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तालाब, गड्ढा में गिर कर डूबने और सांप के काटने से मौत होने के प्रकरण में आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
Ashish parihar Parihar
तालाब, गड्ढा में गिर कर डूबने और सांप के काटने से मौत होने के प्रकरण में आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
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- चित्तौड़गढ़ गांधीनगर1
- गजब के ज्ञानी हैं राहुल जी! वीबी - जी राम जी पर दोनों सदनों में देर रात तक घंटों चर्चा हुई। पक्ष और विपक्ष ने हर पहलू पर गंभीर बहस की। देश देख रहा था, सुन रहा था। लेकिन उस समय नेता प्रतिपक्ष विदेश भ्रमण में व्यस्त थे। अब अधिनियम पर कांग्रेस संग्राम का नाटक कर रही है, जबकि स्वयं नेता प्रतिपक्ष को अभी तक बिल का नाम तक ज्ञात नहीं। सुना है, कल एक दिन के मज़दूर भी बने थे राहुल जी; गमछा कोई और पहना रहा था, और कुदाल कैसे उठानी है, यह खड़गे जी समझा रहे थे। धन्य हैं आप राहुल जी, और धन्य है आपकी 'प्रखर बुद्धि'! आपके इसी अद्भुत ज्ञान के सहारे कांग्रेस का परम कल्याण सुनिश्चित है।1
- 🔴 ग्राम दारगांव में महिला कमांडो सिविल डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रेरणा सम्मेलन 🔴 04 जिलों के 40 गांवों की 200 महिला कमांडो हुईं शामिल 🔴 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के दिशा-निर्देशानुसार में आयोजित कार्यक्रम दुर्ग : आज दिनांक 23.01.2026 को थाना धमधा क्षेत्र के ग्राम दारगांव में महिला कमांडो सिविल डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रेरणा सम्मेलन का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल के दिशा-निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री शमशाद बेगम रहीं। इस सम्मेलन में दुर्ग, बालोद, बेमेतरा एवं कबीरधाम जिलों के लगभग 40 गांवों से 200 महिला कमांडो ने सहभागिता की। महिला कमांडो को सिविल डिफेंस एवं आपदा प्रबंधन का विधिवत प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा कानून के दायरे में रहकर कार्य करने, किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में न लेने एवं शांतिपूर्ण तरीके से जागरूकता अभियान चलाने के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। 🔹 प्रशिक्षण एवं पुलिस दिशा-निर्देश : सिविल डिफेंस प्रशिक्षण: आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा का विधिवत प्रशिक्षण विधिक सीमाएं: सदैव कानून के दायरे में रहकर कार्य करने के निर्देश अनुशासन: किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में न लेने की स्पष्ट हिदायत जागरूकता अभियान: सामाजिक जागरूकता अभियान शांतिपूर्ण एवं वैधानिक तरीके से संचालित करने के निर्देश पुलिस समन्वय: आपदा/आपात स्थिति में पुलिस व प्रशासन से बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के दिशा-निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के माध्यम से महिला कमांडो को कैप एवं बैच प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्ग श्री मणिशंकर चन्द्रा, एसडीपीओ बेमेतरा श्री विनय साहू, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड (SDRF) श्री नागेंद्र सिंह, थाना प्रभारी धमधा श्री रामनारायण ध्रुव, ग्राम सरपंच श्रीमती केजिया ठाकुर, श्री राकेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन श्री रफीक खान द्वारा किया गया। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता एवं जन-सुरक्षा की दिशा में दुर्ग पुलिस की एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी पहल है।1
- भिलाई-चरौदा के मणिकंचन केंद्र में खुद जलाया जा रहा कचरा!** भिलाई-चरौदा नगर निगम एक ओर शहरवासियों से स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने और खुले में कचरा न जलाने की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के ही मणिकंचन केंद्रों में कचरा जलाए जाने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वच्छता अभियान की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महापौर निर्मल कोसरे और कमिश्नर डी.एस. राजपूत के निर्देश पर निगम अमला नागरिकों पर नियम विरुद्ध कचरा फेंकने, सड़क पर निर्माण सामग्री डालने और खुले में कचरा जलाने पर जुर्माना ठोक रहा है। लेकिन सवाल यह है — जब नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो रही है, तो नियम तोड़ता खुद निगम दिखाई दे तो कार्रवाई किस पर होगी? नगर निगम द्वारा बताया जाता है कि शहर के सभी वार्डों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र कर एस.एल.आर.एम. यानी मणिकंचन केंद्रों तक पहुँचाया जाता है, जहाँ उसका निपटान और रीसाइक्लिंग की जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मणिकंचन केंद्रों में कचरे को रीसाइक्लिंग करने के बजाय खुलेआम जलाया जा रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में जहरीला धुआँ फैल रहा है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है 👉 आखिर ऐसा कौन-सा कचरा है जो रीसाइक्लिंग योग्य नहीं है? 👉 यदि रीसाइक्लिंग संभव नहीं थी, तो उसे जलाने की अनुमति किसने दी? 👉 क्या स्वच्छता के नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए हैं? 👉 या फिर निगम के लिए नियमों में छूट है? नगर निगम खुले में कचरा जलाने पर नागरिकों पर चालानी कार्रवाई की चेतावनी देता है, लेकिन मणिकंचन केंद्र में जल रहे कचरे पर निगम की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। यदि यही हाल रहा, तो स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने के दावे केवल कागज़ों और भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे। जनता अब सिर्फ अपील नहीं, जवाब और कार्रवाई चाहती है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन 👉 इस मामले पर सफाई देता है 👉 जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है 👉 या फिर यह एक्सपोज़ भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। स्वच्छ शहर का सपना तभी साकार होगा, जब नियम सबके लिए बराबर होंगे — चाहे वो आम नागरिक हो या खुद नगर निगम।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा में हसदेव नहर पर बना 60 फीट लंबा, 30 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात गायब हो गया, जिसे चोरों ने गैस कटर से काटकर चुरा लिया, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित हो गया है और पुलिस ने मामले में जाँच के लिए SIT गठित कर दी है, क्योंकि यह सार्वजनिक संपत्ति की चोरी है और इससे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।1
- मानकेश्री बाईपास में हिट-एंड-रन, दादा और नाती को अज्ञात वाहन ने मारी ठोंकर मार कर हुआ फरार, रिपोर्ट दर्ज1