नशे के सौदागरों पर 'वज्रपात': सीधी को नशा मुक्त करने कलेक्टर विकास मिश्रा का 'मास्टर प्लान' सीधी। जिले में अब अवैध नशे का कारोबार करने वालों की खैर नहीं। विंध्य बलराम/रुद्र प्रताप सिंह सीधी. कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिला स्तरीय नारकोटिक्स समिति की बैठक में आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। बैठक में दो टूक शब्दों में चेतावनी दी गई— जिले में अवैध शराब और नशीली दवाओं का खेल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। "ड्रग्स नहीं, दूध चाहिए" – घर-घर गूंजेगा नारा कलेक्टर ने जिलेवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए “ड्रग्स नहीं, दूध चाहिए” अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। युवाओं को बर्बादी की राह से हटाकर सेहत और सकारात्मकता की ओर मोड़ने के लिए प्रशासन अब आर-पार की कार्रवाई के मूड में है। कोचिंग और हॉस्टल अब रडार पर युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रशासन ने अब अपनी पैनी नजर कोचिंग सेंटरों, स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों पर टिका दी है। इन क्षेत्रों के आसपास विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल परिसरों के निर्धारित दायरे में पान-मसाला और संदिग्ध दवाओं की दुकानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। छापेमारी के लिए बनी 'स्पेशल टीम' कार्रवाई को रफ्तार देने के लिए अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक ज्वाइंट टास्क फोर्स बनाई गई है। मेडिकल स्टोर की होगी जांच: दवाओं के नाम पर नशा बेचने वालों की अब शामत आएगी। व्हाट्सएप पर शिकायत: पुलिस विभाग जल्द ही एक व्हाट्सएप नंबर जारी करेगा, जिस पर जनता सीधे नशे के अवैध कारोबार की सूचना दे सकेगी। गांजा खेती पर वार: संवेदनशील इलाकों में गांजा की अवैध खेती को जड़ से उखाड़ने के लिए विशेष अभियान चलेगा। आबकारी विभाग को कड़े निर्देश बैठक में आबकारी विभाग को स्पष्ट कहा गया है कि अवैध शराब के विरुद्ध न केवल कार्रवाई करें, बल्कि जब्त माल का तुरंत विनष्टीकरण (Destruction) सुनिश्चित करें। ई-सिगरेट जैसे आधुनिक नशों की बिक्री पर भी अब प्रशासन की टेढ़ी नजर रहेगी। बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने जिले को पूरी तरह 'ड्रग-फ्री' बनाने का संकल्प लिया।
नशे के सौदागरों पर 'वज्रपात': सीधी को नशा मुक्त करने कलेक्टर विकास मिश्रा का 'मास्टर प्लान' सीधी। जिले में अब अवैध नशे का कारोबार करने वालों की खैर नहीं। विंध्य बलराम/रुद्र प्रताप सिंह सीधी. कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिला स्तरीय नारकोटिक्स समिति की बैठक में आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। बैठक में दो टूक शब्दों में चेतावनी दी गई— जिले में अवैध शराब और नशीली दवाओं का खेल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। "ड्रग्स नहीं, दूध चाहिए" – घर-घर गूंजेगा नारा कलेक्टर ने जिलेवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए “ड्रग्स नहीं, दूध चाहिए” अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। युवाओं को बर्बादी की राह से हटाकर सेहत और सकारात्मकता की ओर मोड़ने के लिए प्रशासन अब आर-पार की कार्रवाई के मूड में है। कोचिंग और हॉस्टल अब रडार पर युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रशासन ने अब अपनी पैनी नजर कोचिंग सेंटरों, स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों पर टिका दी है। इन क्षेत्रों के आसपास विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल
परिसरों के निर्धारित दायरे में पान-मसाला और संदिग्ध दवाओं की दुकानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। छापेमारी के लिए बनी 'स्पेशल टीम' कार्रवाई को रफ्तार देने के लिए अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक ज्वाइंट टास्क फोर्स बनाई गई है। मेडिकल स्टोर की होगी जांच: दवाओं के नाम पर नशा बेचने वालों की अब शामत आएगी। व्हाट्सएप पर शिकायत: पुलिस विभाग जल्द ही एक व्हाट्सएप नंबर जारी करेगा, जिस पर जनता सीधे नशे के अवैध कारोबार की सूचना दे सकेगी। गांजा खेती पर वार: संवेदनशील इलाकों में गांजा की अवैध खेती को जड़ से उखाड़ने के लिए विशेष अभियान चलेगा। आबकारी विभाग को कड़े निर्देश बैठक में आबकारी विभाग को स्पष्ट कहा गया है कि अवैध शराब के विरुद्ध न केवल कार्रवाई करें, बल्कि जब्त माल का तुरंत विनष्टीकरण (Destruction) सुनिश्चित करें। ई-सिगरेट जैसे आधुनिक नशों की बिक्री पर भी अब प्रशासन की टेढ़ी नजर रहेगी। बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने जिले को पूरी तरह 'ड्रग-फ्री' बनाने का संकल्प लिया।
- विंध्य बलराम/रुद्र प्रताप सिंह. सीधी। भारतीय जनता पार्टी केवल पार्टी नहीं हमारी मां है, इसलिए पार्टी का जन्म दिवस आगामी 6 अप्रैल को हर्षोल्लास के साथ आयोजित करें। पार्टी के कारण हमारी शान और सम्मान है, व्यक्तित्व और नाम की पहचान है। उक्त आशय के विचार भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी 6 अप्रैल को मनाए जा रहे स्थापना दिवस के कार्यक्रम की तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने बतौर मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता और पूर्व जिला अध्यक्ष के के तिवारी की विशिष्ट उपस्थिति में कहीं। सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जन्म दिवस आनंद और उल्लास का दिन होता है। इसलिए पार्टी का स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को शानदार ढंग से आयोजित करें। भारतीय जनता पार्टी की सरकार कार्यकर्ताओं के दम और जनता जनार्दन के आशीर्वाद से लगातार बना रही है। अध्यक्षीय उद्बोधन में भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय प्रथम फिर पार्टी और उसके बाद कार्यकर्ता आता है। सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन मंत्र है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता जनार्दन के आशीर्वाद के कारण आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। जिला अध्यक्ष श्री चौहान ने कहा कि स्थापना दिवस 6 अप्रैल के तारीख में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। जिसमें साज सज्जा, ध्वजारोहण, स्वच्छता अभियान, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का सम्मान, बस्ती संपर्क, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा, सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन सहित आदि प्रकार के अलग-अलग दिनों मे अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रभावी और शानदार हो कार्यक्रम -- के के तिवारी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण के संभागीय सह प्रभारी के के तिवारी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 6 अप्रैल पार्टी का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आयोजित हो रहे हैं। सभी कार्यक्रम प्रभावी और ऐतिहासिक हो, इसके लिए हम सभी को पूर्ण मनोयोग से जुटना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अनिल पाण्डेय एवं आभार प्रदर्शन जिला मंत्री सूर्य प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू राम जी सिंह, जिला उपाध्यक्ष उषा गोपाल पटेल, शिवदान साकेत, मनीला सिंह चौहान, जिला महामंत्री चंद्रपाल सिंह उइके, जिला मंत्री गजराज सिंह चंदेल, उमाशंकर यादव, सूर्य प्रताप सिंह, कपूर चंद साहू, जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे, नवनिर्वाचित अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह, मोर्चा अध्यक्ष पूनम सोनी, पुन्नू खान, सोशल मीडिया सह संभागीय प्रभारी जितेन्द्र तिवारी, मंडल अध्यक्ष पंकज पाण्डेय, सूबेदास यादव, योगेंद्र सिंह, कृष्णा तिवारी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।2
- मऊगंज में बहू बनी कातिल! मामूली विवाद ने लिया खूनी मोड़—26 साल की बहू ने 75 वर्षीय ससुर को बेरहमी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, लात-घूंसों की बरसात में बुझ गई जिंदगी, गांव में सनसनी!1
- *ईरान के भूमिगत "मिसाइल शहर" में भीषण बमबारी*1
- कॉलेज में बिताए पल हमेशा याद आएंगे ब्योहारी | पंडित राम किशोर शुक्ला शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के मुख्य लेखपाल वंश बहादुर सिंह को सेवानिवृत्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जीवन का ज्यादातर समय बीता है, यहां बिताए पल हमेशा याद आएंगे।3
- Sidhi jila khaddi area ki ghatna Jo Khushi uske Naam Se Hui Hai 24 February ke din vah ghatna ko dabane ki koshish ki ja rahi hai main Narendra Singh bess Gram Panchayat kuniya6
- आज MCD की स्थायी समिति की बैठक में बड़ा खुलासा‼️ भाजपा शासित एमसीडी की स्थायी समिति द्वारा आज 1 बजे बुलाई गई बैठक पूरी तरह से गैरकानूनी और नियमों के विरुद्ध आयोजित की गई। ❌ बिना 72 घंटे का अनिवार्य नोटिस ❌ बिना विधिवत पास किए एजेंडा आइटम 52 (18/02/2026 का लंबित मुद्दा)1
- लेकिन आम आदमी की जिंदगी इतनी व्यस्त होती है कि उसे किसी भी चीज का समय ही नहीं मिल पाता1
- सीधी। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है। दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं। इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।4