अभाविप ने खोला मोर्चा! आदर्श महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पर गंभीर आरोप जिला संयोजक आकाश तिवारी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, उच्च स्तरीय जांच की मांग अभाविप ने खोला मोर्चा! आदर्श महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पर गंभीर आरोप जिला संयोजक आकाश तिवारी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, उच्च स्तरीय जांच की मांग उमरिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने शासकीय आदर्श महाविद्यालय, उमरिया के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नियाज अंसारी की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आकाश तिवारी के नेतृत्व में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। अभाविप द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में प्रभारी प्राचार्य पर शासकीय आदेशों की कथित अवहेलना, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े मामले में लापरवाही, महाविद्यालयीन दायित्वों के निर्वहन में अनियमितता, अतिरिक्त संस्थान में अध्यापन, मानदेय प्राप्त करने तथा छात्रहित से जुड़ी राशि और लाखों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। 7 गंभीर बिंदुओं पर अभाविप ने मांगी जांच जिला संयोजक आकाश तिवारी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के हितों और शैक्षणिक संस्थानों की व्यवस्था से जुड़े मामलों को गंभीरता से उठाती रही है। आदर्श महाविद्यालय से संबंधित शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। ज्ञापन में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े मामले, शुक्रवार को महाविद्यालय से कथित रूप से अनुपस्थित रहने, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में अध्यापन और मानदेय लेने, जनभागीदारी निधि एवं छात्रहित की राशि के संचालन, भूगर्भशास्त्र विभाग से जुड़े कथित वित्तीय मामले तथा शासकीय आदेशों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। दस्तावेजों की जांच से सामने आएगी सच्चाई अभाविप ने मांग की है कि उपस्थिति रजिस्टर, अनुमति संबंधी दस्तावेज, वेतन एवं मानदेय भुगतान रिकॉर्ड, बैंक खाते, रसीदें और शासकीय आदेशों से संबंधित फाइलों की गहन जांच कराई जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आकाश तिवारी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर अभाविप द्वारा इतने गंभीर आरोपों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद आदर्श महाविद्यालय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना यह होगा कि जिला संयोजक आकाश तिवारी द्वारा उठाए गए इन मुद्दों पर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। *जब इस विषय को लेकर आदर्श महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नियाज अंसारी से से संपर्क करना चाहा तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया*
अभाविप ने खोला मोर्चा! आदर्श महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पर गंभीर आरोप जिला संयोजक आकाश तिवारी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, उच्च स्तरीय जांच की मांग अभाविप ने खोला मोर्चा! आदर्श महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पर गंभीर आरोप जिला संयोजक आकाश तिवारी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, उच्च स्तरीय जांच की मांग उमरिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने शासकीय आदर्श महाविद्यालय, उमरिया के प्रभारी प्राचार्य डॉ. नियाज अंसारी की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आकाश तिवारी के नेतृत्व में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। अभाविप द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में प्रभारी प्राचार्य पर शासकीय आदेशों की कथित अवहेलना, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े मामले में लापरवाही, महाविद्यालयीन दायित्वों के निर्वहन में अनियमितता, अतिरिक्त संस्थान में अध्यापन, मानदेय प्राप्त करने तथा छात्रहित से जुड़ी राशि और लाखों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। 7 गंभीर बिंदुओं पर अभाविप ने मांगी जांच जिला संयोजक आकाश तिवारी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के हितों और शैक्षणिक संस्थानों की व्यवस्था से जुड़े मामलों को गंभीरता से उठाती रही है। आदर्श महाविद्यालय से संबंधित शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। ज्ञापन में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े मामले, शुक्रवार को महाविद्यालय से कथित रूप से अनुपस्थित रहने, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में अध्यापन और मानदेय लेने, जनभागीदारी निधि एवं छात्रहित की राशि के संचालन, भूगर्भशास्त्र विभाग से जुड़े कथित वित्तीय मामले तथा शासकीय आदेशों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। दस्तावेजों की जांच से सामने आएगी सच्चाई अभाविप ने मांग की है कि उपस्थिति रजिस्टर, अनुमति संबंधी दस्तावेज, वेतन एवं मानदेय भुगतान रिकॉर्ड, बैंक खाते, रसीदें और शासकीय आदेशों से संबंधित फाइलों की गहन जांच कराई जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आकाश तिवारी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर अभाविप द्वारा इतने गंभीर आरोपों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद आदर्श महाविद्यालय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना यह होगा कि जिला संयोजक आकाश तिवारी द्वारा उठाए गए इन मुद्दों पर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। *जब इस विषय को लेकर आदर्श महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नियाज अंसारी से से संपर्क करना चाहा तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया*
- मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना उमरिया। जिले के ग्राम मानिकपुर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सिंदली-बिंदी बड़की नदी पर पुल निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मानिकपुर और बिलासपुर के बीच नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है और बच्चों, मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, मानिकपुर से बिलासपुर की दूरी करीब 1.50 किलोमीटर है और प्रतिदिन लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के लिए इस रास्ते का उपयोग करते हैं। बरसात के समय नदी में पानी बढ़ जाने से बच्चे कई दिनों तक विद्यालय नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। आवेदन में बताया गया कि गांव का कोई व्यक्ति बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो, तो बरसात के दिनों में नदी पार कर अस्पताल पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि 108 एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, क्योंकि नदी पर पुल नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर पूर्व में भी शासन-प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका भी जताई गई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मानिकपुर की नदी पर शीघ्र पुल या पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी अपने जायज हक के लिए शांतिपूर्ण धरना देने को बाध्य होंगे।2
- श्रीमती राखी सहाय कलेक्टर उमरिया ने जन सुनवाई में सुनी 76आवेदको की समस्याएंl साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने जिले के दूर दराज से आए 76 आवेदकों की समस्याओं को सुना तथा आवेदनों के निराकरण के लिए आवेदन संबंधित विभाग की ओर प्रेषित किया तथा विभागीय अधिकारियों को समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विशाल फलैक्स उमरिया ने फ्लैक्स बैनर का भुगतान कराने, बुदद्यी बाई पटेल नौगवां ने रसोई का कार्य पुनः दिलाने, सुनीता शुक्ला उमरिया ने तीन माह से लाडली बहना योजना की किश्त दिलाने, मोहसिन खान नैगवांटोला ने टूटी एवं जर्जर पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने, सुरेश यादव पथरहठा ने पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने, बोधनी बैगा सिलौडी ने बिजली कनेक्शन नही होने के बाद भी बिजली का बिल आने, विश्वनाथ व्दिवेदी मुडगुडी ने 25 केव्ही की जगह 63 केव्ही का ट्रांसफार्मर लगवाने, उगेंद्र सिंह परस्ते कौडिया ने आधार कार्ड में जन्मतिथि लिमिट एवं जन्म तिथि सुधरवाने संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने संबंधित आवेदनों को विभागीय अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव, प्रिया अग्रवाल, तहसीलदार बांधवगढ दिलीप सोनी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेl2
- बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस बिरसिंहपुर पाली, जिला उमरिया में खरीफ फसल सीजन में मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय किसान उत्पादक संगठन बिरसिंहपुर पाली द्वारा किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने का मामला सामने आया है। मामला पाली तहसील के बिरसिंहपुर स्थित मां बिरासिनी खाद बीज भंडार कार्यालय, किसान उत्पादक संगठन (FPO) का है। जहां किसानों से 267 रुपये की यूरिया बोरी के एवज में जबरन 733 रुपये की जिंक और कुल 1000 रुपये वसूले जाने की शिकायत किसानों ने प्रशासन से की थी। किसानों का आरोप है कि जब वे यूरिया लेने केन्द्र पर पहुंचते हैं तो संचालक द्वारा कहा जाता है कि यूरिया के साथ जिंक लेना अनिवार्य है। बिना जिंक के यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में किसानों जिंक लेना पड़ रहा है पढ़ रहा है और जिंक का पैकेट लेने के कारण अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। जबकि उनके खेतों में जिंक की कोई जरूरत नहीं है इससे छोटे और सीमांत किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। मामले की शिकायत कुछ किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी और तहसील कार्यालय में की थी। इसके अलावा जान दुनिया पेपर में इसका प्रकाशन भी किया गया था शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आज पाली तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मां बिरासिनी खाद बीज भंडार बिरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, रेट लिस्ट और खाद के स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान ना तो स्टॉक की जानकारी दी गई ना तो किसानों की गिनती बताई गई नाही रजिस्टर में किसानों का सही दिनांक और नाम एंट्री पाया गया कई अनियमितताएं सामने आने की बात पाई गई तहसीलदार एवं पटवारी फोन के माध्यम से किसानों के बयान भी दर्ज किए। बयान उपरांत यह पाया गया की शिकायत सही है वहां पर कुछ किसान उपस्थित की थी जिन्होंने अपना लिखित बयान दर्ज करवाया पंचनामा बनवाया कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही को 26. 8.2026 दिन बुधवार के लिए आगे कर दी गई तहसीलदार द्वारा कृषि विभाग के उपसंचालक से फोन द्वारा यह भी कहा गया कि कल जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनके द्वारा बिरसिंहपुर पाली की सभी दुकान एवं उनके द्वारा बनाए गए गोदाम की लिस्ट उपस्थित करने के लिए कहा गया और नयब तहसीलदार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई थी कि 267 रुपये की यूरिया के साथ जिंक का पैकेट टैगिंग कर 1000 रुपये में बेचा जा रहा है। मौके पर जांच की गई है। टैगिंग और अधिक दर पर बिक्री का मामला सही पाया गया है कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कल आएंगे और उनके द्वारा इनकी दुकान का लाइसेंस गोदाम की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित भंडार संचालक और एफपीओ के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक दाम लिया जाता है तो तत्काल तहसील कार्यालय या कृषि विभाग को सूचना दें। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया है। किसानों ने प्रशासन की इस4
- लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*3
- जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए। किताबों से पहले सड़क की चिंता जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है। 'गिरते हैं, चोट भी लगती है' छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। 2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी। जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।4
- 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥1
- जर्जर भवन में संचालित हो रहा बाल विकास परियोजना कार्यालय, छत से पानी रिसने के कारण कामकाज प्रभावित जर्जर भवन में संचालित हो रहा बाल विकास परियोजना कार्यालय, छत से पानी रिसने के कारण कामकाज प्रभावित उमरिया । बाल विकास परियोजना कार्यालय करकेली का भवन इन दिनों जर्जर हालत में पहुंच चुका है। भवन की छत से बारिश का पानी लगातार रिसने के कारण कार्यालय में काम करना कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो गया है। कार्यालय के कंप्यूटर कक्ष सहित अन्य कमरों में पानी से बचाव के लिए कंप्यूटर और जरूरी सामान को बैनर आदि से ढककर किसी तरह काम किया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण कार्यालय में दस्तावेज, कंप्यूटर एवं अन्य जरूरी सामग्री के खराब होने का खतरा बना रहता है। पानी रिसने से कार्यालय का सामान्य कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के साथ-साथ शासकीय रिकॉर्ड और उपकरणों को सुरक्षित रखने की चिंता बनी रहती है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय भवन की जर्जर स्थिति और छत से पानी रिसने की समस्या के संबंध में उनके द्वारा कई बार अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या के निराकरण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। ऐसे में यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो शासकीय दस्तावेजों, कंप्यूटर एवं अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है तथा कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों एवं क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बाल विकास परियोजना कार्यालय करकेली के जर्जर भवन का तत्काल निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि कार्यालय का कामकाज सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालित हो सके।3
- *बारिश के कारण बिरसिंहपुर पाली में घुस रहे जहरीले सर्प* "बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा: घरों में घुस रहे हैं बिन बुलाए मेहमान, ऐसे रखें खुद को सुरक्षित" बारिश का पानी सांपों के बिलों (जैसे चूहों के बिल या मिट्टी के गड्ढों) में भर जाता है। पानी से बचने और सूखी व गर्म जगह की तलाश में सांप बाहर निकलते हैं और घरों का रुख करते हैं। देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जहाँ आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं अब एक नया और गंभीर खतरा सामने आने लगा है। रिहायशी इलाकों, सोसायटियों और घरों के अंदर सांपों के निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। वन विभाग और स्नेक कैचर्स (सर्प मित्रों) के पास रोजाना दर्जनों ऐसे फोन आ रहे हैं, जिनमें घरों के बाथरूम, किचन, जूते की रैक और बेड के नीचे सांप मिलने की शिकायतें होती हैं। सांप हमेशा ऐसी जगहों पर छिपना पसंद करते हैं जहाँ इंसानों की नजर आसानी से न पड़े।1