सोनभद्र जनपद पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर नागरिकों के 302 खोए और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इन बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत लगभग ₹45 लाख बताई गई है। शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने सोनभद्र पुलिस का आभार व्यक्त किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रूणवाल के मार्गदर्शन में सर्विलांस सेल, एसओजी टीम और जनपद के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों द्वारा चलाया गया। इस दौरान सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल का उपयोग करते हुए तकनीकी विश्लेषण और सतत निगरानी के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोनों को सफलतापूर्वक ट्रेस किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ऋषभ रूणवाल ने बताया कि 21 जून 2026 तक कुल 302 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹45 लाख है, और आज इन्हें मालिकों को लौटाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने इस सफलता को पुलिस टीमों की तकनीकी दक्षता, समन्वित प्रयासों और लगातार मॉनिटरिंग का परिणाम बताया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मई 2026 में, सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल बरामदगी के मामले में सोनभद्र पुलिस ने 66 प्रतिशत की उच्च सफलता दर हासिल की, जिसके चलते जनपद सोनभद्र को पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। पुलिस ने इसे जनपद के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि करार दिया। कार्यक्रम में मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिलेंगे, लेकिन सोनभद्र पुलिस की सक्रियता से उन्हें अपनी बहुमूल्य संपत्ति वापस मिल गई। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम थाने में सूचना दें, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई हो सके और मोबाइल फोन बरामद होने की संभावना बढ़ाई जा सके।
सोनभद्र जनपद पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर नागरिकों के 302 खोए और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इन बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत लगभग ₹45 लाख बताई गई है। शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने सोनभद्र पुलिस का आभार व्यक्त किया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रूणवाल के मार्गदर्शन में सर्विलांस सेल, एसओजी टीम और जनपद के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों द्वारा चलाया गया। इस दौरान सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल का उपयोग करते हुए तकनीकी विश्लेषण और सतत निगरानी के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोनों को सफलतापूर्वक ट्रेस किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ऋषभ रूणवाल ने बताया कि 21 जून 2026 तक कुल 302 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹45 लाख है, और आज इन्हें मालिकों को लौटाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने इस सफलता को पुलिस टीमों की तकनीकी दक्षता, समन्वित प्रयासों और लगातार मॉनिटरिंग का परिणाम बताया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मई 2026 में, सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल बरामदगी के मामले में सोनभद्र पुलिस ने 66 प्रतिशत की उच्च सफलता दर हासिल की, जिसके चलते जनपद सोनभद्र को पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। पुलिस ने इसे जनपद के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि करार दिया। कार्यक्रम में मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिलेंगे, लेकिन सोनभद्र पुलिस की सक्रियता से उन्हें अपनी बहुमूल्य संपत्ति वापस मिल गई। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम थाने में सूचना दें, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई हो सके और मोबाइल फोन बरामद होने की संभावना बढ़ाई जा सके।
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सोनभद्र के कैमूर वन्यजीव प्रभाग के गुरमा रेंज स्थित सलखन फॉसिल पार्क में सामूहिक योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसे 'योग का महाकुंभ' बताया गया। इस कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत 'ओम्' के उच्चारण के साथ हुई और योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन और प्राणायाम सहित कई योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया, जहाँ स्कूली बच्चों ने विभिन्न योगासनों का प्रदर्शन कर सबका ध्यान आकर्षित किया। मंत्री संजीव कुमार गोंड ने इस मौके को 'हम सबका सौभाग्य' बताते हुए कहा कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दुनिया के सबसे प्राचीन जीवाश्म स्थलों में से एक, सलखन फॉसिल्स पार्क में आयोजित हो रहा है। उन्होंने इसे न केवल सोनभद्र बल्कि पूरे देश की धरोहर बताया, जहाँ करोड़ों वर्ष पुराने फॉसिल्स हमारी ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने लोगों से इस धरोहर को देखने और इसके महत्व को समझने की अपील की। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता की पहल से इस ऐतिहासिक स्थल पर योग दिवस का आयोजन संभव हुआ, जो स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यटन और विरासत संरक्षण का भी संदेश देता है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि राज्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस वर्ष योग दिवस के लिए सलखन फॉसिल्स पार्क का चयन इसलिए किया गया ताकि सोनभद्र के करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्मों और समृद्ध विरासत की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि सोनभद्र की समृद्ध विरासत और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले तथा पर्यटन के माध्यम से जिले को नई पहचान दी जा सके। कार्यक्रम में शामिल कई लोगों ने बताया कि वे पहली बार फॉसिल्स पार्क आए और इसकी ऐतिहासिक महत्ता को जान पाए। योग कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, और सभी को नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की गई। वन विभाग ने प्रकृति की रक्षा का संदेश देने के लिए पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया, जिसमें मंत्री संजीव कुमार गोंड, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और मुख्य विकास अधिकारी के साथ गुरमा वन रेंज के अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा रोपे गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में राम मंदिर में चोरी होने का उल्लेख करते हुए यह जिज्ञासा व्यक्त की गई है कि आखिर यह घटना क्यों हुई। पोस्ट में दर्शकों से इस कथित चोरी के पीछे का कारण और उससे संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए एक वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सलैयाडीह में रविवार को NH-39 पर हुए एक सड़क हादसे में लगभग 38 वर्षीय दशरथ नामक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की दर्दनाक मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सलैयाडीह निवासी दशरथ पुत्र स्वर्गीय रामदेव अपने दिव्यांग ई-रिक्शा से कोन मोड़ चौराहे की ओर से आ रहे थे, तभी दुद्धी की ओर से आ रहे एक तेज गति के ट्रक (संख्या NL-01L-0343) ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। दशरथ दोनों पैरों से दिव्यांग थे और उनके आवागमन तथा दैनिक कार्यों के लिए सरकार द्वारा उन्हें एक छोटा दिव्यांग ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया था। वे सरकार से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी अंशु देवी दृष्टिबाधित हैं, और उनके परिवार में एक लगभग 20 वर्षीय पुत्र तथा 16 एवं 12 वर्ष की दो पुत्रियां हैं। दशरथ की असामयिक मृत्यु से यह परिवार गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक संकट में आ गया है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। हादसे के बाद NH-39 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी स्थित मोर्चरी हाउस भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को चिन्हित कर लिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। थाना प्रभारी संतोष कुमार ने परिजनों को निष्पक्ष एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।1
- बोल बम सेवा समिति ने अपने सम्मानित सदस्यों को उनके जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया है। समिति की ओर से सभी सदस्यों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और मंगल कामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर बोल बम सेवा समिति परिवार ने अपनी एकजुटता और सम्मान की भावना का प्रदर्शन किया, जिसकी कुछ झलकियां भी प्रस्तुत की गई हैं।1
- सोनभद्र के सलखन फॉसिल पार्क में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गौड़, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ सहित कई अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। इस सामूहिक आयोजन के माध्यम से स्वस्थ जीवन और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया। कार्यक्रम के अंत में वृक्षारोपण भी किया गया, जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता को दर्शाता है।1
- चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी जनसमस्याओं के साथ पहुँचे। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व, पुलिस, सिंचाई, विद्युत, वन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 160 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से मौके पर ही तीन मामलों का निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपकर निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान के निर्देश दिए गए। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद छोटेलाल खरवार भी समाधान दिवस में उपस्थित रहे और उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुना। सांसद ने अधिकारियों को नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड सुविधा और शव वाहन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी मामलों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। इस संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) बी शिव शंकर, उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारितोष मिश्रा, खंड विकास अधिकारी विकास कुमार, तहसीलदार राहुल सिंह, नौगढ़ रेंज वन क्षेत्राधिकारी संजय श्रीवास्तव और जयमोहनी वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन के बाद, "पेड़ लगाएं, जीवन बचाएं" और "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया गया। सांसद छोटेलाल खरवार, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल और उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही, जनपद में चल रहे 40 लाख पौधरोपण अभियान को सांसद और जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।4
- सिंगरौली जिले के बंधा कोल ब्लॉक से विवाद की बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों ने ईएमआईएल बिरला कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने कुछ लोगों के साथ गुप्त बैठक कर विस्थापन और मुआवजा प्रक्रिया पूरी किए बिना ही एक बार फिर खनन कार्य शुरू करा दिया है। इस कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अभी तक कई परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा और विस्थापन से जुड़े मामले अनसुलझे हैं, और पूरे गांव की सहमति के बजाय केवल कुछ चुनिंदा लोगों के माध्यम से निर्णय लेकर काम शुरू किया गया है, जो उनके अधिकारों की अनदेखी है। सूत्रों के अनुसार, पिछली रात कुछ ग्रामीणों और सरपंच की कंपनी प्रबंधन से जुड़े लोगों के साथ एक बैठक हुई थी, जिसके बाद शनिवार सुबह से नवाटोला क्षेत्र में खनन कार्य शुरू कर दिया गया। इसकी सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता एवं महामंत्री (ग्रामीण) उपेंद्र द्विवेदी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। करीब पाँच से छह घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, उपेंद्र द्विवेदी ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने बरगवां तहसीलदार दीपेंद्र तिवारी से चर्चा कर स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के साथ किसी भी स्थिति में अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा, और जब तक मुआवजा व विस्थापन की प्रक्रिया संतोषजनक ढंग से पूरी नहीं होती, तब तक खनन कार्य नहीं होना चाहिए। मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता उपेंद्र द्विवेदी ने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया है, ताकि सड़क और मुआवजे से संबंधित मामलों का समाधान किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।1
- सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र के मुख्य सड़क मार्ग पर एक अनियंत्रित बाइक का संतुलन बिगड़ने के कारण एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे निजी साधन से डाला क्लीनिक ले जाया गया जहाँ उसका प्राथमिक इलाज कराया गया। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए, उसे तुरंत एंबुलेंस के ज़रिए चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। हालांकि, चोपन में इलाज के दौरान जब घायल मरीज की हालत और बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।3