साइबर अपराधी इन दिनों पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई, कस्टम या अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल और फोन के जरिए निशाना बना रहे हैं। ये ठग नागरिकों को डराते हुए यह दावा करते हैं कि उनका आधार कार्ड, बैंक खाता या मोबाइल नंबर किसी आपराधिक मामले में इस्तेमाल हुआ है, जिसके बाद उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' किया जा रहा है। इस संबंध में स्पष्ट चेतावनी है कि भारत में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया मौजूद नहीं है और कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से ऐसी कार्रवाई नहीं करती है। साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें और अपना ओटीपी, बैंक विवरण, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा करने से बचें। जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने के बजाय सतर्क रहें, संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड न करें और किसी भी कॉल की सत्यता संबंधित विभाग के आधिकारिक नंबर से जरूर जांचें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जागरूकता ही बचाव की कुंजी है, और आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।
साइबर अपराधी इन दिनों पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई, कस्टम या अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल और फोन के जरिए निशाना बना रहे हैं। ये ठग नागरिकों को डराते हुए यह दावा करते हैं कि उनका आधार कार्ड, बैंक खाता या मोबाइल नंबर किसी आपराधिक मामले में इस्तेमाल हुआ है, जिसके बाद उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' किया जा रहा है। इस संबंध में स्पष्ट चेतावनी है कि भारत में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया मौजूद नहीं है और कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से ऐसी कार्रवाई नहीं करती है। साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें और अपना ओटीपी, बैंक विवरण, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा करने से बचें। जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने के बजाय सतर्क रहें, संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड न करें और किसी भी कॉल की सत्यता संबंधित विभाग के आधिकारिक नंबर से जरूर जांचें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करना चाहिए और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जागरूकता ही बचाव की कुंजी है, और आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।
- हल्द्वानी में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में स्थानीय लोगों और महिलाओं ने कांग्रेस नेता ललित जोशी के नेतृत्व में एसडीएम कोर्ट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। महिलाओं ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि बढ़े हुए बिलों ने उनके घरेलू बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन के जरिए स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने, बढ़े हुए बिजली बिलों की समीक्षा करने और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने की मांग की गई है। कांग्रेस नेता ललित जोशी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।1
- लक्सर विधानसभा क्षेत्र के दरगाहपुर में विधायक निधि से कराए गए सड़क निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच के दौरान यह पाया गया कि कागजों में सड़क की लंबाई 205.50 मीटर दिखाई गई थी, जबकि वास्तव में वहां केवल 170 मीटर सड़क का ही निर्माण हुआ है। लंबाई में 35.50 मीटर का यह भारी अंतर एक गंभीर वित्तीय गड़बड़ी की ओर इशारा करता है, जिसे लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा और सवाल उठ रहे हैं। इस मामले को लेकर हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गठित टीम ने जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि के बाद जांच टीम ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन बीडीओ, संबंधित अभियंता और लेखाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पत्रकार राजेश लाम्बा ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि जनता को इस घोटाले का जवाब मिल सके।1
- उत्तराखंड में बारिश के पूर्वानुमान और स्थिति को लेकर जानकारी सामने आई है। राज्य में बारिश कब होगी, इस विषय पर विस्तृत अपडेट की प्रतीक्षा की जा रही है, क्योंकि मौसम की स्थिति को लेकर प्रदेश में कौतूहल बना हुआ है।1
- बिजनौर के किरतपुर में आजाद समाज पार्टी के नेता मुदस्सिर जमा खान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया है। इन आरोपों का खंडन करने के लिए उन्होंने एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रेस वार्ता के दौरान मुदस्सिर जमा खान ने उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया जो एक वीडियो के माध्यम से उन पर लगाए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।1
- लक्सर के चंदन पैलेस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर एक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मेधावी छात्र एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत शामिल हुए। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थी परिषद केवल छात्र हितों के लिए ही कार्य नहीं करती, बल्कि राष्ट्र की भी चिंता करती है। इस आयोजन में हरिद्वार की जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, सहकारिता प्रकोष्ठ संयोजक मोहित कौशिक, अभाविप के पदाधिकारी, छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।1
- मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम के परिवार से मिलने के लिए जा रहे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को मुजफ्फरनगर के रोहाना टोल प्लाज़ा पर पुलिस ने रोक दिया है। इस कार्रवाई के बाद सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया है।1