नौतपा का नाम सुनते ही जहां आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी और लू की कल्पना की जाती है, वहीं इस बार मध्य प्रदेश में मौसम ने पूरी तरह अलग रंग दिखाया है। मई के अंतिम दिनों में कई शहरों का तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, लेकिन अब आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने गर्मी के तेवर ठंडे कर दिए हैं। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में रविवार को मौसम सुहाना बना रहा और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में पिछले 48 घंटों से प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक मध्य प्रदेश के आधे से अधिक हिस्सों में बारिश हुई, जिसमें टीकमगढ़ जिले में सबसे अधिक सवा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। दतिया और नौगांव में भी अच्छी बारिश देखी गई। ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, गुना, धार, रतलाम, सागर, सतना, रीवा, देवास, झाबुआ, मंदसौर, बैतूल और बालाघाट सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि श्योपुर जिले में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में आए इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। छतरपुर जिले का नौगांव, जो कुछ दिन पहले प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में से था, वहां मात्र तीन दिनों में तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। 27 मई को यहां अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस था, जो अब घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस रह गया है। इसी तरह दतिया सहित कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 20 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुँच चुका है। प्रदेश के प्रमुख शहरों को भी गर्मी से राहत मिली है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री, जबलपुर में 38.2 डिग्री, इंदौर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री तथा भोपाल में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले सप्ताह तक जहां इन शहरों में लू जैसे हालात थे, वहीं अब बादलों और बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, नरसिंहपुर 43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। मौसम विभाग ने देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल जिलों में ओलावृष्टि और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अतिरिक्त, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के 47 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इस बार नौतपा के दौरान मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में रहने की बजाय मौसम का रुख अलग देखने को मिला। 25 मई से शुरू हुए नौतपा में शुरुआती दिनों में गर्मी का अहसास हुआ, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों की सक्रियता के कारण मई के अंतिम सप्ताह में मौसम पूरी तरह बदल गया। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में कहीं भी फिलहाल लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम के इस बदले हुए मिजाज ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों और आमजन को आगामी दिनों में मौसम की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता होगी।
नौतपा का नाम सुनते ही जहां आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी और लू की कल्पना की जाती है, वहीं इस बार मध्य प्रदेश में मौसम ने पूरी तरह अलग रंग दिखाया है। मई के अंतिम दिनों में कई शहरों का तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, लेकिन अब आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने गर्मी के तेवर ठंडे कर दिए हैं। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में रविवार को मौसम सुहाना बना रहा और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में पिछले 48 घंटों से प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक मध्य प्रदेश के आधे से अधिक हिस्सों में बारिश हुई, जिसमें टीकमगढ़ जिले में सबसे अधिक सवा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। दतिया और नौगांव में भी अच्छी बारिश देखी गई। ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, गुना, धार, रतलाम, सागर, सतना, रीवा, देवास, झाबुआ, मंदसौर, बैतूल और बालाघाट सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि श्योपुर जिले में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में आए इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। छतरपुर जिले का नौगांव, जो कुछ दिन पहले प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में से था, वहां मात्र तीन दिनों में तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। 27 मई को यहां अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस था, जो अब घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस रह गया है। इसी तरह दतिया सहित कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 20 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुँच चुका है। प्रदेश के प्रमुख शहरों को भी गर्मी से राहत मिली है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री, जबलपुर में 38.2 डिग्री, इंदौर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री तथा भोपाल में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले सप्ताह तक जहां इन शहरों में लू जैसे हालात थे, वहीं अब बादलों और बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, नरसिंहपुर 43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। मौसम विभाग ने देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल जिलों में ओलावृष्टि और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अतिरिक्त, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के 47 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इस बार नौतपा के दौरान मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में रहने की बजाय मौसम का रुख अलग देखने को मिला। 25 मई से शुरू हुए नौतपा में शुरुआती दिनों में गर्मी का अहसास हुआ, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों की सक्रियता के कारण मई के अंतिम सप्ताह में मौसम पूरी तरह बदल गया। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में कहीं भी फिलहाल लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम के इस बदले हुए मिजाज ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों और आमजन को आगामी दिनों में मौसम की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता होगी।
- Post by Harish Pal3
- राजस्थान के चूरू शहर में शनिवार दोपहर मौसम ने अचानक बेहद रौद्र रूप धारण कर लिया, जिसके चलते दिन के समय ही रात जैसा गहरा अंधेरा छा गया। इस दौरान तेज धूल भरी आंधी और एक विशाल रेतीले बवंडर ने पूरे आसमान को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह रेतीले तूफान के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई।1
- नर्मदापुरम की डिप्टी कलेक्टर श्रीमती बबीता राठौर ने दिनांक 29 मई को इटारसी स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं, मरीजों को मिलने वाले इलाज और परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान, श्रीमती राठौर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दवाओं की उपलब्धता के बारे में प्रतिक्रिया (फीडबैक) प्राप्त की। उन्होंने वार्डों, ओपीडी (आउटपेशेंट डिपार्टमेंट) और पूरे परिसर की साफ-सफाई को लेकर सख्त निर्देश दिए, इस बात पर जोर दिया कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वच्छता का स्तर भी सर्वोच्च होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार प्रदान करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस सक्रियता से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अस्पताल की व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर में माखन नगर (बाबई) के प्रतिष्ठित तिवारी परिवार ने अपने पूज्य पिताजी, स्व. श्री वीरेंद्र तिवारी जी की 14वीं पुण्यतिथि पर एक पुण्य व सराहनीय कार्य किया। टेक प्वाइंट कंप्यूटर के संचालक सुश्री रश्मी तिवारी जी, श्री आशीष तिवारी जी और श्री अमित तिवारी जी ने बाबई से सोहागपुर आकर जरूरतमंदों, बेघर, बेसहारा लोगों और नर्मदा परिक्रमावासियों को व्यंजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन कराया। इस दौरान, तिवारी परिवार द्वारा इन जरूरतमंद लोगों की भोजन व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए एक समिति को ₹21000 का नगद सहयोग भी प्रदान किया गया। माखन नगर (बाबई) के इस सेवाभावी तिवारी परिवार का जरूरतमंदों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री हेतु दिए गए सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया गया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि उनके पिताजी की दिवंगत पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें और उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें।1
- रायसेन नगर पालिका परिषद ने एक शानदार पहल करते हुए 'स्वच्छता चौपाटी' का निर्माण किया है, जो इंदौर की प्रसिद्ध 'छप्पन' की तर्ज पर विकसित हो रही है। इस चौपाटी के साथ ही, यहाँ फ्री ऑक्सीजन पार्क की भी बेहतरीन व्यवस्था की गई है, जो रायसेन के निवासियों को आकर्षित कर रही है। नगर पालिका की यह पहल शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिए एक अनूठी व्यवस्था प्रदान कर रही है।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दीवानगंज क्षेत्र के ग्राम सेमरी की अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अंजना यादव ने 27 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाली अंजना की यह उपलब्धि उनकी अथक मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। अपने एवरेस्ट अभियान के दौरान अंजना यादव ने राष्ट्रभक्ति का भी संदेश दिया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक वर्ष पूर्ण होने पर पहले 6119 मीटर ऊँची लाबुचे पीक पर इसका बैनर लहराकर भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया था। इसके बाद, उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भी 'ऑपरेशन सिंदूर' का बैनर फहराकर देशवासियों तक राष्ट्रप्रेम और वीर सैनिकों के सम्मान का संदेश पहुँचाया। अंजना ने अपने अभियान के माध्यम से "फिट इंडिया, हिट इंडिया" का संदेश देते हुए लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए "माँ के नाम एक पेड़" अभियान का संदेश देते हुए नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने का आग्रह भी किया। अंजना यादव ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के प्रोत्साहन, सहयोग एवं मार्गदर्शन को देते हुए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के समर्थन और शुभकामनाओं ने उनके इस कठिन एवरेस्ट अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंजना ने पूरे भारतवर्ष के आशीर्वाद, शुभकामनाओं और प्रेम को भी अपनी सफलता का आधार बताया, जिसकी बदौलत वे इस चुनौतीपूर्ण अभियान को पूरा कर सकीं। उन्होंने देशवासियों, अपने परिवार, पति, माता-पिता, मित्रों, समर्थकों और उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद किया जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। अपनी इस उपलब्धि को देश, प्रदेश, परिवार, समर्थकों और उन सभी लोगों को समर्पित करते हुए जिन्होंने उनके सपनों को साकार करने में सहयोग दिया, अंजना यादव ने कहा कि यह सफलता विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। एवरेस्ट विजय के बाद अंजना यादव 1 जून 2026 को भारत वापस लौट रही हैं, जहाँ उनके भव्य स्वागत की तैयारियाँ की जा रही हैं। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयासों से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।1
- रायसेन में, 'काल भैरव के नाम पर भौकाल काटने वाले' के रूप में जाने जाने वाले 'नाना सरकार' उर्फ सुनील सराठे की पत्नी ने एफआईआर दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम में गाँववालों ने भी एक पंचनामा बनाया है, और इसे 'बाबा, बीवी और बवाल' श्रंखला के तीसरे भाग के रूप में संदर्भित किया गया है। इस पूरे मामले के बाद अब यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या 'नाना सरकार' के रसूखदार आकाओं ने उनसे मुँह मोड़ लिया है।1
- रायसेन जिले के सिलवानी में पुलिस ने लाल घाटी से चोरी हुई एक बाइक के मामले में बड़ा खुलासा किया है। इस दौरान पुलिस ने दो शातिर चोरों, असगर अली और शाहिद खान को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों चोर एक बंद टपरिया में चोरी की गई बाइक के पुर्जे खोलकर उन्हें कबाड़ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।1