बस्ती जनपद में विश्व पर्यावरण दिवस माह के अवसर पर बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल की गई है। विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली और युवा विकास समिति, बस्ती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों, ग्रामीणों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से 10 हजार सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य प्रकृति का संरक्षण और हरित बस्ती का निर्माण करना है, जो वैश्विक थीम "प्रकृति से प्रेरित – जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए" पर आधारित है। इस दौरान बच्चों को मिट्टी और विभिन्न प्रकार के बीज उपलब्ध कराकर सीड बॉल बनाना सिखाया गया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नवीन सिंह ने सीड बॉल को पर्यावरण संरक्षण की एक नई परिकल्पना बताया। उन्होंने समझाया कि इन सीड बॉल को बीज और मिट्टी से तैयार किया जाता है, फिर बरसात के दिनों में इन्हें खाली इलाकों में फेंक दिया जाता है। इससे सुनसान जगहों पर भी नए पौधे अंकुरित होते हैं, जो बड़े होकर पर्यावरण को हरा-भरा करते हैं और रेन कवर बढ़ाने में मदद करते हैं। उन्होंने बच्चों को अपने आसपास के क्षेत्र में इसका अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए जागरूक किया और भविष्य में इसके अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद जताई। बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने सीड बॉल बनाने की विधि और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मिट्टी, खाद और बीजों का एक छोटा गोलाकार मिश्रण होता है, जो बीजों को पक्षियों, कीड़ों और कठोर मौसम से सुरक्षा प्रदान करता है। मिट्टी और खाद की परत बीजों को सूखने या जानवरों का भोजन बनने से बचाती है। बारिश होने पर यह बॉल धीरे-धीरे गल जाती है और खाद बीजों को आवश्यक पोषण देती है, जिससे पौधे अंकुरित होने लगते हैं। यह तकनीक कम खर्चीली, सरल और पर्यावरण अनुकूल है, जिसे कोई भी आसानी से उपयोग कर सकता है। इस माह भर के अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत नीम, जामुन, करंजी, महुआ, सीताफल, आम, बहेड़ा और गुलमोहर जैसे वृक्षों के बीजों का संकलन किया जा रहा है। इन बीजों से बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर खाली एवं अनुपयोगी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए किया जाएगा। इस मौके पर राम पूरन चौधरी और संजय कुमार गौतम ने भी अपने विचार व्यक्त किए, और बड़ी संख्या में बच्चों ने सीड बॉल बनाने के काम में सक्रिय रूप से भाग लिया।
बस्ती जनपद में विश्व पर्यावरण दिवस माह के अवसर पर बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल की गई है। विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली और युवा विकास समिति, बस्ती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों, ग्रामीणों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से 10 हजार सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य प्रकृति का संरक्षण और हरित बस्ती का निर्माण करना है, जो वैश्विक थीम "प्रकृति से प्रेरित – जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए" पर आधारित है। इस दौरान बच्चों को मिट्टी और विभिन्न प्रकार के बीज उपलब्ध कराकर सीड बॉल बनाना सिखाया गया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नवीन सिंह ने सीड बॉल को पर्यावरण संरक्षण की एक नई परिकल्पना बताया। उन्होंने समझाया कि इन सीड बॉल को
बीज और मिट्टी से तैयार किया जाता है, फिर बरसात के दिनों में इन्हें खाली इलाकों में फेंक दिया जाता है। इससे सुनसान जगहों पर भी नए पौधे अंकुरित होते हैं, जो बड़े होकर पर्यावरण को हरा-भरा करते हैं और रेन कवर बढ़ाने में मदद करते हैं। उन्होंने बच्चों को अपने आसपास के क्षेत्र में इसका अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए जागरूक किया और भविष्य में इसके अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद जताई। बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने सीड बॉल बनाने की विधि और उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मिट्टी, खाद और बीजों का एक छोटा गोलाकार मिश्रण होता है, जो बीजों को पक्षियों, कीड़ों और कठोर मौसम से सुरक्षा प्रदान करता है। मिट्टी और खाद की परत बीजों को सूखने या जानवरों का भोजन बनने से बचाती है। बारिश होने पर यह
बॉल धीरे-धीरे गल जाती है और खाद बीजों को आवश्यक पोषण देती है, जिससे पौधे अंकुरित होने लगते हैं। यह तकनीक कम खर्चीली, सरल और पर्यावरण अनुकूल है, जिसे कोई भी आसानी से उपयोग कर सकता है। इस माह भर के अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत नीम, जामुन, करंजी, महुआ, सीताफल, आम, बहेड़ा और गुलमोहर जैसे वृक्षों के बीजों का संकलन किया जा रहा है। इन बीजों से बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर खाली एवं अनुपयोगी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए किया जाएगा। इस मौके पर राम पूरन चौधरी और संजय कुमार गौतम ने भी अपने विचार व्यक्त किए, और बड़ी संख्या में बच्चों ने सीड बॉल बनाने के काम में सक्रिय रूप से भाग लिया।
- आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, हर्रैया के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री अजय सिंह जी ने राम रेखा मंदिर के प्रांगण में आयोजित एक योग शिविर में भागीदारी की। इस दौरान योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया गया, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आज के व्यस्त जीवन में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति भी प्रदान करता है। यह महत्वपूर्ण दिन देश और दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ करोड़ों लोगों ने योग करके स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।1
- बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी का एनकाउंटर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे गरीबों के हक में आवाज उठाते थे। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बिहार सरकार इस मामले में क्या कर रही है। पूछा गया है कि भारत में गरीबों के लिए हक मांगना क्या अपराध है और अगर ऐसा है, तो ऐसी 'अपराध' की यही सजा है।1
- बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में सर्विस रोड पर लंबे समय से पड़ी खराब गिट्टी और बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे का कारण बने हुए हैं। यहां निर्माण कार्य के लिए डाली गई गिट्टी को कई दिनों बाद भी हटाया नहीं गया है। इसके साथ ही, बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे भी सड़क किनारे पड़े हैं, जिससे निर्माण सामग्री तो बर्बाद हो ही रही है, व्यस्त मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। जिम्मेदार एनएचआई (NHAI) की घोर लापरवाही को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह गिट्टी वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवारों के फिसलने और छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। महराजगंज सर्विस रोड पर फैले इस मलबे के कारण राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी मांग है कि यदि समय रहते सर्विस रोड से गिट्टी और अन्य खराब सामग्री को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार विभाग की इस उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है, जबकि सर्विस रोड पर पड़ी कंक्रीट की सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी किला मैदान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस आयोजन में आमजन, छात्र, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि "स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।" उन्होंने योग को भारत की प्राचीन परंपरा बताते हुए इसे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने योग के वैश्विक प्रसार के लिए नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना भी की। झांसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्य संदेश रहा: "योग अपनाइए, निरोग रहिए।"1
- रामनगरी अयोध्या में हाल ही में राजनीतिक हलचल देखने को मिली है, जहाँ आम आदमी पार्टी (आप) ने एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और प्रदर्शनकारियों के बयानों के संबंध में विस्तृत जानकारी, साथ ही प्रदर्शन की तस्वीरें, एक वीडियो में देखने को कही गई हैं।2
- आज संपूर्ण भारतवर्ष सहित पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर, सभी देशवासियों से यह विशेष आग्रह किया गया है कि वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए योगाभ्यास को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ। यह रिपोर्ट 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए लाल चंद सोनी द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- अयोध्या की बीकापुर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर और बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने मिलकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी का सख्त रुख देखने को मिला, जहाँ उन्होंने चार अधिकारियों का वेतन रोकने और अनुपस्थित कर्मचारियों व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 350 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जिनमें से 42 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। गौरा निवासी राजेश कुमार पाण्डेय की चकमार्ग पटाई से संबंधित शिकायत पर जिलाधिकारी ने बीकापुर के एसडीएम और तारुन के बीडीओ को सोमवार तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, शिकायतकर्ता रजत पाण्डेय की शिकायत के आधार पर एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह का वेतन रोकने के साथ ही जांच के आदेश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, बड़नपुर निवासी मीरा देवी की शिकायत पर कार्रवाई न करने के मामले में लेखपाल राकेश सिंह, अभिषेक भारती और अतुल सिंह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस संबंधी शिकायतों की सुनवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए, जबकि विधायक ने अधिकारियों से जनहित के मामलों को प्राथमिकता देने की बात कही। इस चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन कई फरियादियों को जिलाधिकारी से मिल न पाने का मलाल रहा और उन्हें उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर संतोष करना पड़ा। तहसील दिवस से निकलने के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने लापरवाही पर चार का वेतन रोके जाने और अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश की जानकारी दी।3
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया दिनदहाड़े और रात-दिन जेसीबी और डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर रहे हैं, जिससे माझा जमथरा का सीना चीरा जा रहा है। आरोपों के अनुसार, जिम्मेदार विभाग इस पर आँखें मूंदे बैठा है और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। लोगों का यह भी सवाल है कि सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी, और कौन ईमानदार प्रशासनिक छवि वाले जिलाधिकारी व एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस अवैध खनन के खेल पर कब लगाम लगती है।1