2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में वंचित अतिपिछड़ा वर्ग की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होने की संभावना है। यह वर्ग उत्तर प्रदेश में लगभग 40% वोटों का प्रतिनिधित्व करता है और राज्य व केंद्र में पुर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी द्वारा संवैधानिक हक अधिकार एवं सामाजिक न्याय न दिए जाने के कारण लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी (SP) की पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (PDA) रणनीति से आकर्षित हुआ है। *वंचित अतिपिछड़ा वर्ग के वोटिंग पैटर्न में बदलाव:* - 2024 के लोकसभा चुनावों में, वंचित अतिपिछड़ा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा SP की ओर शिफ्ट हुआ, जिससे BJP को अपने पारंपरिक OBC वोट बैंक में बड़ा नुकसान हुआ। - इस वर्ग की मुख्य मांग 'SC स्टेटस' (अनुसूचित जाति का दर्जा) हासिल करना है, और वे अपने मौलिक मुद्दों जैसे आरक्षण, संवैधानिक अधिकार और आर्थिक सशक्तिकरण अन्याय अत्याचार की रोकथाम आदि पर फोकस कर रहे हैं। *2027 में वंचित अतिपिछड़ा समाज का रुख:* - संभावना है कि वंचित अतिपिछड़ा समाज का 2024 वाला ट्रेंड जारी रखेगा और पुनः SP की PDA नीति को समर्थन दे सकता है यदि अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान द्वारा जनहित में उठाई गई मांगों को सरकार समय रहते अमल नहीं करती है तो। - अगर ऐसा होता है, तो SP को 2027 में बड़ा फायदा मिल सकता है और SP+Congress गठबंधन बंपर बहुमत का आंकड़ा पार कर सकता है। *चुनावी समीकरण:* - उत्तर प्रदेश में वंचित अतिपिछड़ा उपेक्षित वर्ग की जनसंख्या कुल वोटों का लगभग 40% से ज्यादा हैं, और अगर ये PDA के साथ मजबूती से जुड़ गए, तो SP की सीटें अनुमान से कहीं ज्यादा बढ़ सकती हैं। - BJP के लिए यह बड़ी चुनौती होगी कि वह अपने पारंपरिक OBC/EBC वोट बैंक को बनाए रखे और वंचित अतिपिछड़ा वर्ग को अपनी ओर आकर्षित करे। *निष्कर्ष:* - 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में वंचित अतिपिछड़ा वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि विभिन्न पार्टियां उनकी मांगों और आकांक्षाओं को कैसे पूरा करती हैं। - *इन वर्गों के लोडरो को चेतावनी* अतः इन वर्गों के बीच के पक्ष- विपक्ष के उन सभी लोडरो को शख्त चेतावनी दी जाती कि ज्यादा हवा में मत उड़ो क्योंकि निचला हिस्सा पढ़ लिखकर अब जागरूक हो रहा है और तुम इन्हीं 17 अतिपिछड़ी जातियों के एससी आरक्षण के नाम पर प्रकाश में आए हो,जो आज मंत्री संतरी आदि बनकर ओबीसी आरक्षण वर्गीकरण से जोड़कर अश्पृश्यता व असमानता की शिकार जातियों की खिल्ली उड़ाने को आमादा हो, आदत बदल लो नहीं तो बहुत पछताओगे...... सावधान
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में वंचित अतिपिछड़ा वर्ग की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होने की संभावना है। यह वर्ग उत्तर प्रदेश में लगभग 40% वोटों का प्रतिनिधित्व करता है और राज्य व केंद्र में पुर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी द्वारा संवैधानिक हक अधिकार एवं सामाजिक न्याय न दिए जाने के कारण लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी (SP) की पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक (PDA) रणनीति से आकर्षित हुआ है। *वंचित अतिपिछड़ा वर्ग के वोटिंग पैटर्न में बदलाव:* - 2024 के लोकसभा चुनावों में, वंचित अतिपिछड़ा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा SP की ओर शिफ्ट हुआ, जिससे BJP को अपने पारंपरिक OBC वोट बैंक में बड़ा नुकसान हुआ। - इस वर्ग की मुख्य मांग 'SC स्टेटस' (अनुसूचित जाति का दर्जा) हासिल करना है, और वे अपने मौलिक मुद्दों जैसे आरक्षण, संवैधानिक अधिकार और आर्थिक सशक्तिकरण अन्याय अत्याचार की रोकथाम आदि पर फोकस कर रहे हैं। *2027 में वंचित अतिपिछड़ा समाज का रुख:* - संभावना है कि वंचित अतिपिछड़ा समाज का 2024 वाला ट्रेंड जारी रखेगा और पुनः SP की PDA नीति को समर्थन दे सकता है यदि अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान द्वारा जनहित में उठाई गई मांगों को सरकार समय रहते अमल नहीं करती है तो। - अगर ऐसा होता है, तो SP को 2027 में बड़ा फायदा मिल सकता है और SP+Congress गठबंधन बंपर बहुमत का आंकड़ा पार कर सकता है। *चुनावी समीकरण:* - उत्तर प्रदेश में वंचित अतिपिछड़ा उपेक्षित वर्ग की जनसंख्या कुल वोटों का लगभग 40% से ज्यादा हैं, और अगर ये PDA के साथ मजबूती से जुड़ गए, तो SP की सीटें अनुमान से कहीं ज्यादा बढ़ सकती हैं। - BJP के लिए यह बड़ी चुनौती होगी कि वह अपने पारंपरिक OBC/EBC वोट बैंक को बनाए रखे और वंचित अतिपिछड़ा वर्ग को अपनी ओर आकर्षित करे। *निष्कर्ष:* - 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में वंचित अतिपिछड़ा वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि विभिन्न पार्टियां उनकी मांगों और आकांक्षाओं को कैसे पूरा करती हैं। - *इन वर्गों के लोडरो को चेतावनी* अतः इन वर्गों के बीच के पक्ष- विपक्ष के उन सभी लोडरो को शख्त चेतावनी दी जाती कि ज्यादा हवा में मत उड़ो क्योंकि निचला हिस्सा पढ़ लिखकर अब जागरूक हो रहा है और तुम इन्हीं 17 अतिपिछड़ी जातियों के एससी आरक्षण के नाम पर प्रकाश में आए हो,जो आज मंत्री संतरी आदि बनकर ओबीसी आरक्षण वर्गीकरण से जोड़कर अश्पृश्यता व असमानता की शिकार जातियों की खिल्ली उड़ाने को आमादा हो, आदत बदल लो नहीं तो बहुत पछताओगे...... सावधान
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- युवक के हत्या मामले में आया नया मोड़ - पिटाई से मौत आरोप को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने किया खारिज - विसरा रिपोर्ट पर टिकी सबकी नज़रें #ambedkarnagar_news #abnnewsplus1
- रुद्रपुर पुलिस ने उपद्रव के आरोप में 14 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार मैच खेलने के दौरान दो पक्षों में हुआ था विवाद बुलेट बाबा✍️ रुद्रपुर-देवरिया। उपनगर में फुटबॉल मैच देखने के दौरान दो पक्षों में हुए विवाद और पथराव प्रकरण में थाना रुद्रपुर पुलिस ने 14 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन द्वारा अपराध नियंत्रण हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई।जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात पण्डा टोली और टेढ़ा स्थान वार्ड (हरिजन बस्ती) के कुछ युवकों में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर भी भीड़ शांत नहीं हुई, बल्कि उपद्रव कर रहे अभियुक्तों ने पुलिस पर भी पथराव करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, पथराव में एक आरक्षी गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर बेहोश हो गया। घटना के बाद उ0नि0 कृष्णकान्त द्वारा थाना रुद्रपुर में मु0अ0सं0 015/2026 धारा 191(2), 191(3), 121(1), 121(2), 132, 352, 125, 110 बीएनएस एवं 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अम्बेडकर मूर्ति, टेढ़ा स्थान तिराहा सहित अन्य स्थानों से दोनों पक्षों के कुल 14 अभियुक्तों को दबोच लिया। शेष वांछित अभियुक्तों की तलाश जारी है। गिरफ्तार अभियुक्त अजीत पाण्डेय, नितीश पाण्डेय, उत्तम पाण्डेय, आशीष पाण्डेय, सूरज गौतम, साजन कुमार, अनिकेत पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय, चन्दन पाण्डेय, मृत्युंजय पाण्डेय, रमेश पाण्डेय, दुर्गेश पाण्डेय व राजू पाण्डेय निवासी रुद्रपुर। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम अभियुक्तों की गिरफ्तारी में उ0नि0 दिनेश कुमार, उ0नि0 कृष्णकान्त, उ0नि0 बालगंगाधर शुक्ल सहित कुल 14 पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार, जल्द ही शेष वांछित अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- रामलीला मैदान की जमीन बना मौत का कारण, अरिया बाजार में युवक की हत्या #ambedkar_nagar1
- *बरगद के पेड़ पर लटका मिला व्यक्ति का शव* *अम्बेडकरनगर* आलापुर थाना क्षेत्र के महेशपुर मंडप गांव में जयप्रकाश निषाद (45 वर्ष)का शव बरगद के पेड़ में फंदे से लटकता हुआ मिला। जयप्रकाश निषाद तालाब की रखवाली करने के लिए प्रतिदिन जाते थे, आज रविवार को जयप्रकाश का शव मिला।जांच में जुटी पुलिस टीम नें शव को कब्जे में लिया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अतुल श्रीवास्तव नें बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह*✍️1
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