पवित्र नगरी महेश्वर में मछली-मटन मार्केट से नर्मदा हो रही प्रदूषित, प्रशासन की अनदेखी जारी महेश्वर :- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की पवित्र नगरी महेश्वर में महेश्वरी नदी के किनारे लगने वाले मछली, मटन और मुर्गा बाजार से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नर्मदा में मिल रहा है। यह समस्या सालों से बनी हुई है। कई बार समाजसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों ने मुद्दा उठाया, सीएम तक आवेदन दिए, लेकिन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती। रंग-बिरंगी छतरियों के नीचे बाजार लगा है। आसपास भीड़, मोटरसाइकिलें, भैंस और कचरा बिखरा पड़ा है। इसी नाले-नदी के जरिए बाजार और बुचड़खाने का अवशेष बहकर नर्मदा में जा मिलता है। नर्मदा के उत्तर तट पर बहता यह दूषित जल नगर के इंटेकवेल से होता हुआ काशी विश्वनाथ घाट, अहिल्या घाट और अन्य स्नान घाटों तक पहुंचता है, जहां श्रद्धालु स्नान और आचमन करते हैं। महेश्वरी नदी के एक किनारे बुचड़खाना और दूसरे किनारे मुर्गा-मटन-मछली बाजार स्थित है। इन दोनों जगहों से निकलने वाला खून, अवशेष और गंदगी नदी में डाला जाता है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। 2022 में स्थानीय लोगों ने कलेक्टर और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मटन मार्केट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि इससे सात माता मंदिर जैसी पवित्र जगहों पर आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचती है और नगर की पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होती है। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। महेश्वर, मंडलेश्वर और ओंकारेश्वर को पवित्र नगरी का दर्जा मिला हुआ है। फिर भी गंदे नालों का पानी सीधे नर्मदा में गिर रहा है। मंडलेश्वर में तो नर्मदा का पानी आचमन के लायक भी नहीं बचा। जांच में बीओडी और सीओडी के स्तर मानक से 4 से 10 गुना ज्यादा पाए गए। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के काम भी अधूरे पड़े हैं। महेश्वर में तो निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट तक किया जा चुका है, फिर भी काम पूरा नहीं हुआ। नर्मदा मात्र नदी नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था है। यहां स्नान, पूजा और जल ग्रहण होता है। बाजार की यह गंदगी न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर रही है। समाजसेवी संस्थाएं सफाई अभियान चलाती हैं, शिकायतें दर्ज कराती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। स्थानीय लोगों की मांग है कि मछली-मटन-मुर्गा बाजार और बुचड़खाने को तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए, उचित अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाए और नाले का पानी ट्रीट करके ही नर्मदा में छोड़ा जाए। पवित्र नगरी के दर्जे के अनुरूप नर्मदा की स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब सवाल यह है कि कब तक अनदेखी जारी रहेगी?
पवित्र नगरी महेश्वर में मछली-मटन मार्केट से नर्मदा हो रही प्रदूषित, प्रशासन की अनदेखी जारी महेश्वर :- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की पवित्र नगरी महेश्वर में महेश्वरी नदी के किनारे लगने वाले मछली, मटन और मुर्गा बाजार से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नर्मदा में मिल रहा है। यह समस्या सालों से बनी हुई है। कई बार समाजसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों ने मुद्दा उठाया, सीएम तक आवेदन दिए, लेकिन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती। रंग-बिरंगी छतरियों के नीचे बाजार लगा है। आसपास भीड़, मोटरसाइकिलें, भैंस और कचरा बिखरा पड़ा है। इसी नाले-नदी के जरिए बाजार और बुचड़खाने का अवशेष बहकर नर्मदा में जा मिलता है। नर्मदा के उत्तर तट पर बहता यह दूषित जल नगर के इंटेकवेल से होता हुआ काशी विश्वनाथ घाट, अहिल्या घाट और अन्य स्नान घाटों तक पहुंचता है, जहां श्रद्धालु स्नान और आचमन करते हैं। महेश्वरी नदी के एक किनारे बुचड़खाना और दूसरे किनारे मुर्गा-मटन-मछली बाजार स्थित है। इन दोनों जगहों से निकलने वाला खून, अवशेष और गंदगी नदी में डाला जाता है। बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। 2022 में स्थानीय लोगों ने कलेक्टर और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मटन मार्केट को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि इससे सात माता मंदिर जैसी पवित्र जगहों पर आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचती है और नगर की पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होती है। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। महेश्वर, मंडलेश्वर और ओंकारेश्वर को पवित्र नगरी का दर्जा मिला हुआ है। फिर भी गंदे नालों का पानी सीधे नर्मदा में गिर रहा है। मंडलेश्वर में तो नर्मदा का पानी आचमन के लायक भी नहीं बचा। जांच में बीओडी और सीओडी के स्तर मानक से 4 से 10 गुना ज्यादा पाए गए। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के काम भी अधूरे पड़े हैं। महेश्वर में तो निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट तक किया जा चुका है, फिर भी काम पूरा नहीं हुआ। नर्मदा मात्र नदी नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था है। यहां स्नान, पूजा और जल ग्रहण होता है। बाजार की यह गंदगी न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर रही है। समाजसेवी संस्थाएं सफाई अभियान चलाती हैं, शिकायतें दर्ज कराती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। स्थानीय लोगों की मांग है कि मछली-मटन-मुर्गा बाजार और बुचड़खाने को तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए, उचित अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाए और नाले का पानी ट्रीट करके ही नर्मदा में छोड़ा जाए। पवित्र नगरी के दर्जे के अनुरूप नर्मदा की स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब सवाल यह है कि कब तक अनदेखी जारी रहेगी?
- मुखबिर की सूचना पर धामनोद पुलिस ने 396 ग्राम गांजे के साथ दो आरोपियो को गिरफ्तार, एक फरार धामनोद में 396 ग्राम गांजे के साथ दो आरोपित गिरफ्तार, एक फरार चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 396 ग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपित मौके से भाग निकला। पुलिस ने गांजे सहित घटना में प्रयुक्त मोपेड जब्त कर तीनों आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार 13 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मोपेड एमपी 09, यूके 3101 पर तीन व्यक्ति ग्राम ढापला से गांजा लेकर बड़वाह के रास्ते इंदौर की ओर जाने वाले हैं। सूचना पर हाईवे पुलिस चौकी के पास दूधी में नाकाबंदी की गई। इसी दौरान सफेद रंग की मोपेड पर तीन व्यक्ति आते दिखाई दिए। डिक्की में मिला गांजा पुलिस ने मोपेड पर मौजूद दो व्यक्तियों की जांच की। मोपेड की डिक्की में प्लास्टिक की थैली में गांजा मिला। पुलिस ने 396 ग्राम गांजा तथा घटना में प्रयुक्त मोपेड जब्त की। मामले में विपिन पुत्र नारायण पांचाल निवासी बियाबानी इंदौर, संतोष पुत्र भूरकिलाल गिनावा निवासी पुलिस लाइन सदर बाजार इंदौर को गिरफ्तार किया है। वहीं राधेश्याम पुत्र रामसिंह निवासी गुजरवाड़ी खुर्द इंदौर मौके से फरार हो गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी संतोसिंह यादव, एएसआइ जुवानसिंह हरवाल, आरक्षक मनीष पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो एक व्यक्ति अंधेरे की आड़ राठौर, रवींद्र सोलंकी, आकाश रोकड़े तथा सैनिक रामसिंह नेतावत का सहयोग भूमिका रही। लेकर मौके से फरार हो गया। हाईवे के पास दूधी में नाकाबंदी की गई।1
- सनावद कृषि उपज मंडी समिति के सभी व्यापारी अपने मांगों को लेकर 17 तारीख से जिला हड़ताल पर जा रहे हैं सनावद से ग्राउंड रिपोर्ट भगवान सिंह चौहान। सनावद कृषि उपज मंडी के समस्त व्यापारियों ने 17 तारीख से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंडी सेक्रेटरी को लिखित में आवेदन दिया कि हम सभी व्यापारी 17 तारीख को हड़ताल पर जा रहे हैं वहीं सुदर्शन ट्रेडिंग कंपनी के व्यापारी ने कहा कि जगह टैक्स और अन्य सुविधाओं को लेकर हम 1 तारीख से अनिश्चित हड़ताल पर जा रहे हैं हड़ताल पर अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें भगवान सिंह चौहान 98263 930142
- महू के छात्रों की आवाज़ भी अब इंदौर में गूंजेगी राहुल गांधी कार्यक्रम में शामिल होंगे महू lमेडिकैप्स यूनिवर्सिटी पहुँचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया और 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले **‘छात्रों की गूंज’** कार्यक्रम के लिए अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं के रजिस्ट्रेशन करवाए। छात्रों की आवाज़ को मजबूती देने और उनकी समस्याओं को देश के सामने रखने के लिए **आदरणीय श्री राहुल गांधी जी** के साथ इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अधिक से अधिक युवा साथी शामिल हों। ✊📚 **छात्रों की गूंज — बदलाव की गूंज** टीम-शक्ति सिंह महू विधानसभा क्षेत्र1
- अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिन महिलाओ ने किया हरतालिका पूजन..1
- UGC के सवाल से विचलित होकर कुर्सी छोड़ भागीं पूर्व सांसद एवं सीधी विधायक रीती पाठक ?? मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान UGC के सवाल से विचलित होकर कुर्सी छोड़ भागीं पूर्व सांसद एवं सीधी विधायक रीती पाठक ?? क्या अब आपको सवर्णों का वोट नहीं चाहिए?? जब प्रेस वार्ता में पत्रकारों ने सवाल कर ही दिया था तो इस संदर्भ में कुछ तो बोलना चाहिए, अच्छा या बुरा, एकदम से बायकॉट करने का क्या मतलब हुआ, क्या इस विषय के प्रति आप गंभीर नहीं हैं?? बड़ा सवाल उठता है, इस विषय और समाज पर भी आपकी ही जवाबदेही बनती है महोदया, आपको बोलना चाहिए और बोलना पड़ेगा !!!1
- धार शहर में करीब 1000 पुलिस जवान और ड्रोन तैनात धार में बिना अनुमति वराह मार्च निकालने की कोशिश: आशीष बसु सहित 7 हिंदूवादी नेता गिरफ्तार, शहर में भारी पुलिस बल तैनात धार शहर में करीब 1000 पुलिस जवान और ड्रोन तैनात धार में बिना अनुमति वराह मार्च निकालने की कोशिश: आशीष बसु सहित 7 हिंदूवादी नेता गिरफ्तार, शहर में भारी पुलिस बल तैनात राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार न्यूज। धार में मंगलवार सुबह उस समय तनाव और गहमागहमी की स्थिति बन गई, जब पुलिस ने ‘वराह मार्च’ से जुड़े सनातन प्रहरी संगठन के प्रमुख कार्यकर्ताओं को अभिरक्षा में लेना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान सनातन प्रहरी के नेता आशीष बसु और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बसु ने पुलिस से सवाल करते हुए कहा, “पहले आप बताओ कि मुझे कहां ले जा रहे हो, कहीं रास्ते में आप मेरा एनकाउंटर कर दोगे तो।” जिले भर में सोमवार रात से ही शुरू हुई इस प्रशासनिक धरपकड़ के बाद संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई धार जिले में मंगलवार, 15 सितंबर को प्रस्तावित ‘वराह मार्च बाइक रैली’ के मद्देनजर की गई। प्रशासन द्वारा रैली की अनुमति निरस्त किए जाने के बावजूद संभावित जमावड़े को देखते हुए पुलिस ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सनातन प्रहरी के प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर नजरबंद व थानों में रखना शुरू किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर के अनुसार, वराह मार्च के कारण कानून व्यवस्था बिगड़ने की पूरी आशंका थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अब तक अलग-अलग स्थानों से प्रमुख लोगों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। हिरासत में लिए गए प्रमुख नाम: आशीष बसु विकास जाट लोकेश यादव नालछा सत्यनारायण रघुवंशी उर्फ टूटू ठाकुर संदीप यादव बाला उर्फ विक्रम (उम्र 46 वर्ष, निवासी वीर सावरकर मार्ग, धार) बाला उर्फ स्वप्निल सितौले (उम्र 35 वर्ष, निवासी आनंद डिसोर मार्ग, धार) दीपक उर्फ रोहित साँठे (उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम जम्मूरखेड़ी, थाना कोतवाली, धार) सत्यम पटेल (निवासी डहिवर रोड, धामनोद) सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए धार शहर में 800 से 1000 पुलिसकर्मियों का भारी बल तैनात किया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने ऐहतियात के तौर पर विजय मंदिर (लॉट मस्जिद) को मंगलवार के लिए बंद कर दिया है और परिसर के बाहर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। पूरे शहर, विशेषकर प्रस्तावित मार्च मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों पर सीसीटीवी कैमरों, हाई-राइज इमारतों और ड्रोनों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की इस सख्ती और व्यापक धरपकड़ का सीधा असर शहर की सामान्य गतिविधियों और प्रस्तावित कार्यक्रमों पर पड़ा है। संवेदनशील धार्मिक स्थलों और मुख्य चौराहों पर कड़ी नाकेबंदी के चलते आने वाले घंटों में जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा।3
- बच्चों ने उत्साह से बनाई मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमाएं मिट्टी के गणेश जी कार्यशाला में बच्चों ने उत्साह से लिया भाग पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, बच्चों ने बनाई मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमाएं गंधवानी। पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से इंडाइट पब्लिक स्कूल, गंधवानी में मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्साहपूर्वक मिट्टी से भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाएं तैयार कीं। कार्यशाला में प्रशिक्षक मोहित सेन ने बच्चों को मिट्टी से गणेश जी की प्रतिमा बनाने की विभिन्न विधियों का प्रशिक्षण दिया। बच्चों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं अपने हाथों से कई आकर्षक प्रतिमाएं बनाईं। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता पीयू गुप्ता एवं हरिओम मालवीया ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं का उपयोग किया जाना चाहिए। मिट्टी की प्रतिमाएं विसर्जन के बाद आसानी से प्राकृतिक रूप से घुल जाती हैं और इससे जल एवं पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद मिलती है। कार्यशाला के दौरान विद्यालय के डायरेक्टर विपिन डाबी, प्राचार्य प्रकाश मालवीया, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ना भी रहा।4
- श्री विमलनाथ जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के सातवे दिन हुआ अंतिम नव पद महापूजन..1