चित्रकूट के थाना बहिलपुरवा क्षेत्र स्थित देवंगना घाटी में एक 20 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता एक 17 वर्षीय लड़के के साथ मोटरसाइकिल से देवंगना घाटी की ओर गई थी। दोनों के पीछे दूसरी बाइक पर 3 लोग भी आए थे। जब पीड़िता और युवक बाइक किनारे खड़ी कर पैदल पहाड़ी पर जंगल की तरफ गए, तो लगभग 15 मिनट बाद तीनों आरोपी भी जंगल में उनके पास पहुँच गए। पीड़िता का आरोप है कि उन तीनों ने उसके साथ गलत काम किया। पीड़िता की तहरीर के आधार पर बहिलपुरवा थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। घटना की सूचना दोपहर में यूपी 112 पर मिलने के बाद पीआरवी टीम, सीओ सिटी और थाना प्रभारी बहिलपुरवा तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार, मामले का खुलासा करने के लिए 3 टीमें गठित की गई हैं। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर सेल, सर्विलांस, एचओजी और थाना प्रभारी बहिलपुरवा की टीम को लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का अनावरण कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चित्रकूट के थाना बहिलपुरवा क्षेत्र स्थित देवंगना घाटी में एक 20 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता एक 17 वर्षीय लड़के के साथ मोटरसाइकिल से देवंगना घाटी की ओर गई थी। दोनों के पीछे दूसरी बाइक पर 3 लोग भी आए थे। जब पीड़िता और युवक बाइक किनारे खड़ी कर पैदल पहाड़ी पर जंगल की तरफ गए, तो लगभग 15 मिनट बाद तीनों आरोपी भी जंगल में उनके पास पहुँच गए। पीड़िता का आरोप है कि उन तीनों ने उसके साथ गलत काम किया। पीड़िता की तहरीर के आधार पर बहिलपुरवा थाने में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। घटना की सूचना दोपहर में यूपी 112 पर मिलने के बाद पीआरवी टीम, सीओ सिटी और थाना प्रभारी बहिलपुरवा तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार, मामले का खुलासा करने के लिए 3 टीमें गठित की गई हैं। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर सेल, सर्विलांस, एचओजी और थाना प्रभारी बहिलपुरवा की टीम को लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का अनावरण कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच अखिलेश यादव ने कड़ा जवाब दिया है। इस आंदोलन के दौरान अखिलेश यादव की ओर से यह सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) का उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन 25 और 26 जुलाई को गोहनिया स्थित स्वास्तिक गेस्ट हाउस में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में एआईकेएमएस किसानों के अधिकारों पर मंथन करने के लिए जुटेगा। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड अशोक मेहता द्वारा उद्घाटन के साथ होगी। वहीं 25 जुलाई को सुबह 11 बजे सम्मेलन का खुला सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वागत समिति के अध्यक्ष विजय चितौरी करेंगे।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित रानीगंज तिराहे पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ग्रुप) के कार्यकर्ताओं ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना से बेहद आक्रोशित थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से तुरंत बर्खास्त करने की मांग उठाई।1
- भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र उपाध्याय ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी कार्यप्रणाली को तानाशाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम व्यवस्था संभालना है, लेकिन सरकार को जवाब देना चाहिए कि सफेदपोश लोग कहां से आ रहे हैं। उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि मौजूदा समय में लड़कों के ऊपर ट्रकों से गिट्टी लाकर डलवाई जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जवाबदेही से बचने के लिए नेता सदन और प्रधानमंत्री नीट परीक्षा तथा अन्य प्रमुख मुद्दों पर सदन छोड़कर भाग रहे हैं, जबकि इसी देश ने कभी उनके लिए थाली, घंटा और हथौड़ी बजाई थी। उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चंदा चोरी से जुड़े बयान पर सवाल उठाते हुए मांग की कि दूध का दूध और पानी का पानी अलग करके स्थिति साफ की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हनुमान गढ़ी पर जानबूझकर विवाद पैदा करने की कोशिश हो रही है, जबकि उसका निर्माण एक मुस्लिम ने कराया था और वहां इसका शिलापट भी लगा है। किसान नेता ने सरकार पर देश को बांटने और डर के माहौल में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज जनता और विपक्ष के साथ न्याय नहीं हो रहा है।1
- जंतर-मंतर से जुड़े आंदोलन का रुझान और असर अब हर जगह देखने को मिल रहा है। इस आंदोलन की गूंज और प्रभाव व्यापक रूप से हर तरफ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।1
- भागलपुर जिले के जटामा और मोहानी के बीच परिजन अपने ही तीन मासूम बच्चों को सड़क किनारे लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और मामले की सूचना पुलिस को दी। सड़क किनारे मिले इन बच्चों में से एक की उम्र करीब डेढ़ महीने, दूसरे की करीब डेढ़ साल और तीसरे बच्चे की उम्र ढाई से तीन साल के बीच बताई गई है।1