हरदोई के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम सरसई में जमीन विवाद को लेकर बुजुर्ग और उनके पुत्र के साथ घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित 67 वर्षीय बुजुर्ग राजपाल सिंह भदौरिया का आरोप है कि गांव के ही उदयवीर सिंह, नन्हें सिंह, कल्लू सिंह और जितेंद्र सिंह ने उनके घर में घुसकर उन पर और उनके पुत्र सुरजीत सिंह भदौरिया पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में राजपाल सिंह के शरीर पर कई स्थानों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिनके निशान उनके शरीर पर मौजूद हैं। पीड़ित बुजुर्ग के अनुसार, आरोपी उनके घर के सामने स्थित जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं और विरोध करने पर उनके साथ यह मारपीट की गई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी उदयवीर सिंह ने उन्हें जान से मारने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी है। इसके अलावा, पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के उद्देश्य से आरोपित पक्ष ने भी पुलिस को एक प्रार्थना-पत्र दे दिया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर राजपाल सिंह की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं, हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पीड़ित राजपाल सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना की सूचना पाली पुलिस को दिए जाने के बावजूद अब तक उनका चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) नहीं कराया गया है। पीड़ित ने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है। वहीं, इस मामले में पाली थानाध्यक्ष ने बताया कि जमीन को लेकर विवाद था, जिसमें मारपीट हुई है और वे पहले मामले की जांच कराएंगे, उसके बाद ही कुछ होगा। हालांकि, मेडिकल परीक्षण न कराने की बात पर थानाध्यक्ष ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
हरदोई के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम सरसई में जमीन विवाद को लेकर बुजुर्ग और उनके पुत्र के साथ घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित 67 वर्षीय बुजुर्ग राजपाल सिंह भदौरिया का आरोप है कि गांव के ही उदयवीर सिंह, नन्हें सिंह, कल्लू सिंह और जितेंद्र सिंह ने उनके घर में घुसकर उन पर और उनके पुत्र सुरजीत सिंह भदौरिया पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में राजपाल सिंह के शरीर पर कई स्थानों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिनके निशान उनके शरीर पर मौजूद हैं। पीड़ित बुजुर्ग के अनुसार, आरोपी उनके घर के सामने स्थित जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं और विरोध करने पर उनके साथ यह मारपीट की गई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी उदयवीर सिंह ने उन्हें जान से मारने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी है। इसके अलावा, पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के उद्देश्य
से आरोपित पक्ष ने भी पुलिस को एक प्रार्थना-पत्र दे दिया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर राजपाल सिंह की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं, हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पीड़ित राजपाल सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना की सूचना पाली पुलिस को दिए जाने के बावजूद अब तक उनका चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) नहीं कराया गया है। पीड़ित ने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है। वहीं, इस मामले में पाली थानाध्यक्ष ने बताया कि जमीन को लेकर विवाद था, जिसमें मारपीट हुई है और वे पहले मामले की जांच कराएंगे, उसके बाद ही कुछ होगा। हालांकि, मेडिकल परीक्षण न कराने की बात पर थानाध्यक्ष ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
- हरदोई जनपद के पाली कस्बे में इन दिनों मिलावटी सरसों का तेल बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है। चंद पैसे कमाने के चक्कर में दुकानदार सीधे तौर पर ग्राहकों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। इस बीच, नगर निवासी एक व्यक्ति ने खराब सरसों के तेल का एक वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है, जो अब जमकर वायरल हो रहा है।2
- साइबर क्राइम पर आधारित एक नई फिल्म सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर की हर छोटी-बड़ी खबर को लगातार देखते रहने के लिए शुरू ऐप पर बने रहें।1
- हरदोई के पुलिस परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान के अंतर्गत शाहाबाद सर्किल के अपर पुलिस अधीक्षक आलोक राजनारायण और रिजर्व पुलिस लाइन हरदोई के प्रतिसार निरीक्षक ने पुलिस परिसर में पौधे रोपे। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आम जनता से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को इस अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। इस दौरान वहां मौजूद अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।1
- Post by Ashwani Parjapati1
- फर्रुखाबाद के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक केंद्र, चौक चौराहे पर बीच सड़क पर नाली के ऊपर लगा लोहे का भारी जाल अचानक तेज आवाज के साथ टूटकर धंस गया। दिन भर हजारों वाहनों, ई-रिक्शों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर जाल के टूटने से एक खतरनाक और जानलेवा गड्ढा बन गया। गनीमत रही कि दिन का समय होने की वजह से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और वहां से गुजरने वाले वाहनों को सावधान करना शुरू कर दिया, जिससे एक भीषण दुर्घटना होते-होते टल गई। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह घटना रात के अंधेरे में या बारिश के वक्त हुई होती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इस जानलेवा स्थिति के बाद भी नगर पालिका प्रशासन का रवैया बेहद उदासीन और शर्मनाक रहा। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि नगर पालिका चेयरमैन का पुराना निवास स्थान घटनास्थल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर है, लेकिन इसके बावजूद न तो किसी अधिकारी ने सुध ली और न ही कोई कर्मचारी इसे ठीक करने पहुंचा। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। जनता का सीधा आरोप है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह दिशाहीन और भ्रष्टाचार से प्रेरित है, जहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए नहीं हो रहा है। प्रशासन की इस घोर अनदेखी के बीच, पड़ोस के एक जागरूक स्थानीय दुकानदार ने इंसानियत का परिचय देते हुए खुद ही आगे कदम बढ़ाया। उसने अपनी दुकान का काम छोड़कर फावड़े और तसले की मदद से गड्ढे में मिट्टी, ईंटें और मलबा डालकर उसे भरने व सुरक्षित करने का प्रयास किया। दुकानदार की इस सजगता ने उस सरकारी तंत्र के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है, जिसके काम को मजबूरी में एक आम नागरिक को खुद करना पड़ा।2
- फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में शनिवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने निर्माणाधीन नए थाना भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भवन की संरचना और सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कुछ कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। भवन का निरीक्षण करते समय पुलिस अधीक्षक की नजर एक दीवार में आई दरार (चटक) पर पड़ी, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियर अक्षय मौर्य से भवन निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही काम करने को कहा। एसपी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भवनों के निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी कमियों को समय सीमा के भीतर दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने थाना परिसर में बन रहे आवासों का भी निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी (सीओ) मोहम्मदाबाद अजय वर्मा, थाना प्रभारी राजीव कुमार, इंजीनियर अक्षय मौर्य सहित निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- कानपुर के मालरोड सिविल लाइन स्थित करीब 100 करोड़ रुपये की बेशकीमती भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के सहारे लीज पर देने वालों के खिलाफ लखनऊ डायसिस ट्रस्ट एसोसिएशन (LDTA) ने सख्त कार्रवाई की है। संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर जॉनसन टी जॉन ने प्लॉट संख्या 26 B, मोहल्ला संख्या 37 की इस बेशकीमती भूमि के फर्जीवाड़े में शामिल अनिल डेविड और पॉल जिनिया के साथ-साथ उनके सहयोगियों रोबिनसेन जॉन व सरफ़राज़ मसी को डायरेक्टर के पद से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई को मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेशन और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने ऑन रिकॉर्ड ले लिया है। वहीं, इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड शातिर अखिलेश सिंह और डी के सिंह पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कानपुर के एडीडीपी पूर्वी शिवा सिंह ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- फर्रुखाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। ट्रेन से टकराने के बाद महिला की हालत काफी गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।1