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कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा। आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन - बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है। कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट - सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। दो साल में पूरा करेंगे निर्माण - नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक 'अबोव रेट' आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं। मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और 'वाटर लीकेज' किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि "स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।" विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि 2 साल में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट तैयार होगा, जिससे मुकुंदरा और रामगढ़ अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुँचेगी और 8-लेन हाईवे व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कोटा की आर्थिक समृद्धि पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, कन्हैयालाल चौधरी, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कल्पना देवी, बून्दी विधायक हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, चन्द्रकांत मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है। करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा। कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा। आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन - बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है। कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट - सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। दो साल में पूरा करेंगे निर्माण - नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक 'अबोव रेट' आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं। मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और 'वाटर लीकेज' किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि "स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।" विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि 2 साल में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट तैयार होगा, जिससे मुकुंदरा और रामगढ़ अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुँचेगी और 8-लेन हाईवे व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कोटा की आर्थिक समृद्धि पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, कन्हैयालाल चौधरी, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कल्पना देवी, बून्दी विधायक हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, चन्द्रकांत मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है। करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा।

on 7 March
user_Mr Ravindra Meena kota Rajasth
Mr Ravindra Meena kota Rajasth
Farmer सांगोद, कोटा, राजस्थान•
on 7 March

कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा। आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन - बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है। कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट - सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। दो साल में पूरा करेंगे निर्माण - नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक 'अबोव रेट' आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं। मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और 'वाटर लीकेज' किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि "स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।" विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि 2 साल में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट तैयार होगा, जिससे मुकुंदरा और रामगढ़ अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुँचेगी और 8-लेन हाईवे व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कोटा की आर्थिक समृद्धि पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, कन्हैयालाल चौधरी, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कल्पना देवी, बून्दी विधायक हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, चन्द्रकांत मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है। करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा। कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा। आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन - बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है। कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट - सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। दो साल में पूरा करेंगे निर्माण - नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक 'अबोव रेट' आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं। मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और 'वाटर लीकेज' किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि "स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।" विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि 2 साल में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट तैयार होगा, जिससे मुकुंदरा और रामगढ़ अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुँचेगी और 8-लेन हाईवे व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कोटा की आर्थिक समृद्धि पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, कन्हैयालाल चौधरी, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कल्पना देवी, बून्दी विधायक हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, चन्द्रकांत मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है। करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • छाबड़ा क्षेत्र के भीलवाड़ा ऊंचा गांव में हुई ओलावृष्टि
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    छाबड़ा क्षेत्र के भीलवाड़ा ऊंचा गांव में हुई ओलावृष्टि
    user_बंटी कुमार सहरिया
    बंटी कुमार सहरिया
    Animal Protection Organisation बारां, बारां, राजस्थान•
    1 hr ago
  • शाहबाद उपखंड मुख्यालय के चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा कर्मियों ने नायब तहसीलदार आशीष गौतम को जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक बारां, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बारां एवं उपखण्ड अधिकारी शाहाबाद, पुलिस उप अधीक्षक शाहबाद व थानाधिकारी, पुलिस थाना केलवाडा के नाम ज्ञापन दिया गया जिसमें बताया गया कि शेख आरिफ इकबाल पर लगाए गए आरोप झूठे हैं बीसीएमओ मार्च 2020 से ब्लॉक शाहबाद में पदस्थापित हैं, पदस्थापन के बाद इनका व्यवहार एवं कार्य हम सभी के प्रति सहयोगात्मक रहा है। इनके द्वारा हमें आज तक किसी भी प्रकार का मानसिक रूप से कोई परेशान नहीं किया गया है। ना ही कभी बीसीएमओ शाहबाद को कार्यालय समय में नशे में देखा है, और ना ही आज तक इन्होंने किसी को प्रताडित किया है। यह जो आरोप लगाये हैं मिथ्यापूर्ण एवं निराधार है उक्त आरोप केवल व्यक्तिगत छवि को धूमिल करने के लिए षडयंत्र रचा गया प्रतीत होता है। ज्ञापन के माध्यम से ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी पर दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष रूप से जांच किये जाने की मांग की
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    शाहबाद उपखंड मुख्यालय के चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा कर्मियों ने नायब तहसीलदार आशीष गौतम को जिला कलक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक बारां, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बारां एवं उपखण्ड अधिकारी शाहाबाद, पुलिस उप अधीक्षक शाहबाद व थानाधिकारी, पुलिस थाना केलवाडा के नाम ज्ञापन दिया गया जिसमें बताया गया कि शेख आरिफ इकबाल  पर लगाए गए आरोप झूठे हैं बीसीएमओ मार्च 2020 से ब्लॉक शाहबाद में पदस्थापित हैं, पदस्थापन के बाद इनका व्यवहार एवं कार्य हम सभी के प्रति सहयोगात्मक रहा है। इनके द्वारा हमें आज तक किसी भी प्रकार का मानसिक रूप से कोई परेशान नहीं किया गया है। ना ही कभी बीसीएमओ शाहबाद को कार्यालय समय में नशे में देखा है, और ना ही आज तक इन्होंने किसी को प्रताडित किया है। यह जो आरोप लगाये हैं मिथ्यापूर्ण एवं निराधार है उक्त आरोप केवल व्यक्तिगत छवि को धूमिल करने के लिए षडयंत्र रचा गया प्रतीत होता है।  ज्ञापन के माध्यम से ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी पर दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष रूप से जांच किये जाने की मांग की
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    5 hrs ago
  • रामगंजमंडी क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 4:30 बजे मौसम ने अचानक करवट लेते हुए किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक शुरू हुई तेज बारिश से कृषि उपज मंडी में खुले में रखी गेहूं, धनिया सहित अन्य फसलें भीग गईं। किसानों का कहना है कि फसल तैयार कर मंडी तक लाने में काफी मेहनत और खर्च लगता है, लेकिन इस तरह की अचानक बारिश से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इधर, सुकेत क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
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    रामगंजमंडी क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 4:30 बजे मौसम ने अचानक करवट लेते हुए किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अचानक शुरू हुई तेज बारिश से कृषि उपज मंडी में खुले में रखी गेहूं, धनिया सहित अन्य फसलें भीग गईं। किसानों का कहना है कि फसल तैयार कर मंडी तक लाने में काफी मेहनत और खर्च लगता है, लेकिन इस तरह की अचानक बारिश से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इधर, सुकेत क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
    user_Aajam Choudhary
    Aajam Choudhary
    Riportar रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • चेचट पुलिस द्वाराअवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन रूट क्लियरेंस' के तहत थाना चेचट पुलिस ने थानाधिकारी मदन ढाका के नेतृत्व में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 41 किलो 184 ग्राम अफीम डोडा चूरा बरामद कर दो अंतर्राज्यीय शातिर महिला तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को 'ऑपरेशन रूट क्लियरेंस' के तहत यह कार्रवाई की गई। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा के सुपरविजन एवं पुलिस उप अधीक्षक रामगंजमंडी घनश्याम मीणा के निर्देशन में की गई। वहीं थानाधिकारी चेचट मदन ढाका के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे के चेचट इंटरचेंज पर नाकाबंदी कर रखी थी। । इसी दौरान एक संदिग्ध कार (HR 03 S 0610) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने पुलिस को देखकर वाहन को तेज गति से भगाने की कोशिश की। मदन ढाका की सतर्कता और त्वरित निर्णय से पुलिस टीम ने वाहन का पीछा कर उसे डिटेन किया और तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार में रखे चार विमल पान मसाले के बैग में छिपाकर रखा गया 41 किलो 184 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो महिला तस्करों परमजीत कौर (47) निवासी संगरूर (पंजाब) और गुलशन कौर (40) निवासी लुधियाना (पंजाब) को मौके से गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी मादक पदार्थ को मध्यप्रदेश के गरोठ से पंजाब ले जा रही थीं। थानाधिकारी मदन ढाका के कुशल नेतृत्व, रणनीति और त्वरित कार्रवाई के चलते यह बड़ी सफलता हाथ लगी। उनके निर्देशन में टीम ने न केवल तस्करों को गिरफ्तार किया बल्कि तस्करी में प्रयुक्त कार को भी जब्त किया। मामले में थाना चेचट पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस टीम मदन ढाका (थानाधिकारी) दिनेश हेड कांस्टेबल राजेन्द्र शेषमा (कांस्टेबल सूचना अधिकारी), सूर्यप्रकाश कांस्टेबल सोनू कांस्टेबल, पवन कांस्टेबल मुकेश चालक कांस्टेबल एवं मंजू महिला कांस्टेबल शामिल रहे। विशेष भूमिका इस पूरी कार्रवाई में सूचना अधिकारी राजेन्द्र शेषमा की विशेष भूमिका रही,
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    चेचट पुलिस द्वाराअवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन रूट क्लियरेंस' के तहत थाना चेचट पुलिस ने थानाधिकारी मदन ढाका के नेतृत्व में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 41 किलो 184 ग्राम अफीम डोडा चूरा बरामद कर दो अंतर्राज्यीय शातिर महिला तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को 'ऑपरेशन रूट क्लियरेंस' के तहत यह कार्रवाई की गई। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा के सुपरविजन एवं पुलिस उप अधीक्षक रामगंजमंडी घनश्याम मीणा के निर्देशन में की गई। वहीं थानाधिकारी चेचट मदन ढाका के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे के चेचट इंटरचेंज पर नाकाबंदी कर रखी थी।
। इसी दौरान एक संदिग्ध कार (HR 03 S 0610) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने पुलिस को देखकर वाहन को तेज गति से भगाने की कोशिश की। मदन ढाका की सतर्कता और त्वरित निर्णय से पुलिस टीम ने वाहन का पीछा कर उसे डिटेन किया और तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार में रखे चार विमल पान मसाले के बैग  में छिपाकर रखा गया 41 किलो 184 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो महिला तस्करों परमजीत कौर (47) निवासी संगरूर (पंजाब) और गुलशन कौर (40) निवासी लुधियाना (पंजाब) को मौके से गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी मादक पदार्थ को मध्यप्रदेश के गरोठ से पंजाब ले जा रही थीं। थानाधिकारी मदन ढाका के कुशल नेतृत्व, रणनीति और त्वरित कार्रवाई के चलते यह बड़ी सफलता हाथ लगी। उनके निर्देशन में टीम ने न केवल तस्करों को गिरफ्तार किया बल्कि तस्करी में प्रयुक्त कार को भी जब्त किया। मामले में थाना चेचट पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस टीम मदन ढाका (थानाधिकारी) दिनेश हेड कांस्टेबल राजेन्द्र शेषमा (कांस्टेबल सूचना अधिकारी), सूर्यप्रकाश कांस्टेबल सोनू कांस्टेबल, पवन कांस्टेबल मुकेश चालक कांस्टेबल एवं मंजू महिला कांस्टेबल शामिल रहे।
विशेष भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में सूचना अधिकारी राजेन्द्र शेषमा की विशेष भूमिका रही,
    user_Mangilal Charan
    Mangilal Charan
    Local News Reporter रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • झालावाड़-झालरापाटन स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में सन ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा एक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में फाउंडेशन की साधिकाओं ने जवानों को शारीरिक दक्षता के साथ-साथ सम्यक आहार और ध्यान की विभिन्न विधियां सिखाईं। प्रशिक्षण में प्रशिक्षु जवानों के अलावा स्टाफ और उनके परिजन भी शामिल हुए। कमांडेंट गोपीचंद मीणा ने बताया कि ये विधियां प्रशिक्षु जवानों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर साबित होंगी। करीब डेढ़ घंटे चले इस सत्र में नाभि झटका प्रयोग, कलाएं ताड़ासन और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया। सबसे आखिर में कॉस्मिक नटराज अभ्यास में सभी जवान प्रसन्न होकर झूमने लगे। कोऑर्डिनेटर दीपशिखा अग्रवाल ने जानकारी दी कि 25 से 30 अप्रैल तक झालावाड़ में भी इसी तरह का एक नया दृष्टिकोण वाला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें लगभग 5 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
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    झालावाड़-झालरापाटन स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में सन ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा एक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में फाउंडेशन की साधिकाओं ने जवानों को शारीरिक दक्षता के साथ-साथ सम्यक आहार और ध्यान की विभिन्न विधियां सिखाईं। प्रशिक्षण में प्रशिक्षु जवानों के अलावा स्टाफ और उनके परिजन भी शामिल हुए।
कमांडेंट गोपीचंद मीणा ने बताया कि ये विधियां प्रशिक्षु जवानों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर साबित होंगी। 
करीब डेढ़ घंटे चले इस सत्र में नाभि झटका प्रयोग, कलाएं ताड़ासन और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया। सबसे आखिर में कॉस्मिक नटराज अभ्यास में सभी जवान प्रसन्न होकर झूमने लगे।
कोऑर्डिनेटर दीपशिखा अग्रवाल ने जानकारी दी कि 25 से 30 अप्रैल तक झालावाड़ में भी इसी तरह का एक नया दृष्टिकोण वाला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें लगभग 5 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
    user_HARI MOHAN CHUDAWAT
    HARI MOHAN CHUDAWAT
    Local News Reporter झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • रामगंज मंडी में हुई तेज बरसात
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    रामगंज मंडी में हुई तेज बरसात
    user_Mahendar.merotha
    Mahendar.merotha
    Voice of people लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    59 min ago
  • कोटा राजस्थान – चम्बल पर 256 करोड़ के हाई लेवल ब्रिज का हुआ शिलान्यास, विकास को मिलेगी रफ्तार कोटा। कनेक्टिविटी और विकास को नई गति देने की दिशा में क्षेत्र को महत्वपूर्ण परियोजना का सौगात मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा जिले के इटावा खंड स्थित ढीपरी चम्बल और बून्दी जिले के चाणदा खुर्द के बीच चम्बल नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित 256 करोड़ रुपए के उच्च स्तरीय पुल का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हाईलेवल ब्रिज के साथ सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 281 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस पुल के साथ कई परियोजनाएं वन विभाग की आपत्तियों के कारण वर्षों से अटकी हुई थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। चंबल क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। झरेल पुल के निर्माण से सवाईमाधोपुर से संपर्क बेहतर होगा और शहनावदा और मध्यप्रदेश के पनवाड़ा के बीच पार्वती नदी पर नए हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। रेल कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा क्षेत्र बिरला ने कहा कि ढीपरी पुल बनने के बाद एक्सप्रेस-वे तक पहुंच और आसान होगी। साथ ही दिल्ली की दूरी करीब 4 घंटे और उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंच लगभग 3.30 घंटे रह जाएगी। श्योपुर से दीगोद तक रेल कनेक्टिविटी के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और भविष्य में यह क्षेत्र रेल सेवा से भी जुड़ेगा। बिरला ने कहा कि चम्बल का पानी अंतिम छोर तक पहुंचे इस लक्ष्य से काम कर रहे हैं, नौनेरा डेम के माध्यम से हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाएगा, जिससे माताओं-बहनों को विशेष लाभ मिलेगा। सरसब्ज होंगे किसनों के खेत- मीणा कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि चंबल का पानी अलवर तक पहुंचेगा, लेकिन डबल इंजन सरकार की ताकत से यह संभव हो रहा है। लगभग 78 हजार करोड़ रुपये की लागत से राम जल सेतु (PKC-ERCP) परियोजना के माध्यम से राजस्थान के 21 जिलों तक पानी पहुंचाया जाएगा। अब वो दिन दूर नहीं जब हमारे किसानों के खेत भी सरसब्ज होंगे। गड़बड़ी करने वाले भुगतेंगे अंजाम कृषि मंत्री मीणा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों और गरीबों को मुआवजा दिलाना सरकार का संकल्प है, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नकली खाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 127 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं और भविष्य में केन्द्र सरकार सख्त कानून लान वाली है। जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि फसल बीमा में गड़बड़ी करने वाले लोग अंजाम भुगतेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने कहा कि क्षेत्र को 350 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। आज़ादी के बाद इतने व्यापक काम कभी नहीं हुए, जितने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला केकार्यकाल में हो रहे हैं। यह रहे मौजूद इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, इटावा प्रधान रिंकू मीणा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार, पूर्व प्रधान विजय शंकर नागर, एसटी मोर्चा प्रदेश महामंत्री अशोक मीणा, जिला महामंत्री विशाल शर्मा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष आशा त्रिवेदी, जिला उपाध्यक्ष पवन हाड़ा, जिला मंत्री सुल्तान बैरवा, लेखराज बैरवा, राजेश प्रजापति, वरिष्ठजन प्रमुख सीताराम मीणा, रणजीत आर्य, खातौली मंडल अध्यक्ष विरेन्द्र सुमन, ढीपरी चम्बल अध्यक्ष मुकेश नागर व इन्द्रगढ़ ग्रामीण अध्यक्ष कैलाश गोचर व बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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    कोटा राजस्थान 
– चम्बल पर 256 करोड़ के हाई लेवल ब्रिज का हुआ शिलान्यास, विकास को मिलेगी रफ्तार
कोटा। कनेक्टिविटी और विकास को नई गति देने की दिशा में क्षेत्र को महत्वपूर्ण परियोजना का सौगात मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा जिले के इटावा खंड स्थित ढीपरी चम्बल और बून्दी जिले के चाणदा खुर्द के बीच चम्बल नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित 256 करोड़ रुपए के उच्च स्तरीय पुल का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हाईलेवल ब्रिज के साथ सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 281 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। 
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस पुल के साथ कई परियोजनाएं वन विभाग की आपत्तियों के कारण वर्षों से अटकी हुई थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। चंबल क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। झरेल पुल के निर्माण से सवाईमाधोपुर से संपर्क बेहतर होगा और शहनावदा और मध्यप्रदेश के पनवाड़ा के बीच पार्वती नदी पर नए हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। 
रेल कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा क्षेत्र
बिरला ने कहा कि ढीपरी पुल बनने के बाद एक्सप्रेस-वे तक पहुंच और आसान होगी। साथ ही दिल्ली की दूरी करीब 4 घंटे और उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंच लगभग 3.30 घंटे रह जाएगी। श्योपुर से दीगोद तक रेल कनेक्टिविटी के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और भविष्य में यह क्षेत्र रेल सेवा से भी जुड़ेगा। बिरला ने कहा कि चम्बल का पानी अंतिम छोर तक पहुंचे इस लक्ष्य से काम कर रहे हैं, नौनेरा डेम के माध्यम से हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाएगा, जिससे माताओं-बहनों को विशेष लाभ मिलेगा।
सरसब्ज होंगे किसनों के खेत- मीणा
कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि चंबल का पानी अलवर तक पहुंचेगा, लेकिन डबल इंजन सरकार की ताकत से यह संभव हो रहा है। लगभग 78 हजार करोड़ रुपये की लागत से राम जल सेतु (PKC-ERCP) परियोजना के माध्यम से राजस्थान के 21 जिलों तक पानी पहुंचाया जाएगा। अब वो दिन दूर नहीं जब हमारे किसानों के खेत भी सरसब्ज होंगे।
गड़बड़ी करने वाले भुगतेंगे अंजाम 
कृषि मंत्री मीणा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों और गरीबों को मुआवजा दिलाना सरकार का संकल्प है, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नकली खाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 127 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं और भविष्य में केन्द्र सरकार सख्त कानून लान वाली है। जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि फसल बीमा में गड़बड़ी करने वाले लोग अंजाम भुगतेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने कहा कि क्षेत्र को 350 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। आज़ादी के बाद इतने व्यापक काम कभी नहीं हुए, जितने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला केकार्यकाल में हो रहे हैं।    
यह रहे मौजूद
इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, इटावा प्रधान रिंकू मीणा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार, पूर्व प्रधान विजय शंकर नागर, एसटी मोर्चा प्रदेश महामंत्री अशोक मीणा, जिला महामंत्री विशाल शर्मा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष आशा त्रिवेदी, जिला उपाध्यक्ष पवन हाड़ा, जिला मंत्री सुल्तान बैरवा,  लेखराज बैरवा,  राजेश प्रजापति, वरिष्ठजन प्रमुख सीताराम मीणा, रणजीत आर्य, खातौली मंडल अध्यक्ष विरेन्द्र सुमन, ढीपरी चम्बल अध्यक्ष मुकेश नागर व इन्द्रगढ़ ग्रामीण अध्यक्ष कैलाश गोचर व बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के गांव मोहनपुर में ओलावृष्टि
    1
    शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के गांव मोहनपुर में ओलावृष्टि
    user_बंटी कुमार सहरिया
    बंटी कुमार सहरिया
    Animal Protection Organisation बारां, बारां, राजस्थान•
    1 hr ago
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