अब मृतक आश्रितों की नियुक्ति प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन, यूपी सरकार का बड़ा फैसला 📍 लखनऊ/कुशीनगर: उत्तर प्रदेश सरकार ने मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। अब मृतक आश्रितों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे आवेदकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 🧾 क्या है नया बदलाव? कार्मिक विभाग ने इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन से लेकर नियुक्ति पत्र जारी होने तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है। अब यह प्रक्रिया मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य रूप से पूरी की जाएगी। ⚡ तेजी से मिलेगी नौकरी नई व्यवस्था के तहत बिना किसी देरी के पात्र आश्रितों को नौकरी मिल सकेगी। इससे लंबित मामलों में भी तेजी आने की उम्मीद है। 🏢 प्रशासन को निर्देश जारी प्रमुख सचिव कार्मिक ने सभी विभागों, जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। सभी संबंधित कार्यालयों को ऑनलाइन प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। 🔧 नई तकनीकी व्यवस्था इस योजना के तहत एनआईसी द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर "मृतक आश्रित सेवायोजन मॉड्यूल" विकसित किया गया है। अब सभी विभाग अपने-अपने ऑफिस एडमिन आईडी के जरिए इस प्रक्रिया को संचालित करेंगे। 📜 कानूनी आधार यह निर्णय उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली, 1974 के तहत लिया गया है, जिसे संशोधित कर डिजिटल प्रक्रिया लागू की गई है।
अब मृतक आश्रितों की नियुक्ति प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन, यूपी सरकार का बड़ा फैसला 📍 लखनऊ/कुशीनगर: उत्तर प्रदेश सरकार ने मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। अब मृतक आश्रितों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे आवेदकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 🧾 क्या है नया बदलाव? कार्मिक विभाग ने इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन से लेकर नियुक्ति पत्र जारी होने तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है। अब यह प्रक्रिया मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य रूप से पूरी की जाएगी। ⚡ तेजी से मिलेगी नौकरी नई व्यवस्था के तहत बिना किसी देरी के पात्र आश्रितों को नौकरी मिल सकेगी। इससे लंबित मामलों में भी तेजी आने की उम्मीद है। 🏢 प्रशासन को निर्देश जारी प्रमुख सचिव कार्मिक ने सभी विभागों, जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। सभी संबंधित कार्यालयों को ऑनलाइन प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। 🔧 नई तकनीकी व्यवस्था इस योजना के तहत एनआईसी द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर "मृतक आश्रित सेवायोजन मॉड्यूल" विकसित किया गया है। अब सभी विभाग अपने-अपने ऑफिस एडमिन आईडी के जरिए इस प्रक्रिया को संचालित करेंगे। 📜 कानूनी आधार यह निर्णय उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली, 1974 के तहत लिया गया है, जिसे संशोधित कर डिजिटल प्रक्रिया लागू की गई है।
- 14 अप्रैल डॉ भीम राव अंबेडकर जयंती पर गाना1
- गाजीपुर में नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट राम अवतार प्रसाद की अदालत ने आरोपी अरमान उर्फ भोला को दोषी करार देते हुए 25 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसकी पूरी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। मामला गाजीपुर के सादात थाना क्षेत्र का है। विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय के अनुसार 24 दिसंबर 2024 को आरोपी अरमान उर्फ भोला ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसे आजमगढ़ के फूलपुर इलाके में ले जाकर करीब चार महीने तक अपने पास रखा। इस दौरान आरोपी ने कई बार नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया। बताया गया कि आरोपी नाबालिग को मस्जिद और मजार जैसी जगहों पर भी ले जाता था। इसी बीच वह नाबालिग को गाजीपुर के मकदूमपुर मजार पर लेकर आया, जहां पुलिस को सूचना मिली और कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एक मई 2025 को अदालत में आरोप तय किए गए और मामले की सुनवाई शुरू हुई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत में कुल 8 गवाह पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 25 साल की सजा और 55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी। वहीं अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी के खिलाफ इसी तरह का एक और मामला भी अदालत में विचाराधीन है।1
- गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम सभा बालापुर में किसान रजिस्ट्री कैंप का आयोजन किया गया जिसे लेकर के ग्राम प्रधान राज नारायण पासवान ने बताया कि हमें इसका लाभ उठाना चाहिए1
- बहुत शानदार है 🥰1
- khanpur saidpur Ghazipur pincod namber 3332231
- Post by Tatkal News Bihar 241
- मल्लिकार्जुन खरगे ने असम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए भाजपा और एआईयूडीएफ नेता बदरुद्दीन अजमल एक हो गए हैं. खरगे ने मतदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अजमल की पार्टी को दिया गया हर वोट सीधे तौर पर भाजपा की मदद करेगा, इसलिए जनता को सोच-समझकर मतदान करना चाहिए. आख़िर मुसलमानों से और मुस्लिम नेतृत्व से कांग्रेस को इतनी नफ़रत क्यों?1
- संसद भवन में सुधांशु त्रिवेदी भाषण देते हुए1