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कांठ मुरादाबाद जनपद सहित प्रदेश के 558 अनुदानित मदरसों की जांच अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन करेगा। एडीजी एंटी करप्शन ने डीआईजी हरिश्चंद्र को यह कांठ मुरादाबाद जनपद सहित प्रदेश के 558 अनुदानित मदरसों की जांच अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन करेगा। एडीजी एंटी करप्शन ने डीआईजी हरिश्चंद्र को यह जांच सौंपी है। शिकायतकर्ता से जांच अधिकारी ने दस्तावेज मांगे हैं। बाराबंकी निवासी मो. तलहा अंसारी की शिकायत पर केंद्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश से शासन ने यह जांच पहले आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी थी। टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया और एक मदरसा प्रबंध समिति ने इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने आयोग के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए ईओडब्ल्यू जांच पर रोक लगा दी। 333 पन्नों की शिकायत में नियम विरुद्ध नियुक्तियों, अभिलेखों में हेरफेर, संदिग्ध प्रबंध समितियों के जरिये वित्तीय निर्णय और वेतन भुगतान समेत 35 बिंदुओं पर आरोप लगाए हैं। 1100 करोड़ के सालाना सरकारी बजट से जुड़े इस मामले में कोविड काल में हुई नियुक्तियां भी जांच के दायरे में हैं। एंटी करप्शन हर आरोप की जांच करेगा।

30 min ago
user_BEBAAK NEWS ONLINE
BEBAAK NEWS ONLINE
Punjabi Bagh, West Delhi•
30 min ago

कांठ मुरादाबाद जनपद सहित प्रदेश के 558 अनुदानित मदरसों की जांच अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन करेगा। एडीजी एंटी करप्शन ने डीआईजी हरिश्चंद्र को यह कांठ मुरादाबाद जनपद सहित प्रदेश के 558 अनुदानित मदरसों की जांच अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन करेगा। एडीजी एंटी करप्शन ने डीआईजी हरिश्चंद्र को यह जांच सौंपी है। शिकायतकर्ता से जांच अधिकारी ने दस्तावेज मांगे हैं। बाराबंकी निवासी मो. तलहा अंसारी की शिकायत पर केंद्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश से शासन ने यह जांच पहले आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी थी। टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया और एक मदरसा प्रबंध समिति ने इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने आयोग के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए ईओडब्ल्यू जांच पर रोक लगा दी। 333 पन्नों की शिकायत में नियम विरुद्ध नियुक्तियों, अभिलेखों में हेरफेर, संदिग्ध प्रबंध समितियों के जरिये वित्तीय निर्णय और वेतन भुगतान समेत 35 बिंदुओं पर आरोप लगाए हैं। 1100 करोड़ के सालाना सरकारी बजट से जुड़े इस मामले में कोविड काल में हुई नियुक्तियां भी जांच के दायरे में हैं। एंटी करप्शन हर आरोप की जांच करेगा।

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  • कांठ के अकबरपुर चेंद्री नया गांव मे प्राचीन शिव मंदिर पर विश्व हिंदू परिषद ने किया जल अभिषेक कांठ के अकबरपुर चेंद्री नया गांव मे प्राचीन शिव मंदिर पर विश्व हिंदू परिषद ने किया जल अभिषेक मुरादाबाद के कांठ थाना कांठ क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अकबरपुर चेंद्री स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन के चौथे सोमवार को भारी संख्या श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया इसी के साथ विश्व हिन्दू परिषद बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड की पावन भूमि हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लाकर प्राचीन शिव मंदिर परिसर में डीजे के भक्ति भजनों पर शिव भक्त नाचते गाते हुए मंदिर पहुंचकर जल अभिषेक किया सुरक्षा को दृष्टि देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था विश्व हिंदू परिषद के जिला धर्म प्रचारक मोनू बिश्नोई से मीडिया को बताया की 2014 मे सपा सरकार मैं नया गांव शिव मंदिर पर से राउडी स्पीकर उतरा दिया था जिसको लेकर कांठ मैं हिन्दुओ ने महापंचायत भी की थी उसी प्रकरण के बाद बजरंगदल के कार्यकर्ता हर बर्ष सावन माह के पवित्र महीने मैं शिव मंदिर पर जलाभिषेक करते आ रहे है और व ग्रामीणों को लेकर हर वर्ष शोभा यात्रा अकबरपुर नयागांव मे निलकते है इस अवसर पर जिला प्रमुख मोनू बजरंगी विशनोई, जिला सुरक्षा प्रमुख सुमित शर्मा नगर अध्यक्ष अजयपाल तोमर ग्रामवासी आदि लोग उपस्थित रहे कार्यकर्ताओ ने जलाभिषेक कर यात्रा निकाली जिसमे काफी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे कांठ से मोहम्मद रफ़ी की रिपोर्ट
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    कांठ के अकबरपुर चेंद्री नया गांव मे प्राचीन शिव मंदिर पर विश्व हिंदू परिषद ने किया जल अभिषेक
कांठ के अकबरपुर चेंद्री नया गांव मे प्राचीन शिव मंदिर पर विश्व हिंदू परिषद ने किया जल अभिषेक
मुरादाबाद के कांठ थाना कांठ क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अकबरपुर चेंद्री स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सावन के चौथे सोमवार को भारी संख्या श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया इसी के साथ विश्व हिन्दू परिषद बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड की पावन भूमि हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लाकर प्राचीन शिव मंदिर परिसर में डीजे के भक्ति भजनों पर शिव भक्त नाचते गाते हुए मंदिर पहुंचकर जल अभिषेक किया सुरक्षा को दृष्टि देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था विश्व हिंदू परिषद के जिला धर्म प्रचारक मोनू बिश्नोई से मीडिया को बताया की 2014 मे सपा सरकार मैं नया गांव शिव मंदिर पर से राउडी स्पीकर उतरा दिया था जिसको लेकर कांठ मैं हिन्दुओ ने महापंचायत भी की थी उसी प्रकरण के बाद बजरंगदल के कार्यकर्ता हर बर्ष सावन माह के पवित्र महीने मैं शिव मंदिर पर जलाभिषेक करते आ रहे है और व ग्रामीणों को लेकर हर वर्ष शोभा यात्रा अकबरपुर नयागांव मे निलकते है इस अवसर पर  जिला प्रमुख मोनू बजरंगी विशनोई, जिला सुरक्षा प्रमुख सुमित शर्मा नगर अध्यक्ष अजयपाल तोमर ग्रामवासी आदि लोग उपस्थित रहे कार्यकर्ताओ ने जलाभिषेक कर यात्रा निकाली जिसमे काफी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे कांठ से मोहम्मद रफ़ी की रिपोर्ट
    user_BEBAAK NEWS ONLINE
    BEBAAK NEWS ONLINE
    Punjabi Bagh, West Delhi•
    49 min ago
  • Post by Raaz
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    Post by Raaz
    user_Raaz
    Raaz
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    51 min ago
  • आप सभी को #_जगत_न्यूज़_24 परिवार की तरफ से श्रावण माह के अंतिम बुधवार की हार्दिक शुभकामनाएं ।
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    आप सभी को #_जगत_न्यूज़_24 परिवार की तरफ से श्रावण माह के अंतिम बुधवार की हार्दिक शुभकामनाएं ।
    user_JAGAT NEWS 24
    JAGAT NEWS 24
    Rohini, North West Delhi•
    1 hr ago
  • गंगाजल हाथ में, भ्रष्टाचार के बंटवारे की सौगंध!....... निगम पार्षदों का कथित वीडियो वायरल, ‘काली कमाई’ बराबर बांटने की बात से मचा हड़कंप शाहजहांपुर। गंगाजल हाथ में था और कथित तौर पर बात हो रही थी भ्रष्टाचार की कमाई के बंटवारे की। शाहजहांपुर से सामने आया बताया जा रहा एक वायरल वीडियो नगर निगम की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों को सोशल मीडिया पर नगर निगम पार्षद बताया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि गंगाजल हाथ में लेकर कथित भ्रष्टाचार की रकम को बराबर बांटने की सौगंध ली जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल दावे के मुताबिक, कथित रूप से निगम की आमदनी को 60 पार्षदों के बीच बराबर बांटने और किसी एक सदस्य पर कार्रवाई या संकट आने पर सभी के एकजुट रहने की बातें कही जा रही हैं। यदि वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावे जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह केवल राजनीतिक चर्चा नहीं, बल्कि नगर निगम की पारदर्शिता और जनता के पैसों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला बन जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यही है—जनता ने पार्षदों को विकास और जनसेवा के लिए चुना है या कथित बंटवारे की सौगंध लेने के लिए? गंगाजल हाथ में लेकर भ्रष्टाचार के कथित बंटवारे की बातें सामने आने का दावा अपने आप में इतना गंभीर है कि प्रशासन को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, वीडियो की तारीख-स्थान और बातचीत के वास्तविक संदर्भ की पुष्टि भी जरूरी है। अगर वीडियो फर्जी या भ्रामक है तो उसकी पोल भी खुले, और अगर वीडियो असली है तो जिम्मेदार निगम पार्षदों की जवाबदेही भी तय हो। जनता के टैक्स से चलने वाले नगर निगम में एक-एक रुपये का हिसाब जनता को मिलना चाहिए। विकास के नाम पर जनता का पैसा कहां खर्च हुआ, किसे मिला और किसके हिस्से में क्या आया—इन सवालों से बचने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। फिलहाल वायरल वीडियो के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वीडियो ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है गंगाजल की सौगंध अगर भ्रष्टाचार के बंटवारे के लिए थी, तो यह लोकतंत्र और जनता के भरोसे के साथ बेहद गंभीर खिलवाड़ होगा। और अगर नहीं थी, तो फिर सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी नगर निगम और प्रशासन की है।
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    गंगाजल हाथ में, भ्रष्टाचार के बंटवारे की सौगंध!.......
निगम पार्षदों का कथित वीडियो वायरल, ‘काली कमाई’ बराबर बांटने की बात से मचा हड़कंप
शाहजहांपुर। गंगाजल हाथ में था और कथित तौर पर बात हो रही थी भ्रष्टाचार की कमाई के बंटवारे की। शाहजहांपुर से सामने आया बताया जा रहा एक वायरल वीडियो नगर निगम की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों को सोशल मीडिया पर नगर निगम पार्षद बताया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि गंगाजल हाथ में लेकर कथित भ्रष्टाचार की रकम को बराबर बांटने की सौगंध ली जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावे के मुताबिक, कथित रूप से निगम की आमदनी को 60 पार्षदों के बीच बराबर बांटने और किसी एक सदस्य पर कार्रवाई या संकट आने पर सभी के एकजुट रहने की बातें कही जा रही हैं। यदि वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावे जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह केवल राजनीतिक चर्चा नहीं, बल्कि नगर निगम की पारदर्शिता और जनता के पैसों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला बन जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यही है—जनता ने पार्षदों को विकास और जनसेवा के लिए चुना है या कथित बंटवारे की सौगंध लेने के लिए?
गंगाजल हाथ में लेकर भ्रष्टाचार के कथित बंटवारे की बातें सामने आने का दावा अपने आप में इतना गंभीर है कि प्रशासन को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, वीडियो की तारीख-स्थान और बातचीत के वास्तविक संदर्भ की पुष्टि भी जरूरी है।
अगर वीडियो फर्जी या भ्रामक है तो उसकी पोल भी खुले, और अगर वीडियो असली है तो जिम्मेदार निगम पार्षदों की जवाबदेही भी तय हो।
जनता के टैक्स से चलने वाले नगर निगम में एक-एक रुपये का हिसाब जनता को मिलना चाहिए। विकास के नाम पर जनता का पैसा कहां खर्च हुआ, किसे मिला और किसके हिस्से में क्या आया—इन सवालों से बचने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल वायरल वीडियो के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वीडियो ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है
गंगाजल की सौगंध अगर भ्रष्टाचार के बंटवारे के लिए थी, तो यह लोकतंत्र और जनता के भरोसे के साथ बेहद गंभीर खिलवाड़ होगा। और अगर नहीं थी, तो फिर सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी नगर निगम और प्रशासन की है।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    6 hrs ago
  • दिल्ली की जल व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली सरकार बड़े स्तर पर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। दिल्ली की जल व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली सरकार बड़े स्तर पर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से ₹2,500 करोड़ के ADB फंड के तहत वजीराबाद WTP कमांड एरिया में ₹805 करोड़ और ₹935 करोड़ के दो बड़े पैकेज स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही नए UGRs, वॉटर लाइनों और DMA मीटरिंग की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। माननीय प्रधानमंत्री narendramodi के विज़न में दिल्ली सरकार राजधानी की जल व्यवस्था को आधुनिक, मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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    दिल्ली की जल व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली सरकार बड़े स्तर पर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
दिल्ली की जल व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए दिल्ली सरकार बड़े स्तर पर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
केंद्र सरकार के सहयोग से ₹2,500 करोड़ के ADB फंड के तहत वजीराबाद WTP कमांड एरिया में ₹805 करोड़ और ₹935 करोड़ के दो बड़े पैकेज स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही नए UGRs, वॉटर लाइनों और DMA मीटरिंग की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
माननीय प्रधानमंत्री narendramodi  के विज़न में दिल्ली सरकार राजधानी की जल व्यवस्था को आधुनिक, मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    user_Dehli Voice
    Dehli Voice
    दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • DL8C-AS-4788 नंबर की गाड़ी दुर्घटना का शिकार हुई है। कृपया अपने ग्रुप्स में शेयर करें और जिस परिवार की हो तो पहुंच पाए। DL8C-AS-4788 नंबर की गाड़ी दुर्घटना का शिकार हुई है। कृपया अपने ग्रुप्स में शेयर करें और जिस परिवार की हो तो पहुंच पाए।
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    DL8C-AS-4788 नंबर की गाड़ी दुर्घटना का शिकार हुई है। कृपया अपने ग्रुप्स में शेयर करें और जिस परिवार की हो तो पहुंच पाए। 
DL8C-AS-4788 नंबर की गाड़ी दुर्घटना का शिकार हुई है। कृपया अपने ग्रुप्स में शेयर करें और जिस परिवार की हो तो पहुंच पाए।
    user_Viral News Delhi
    Viral News Delhi
    Local News Reporter Saraswati Vihar, North West Delhi•
    9 hrs ago
  • BPSC स्टूडेंट प्रोटेस्ट में पहुंच जैन अल्फा बातें सुन लोग हैरान बजाई तालियां BPSC स्टूडेंट प्रोटेस्ट में पहुंच जैन अल्फा जो छोटा पैकेट और बड़ा धमाका निकला उसकी बातें सुन लोग हैरान बजाई तालियां
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    BPSC  स्टूडेंट प्रोटेस्ट में पहुंच जैन अल्फा 
 बातें सुन लोग हैरान बजाई तालियां 
BPSC स्टूडेंट प्रोटेस्ट में पहुंच जैन अल्फा जो छोटा पैकेट और बड़ा धमाका निकला उसकी बातें सुन लोग हैरान बजाई तालियां
    user_INDIA FIRST NEWS
    INDIA FIRST NEWS
    Media house रोहिणी, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    10 hrs ago
  • गंगाजल हाथ में, भ्रष्टाचार के बंटवारे की सौगंध!....... निगम पार्षदों का कथित वीडियो वायरल, ‘काली कमाई’ बराबर बांटने की बात से मचा हड़कंप शाहजहांपुर। गंगाजल हाथ में था और कथित तौर पर बात हो रही थी भ्रष्टाचार की कमाई के बंटवारे की। शाहजहांपुर से सामने आया बताया जा रहा एक वायरल वीडियो नगर निगम की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों को सोशल मीडिया पर नगर निगम पार्षद बताया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि गंगाजल हाथ में लेकर कथित भ्रष्टाचार की रकम को बराबर बांटने की सौगंध ली जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल दावे के मुताबिक, कथित रूप से निगम की आमदनी को 60 पार्षदों के बीच बराबर बांटने और किसी एक सदस्य पर कार्रवाई या संकट आने पर सभी के एकजुट रहने की बातें कही जा रही हैं। यदि वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावे जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह केवल राजनीतिक चर्चा नहीं, बल्कि नगर निगम की पारदर्शिता और जनता के पैसों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला बन जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यही है—जनता ने पार्षदों को विकास और जनसेवा के लिए चुना है या कथित बंटवारे की सौगंध लेने के लिए? गंगाजल हाथ में लेकर भ्रष्टाचार के कथित बंटवारे की बातें सामने आने का दावा अपने आप में इतना गंभीर है कि प्रशासन को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, वीडियो की तारीख-स्थान और बातचीत के वास्तविक संदर्भ की पुष्टि भी जरूरी है। अगर वीडियो फर्जी या भ्रामक है तो उसकी पोल भी खुले, और अगर वीडियो असली है तो जिम्मेदार निगम पार्षदों की जवाबदेही भी तय हो। जनता के टैक्स से चलने वाले नगर निगम में एक-एक रुपये का हिसाब जनता को मिलना चाहिए। विकास के नाम पर जनता का पैसा कहां खर्च हुआ, किसे मिला और किसके हिस्से में क्या आया—इन सवालों से बचने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। फिलहाल वायरल वीडियो के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वीडियो ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है गंगाजल की सौगंध अगर भ्रष्टाचार के बंटवारे के लिए थी, तो यह लोकतंत्र और जनता के भरोसे के साथ बेहद गंभीर खिलवाड़ होगा। और अगर नहीं थी, तो फिर सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी नगर निगम और प्रशासन की है।
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    गंगाजल हाथ में, भ्रष्टाचार के बंटवारे की सौगंध!.......
निगम पार्षदों का कथित वीडियो वायरल, ‘काली कमाई’ बराबर बांटने की बात से मचा हड़कंप
शाहजहांपुर। गंगाजल हाथ में था और कथित तौर पर बात हो रही थी भ्रष्टाचार की कमाई के बंटवारे की। शाहजहांपुर से सामने आया बताया जा रहा एक वायरल वीडियो नगर निगम की राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों को सोशल मीडिया पर नगर निगम पार्षद बताया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि गंगाजल हाथ में लेकर कथित भ्रष्टाचार की रकम को बराबर बांटने की सौगंध ली जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावे के मुताबिक, कथित रूप से निगम की आमदनी को 60 पार्षदों के बीच बराबर बांटने और किसी एक सदस्य पर कार्रवाई या संकट आने पर सभी के एकजुट रहने की बातें कही जा रही हैं। यदि वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावे जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह केवल राजनीतिक चर्चा नहीं, बल्कि नगर निगम की पारदर्शिता और जनता के पैसों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला बन जाएगा।
सबसे बड़ा सवाल यही है—जनता ने पार्षदों को विकास और जनसेवा के लिए चुना है या कथित बंटवारे की सौगंध लेने के लिए?
गंगाजल हाथ में लेकर भ्रष्टाचार के कथित बंटवारे की बातें सामने आने का दावा अपने आप में इतना गंभीर है कि प्रशासन को इसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, वीडियो की तारीख-स्थान और बातचीत के वास्तविक संदर्भ की पुष्टि भी जरूरी है।
अगर वीडियो फर्जी या भ्रामक है तो उसकी पोल भी खुले, और अगर वीडियो असली है तो जिम्मेदार निगम पार्षदों की जवाबदेही भी तय हो।
जनता के टैक्स से चलने वाले नगर निगम में एक-एक रुपये का हिसाब जनता को मिलना चाहिए। विकास के नाम पर जनता का पैसा कहां खर्च हुआ, किसे मिला और किसके हिस्से में क्या आया—इन सवालों से बचने की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल वायरल वीडियो के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वीडियो ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है
गंगाजल की सौगंध अगर भ्रष्टाचार के बंटवारे के लिए थी, तो यह लोकतंत्र और जनता के भरोसे के साथ बेहद गंभीर खिलवाड़ होगा। और अगर नहीं थी, तो फिर सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी नगर निगम और प्रशासन की है।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    6 hrs ago
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