पन्ना टाइगर रिजर्व में शेरों का कोना आए दिन बढ़ा रहा है लेकिन केन बेतवा परियोजना के तहत जंगल बचाने को कोई प्रयास नहीं किया जा रहे केन बेतवा परियोजना के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व का एरिया काफी बड़ी मात्रा में आ रहा है ऐसे में आए दिन शेरों का कोना बढ़ने से शहर शहर की ओर टाइगर आ सकते हैं इसमें बड़ी लापरवाही और जिम्मेदारी से टाइगर रिजर्व को टाइगर को व्यवस्था तरीके से टाइगर को मुश्किल होगा जब डूब क्षेत्र में जंगल आ जाएगा तो ऐसे में टाइगर का कोना शहर की ओर बढ़ेगा और शहर की ओर आएगा तो घटना ही होगी जो लोग बाइक से सफर कर लेते थे उनको डर कर निकालना होगा कहीं टाइगर ना मिल जाए क्योंकि कुछ दिनों से तेंदुए का आतंक भी अकोला अंजूरिया के पास 10 वर्षीय बच्चे को उठा ले गया था तेंदुआ जब पता चला कि कि तेंदुए को 10 वर्षीय बच्चा दिखा उसको देखकर पीछे से उसने बार किया और सरदार से अलग करके पेड़ पर ले गया था उसके बाद परिजनों को पता चला तो टाइगर रिजर्व द्वारा केवल बच्चों के परिवार को मुआवजा बस्तियां ऐसी घटना और ना हो तो टाइगर रिजर्व के विभाग द्वारा जागरूक अभियान चलाना बहुत जरूरी है रिच भी हमला कर देते हैं
पन्ना टाइगर रिजर्व में शेरों का कोना आए दिन बढ़ा रहा है लेकिन केन बेतवा परियोजना के तहत जंगल बचाने को कोई प्रयास नहीं किया जा रहे केन बेतवा परियोजना के तहत पन्ना टाइगर रिजर्व का एरिया काफी बड़ी मात्रा में आ रहा है ऐसे में आए दिन शेरों का कोना बढ़ने से शहर शहर की ओर टाइगर आ सकते हैं इसमें बड़ी लापरवाही और जिम्मेदारी से टाइगर रिजर्व को टाइगर को व्यवस्था तरीके से टाइगर को मुश्किल होगा जब डूब क्षेत्र में जंगल आ जाएगा तो ऐसे में टाइगर का कोना शहर की ओर बढ़ेगा और शहर की ओर आएगा तो घटना ही होगी जो लोग बाइक से सफर कर लेते थे उनको डर कर निकालना होगा कहीं टाइगर ना मिल जाए क्योंकि कुछ दिनों से तेंदुए का आतंक भी अकोला अंजूरिया के पास 10 वर्षीय बच्चे को उठा ले गया था तेंदुआ जब पता चला कि कि तेंदुए को 10 वर्षीय बच्चा दिखा उसको देखकर पीछे से उसने बार किया और सरदार से अलग करके पेड़ पर ले गया था उसके बाद परिजनों को पता चला तो टाइगर रिजर्व द्वारा केवल बच्चों के परिवार को मुआवजा बस्तियां ऐसी घटना और ना हो तो टाइगर रिजर्व के विभाग द्वारा जागरूक अभियान चलाना बहुत जरूरी है रिच भी हमला कर देते हैं
- Post by Patrakaar Rahul Mishra1
- *गैसाबाद मार्ग पर पुल क्षतिग्रस्त, बड़े वाहनों का आवागमन बंद* सिमरिया के समीप गैसाबाद क्षेत्र में ब्यारमा नदी पर बना पुराना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया है। इससे आसपास के क्षेत्र की जनता और दमोह मार्ग से आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुराने पुल के बगल में नया पुल लगभग एक वर्ष पूर्व ही बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन सिमरिया की ओर एप्रोच मार्ग का थोड़ा कार्य शेष रहने के कारण इसे अब तक चालू नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि दमोह की ओर से पुल पूरी तरह तैयार है, जबकि दूसरी ओर मामूली काम के कारण उद्घाटन लंबित है।1
- हमारे देश की सुरक्षा करने से ज्यादा सरकार का फोकस रहता है खुद की सुरक्षा बड़े बड़े नेताओं की सुरक्षा बाबाओं की सुरक्षा इनकी सुरक्षा हटाकर देश की सुरक्षा में सैनिक लगाए जाते तो पहलगांव जैसे हमले की हिम्मत नहीं होती।। ये भाषणों की सरकार है भाजपा उल्लू बनाकर जनता को हासिल की सत्ता अब केवल टैक्स लाद कर लूटने में लगे है।।1
- झाबुआ में पुलिस के आने के बाद भीनहीं रुके1
- अब देखना यह होगा कि 2027 का चुनाव नरैनी की सियासत में नया इतिहास लिखता है या नहीं, लेकिन फिलहाल माहौल पूरी तरह गरम है और हवा का रुख साफ दिखाई दे रहा है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नरैनी की इस सीट पर इस बार समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ और लगातार सक्रियता ने महेंद्र सिंह वर्मा को एक सशक्त दावेदार बना दिया है।1
- वकील बोली सिंह सरनेम, क्षत्रियों का, सिंह वाले नामों को मत दो आरक्षण1
- अनियंत्रित होकर 100 फीट दूर फिकी बाइक दो युवकों की मौके पर दर्दनाक मौत।1
- *वनकर्मियों ने घायल चीतल का किया सफल रेस्क्यू, उपचार के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया* दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वन परिक्षेत्र शाहनगर अंतर्गत ग्राम आमा में एक घायल चीतल पाए जाने की सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक जांच के उपरांत पशु चिकित्सक द्वारा चीतल का आवश्यक उपचार एवं देखभाल सुनिश्चित की गई, जिससे उसकी स्थिति में शीघ्र सुधार हुआ। चिकित्सकीय उपचार के बाद चीतल के पूर्णतः स्वस्थ होने पर उसे पुनः सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया गया। इस रेस्क्यू प्रयास का क्रियान्वयन वन परिक्षेत्र अधिकारी शाहनगर राजुल कटारे के निर्देशन में किया गया। प्रयास में परिक्षेत्र सहायक राम सरोवन पांडे, बीट गार्ड कुनिया रजनीश दुबे, बीट गार्ड रोहनिया सुशील कुमार वर्मा, स्थायी कर्मी राजेश कुमार लखेरा, केशव प्रसाद बर्मन तथा सुरक्षा श्रमिक हनुमत सिंह की सक्रिय सहभागिता रही। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, समन्वित टीमवर्क एवं संवेदनशीलता के कारण एक वन्यजीव का जीवन सुरक्षित बचाया जा सका। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस सराहनीय कार्य के लिए वन विभाग की टीम की प्रशंसा की तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति सहयोग का विश्वास व्यक्त किया।2
- “ग्रामीण युवाओं के लिए ऐतिहासिक फैसला। नई स्टार्टअप फंड योजना के तहत गांव के युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए सीधी आर्थिक सहायता दी जाएगी। मौका न चूकें।”“ग्रामीण युवाओं के लिए ऐतिहासिक फैसला।“RURAL YOUTH STARTUP FUND SCHEME 2026”1