अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी के नाम पर एक बड़े अवैध पार्किंग गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है। राम जन्मभूमि गेट नंबर-3 के सामने, हाशिम अंसारी के घर के समीप यह अवैध पार्किंग खुलेआम चलाई जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध साम्राज्य का संचालन ऐसे अराजक तत्वों द्वारा किया जा रहा था जिन्होंने भगवा चोला धारण कर रखा है। 2017 के बाद ऐसे कई लोग साधु बन गए हैं जो धर्म की आड़ में अपनी काली कमाई को सफेद करने में लगे हैं। ये लोग स्वयं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जोड़कर प्रशासन व शासन में बैठे लोगों को भ्रमित करने का प्रयास करते थे, ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें। सूत्रों के अनुसार, हनुमत पार्किंग के नाम से चल रहे इस धंधे से प्रतिदिन 50,000 से 1,00,000 रुपये तक की अवैध कमाई हो रही थी। इन 'भगवाधारी भू-माफियाओं' की कथनी और करनी में विरोधाभास स्पष्ट दिखता है; जो लोग मोह-माया से दूर रहने का उपदेश देते हैं, वे खुद डिफेंडर, स्कॉर्पियो और थार जैसी महंगी गाड़ियों में चलते हैं और आधुनिक संचार साधनों व निजी सुरक्षा गार्डों के घेरे में रहते हैं। इन पर एक पीड़ित की बची संपत्ति हड़पने का भी आरोप है। पीड़ित ने अधिकारियों के समक्ष अवैध पार्किंग की फोटो, वीडियो और मौके से मिली पार्किंग की रसीद भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत की है। इस अवैध कब्जे से त्रस्त पीड़ित ने जब अयोध्या के सीओ आशुतोष तिवारी के समक्ष अपनी समस्या रखी, तो उन्होंने तत्काल तत्परता दिखाते हुए फोन के माध्यम से एसडीएम सदर अरविंद कुमार को मामले से अवगत कराया। एसडीएम अरविंद कुमार ने तुरंत पीड़ित को तहसील सदर बुलाया, जहाँ उन्होंने स्वयं पीड़ित के कागजात, फोटो, वीडियो और पार्किंग की रसीद देखी और मामले की गंभीरता को समझा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अवैध पार्किंग चलाने वाले साधु या संत होने का दावा करते हैं, तो उन्हें अपने स्वामित्व के वैध कागज पेश करने होंगे। कानून और नियमावली के अनुसार, यदि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तो किसी एक पक्ष को उस पर अवैध कार्य करने का अधिकार नहीं है। साथ ही, यदि इस भूमि के लिए पूर्व में कोई मुआवजा निर्धारित हुआ है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह किसके नाम से बना है, क्योंकि भविष्य में सरकार द्वारा अधिग्रहण करने पर कंप्यूटर खतौनी में दर्ज नाम वाले उत्तराधिकारी को ही मुआवजा मिलेगा। एसडीएम अरविंद कुमार ने तुरंत लेखपाल और कानूनगो को जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अवैध पार्किंग को बंद कराया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीओ और एसडीएम अरविंद कुमार की इस ईमानदार और त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को अब न्याय की उम्मीद जगी है। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि धर्म की आड़ में कौन असली संत है और कौन 'भगवा चोला' पहनकर भू-माफिया का काम कर रहा है। श्रीराम की नगरी में अब अराजकता के बजाय कानून के शासन की बहाली की मांग जोर पकड़ रही है।
अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी के नाम पर एक बड़े अवैध पार्किंग गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है। राम जन्मभूमि गेट नंबर-3 के सामने, हाशिम अंसारी के घर के समीप यह अवैध पार्किंग खुलेआम चलाई जा रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध साम्राज्य का संचालन ऐसे अराजक तत्वों द्वारा किया जा रहा था जिन्होंने भगवा चोला धारण कर रखा है। 2017 के बाद ऐसे कई लोग साधु बन गए हैं जो धर्म की आड़ में अपनी काली कमाई को सफेद करने में लगे हैं। ये लोग स्वयं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जोड़कर प्रशासन व शासन में बैठे लोगों को भ्रमित करने का प्रयास करते थे, ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें। सूत्रों के अनुसार, हनुमत पार्किंग के नाम से चल रहे इस धंधे से प्रतिदिन 50,000 से 1,00,000 रुपये तक की अवैध कमाई हो रही थी। इन 'भगवाधारी भू-माफियाओं' की कथनी और करनी में विरोधाभास स्पष्ट दिखता है; जो लोग मोह-माया से दूर रहने का उपदेश देते हैं, वे खुद डिफेंडर, स्कॉर्पियो और थार जैसी महंगी गाड़ियों में चलते हैं और आधुनिक संचार साधनों व निजी सुरक्षा गार्डों के घेरे में रहते हैं। इन पर एक पीड़ित की बची संपत्ति हड़पने का भी आरोप है। पीड़ित ने अधिकारियों के समक्ष अवैध पार्किंग की फोटो, वीडियो और मौके से मिली पार्किंग की रसीद भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत की है। इस अवैध कब्जे से त्रस्त पीड़ित ने जब अयोध्या के सीओ आशुतोष तिवारी के समक्ष अपनी समस्या रखी, तो उन्होंने तत्काल तत्परता दिखाते हुए फोन के माध्यम से एसडीएम सदर अरविंद कुमार को मामले से अवगत कराया। एसडीएम अरविंद कुमार ने तुरंत पीड़ित को तहसील सदर बुलाया, जहाँ उन्होंने स्वयं पीड़ित के कागजात, फोटो, वीडियो और पार्किंग की रसीद देखी और मामले की गंभीरता को समझा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अवैध पार्किंग चलाने वाले साधु या संत होने का दावा करते हैं, तो उन्हें अपने स्वामित्व के वैध कागज पेश करने होंगे। कानून और नियमावली के अनुसार, यदि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तो किसी एक पक्ष को उस पर अवैध कार्य करने का अधिकार नहीं है। साथ ही, यदि इस भूमि के लिए पूर्व में कोई मुआवजा निर्धारित हुआ है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह किसके नाम से बना है, क्योंकि भविष्य में सरकार द्वारा अधिग्रहण करने पर कंप्यूटर खतौनी में दर्ज नाम वाले उत्तराधिकारी को ही मुआवजा मिलेगा। एसडीएम अरविंद कुमार ने तुरंत लेखपाल और कानूनगो को जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अवैध पार्किंग को बंद कराया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीओ और एसडीएम अरविंद कुमार की इस ईमानदार और त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को अब न्याय की उम्मीद जगी है। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि धर्म की आड़ में कौन असली संत है और कौन 'भगवा चोला' पहनकर भू-माफिया का काम कर रहा है। श्रीराम की नगरी में अब अराजकता के बजाय कानून के शासन की बहाली की मांग जोर पकड़ रही है।
- अयोध्या के कोतवाली बीकापुर में एक राष्ट्रीय कथावाचक के खिलाफ एक महिला द्वारा कथित तौर पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद विश्व ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधिका प्रसाद पांडे ने महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। राधिका प्रसाद पांडे ने आरोप लगाया कि ऐसी महिलाएं प्रतिष्ठित व्यक्तियों पर कीचड़ उछालकर धन उगाही करती हैं। उन्होंने महिला पर सनातन धर्म के मानने वाले लोगों पर प्रहार कर अपने मकसद में कामयाब होने और इससे उनका मनोबल बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने इस तरह की महिलाओं को 'छुट्टा' बताते हुए उनके गिरोह की जांच कर कार्रवाई की मांग की। पांडे के अनुसार, 'पवन देव महाराज' की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें बदनाम करने के लिए यह मुकदमा एक कुचक्र के तहत लिखवाया गया है। उन्होंने महिला की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 42 वर्ष की आयु और 12 तथा 8 वर्ष के दो बच्चों की मां को कौन बहका सकता है, जबकि कथावाचक की उम्र लगभग 32 वर्ष बताई जा रही है। पोस्ट में यह भी बताया गया है कि महिला के भाई द्वारा भी उसके कृत्यों का कोतवाली से लेकर कप्तान तक विरोध करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। विश्व ब्राह्मण समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के बाद दोषी महिला के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरा समाज मुख्यमंत्री से मिलकर धरना प्रदर्शन और अनशन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर ऐसी धन उगाही करने वाली महिलाओं को दंडित करने की मांग करेगा, जो कई होनहार लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर आत्महत्या तक के लिए मजबूर करती हैं और उनके सम्मान को धूमिल करती हैं। समाज ने ऐसी महिलाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ आंदोलन की बात कही है।1
- राम की नगरी अयोध्या में 'सेवा का महा-पर्व' मनाया गया, जहाँ एक बैंक की ओर से एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान, हजारों भक्तों ने उत्साहपूर्वक प्रसाद ग्रहण कर इस विशेष आयोजन का हिस्सा लिया।1
- उत्तर प्रदेश एसटीएफ की प्रयागराज इकाई को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ जनपद अयोध्या में 07 जून 2026 को हुई एक पुलिस मुठभेड़ में ₹1 लाख का इनामी, कुख्यात शार्प शूटर और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानू प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक भानू प्रताप सिंह गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र का निवासी था और लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस के वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती सहित विभिन्न संगीन अपराधों के कुल 41 मुकदमे दर्ज थे। एसटीएफ के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त भानू प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हुआ। घटनास्थल से पुलिस ने एक कार्बाइन, एक पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस तथा खोखे बरामद किए हैं। प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता बताते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध प्रदेश में अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएँगे। पुलिस ने बरामद किए गए हथियारों को अपने कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एसटीएफ की इस कार्रवाई को प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।1
- अयोध्या की धरती पर पुरुषोत्तम मास के छठे मंगलवार को श्री बजरंगबली महाराज के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसने गंगा-जमुना तहजीब और हिंदू-मुस्लिम सद्भावना की एक नई मिसाल पेश की। आस्था और धर्म की नगरी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र की इस भूमि पर, श्री हनुमान जी महाराज की कृपा को मंगलमय करते हुए, हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर निषाद राज चौराहा, टेढ़ी बाजार में इस भव्य आयोजन को सफल बनाया। इस विशाल भंडारे में श्री अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्मात सेवा ट्रस्ट, श्री राम जन्मभूमि, श्री अयोध्या धाम के अध्यक्ष श्री राजेश जी महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मोहम्मद कादिर भाई, अब्दुल हकीम, पूर्व सभासद प्रवेश कुमार यादव उर्फ जांगू, शिवसागर शुक्ला, जितेंद्र कुमार सिंह बबलू, त्रिभुवन दत्त शर्मा, अब्दुल हक, विधायक विशाल पांडे ए, रिंकू, बच्चा पांडे, पंकज यादव, सत्यम यादव, आशीष यादव, मगन वर्मा, शैलेश वर्मा, आराध्या मिश्रा, अभय यादव और अतदुदेव समझ छोटू सहित कई अन्य लोगों ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग प्रदान किया। इस दौरान हजारों की तादाद में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर इस सद्भावनापूर्ण आयोजन का हिस्सा बने।4
- राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और उसमें कथित चोरी के मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है, जिससे अयोध्या में सियासी पारा चढ़ गया है। इस पूरे मामले पर चंपत राय ने अपनी सफाई पेश की है। वहीं, अखिलेश ने अयोध्या में चल रहे 'सियासी कलेश' पर अपनी बात रखी है। 'आखिरकार राम मंदिर में चोरी का सच क्या है?' इस प्रश्न को लेकर भी बहस तेज़ है, जिस पर दिवाकराचार्य महाराज ने एक बड़ा बयान दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में न्याय न मिलने से परेशान एक रेप पीड़िता ने अपने तीन साल के मासूम बच्चे को साड़ी के सहारे पीठ पर बांधकर मोबाइल टावर पर चढ़कर जमकर हंगामा किया। यह घटना थाना नगर कोतवाली अंतर्गत रघुकुल विद्यापीठ परिसर के पास घटी, जहाँ महिला लगभग 80 से 100 फीट की ऊंचाई तक चढ़ गई। यह पूरा घटनाक्रम लगभग छह घंटे तक चला। पुलिस और प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद पीड़िता को न्याय दिलाने का ठोस आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद ही महिला अपने बच्चे सहित सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतरी। पीड़िता ने अपनी इस कार्रवाई का मुख्य कारण न्याय न मिलना बताया।1
- अयोध्या के गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र 276 में समाजवादी पार्टी ने जन समस्याओं को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने अयोध्या सदर तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल, उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जनता से जुड़ी प्रमुख माँगें रखी गईं। समाजवादी पार्टी की मुख्य माँगें अघोषित बिजली कटौती पर रोक, नीट पेपर लीक की समस्या, ईंधन (डीजल-पेट्रोल) की बढ़ती कीमतें और महंगाई, यूरिया खाद की कमी, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग व रिंग रोड निर्माण से संबंधित मुद्दे, सड़क निर्माण के बाद जल भराव व गड्ढों की समस्याएँ, पेयजल संकट, खराब पाइपलाइन, जल आपूर्ति और पानी टंकी से जुड़ी समस्याएँ तथा आरक्षण घोटाला थीं। इस कार्यक्रम में गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र 276 के अंतर्गत ब्लॉक प्रमुख, ग्राम पंचायत स्तर के समस्त पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंबेडकर नगर के सांसद माननीय लालजी वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे, जबकि पूर्व विधायक दादा जयशंकर पांडेय विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव ने की, और गोसाईगंज विधानसभा 276 के प्रभारी लौटन राम निषाद तथा पूर्व प्रत्याशी रामसागर वर्मा सहित समाजवादी पार्टी के सम्मानित कार्यकर्ता हजारों की संख्या में इस विशाल धरने में शामिल हुए। पार्टी ने यह धरना प्रदर्शन मिशन 2027 को लेकर अपनी आगे की तैयारी के तहत किया।4
- गोंडा जिले के जैतपुर माझा गाँव में एक तेंदुआ निकलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गई। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने कई घंटों तक कड़ी मशक्कत की और आखिरकार उस तेंदुए पर काबू पा लिया। तेंदुए पर सफलतापूर्वक काबू पाने के बाद, वन विभाग की टीम को इसकी सूचना दी गई।1