अज्ञात कारणों के चलते रावतभाटा क्षेत्र के पाडाझर गांव में खेत के पास वन क्षेत्र में लगी आग। डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रावतभाटा नगरपालिका फायर प्रभारी राजेश जयपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पाडाझर गांव में खेतों के पास वन क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। आग पाडाझर गांव में शाम लगभग 8 बजे के लमसम लगी। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन वाहन को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने तत्परता और सूझबूझ के साथ आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू किए। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। इस घटना में सूखी झाड़ियां एवं आसपास पड़ी ज्वलनशील सामग्री जलकर नष्ट हो गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब साढ़े 9 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। अग्निशमन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे गेहूं व अन्य फसलें जलने से बच गईं और एक बड़े नुकसान को टाल दिया गया। आग पर काबू पाने वालो में अमित भाटी, साहिल खान, संदीप नायक एवं हर्ष सफेला शामिल रहे।
अज्ञात कारणों के चलते रावतभाटा क्षेत्र के पाडाझर गांव में खेत के पास वन क्षेत्र में लगी आग। डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रावतभाटा नगरपालिका फायर प्रभारी राजेश जयपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पाडाझर गांव में खेतों के पास वन क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। आग पाडाझर गांव में शाम लगभग 8 बजे के लमसम लगी। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन वाहन को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने तत्परता और सूझबूझ के साथ आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू किए। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। इस घटना में सूखी झाड़ियां एवं आसपास पड़ी ज्वलनशील सामग्री जलकर नष्ट हो गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब साढ़े 9 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। अग्निशमन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे गेहूं व अन्य फसलें जलने से बच गईं और एक बड़े नुकसान को टाल दिया गया। आग पर काबू पाने वालो में अमित भाटी, साहिल खान, संदीप नायक एवं हर्ष सफेला शामिल रहे।
- पिछले दो सालों में हर घर पानी योजना के अंतर्गत गांव-गांव में जो नए रास्ते बने हुए थे ईंट के खजरा बजरी सीमेंट कंक्रीट की बनी हुई सड़कें आदि को जेसीबी मशीनों के द्वारा पूरी तरीके से उखाड़ कर पाइपलाइन बिछाई गई जिसके परिणाम स्वरूप पिछले 40-50 सालों में जो रास्ते बनकर तैयार हुए थे वह पूरी तरीके से खराब हो गए फिर उसके बाद में पानी के लिए बोर लगाए गए टंकियां बनाई गई । पाइपलाइन में डाली गईं । घरों में पानी के कनेक्शन किए गए, नल लगाए गए,इसके बाद जब पानी ट्रायल के लिए छोड़ा गया तो पानी कहीं पहुंचा कहीं नहीं पहुंचा । एक-दो दिन ट्रायल चली और उसके बाद में पानी आना पूरी तरीके से बंद हो गया और आज सरकारी योजना के तहत लगाए लगे नल मात्र स्मारक बनकर रह गए हैं । तो मित्र यही स्थिति अगर आपके गांव की है तो आप इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लाइक करें शेयर करें कमेंट करें और इसी प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए आप हमें फॉलो करें मिलते हैं एक और एक्सक्लूसिव खबर के साथ तब तक हंसते रहिए मुस्कुराते रहे । थैंक यू फॉर वॉचिंग ।1
- जंग का आज 39 वां दिन: पुलों और बिजली उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाने की अमेरिकी धमकी के मद्देनजर ईरानी सरकार ने अवाम से इनके बाहर मानव श्रृंखला बनाने का आह्वान किया था, जिसके बाद ईरानी अवाम ने देश भर में पावर प्लांटों के बाहर इकट्ठा होना शुरू कर दिया है...1
- सातल खेड़ी में महिलाओं ने पानी की समस्या को लेकर किया प्रदर्शन1
- 🚨 ब्रेकिंग | कोटा तलवंडी में सीवरेज कार्य के दौरान ब्लास्टिंग से टूटी पानी की पाइपलाइन, देर रात सड़कों पर बहा पानी कोटा | रिपोर्ट कोटा शहर के तलवंडी क्षेत्र के वार्ड 71 स्थित सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में सीवरेज कार्य के दौरान की गई ब्लास्टिंग से जलदाय विभाग की पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के चलते देर रात भारी मात्रा में पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि यह हादसा केडीए के ठेकेदार की लापरवाही का परिणाम है। घटना की सूचना तुरंत केडीए आयुक्त बचनेश अग्रवाल को दी गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। एक्सईएन पवन शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, पीएचईडी (जलदाय विभाग) के जेईएन मनोज भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन ब्लास्टिंग के कारण टूटी है और इसकी सूचना ठेकेदार द्वारा विभाग को नहीं दी गई थी। फिलहाल टीम द्वारा पाइपलाइन को दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि पिछले एक महीने से अधिक समय से इलाके में सीवरेज कार्य चल रहा है, लेकिन अब तक सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। खराब सड़कों के कारण आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने भी ठेकेदार पर आरोप लगाया कि पाइपलाइन के पास कार्य करने से पहले विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई। घटना के बाद पानी की सप्लाई बाधित होने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने काम को सही तरीके से करने की बात कही, तो कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और काम रुकवाने पर धमकी दी। इस बीच, मौके पर पहुंचे केडीए के एईएन वीरेंद्र अग्रवाल का एक बयान भी विवादों में आ गया। उन्होंने कथित रूप से कहा कि “यह वार्ड नेताओं का वार्ड है, हर गली में एक नेता है,” जिससे लोगों में और रोष बढ़ गया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार खुदाई और लापरवाही के कारण पूरे इलाके की सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है और शिकायत करने पर दबाव बनाया जाता है। लोगों ने यह भी बताया कि पहले नगर निगम, यूआईटी और आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज लाइन डाली जा चुकी है, लेकिन कई घरों के कनेक्शन अब तक नहीं जोड़े गए हैं, जिससे आज भी गंदा पानी नालियों में बह रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द क्षेत्र की सड़क एवं सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।1
- रामगंजमंडी के चेचट थाने में तैनात इंस्पेक्टर सुरेंद्र बिश्नोई और कांस्टेबल महावीर पर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। इसके बाद कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही दोनों कार्मिकों को लाइन हाजिर किया गया है। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भी भेजी जा रही है।1
- केशोरायपाटन में मेगा हाईवे पर पटोलिया घुमाव पर दो बाइकों की भिड़ंत में युवक हुआ गंभीर घायल,कोटा अस्पताल में चल रहा उपचार।31
- राजस्थान के अलवर जिले से चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां महज दो महीने पहले बनी पानी की टंकी अब झरने की तरह बहने लगी है। टंकी से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नई बनी टंकी से इस तरह पानी बहना साफ तौर पर लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को दर्शाता है। एक ओर जहां सरकार जल संरक्षण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं सिस्टम की पोल खोल रही हैं। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह टंकी कभी भी बड़ा हादसा बन सकती है।1
- जंग का आज 39 वां दिन: ईरानी मिसाइलों का हाइफ़ा पर हमला: इज़राइली मिलिट्री रडार हिट होने की रिपोर्ट: 1 घंटे पहले जारी वीडियो...1
- Post by Mahendar.merotha1