पलिया नगर का प्रमुख पुराना अस्पताल रोड बदहाली का शिकार है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामूली बारिश के बाद ही यह सड़क कीचड़ और जलभराव से भर जाती है, जिससे पैदल चलने वालों के साथ-साथ बाइक और साइकिल सवारों का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है। सड़क की इस जर्जर हालत को लेकर स्थानीय लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह मार्ग नगर के मुख्य बाजार को दुधवा रोड से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में नगरवासी, ग्रामीण क्षेत्र के लोग, मरीज और उनके तीमारदार इसी रास्ते से बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी भयावह हो जाती है; गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ फैलने से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर गिरने और चोटिल होने का खतरा लगातार बना रहता है। पैदल चलने वालों को भी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके कपड़े खराब होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का आरोप है कि हर बरसात में यही स्थिति बन जाती है, और जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। नगरवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से पुराना अस्पताल रोड का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में उन्हें राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।
पलिया नगर का प्रमुख पुराना अस्पताल रोड बदहाली का शिकार है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामूली बारिश के बाद ही यह सड़क कीचड़ और जलभराव से भर जाती है, जिससे पैदल चलने वालों के साथ-साथ बाइक और साइकिल सवारों का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है। सड़क की इस जर्जर हालत को लेकर स्थानीय लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह मार्ग नगर के मुख्य बाजार को दुधवा रोड से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में नगरवासी, ग्रामीण क्षेत्र के लोग, मरीज और उनके तीमारदार इसी रास्ते से बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी भयावह हो जाती है; गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ फैलने से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर
गिरने और चोटिल होने का खतरा लगातार बना रहता है। पैदल चलने वालों को भी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके कपड़े खराब होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का आरोप है कि हर बरसात में यही स्थिति बन जाती है, और जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। नगरवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से पुराना अस्पताल रोड का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में उन्हें राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।
- लखीमपुर खीरी जिले के फरधान थाना क्षेत्र में बेहजम-लखीमपुर मार्ग पर कालाआम स्थित जिला पंचायत इंटर कॉलेज में आज टीईटी की परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे, जिसके कारण कॉलेज के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और मार्ग पर भीषण जाम लग गया। इस भीड़ और जाम के चलते आम लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति पुलिस की लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।2
- लखीमपुर खीरी जनपद में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक अग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में जनपद के प्रतिष्ठित उद्यमियों और विभिन्न प्रतिष्ठानों के स्वामियों को अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और अपने संस्थानों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपर जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्राधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी सदर एवं मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान स्वामियों को निर्देश दिया कि सभी संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों का समुचित अधिष्ठापन हो, निकास मार्ग पर्याप्त और अवरोध मुक्त रहें, तथा अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था लोगों की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होती है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने जानकारी दी कि फायर सर्विस द्वारा जनपद में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से लोगों को आग लगने की घटनाओं से बचाव और आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है। प्रतिष्ठान स्वामियों को विशेष रूप से यह भी निर्देश दिए गए कि वे भवनों की सीढ़ियों को किसी भी स्थिति में अवरुद्ध न होने दें और उच्च गुणवत्ता वाले विद्युत तारों से वायरिंग कराएं, जिससे शॉर्ट सर्किट से होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त, सभी संस्थानों में आधुनिक फायर अलार्म सिस्टम और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रतिष्ठान स्वामी और नागरिक का भी दायित्व है। उनका कहना था कि यदि सभी लोग सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे, तो आग जैसी घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। बैठक में उपस्थित उद्यमियों एवं प्रतिष्ठान स्वामियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।2
- लखीमपुर खीरी में स्वॉट टीम और थाना हैदराबाद पुलिस ने एक बड़ी चोरी की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लगभग 24 लाख रुपये मूल्य के आभूषण, नकदी और कुछ अवैध शस्त्र भी बरामद किए गए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- लखीमपुर खीरी जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, स्वॉट टीम, सर्विलांस टीम और थाना हैदराबाद पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में लगभग 24 लाख रुपये की चोरी का सफल अनावरण किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार करने के साथ ही उनके कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण, एक अवैध तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए क्षेत्र में पुलिस की व्यापक सराहना हो रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक खीरी डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) व क्षेत्राधिकारी गोला के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कंधरापुर-देवकली मार्ग से मनीराम गौतम उर्फ मन्नी, जो ग्राम गुदरिया, थाना धौरहरा का निवासी है, और पवन, जो शुक्लाबाट, थाना धौरहरा का निवासी है, को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 21 मई 2026 की रात ग्राम सेमरई निवासी चन्द्रप्रकाश मिश्रा के घर में खिड़की तोड़कर लगभग दो लाख रुपये नकद और लाखों रुपये के जेवर चोरी कर लिए गए थे। इस मामले में थाना हैदराबाद में मुकदमा दर्ज कर पुलिस लगातार जांच कर रही थी। गहन विवेचना, सुरागरसी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना का सफल खुलासा किया। पूछताछ में आरोपियों ने थाना धौरहरा क्षेत्र के ग्राम कफारा में हुई चोरी की एक और घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग 125 ग्राम सोने के आभूषण, 1.5 किलोग्राम चांदी के जेवर, 64,700 रुपये नकद, चोरी में प्रयुक्त औजार, बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल, एक .315 बोर का अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। बरामद माल की अनुमानित कीमत लगभग 24 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी मनीराम गौतम उर्फ मन्नी के विरुद्ध वर्ष 1998 से अब तक हत्या के प्रयास, लूट, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट और चोरी सहित 51 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस उत्कृष्ट सफलता पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने चोरी की वारदात का त्वरित और सफल खुलासा करने वाली स्वॉट, सर्विलांस और थाना हैदराबाद पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के विरुद्ध एक कड़ा संदेश गया है, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत हुई है।3
- मेरठ में एक ग्राहक को मिठाई कम निकलने की शिकायत करना भारी पड़ गया। एक ग्राहक ने दुकान से 1 किलो मिठाई खरीदी थी, लेकिन घर पहुंचकर उसका वजन करने पर वह लगभग 800 ग्राम ही निकली। जब ग्राहक ने इस बारे में दुकान पर शिकायत की, तो दुकानदार ने उसके साथ मारपीट की। बताया गया है कि दुकानदार ने ग्राहक को अधमरा होने तक पीटा।1