नोहट्टा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की व्यवस्था की माँग को लेकर स्थानीय युवाओं, बुद्धिजीवियों और नागरिकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। बीते दिन नोहट्टा में ही डिग्री कॉलेज की स्थापना की माँग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद देर शाम इलाके में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा नोहट्टा बाजार "नोहट्टा में ही बने डिग्री कॉलेज" और "हमारी माँग पूरी करो" जैसे गगनभेदी नारों से गूँज उठा। मशाल जुलूस से पहले हुई बैठक में वक्ताओं ने बताया कि नोहट्टा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है, जिससे खासकर लड़कियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे तो पैसों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नोहट्टा के हक को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जाएगा। बैठक समाप्त होते ही दर्जनों युवा और स्थानीय लोग हाथों में जलती मशालें लेकर नोहट्टा के मुख्य मार्गों से गुजरे, जहाँ उनका उत्साह देखने लायक था। बाजार के दुकानदारों और आम राहगीरों ने भी इस मुहिम का जोरदार समर्थन किया। आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया है कि यह सिर्फ एक जुलूस नहीं, बल्कि नोहट्टा के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपनी जायज माँग सुनने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि जब तक नोहट्टा में कॉलेज की स्थापना सुनिश्चित नहीं हो जाती, आंदोलन थमेगा नहीं और यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
नोहट्टा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की व्यवस्था की माँग को लेकर स्थानीय युवाओं, बुद्धिजीवियों और नागरिकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। बीते दिन नोहट्टा में ही डिग्री कॉलेज की स्थापना की माँग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद देर शाम इलाके में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा नोहट्टा बाजार "नोहट्टा में ही बने डिग्री कॉलेज" और "हमारी माँग पूरी करो" जैसे गगनभेदी नारों से गूँज उठा। मशाल जुलूस से पहले हुई बैठक में वक्ताओं ने बताया कि नोहट्टा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है, जिससे खासकर लड़कियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे तो पैसों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नोहट्टा के हक को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जाएगा। बैठक समाप्त होते ही दर्जनों युवा और स्थानीय लोग हाथों में जलती मशालें लेकर नोहट्टा के मुख्य मार्गों से गुजरे, जहाँ उनका उत्साह देखने लायक था। बाजार के दुकानदारों और आम राहगीरों ने भी इस मुहिम का जोरदार समर्थन किया। आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया है कि यह सिर्फ एक जुलूस नहीं, बल्कि नोहट्टा के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपनी जायज माँग सुनने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी कि जब तक नोहट्टा में कॉलेज की स्थापना सुनिश्चित नहीं हो जाती, आंदोलन थमेगा नहीं और यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
- महथौर पंचायत में विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है, जहाँ सरपंच के घर के ठीक सामने ही सड़क की हालत अत्यंत खराब है। यह स्थिति 10 साल के विकास के दावों की सच्चाई जनता के सामने ला रही है। जहाँ सोच चाँद पर पहुंचने की है, वहीं जमीनी हकीकत आज भी गटर के पानी में डूबी हुई है, जो इस पंचायत की वास्तविक तस्वीर पेश करती है।1
- बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर स्थित ललित कर्पूरी स्टेडियम से एक फिजिकल एकेडमी के संचालक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- राकेश रौशन को एक युवा नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो 'नया सोच' रखते हैं और भावी जिलापरिषद उम्मीदवार हैं। उन्हें 'युवा जिलापरिषद' के तौर पर भी दर्शाया गया है। यह जानकारी दी गई है कि राकेश रौशन पिपरा विधानसभा क्षेत्र संख्या 42 से पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं।1
- मधेपुरा, बेलारी1
- सहरसा के नवहट्टा थाना पुलिस ने शाहीडीह स्थित राजेश्वर मंदिर के पूर्वी बगीचे से एक देसी कट्टे के साथ सुपौल जिले के चार युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार के नेतृत्व में की गई। छापेमारी के दौरान घोरे राघोपुर (सुपौल) के निवासी मोo मजहर, अर्श अंसारी, एहसान अंसारी और मो0 साहिल को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए ये युवक किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। आरोपियों के पास से एक अवैध देसी कट्टा बरामद किया गया है। इस मामले में चारों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल उनके आपराधिक इतिहास का पता लगा रही है, और इस गिरफ्तारी से एक बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा किया जा रहा है।1
- रविवार को सहरसा प्रेक्षागृह में आयोजित 'स्नातक मतदाता संवाद कार्यक्रम' को कोसी पुत्र एवं शिक्षाशास्त्री डॉ. रजनीश रंजन ने संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. रंजन ने आगामी MLC 2026 चुनाव के कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मद्देनजर शिक्षा, रोजगार, युवाओं के भविष्य तथा कोसी क्षेत्र के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने गहन विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्नातक मतदाता, शिक्षक, बुद्धिजीवी और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने इन अहम विषयों पर चर्चा में भाग लिया।1
- सामने दिख रहे एक वीडियो के अनुसार, करजैन पंचायत के बसवनपट्टी अंतर्गत वार्ड नंबर 4 में, मध्य विद्यालय के पूरब दिशा में बिजली का एक खंभा आंधी में टूट गया है। यह खंभा दो-तीन महीने से टूटा हुआ है, लेकिन अभी तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। बिजली विभाग की NBPDCL कंपनी के जेई मैनेजर साहब से यह निवेदन किया गया है कि इस वीडियो को देखते हुए टूटे हुए खंभे के स्थान पर जल्द से जल्द दूसरा खंभा लगवाया जाए, ताकि ग्रामीणों को बिजली संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। बसवनपट्टी के समस्त ग्रामवासी इस पर त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में संपर्क के लिए 6287205820 नंबर भी दिया गया है।1
- झंझारपुर अनुमंडल के भैरवस्थान थाना क्षेत्र से रविवार को एक बड़े सड़क हादसे की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (NH-27) पर समिया चौक के पास एक तेज रफ्तार बस और ट्रक के बीच जोरदार भिड़न्त हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसमें बस में सवार कई यात्रियों को चोटें आई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी यात्री की जान को कोई खतरा नहीं पहुंचा और सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब एक यात्री बस पटना से सवारियों को लेकर झंझारपुर की तरफ आ रही थी और समिया चौक के पास उसकी टक्कर ट्रक से हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इस आकस्मिक टक्कर के कारण NH-27 पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे हाईवे के एक लाइन में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही भैरवस्थान थाने की स्थानीय पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाया और डेढ़ घंटे से बाधित यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बहाल कराया। पुलिस ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया है और मामले की छानबीन की जा रही है।1