मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट गेहूं की सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच (FAQ) के विषय में किसान भाइयों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है, जिससे कि समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचते किसान भाइयों को कोई परेशानी ना हो। गेहूं की सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच (FAQ) के विषय में किसान भाइयों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है, जिससे कि समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचते किसान भाइयों को कोई परेशानी ना हो। जब भी किसान भाई ट्रॉली लेकर खरीदी केंद्र पर जाता है, तो गेहूं का सैंपल लिया जाता है जिसकी प्रक्रिया निम्नानुसार होती है 🔹 सैंपलिंग कैसे होती है: • ट्रॉली/ढेर की लगभग 6 अलग-अलग जगह से अनाज लिया जाता है • कुल मिलाकर लगभग 2 किलो का नमूना बनाया जाता है • इस नमूने को अच्छी तरह मिक्स (shuffle) करके लगभग 500 ग्राम किया जाता है — फिर उसी 500 ग्राम नमूने से जांच इस प्रकार होती है: 1️⃣ विजातीय तत्व (मिट्टी, कंकड़, भूसा आदि) → अलग करके तौले जाते हैं → 0.75% से कम होना चाहिए 2️⃣ अन्य खाद्यान्न (चना, जौ आदि) → दोबारा shuffle कर 50 ग्राम नमूना लिया जाता है → इसमें अन्य अनाज 2% से कम होना चाहिए 3️⃣ क्षतिग्रस्त/काले दाने → 2% से कम होना चाहिए 4️⃣ हल्के क्षतिग्रस्त दाने → 4% से कम होना चाहिए 5️⃣ सिकुड़े, टूटे या कच्चे दाने → कुल मिलाकर 6% से कम होना चाहिए 6️⃣ नमी (Moisture) → 12% से 14% तक स्वीकार्य होती है — 📌 निष्कर्ष: अगर आपका गेहूं ऊपर बताए गए सभी मानकों के अंदर है, तो सामान्य स्थिति में आपके गेहूं को रिजेक्ट नहीं किया जा सकता और वह FAQ (मानक गुणवत्ता) माना जाएगा। *#kisan #jilapanchayat #bjpindia #jilapanchayatadhyaksh #FAQ*
मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट गेहूं की सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच (FAQ) के विषय में किसान भाइयों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है, जिससे कि समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचते किसान भाइयों को कोई परेशानी ना हो। गेहूं की सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच (FAQ) के विषय में किसान भाइयों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है, जिससे कि समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचते किसान भाइयों को कोई परेशानी ना हो। जब भी किसान भाई ट्रॉली लेकर खरीदी केंद्र पर जाता है, तो गेहूं का सैंपल लिया जाता है जिसकी प्रक्रिया निम्नानुसार होती है 🔹 सैंपलिंग कैसे होती है: • ट्रॉली/ढेर की लगभग 6 अलग-अलग जगह से अनाज लिया जाता है • कुल मिलाकर लगभग 2 किलो का नमूना बनाया जाता है • इस नमूने को अच्छी तरह मिक्स (shuffle) करके लगभग 500 ग्राम किया जाता है — फिर उसी 500 ग्राम नमूने से जांच इस प्रकार होती है: 1️⃣ विजातीय तत्व (मिट्टी, कंकड़, भूसा आदि) → अलग करके तौले जाते हैं → 0.75% से कम होना चाहिए 2️⃣ अन्य खाद्यान्न (चना, जौ आदि) → दोबारा shuffle कर 50 ग्राम नमूना लिया जाता है → इसमें अन्य अनाज 2% से कम होना चाहिए 3️⃣ क्षतिग्रस्त/काले दाने → 2% से कम होना चाहिए 4️⃣ हल्के क्षतिग्रस्त दाने → 4% से कम होना चाहिए 5️⃣ सिकुड़े, टूटे या कच्चे दाने → कुल मिलाकर 6% से कम होना चाहिए 6️⃣ नमी (Moisture) → 12% से 14% तक स्वीकार्य होती है — 📌 निष्कर्ष: अगर आपका गेहूं ऊपर बताए गए सभी मानकों के अंदर है, तो सामान्य स्थिति में आपके गेहूं को रिजेक्ट नहीं किया जा सकता और वह FAQ (मानक गुणवत्ता) माना जाएगा। *#kisan #jilapanchayat #bjpindia #jilapanchayatadhyaksh #FAQ*
- Post by Parmeshvar redash1
- प्रतापगढ़ मंडी में ‘खेल’ उजागर! गरीब किसान-हमाल पिस रहे, मंडी में चल रहा ‘मिलीभगत का सिस्टम’! प्रतापगढ़ की कृषि मंडी में अब हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। निचले तबके के किसान और हमाल अब सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं— क्योंकि मंडी में शोषण नहीं, खुला खेल चल रहा है! एक के बाद एक बड़े आरोप: किसानों के हक के छपरो पर व्यापारियों का कब्जा हमालों से खून-पसीना निकालकर भी नहीं मिल रही पूरी मजदूरी शिकायतें दबाई जा रही—कोई सुनवाई नहीं! और सबसे बड़ा खुलासा: मंडी सचिव गायब! कृषि मंडी अध्यक्ष भी नदारद! गुस्साए किसानों और मजदूरों का सीधा आरोप— “ऊपर से नीचे तक सब सेटिंग है, मिलीभगत से हो रहा शोषण!” माहौल गरम: किसानों ने दी चेतावनी— “हक नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन!” अब सवाल सीधा है: क्या गरीबों का हक ऐसे ही लूटा जाएगा? या प्रशासन अब तोड़ेगा इस ‘मिलीभगत गैंग’ का खेल?4
- गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान 9660737539 90790081071
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- Post by Ramprasad dhangar1
- श्री देवनारायण गौशाला भोज खेड़ी 9424957112 mob 93026861621
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