मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच, प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा घोषित राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इंदौर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का सौभाग्य है कि उसे दिल्ली का एक बड़ा नेता मिला है। विजयवर्गीय ने राज्यसभा के लिए घोषित उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को संगठन का मजबूत और समर्पित चेहरा बताया। उन्होंने कहा कि ये दोनों नेता पर्दे के पीछे रहकर संगठन के लिए काम करने वाले हैं। मंत्री ने दृढ़ता से कहा कि पार्टी ने राज्यसभा के लिए दो बेहद मजबूत नाम दिए हैं, और इन दोनों की जीत निश्चित है। तीसरे उम्मीदवार की संभावना से जुड़े सवाल पर विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी निर्देश देगी, तो भाजपा तीसरे उम्मीदवार को भी जिताकर दिखाएगी। कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान के बाद, राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर और भी तेज हो गया है।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच, प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा घोषित राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इंदौर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का सौभाग्य है कि उसे दिल्ली का एक बड़ा नेता मिला है। विजयवर्गीय ने राज्यसभा के लिए घोषित उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को संगठन का मजबूत और समर्पित चेहरा बताया। उन्होंने कहा कि ये दोनों नेता पर्दे के पीछे रहकर संगठन के लिए काम करने वाले हैं। मंत्री ने दृढ़ता से कहा कि पार्टी ने राज्यसभा के लिए दो बेहद मजबूत नाम दिए हैं, और इन दोनों की जीत निश्चित है। तीसरे उम्मीदवार की संभावना से जुड़े सवाल पर विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी निर्देश देगी, तो भाजपा तीसरे उम्मीदवार को भी जिताकर दिखाएगी। कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान के बाद, राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर और भी तेज हो गया है।
- मध्य प्रदेश के मंत्री करण सिंह वर्मा ने राज्य की तीसरी राज्यसभा सीट के संबंध में एक महत्वपूर्ण दावा किया है। उनके बयान के अनुसार, उन्होंने इस सीट से जुड़ा 'पूरा सच' सामने रखा है।1
- बड़वानी जिले में नशे के कारोबार पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है, जिसे 'सबसे बड़ा प्रहार' बताया जा रहा है। वरला पुलिस ने अभियान चलाकर 147 किलोग्राम गांजा जब्त करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने 32 लाख रुपये से अधिक का मादक पदार्थ बरामद किया है।1
- इंदौर के गुरूशंकर नगर स्थित गोंधवाले धाम माता मंदिर के पास पिछले 10-15 वर्षों से छह सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है, जबकि इन सड़कों को विधायक कोटे और नगर निगम दोनों से चार से अधिक बार मंजूरी मिल चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि कॉलोनी की अन्य सभी सड़कें पहले ही बन चुकी हैं, लेकिन ये छह सड़कें अधूरी हैं। इस समस्या को लेकर जनता बेहद परेशान है। इन सड़कों के लिए कई बार भूमि पूजन भी आयोजित किए गए हैं, जिसमें विधायक और महापौर जैसे अधिकारी शामिल हुए, लेकिन इसके बावजूद काम आगे नहीं बढ़ा। यहां तक कि सड़क ठेकेदार ने इन सड़कों का लेवल तक देख लिया था, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। पूर्व राष्ट्रीय बजरंग दल अध्यक्ष पवन शर्मा ने इस स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि "भगवान ही मालिक हैं" कि आखिर कौन नहीं चाहता कि ये सड़कें बनें।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में इंदौर में एक विशेष आयोजन किया गया, जहाँ प्राणी संग्रहालय के एवरी क्षेत्र में 50 विभिन्न प्रजाति के पक्षियों को पिंजरों से मुक्त किया गया। इन पक्षियों में 25 लोरी किट और 25 सन कन्नूर प्रमुख रूप से शामिल थे। इस कार्यक्रम में एमएससी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जिनकी मौजूदगी में इन परिंदों को खुले आसमान में छोड़ा गया।1
- इंदौर में संदीप आदिकाल समाज सेवक संस्था बुजुर्गों और युवाओं के लिए अथक सेवा कार्य कर रही है। संस्था के जिला अध्यक्ष संदीप आदिकाल ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उनकी संस्था अनाथ आश्रम से लेकर बुजुर्गों की सेवा तक के विभिन्न कार्यों में संलग्न है। वे युवाओं को राजनीति में सिर्फ नारेबाजी करने के बजाय सेवा भाव और अच्छे मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं, साथ ही उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश भी देते हैं। करीब 9 वर्षों से संदीप आदिकाल समाज सेवा ग्रुप किन्नरी ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी लगातार सेवा कार्य कर रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों को पुस्तक वितरण किया जाता है, बुजुर्गों को फल बांटे जाते हैं, और उनकी समस्याओं को सुलझाने के हर संभव प्रयास किए जाते हैं। बुजुर्ग दंपतियों को दवाई सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। बड़ी समस्याओं को वरिष्ठ राजनीतिक संगठनों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है ताकि उनका समाधान हो सके। यह कार्य निरंतर जारी है। संदीप आदिकाल ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे नशे का त्याग कर समाज सेवा से जुड़ें और अच्छे कार्य करें। उन्होंने युवाओं को अपने परिवार और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया, ताकि समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।1
- इंदौर शहर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के मेन रोड पर एक मल्टी में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है, जहाँ फायर सेफ्टी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्राउंड फ्लोर पर संचालित काइनेटिक ग्रीन इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में अचानक आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि शोरूम के बाहर चार्जिंग पर लगाई गई कुछ फोर-व्हीलर गाड़ियों में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। आग का धुआं तेजी से ऊपर बने फ्लैट्स में भर गया, जिससे वहां सो रहे 12 से 15 लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और उनकी नींद खुल गई। लोगों ने नीचे देखा तो शोरूम से ऊंची लपटें उठ रही थीं। आग और धुएं के कारण मल्टी की मुख्य सीढ़ियां पूरी तरह प्रभावित हो गईं, जिससे लोग नीचे नहीं उतर पा रहे थे। लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के रहवासी तुरंत मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने पुलिस और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के साथ मिलकर पास की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की छत से संपर्क बनाया और सीढ़ियों व रस्सियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पड़ोसियों ने दोनों इमारतों की छतों के बीच सीढ़ियां जोड़कर एक अस्थायी रास्ता बनाया, जिसके जरिए कई लोगों को सुरक्षित दूसरी छत पर पहुंचाया गया, जबकि कुछ लोगों को रस्सियों की सहायता से नीचे उतारा गया। इस तरह लगभग 12 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग फ्लैट्स तक नहीं पहुंची, लेकिन शोरूम में रखे सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। दो टैंकर पानी की मदद से करीब एक घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, और फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना ने मल्टी निर्माण में फायर सेफ्टी को लेकर बरती जा रही लापरवाहियों और आपातकालीन मार्गों की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, मल्टी निर्माण के समय फायर सेफ्टी को लेकर अनदेखी की जाती है, और कई स्थानों पर न तो आपातकालीन निकास मार्ग सुनिश्चित होते हैं और न ही उचित फायर सेफ्टी कदम उठाए जाते हैं। दिल्ली में हुए हादसे के बावजूद, शासन-प्रशासन द्वारा केवल हादसे के बाद दो-तीन दिनों तक नाम मात्र की कार्रवाई कर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इंदौर शहर में आग की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।1