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नौगछिया में NH 33 सड़क के किनारे कचरा जमा होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते स्थानीय लोग जल्द सफाई की मांग कर रहे हैं।
Rahul kumar mandal
नौगछिया में NH 33 सड़क के किनारे कचरा जमा होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते स्थानीय लोग जल्द सफाई की मांग कर रहे हैं।
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- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सवाल उठाए गए हैं। दावा किया गया है कि इस घटना से संबंधित एक वीडियो देखने के बाद सारी गलतफहमी पूरी तरह से दूर हो जाएगी। इस पूरे प्रकरण में मुख्य प्रश्न यह है कि वास्तविक दोषी कौन है – पुलिस या भरत।1
- तेजस्वी यादव ने बेगूसराय में हुए एक वीभत्स और भयानक सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की।1
- जयपुर के एक लड़के के साथ हुई एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। जानकारी के अनुसार, एक लड़की ने अपने होने वाले पति से प्यार का नाटक किया। बताया गया है कि लड़की का यह प्यार केवल एक बहाना था। उसने प्यार के नाम पर उस लड़के को फंसाया और आखिरकार उसी को फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया।1
- कटिहार में मुहर्रम के आयोजन से पहले ही वर्षों से चले आ रहे अखाड़े के पारंपरिक रूट में बदलाव को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इसी नाराजगी के चलते कई खलीफाओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद जिला मुहर्रम कमेटी के सचिव ने भी अपना पद छोड़ दिया है। बताया गया है कि मुहर्रम कमेटी के सचिव और कई खलीफा अखाड़ा के रूट में किए गए इस बदलाव से नाखुश थे। कटिहार नगर निगम के रामपाड़ा मोहल्ले में हुई एक बैठक के दौरान, रामपाड़ा बड़ी इमामबाड़ा के खलीफा मो0 फकरुद्दीन और मो0 अंसार, बेगना हाजीटोला के खलीफा शेख मंजर, रामपाड़ा छोटी इमामबाड़ा के खलीफा मो0 मुमताज, मोमिन टोला रामपाड़ा के खलीफा मो0 गोल्डन और झरनी के खलीफा नूर मोहम्मद ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इन सभी खलीफाओं ने आरोप लगाया कि चौधरी मोहल्ले में हुई पिछली बैठक में यह तय हुआ था कि जिला प्रशासन की राय जानने के बाद सभी खलीफाओं के साथ बैठकर अखाड़ा के रूट पर विचार किया जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और अचानक जिला प्रशासन द्वारा अखाड़ा का रूट बदल दिया गया, जिससे वे सहमत नहीं हैं। इस्तीफा देने वाले खलीफाओं ने स्पष्ट कहा कि वे इस नए रूट के कारण मुहर्रम नहीं मनाएंगे। इस पूरे मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुहर्रम कमेटी के सचिव इजहार अली ने भी एक पत्र जारी करते हुए अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वे इस्तीफा देने वाले खलीफाओं की बातों से सहमत हैं और उन्होंने अपने निजी कार्यों में व्यस्तता का हवाला देते हुए पद छोड़ा है। इस घटनाक्रम के बाद, मुहर्रम के अखाड़ा निकालने वाले कई मोहल्लों के लोग अब नाराज़ हैं और जिला प्रशासन से पुराने रूट को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।2
- तेजस्वी यादव ने एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि भरत तिवारी एनकाउंटर के लिए सरकार ही जिम्मेदार है।1
- पाकुड़ के महेशपुर में आगामी मोहर्रम पर्व को शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को महेशपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहर्रम जुलूस निकालने वाले विभिन्न संवेदनशील और मुख्य ग्रामीण इलाकों में पुलिस प्रशासन द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया। थाना प्रभारी रवि शर्मा के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल और दंगा रोधी उपकरणों से लैस जवानों ने सड़क पर उतरकर अपनी मुस्तैदी का अहसास कराया। यह फ्लैग मार्च बलिया डंगाल, रोला ग्राम, छक्कू धारा, हाथी मारा और हरीशपुर जैसे प्रमुख गांवों में निकाला गया। फ्लैग मार्च के दौरान थाना प्रभारी रवि शर्मा ने स्वयं दल-बल के साथ मोहर्रम जुलूस के निर्धारित मार्गों का बारीकी से भौतिक सत्यापन किया, जिसमें सड़कों की स्थिति, संवेदनशील मोड़ और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया, ताकि जुलूस के दौरान कोई अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। फ्लैग मार्च में महेशपुर थाने के कई पुलिस अधिकारी, सशस्त्र बल के जवान और दंगा रोधी दस्ता मुख्य रूप से शामिल थे। ग्रामीणों से बातचीत करते हुए महेशपुर थाना प्रभारी रवि शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि पुलिस प्रशासन क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वाले, शांति भंग करने की कोशिश करने वाले या असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और हुड़दंगियों तथा उपद्रवियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। प्रशासन ने विभिन्न अखाड़ा कमेटियों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद कर मोहर्रम के जुलूस को निर्धारित रूट और नियमों के तहत ही निकालने के निर्देश दिए, साथ ही सभी से आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। इस फ्लैग मार्च से स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है, वहीं कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों को कड़ा संदेश मिला है।4
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन घोटाले का गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक दल (CLP) नेता उमंग सिंघार ने लगाया है। सिंघार ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री के चचेरे भाई नीलेश यादव ने 'फर्जी तरीके से' एक पूरे गांव पर कब्जा कर लिया है।1
- मंत्री लखेंद्र पासवान ने अपने आवास से लालटेन हटवा दी है। इस कार्रवाई पर उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार राज्य को अब इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।1
- कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र के मधुरा पंचायत अंतर्गत मधुरा गांव के महतो टोला (वार्ड संख्या 6) स्थित कमला जनरल स्टोर में ठंडा (कोल्ड ड्रिंक) के कैरेट में संदिग्ध सूतली बम मिलने की आशंका से इलाके में भारी हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही कोलासी पुलिस शिविर की टीम तुरंत सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने दुकान में रखे ठंडा के कैरेट में कुछ संदिग्ध वस्तु होने की आशंका जताई। इसकी सूचना मिलते ही कोलासी पुलिस शिविर प्रभारी श्रवण कुमार तत्काल अपने दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच के दौरान एक काले प्लास्टिक बैग में लगभग पांच सूतली बम बरामद किए गए, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2) कोढ़ा, सुनील कुमार शर्मा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर उसे सुरक्षित कर लिया और बरामद संदिग्ध सामग्री को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सूतली बम दुकान तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे किसका हाथ है। इस मामले में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा सके। यह घटना आगामी मुहर्रम पर्व को लेकर पहले से ही अलर्ट मोड पर चल रहे जिला प्रशासन के लिए एक चुनौती मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने ग्रामीणों को दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद सूतली बम कहां से आए और इसके पीछे की मंशा क्या थी।1