुंचेगी राखी, डाक विभाग में शुरू किया यह सेवा... * रक्षाबंधन से पहले बहनों के लिए बड़ा तोहफा, 24 घंटे के अंदर पहुंचेगी राखी, डाक विभाग में शुरू किया यह सेवा... * by:TARUN kumar singh.. *रक्षाबंधन पर्व के करीब आते ही भारतीय डाक विभाग ने भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट के नियमों को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाते हुए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं। अब देश के मुख्य महानगरों में 24 से 48 घंटे के भीतर राखी पहुंचाने के लिए विशेष ‘एक्सप्रेस स्पीड पोस्ट’ सेवा शुरू की गई है, जिससे रक्षाबंधन पर समय से पहले राखियां और आवश्यक कागजात पहुंचाना आसान हो जाएगा। 500 ग्राम तक का राखी पैकेट अब माना जाएगा ‘डॉक्यूमेंट’ 1 अगस्त 2026 से प्रभावी नए दिशा-निर्देशों के तहत भारतीय डाक विभाग ने 500 ग्राम तक के गैर-व्यावसायिक (नॉन-कमर्शियल) राखी लिफाफों और छोटे पैकेटों को ‘डॉक्यूमेंट’ (दस्तावेज़) की श्रेणी में वर्गीकृत किया है। इससे पहले डाक की श्रेणी को लेकर उत्पन्न होने वाले संशय से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। इन जरूरी दस्तावेजों को भी मिला ‘डॉक्यूमेंट’ का दर्जा राखी और ग्रीटिंग कार्ड के साथ-साथ डाक विभाग ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहचान पत्रों व कागजातों को भी डॉक्यूमेंट की श्रेणी में ही रखा है: इंश्योरेंस (बीमा) से जुड़े दस्तावेज यदि राखी के लिफाफे के साथ कोई उपहार सामग्री जैसे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, मोबाइल या अन्य कोई वस्तु भेजी जाती है, तो उसे पार्सल (Parcel) की श्रेणी में ही दर्ज किया जाएगा। शुरू हुई 24 और 48 घंटे वाली सुपरफास्ट सेवा त्योहारों के दौरान बढ़ती डाक संख्या को देखते हुए डाक विभाग ने दो विशेष सुपरफास्ट डिलीवरी विकल्प पेश किए हैं: 24 स्पीड पोस्ट: इसके तहत बुकिंग के 24 घंटे के भीतर गंतव्य तक डिलीवरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। 48 स्पीड पोस्ट: इसमें 48 घंटे के अंदर डाक पहुंचाने की व्यवस्था है। प्रारंभिक चरण में यह एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह प्रमुख महानगरों के बीच चालू की गई है। डाकघर जाने से पूर्व रखें इन बातों का ध्यान डाक विभाग ने ग्राहकों को सलाह दी है कि बुकिंग कराने से पहले अपने पैकेट का वजन जरूर जांच लें। यदि पैकेट में केवल राखी या ग्रीटिंग कार्ड है तो वह डॉक्यूमेंट माना जाएगा, वहीं कोई अन्य उपहार होने पर उसे पार्सल माना जाएगा। सही श्रेणी में बुकिंग कराने से त्योहारी सीजन में किसी भी तरह के विलंब से बचा जा सकेगा। अगस्त से स्पीड पोस्ट की नई रेट लिस्ट (रिटेल ग्राहकों के लिए) सेवा/वजन शुल्क लोकल स्पीड पोस्ट (50 ग्राम तक) ₹38 प्रति आर्टिकल पैन इंडिया स्पीड पोस्ट (50 ग्राम तक) ₹94 प्रति आर्टिकल 51 ग्राम से 250 ग्राम ₹118 से ₹154 प्रति आर्टिकल 251 ग्राम से 500 ग्राम ₹140 से ₹186 प्रति आर्टिकल 48 Speed Post ₹61 से ₹121 प्रति आर्टिकल
रक्षाबंधन से पहले बहनों के लिए बड़ा तोहफा, 24 घंटे के अंदर पहुंचेगी राखी, डाक विभाग में शुरू किया यह सेवा... * रक्षाबंधन से पहले बहनों के लिए बड़ा तोहफा, 24 घंटे के अंदर पहुंचेगी राखी, डाक विभाग में शुरू किया यह सेवा... * by:TARUN kumar singh.. *रक्षाबंधन पर्व के करीब आते ही भारतीय डाक विभाग ने भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट के नियमों को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाते हुए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं। अब देश के मुख्य महानगरों में 24 से 48 घंटे के भीतर राखी पहुंचाने के लिए विशेष ‘एक्सप्रेस स्पीड पोस्ट’ सेवा शुरू की गई है, जिससे रक्षाबंधन पर समय से पहले राखियां और आवश्यक कागजात पहुंचाना आसान हो जाएगा। 500 ग्राम तक का राखी पैकेट अब माना जाएगा ‘डॉक्यूमेंट’ 1 अगस्त 2026 से प्रभावी नए दिशा-निर्देशों के तहत भारतीय डाक विभाग ने 500 ग्राम तक के गैर-व्यावसायिक (नॉन-कमर्शियल) राखी लिफाफों और छोटे पैकेटों को ‘डॉक्यूमेंट’ (दस्तावेज़) की श्रेणी में वर्गीकृत किया है। इससे पहले डाक की श्रेणी को लेकर उत्पन्न होने वाले संशय से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। इन जरूरी दस्तावेजों को भी मिला ‘डॉक्यूमेंट’ का दर्जा राखी और ग्रीटिंग कार्ड के साथ-साथ डाक विभाग ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहचान पत्रों व कागजातों को भी डॉक्यूमेंट की श्रेणी में ही रखा है: इंश्योरेंस (बीमा) से जुड़े दस्तावेज यदि राखी के लिफाफे के साथ कोई उपहार सामग्री जैसे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, मोबाइल या अन्य कोई वस्तु भेजी जाती है, तो उसे पार्सल (Parcel) की श्रेणी में ही दर्ज किया जाएगा। शुरू हुई 24 और 48 घंटे वाली सुपरफास्ट सेवा त्योहारों के दौरान बढ़ती डाक संख्या को देखते हुए डाक विभाग ने दो विशेष सुपरफास्ट डिलीवरी विकल्प पेश किए हैं: 24 स्पीड पोस्ट: इसके तहत बुकिंग के 24 घंटे के भीतर गंतव्य तक डिलीवरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। 48 स्पीड पोस्ट: इसमें 48 घंटे के अंदर डाक पहुंचाने की व्यवस्था है। प्रारंभिक चरण में यह एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह प्रमुख महानगरों के बीच चालू की गई है। डाकघर जाने से पूर्व रखें इन बातों का ध्यान डाक विभाग ने ग्राहकों को सलाह दी है कि बुकिंग कराने से पहले अपने पैकेट का वजन जरूर जांच लें। यदि पैकेट में केवल राखी या ग्रीटिंग कार्ड है तो वह डॉक्यूमेंट माना जाएगा, वहीं कोई अन्य उपहार होने पर उसे पार्सल माना जाएगा। सही श्रेणी में बुकिंग कराने से त्योहारी सीजन में किसी भी तरह के विलंब से बचा जा सकेगा। अगस्त से स्पीड पोस्ट की नई रेट लिस्ट (रिटेल ग्राहकों के लिए) सेवा/वजन शुल्क लोकल स्पीड पोस्ट (50 ग्राम तक) ₹38 प्रति आर्टिकल पैन इंडिया स्पीड पोस्ट (50 ग्राम तक) ₹94 प्रति आर्टिकल 51 ग्राम से 250 ग्राम ₹118 से ₹154 प्रति आर्टिकल 251 ग्राम से 500 ग्राम ₹140 से ₹186 प्रति आर्टिकल 48 Speed Post ₹61 से ₹121 प्रति आर्टिकल
- छोटी माता माँ कथा ....................................1
- गयाजी जिला के टेकारी अनुमंडल के कोच प्रखंड के उतरेन गांव कि रहने वाली ढाई साल कि वाणी 158देशों के झंडे को पहचानकर उसके देश का नाम बता देती है गयाजी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट ढाई साल की बच्ची ने खेल-खेल में रच दिया इतिहास, 153 देशों के झंडे पहचानकर बताती है नाम… इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, अब वर्ल्ड रिकॉर्ड पर नजर बिहार के गया जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आपको हैरान कर देगी। महज ढाई साल की उम्र… और सैकड़ों देशों के झंडे देखकर उनके नाम बताने की अद्भुत प्रतिभा। गया के टेकारी अनुमंडल के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली नन्हीं वाणी ने अपनी इस अनोखी प्रतिभा से इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। अब वाणी के परिवार की नजर प्रतिष्ठित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। इसके लिए वाणी को दुनिया के 195 देशों के झंडे पहचानने होंगे। ये तस्वीरें हैं गया जिले के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली महज 2 साल 10 महीने की नन्हीं वाणी की। उम्र भले ही छोटी है, लेकिन प्रतिभा ऐसी कि बड़े-बड़े भी हैरान रह जाएं। वाणी को अलग-अलग देशों के झंडे दिखाइए और वह तुरंत झंडे को देखकर देश का नाम बता देती है। बताया जा रहा है कि वाणी अब तक 153 से अधिक देशों के झंडों को पहचानकर उनके नाम बता चुकी है। वाणी की इस अद्भुत प्रतिभा का पता उसके पिता रविकांत कुमार को उस वक्त चला, जब ढाई साल की उम्र में खेल-खेल में वाणी ने एक पोस्टर पर बने 20 देशों के झंडे देखकर उनके नाम बता दिए। इसके बाद पिता ने वाणी की प्रतिभा को गंभीरता से लिया और उसकी क्षमता को निखारने की कोशिश शुरू की। कुछ ही समय में वाणी ने 45 एशियाई देशों के झंडे पहचानने शुरू कर दिए। 29 जून 2026 को वाणी को 45 एशियन कंट्री के नाम पहचानने के लिए पहला अवार्ड मिला। इसके बाद परिवार ने उसकी तैयारी और तेज कर दी। महज 10 दिनों के अंदर वाणी ने 127 देशों के झंडे पहचानने की क्षमता हासिल कर ली। परिवार ने इसका वीडियो बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड को भेजा, जिसके बाद वाणी का रिकॉर्ड कंफर्म किया गया। परिजनों के मुताबिक, वाणी ने 127 देशों के नाम महज 6 मिनट 35 सेकंड में झंडे देखकर बताए। इससे पहले 45 देशों के नाम उसने 2 मिनट 10 सेकंड में बताए थे, जिसके आधार पर उसे प्रमाण पत्र भी मिला। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से वाणी को मेडल, आई कार्ड और रिकॉर्ड बुक देकर सम्मानित किया गया है। बेटी की इस प्रतिभा को देखकर पिता रविकांत कुमार भी बेहद उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वाणी को बचपन से ही रंगों में काफी रुचि थी। इसी वजह से अलग-अलग देशों के झंडों के रंग और डिजाइन को देखकर वह उन्हें आसानी से पहचान लेती है। अब परिवार का लक्ष्य वाणी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना है। वाणी की मां पल्लवी मिश्रा और परिवार के अन्य सदस्य भी उसकी प्रतिभा से बेहद खुश हैं। परिवार का कहना है कि दोनों बेटियां अभी छोटी हैं और अल्फाबेट भी पूरी तरह नहीं जानतीं, लेकिन वाणी सैकड़ों देशों के नाम झंडे देखकर बता देती है। यही वजह है कि परिवार वाणी की इस प्रतिभा को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। वाणी के दादा राम पांडे बताते हैं कि उनकी पोती को रंगों की शानदार समझ है। वह झंडे के रंग और पैटर्न को देखकर देश का नाम बता देती है। परिवार ने अब दुनिया के 195 देशों के झंडों की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि वाणी जल्द से जल्द वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ा सके। गया की नन्हीं वाणी की यह प्रतिभा वाकई अद्भुत है। जिस उम्र में बच्चे खेल-खेल में अक्षर और रंग सीखते हैं, उस उम्र में वाणी सैकड़ों देशों के झंडे पहचानकर उनके नाम बता रही है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद अब वाणी और उसके परिवार की नजर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। अगर वाणी 195 देशों के झंडे पहचानने में कामयाब होती है, तो यह नन्हीं प्रतिभा दुनिया के सामने बिहार और गया का नाम रोशन कर सकती है।1
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