छत्तीसगढ़ के कोरबा प्रवास के दौरान इनरव्हील एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित दिव्य ज्योति स्कूल में अध्ययनरत बहु-दिव्यांग बच्चों से एक आत्मीय मुलाकात हुई। इन विशेष बच्चों की मुस्कान, अटूट आत्मविश्वास और हर मुश्किल चुनौती का डटकर सामना करने का जज़्बा वास्तव में बेहद प्रेरणादायी रहा। इन बच्चों के साथ बिताए गए पल भावुक करने के साथ-साथ जीवन को एक नई सीख देने वाले साबित हुए। ये बच्चे यह संदेश देते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के बल पर हर कठिनाई को अवसर में बदला जा सकता है। ईश्वर से सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, निरंतर प्रगति और उनके सपनों को साकार करने की प्रार्थना की गई है। इसके साथ ही, यह रेखांकित किया गया है कि समाज का यह दायित्व है कि वह ऐसे बच्चों को समान अवसर, सम्मान और स्नेह प्रदान करे, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर देश और समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
छत्तीसगढ़ के कोरबा प्रवास के दौरान इनरव्हील एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित दिव्य ज्योति स्कूल में अध्ययनरत बहु-दिव्यांग बच्चों से एक आत्मीय मुलाकात हुई। इन विशेष बच्चों की मुस्कान, अटूट आत्मविश्वास और हर मुश्किल चुनौती का डटकर सामना करने का जज़्बा वास्तव में बेहद प्रेरणादायी रहा। इन बच्चों के साथ बिताए गए पल भावुक करने के साथ-साथ जीवन को एक नई सीख देने वाले साबित हुए। ये बच्चे यह संदेश देते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के बल पर हर कठिनाई को अवसर में बदला जा सकता है। ईश्वर से सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, निरंतर प्रगति और उनके सपनों को साकार करने की प्रार्थना की गई है। इसके साथ ही, यह रेखांकित किया गया है कि समाज का यह दायित्व है कि वह ऐसे बच्चों को समान अवसर, सम्मान और स्नेह प्रदान करे, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर देश और समाज के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
- देश की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मंत्रालय के मौजूदा रवैये तथा निराशाजनक स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कल से हो रही लगातार भारी बारिश के बाद किसान भाइयों को बड़ी राहत मिली है और वे राहत की सांस ले रहे हैं। इलाके में कल से ही बहुत ज्यादा बारिश हो रही है, जो बीच में कुछ घंटों के लिए रुकी जरूर थी, लेकिन अब इसने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। इस झमाझम बारिश से पूरा जिला भीग चुका है। किसानों का कहना है कि अगर अभी 1-2 दिन और इसी तरह पानी बरस जाता है, तो उनका काम बेहद आसानी से चल जाएगा।1
- भारत और फ्रांस की साझेदारी को एक नई मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से 'Bharat Innovates' कार्यक्रम का उद्घाटन किया है। यह पहल दोनों देशों के बीच नवाचार, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई गति प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए स्टार्टअप और इनोवेशन को लेकर एक बड़ा संदेश दिया गया है। यह कार्यक्रम भारत और फ्रांस दोनों देशों के युवा नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा वैश्विक स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने में बेहद अहम भूमिका निभाएगा। इस महत्वपूर्ण पहल को लेकर लोगों से भी राय मांगी जा रही है कि उनके नजरिए से भारत-फ्रांस की यह साझेदारी भविष्य में कितनी महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।1
- देश का छात्र आज निराश होकर कह रहा है कि उसका कोई भविष्य नहीं बचा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के मंत्रियों को सिर्फ अपनी सत्ता का मोह है और वे कह रहे हैं कि उनकी कुर्सी नहीं जाएगी। जिस देश में युवा और छात्र अपना भविष्य खो रहे हों और सरकार के मंत्रियों को सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने की फिक्र हो, वहां न्याय का कोई अस्तित्व ही नहीं है।1
- विधानसभा के मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव रखा, जबकि सत्ता पक्ष ने इसका खुलकर विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने के बाद सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को पहले कुछ समय के लिए स्थगित किया गया। इसके बाद भी जब स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो विधानसभा की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।1
- सरगुजा के उदयपुर में सड़कों पर आवारा घूम रहे मवेशियों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। वर्तमान में फसलों का सीजन चल रहा है और ऐसे में सड़क पर भटकते ये मवेशी किसी की भी फसल को खाकर भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि ये मवेशी किसी के खेत में घुसते हैं और इस पर कोई कुछ बोलता है, तो पशु मालिकों को बुरा लग जाता है जिससे आपसी मनमुटाव की स्थिति बनती है। सड़क पर आवारा घूमती इन गायों को देखकर यह तीखा सवाल उठाया गया है कि क्या इन सब का कोई मालिक नहीं है? मवेशियों के मालिकों से पुरजोर अपील की गई है कि वे कृपया इन्हें अपने-अपने घरों में ले जाकर बांधें ताकि फसलों को बचाया जा सके और किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सके।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला अंतर्गत पटना क्षेत्र से आ रही इस खबर को बड़े नेशनल मीडिया चैनल्स द्वारा नहीं दिखाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मामले में दोनों पक्षों की बात सुने जाने की वकालत की जा रही है। जहां एक तरफ केवल यह प्रचारित किया जा रहा है कि युवाओं ने वहां आतंक मचाया था, वहीं दूसरी तरफ की सच्चाई को पूरी तरह छिपाया जा रहा है। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिससे पूरी कहानी साफ हो रही है। वीडियो के हवाले से बताया गया है कि वहां मौजूद युवाओं के साथ-साथ मीडियाकर्मियों का भी सिर फोड़ दिया गया और उन पर जी-जान लगाकर बेरहमी से लाठियां भांजी गईं। इस एकतरफा रिपोर्टिंग और बर्बरता को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है।1