अमहट मंडी, सुल्तानपुर में सफाई व्यवस्था की बदहाली: 12 कर्मियों की जगह सिर्फ 4 कर रहे काम, कूड़ा जलाने से खतरा अमहट मंडी, सुल्तानपुर में सफाई व्यवस्था की बदहाली: 12 कर्मियों की जगह सिर्फ 4 कर रहे काम, कूड़ा जलाने से खतरा सुल्तानपुर। अमहट मंडी में सफाई के नाम पर घोर लापरवाही बरती जा रही है। मंडी समिति द्वारा 12 सफाई कर्मियों की सूची में नाम दर्ज हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मात्र 4 सफाई कर्मी ही काम कर रहे हैं। इससे पूरा काम अधूरा रह जाता है और व्यापारियों को रोजाना गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार, मंडी में कूड़ा-करकट इकट्ठा हो रहा है, जिससे न सिर्फ सड़कें गंदी हो रही हैं बल्कि सब्जी-फल रखने वाले व्यापारियों को भी स्वास्थ्य व आर्थिक नुकसान का खतरा बना हुआ है। बुधवार शाम करीब 4 बजे मंडी में तैनात सफाई कर्मचारियों ने दीवार के किनारे कूड़ा एकत्रित कर उसे आग लगा दी। इस धुएं और आग से बगल में स्थित मंडी समिति की कॉलोनी में रहने वाले लोगों और व्यापारियों में दहशत का माहौल है। किसी अनहोनी घटना की आशंका बनी हुई है। एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “अगर कोई बड़ा हादसा हो गया तो जिम्मेदारी कौन लेगा? हम अपनी मेहनत की कमाई से सब्जी रखते हैं, अगर आग या गंदगी से नुकसान हुआ तो कौन मुआवजा देगा?” *जाम और गंदगी की दोहरी मार* मंडी में सफाई कर्मचारियों की कमी के साथ-साथ जाम की समस्या भी विकराल रूप ले चुकी है। लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान गंदगी और अव्यवस्था के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी लगातार मंडी समिति से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। मंडी समिति में पंकज बाबू और मंडी सचिव के नाम पर चर्चा हो रही है। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई ठेकेदार की नियुक्ति और पर्यवेक्षण में इनकी भूमिका है, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। ठेकेदार पर भी आरोप है कि वह पूरी संख्या में कर्मी नहीं लगाता और काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देता। *मांग* व्यापारियों ने मंडी प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांगें हैं: *12 सफाई कर्मियों की पूर्ण संख्या तैनात की जाए।* *ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई हो और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए कूड़ा जलाने की प्रथा बंद की जाए और वैज्ञानिक तरीके से निपटान हो* *मंडी में जाम नियंत्रण के लिए बेहतर व्यवस्था।*
अमहट मंडी, सुल्तानपुर में सफाई व्यवस्था की बदहाली: 12 कर्मियों की जगह सिर्फ 4 कर रहे काम, कूड़ा जलाने से खतरा अमहट मंडी, सुल्तानपुर में सफाई व्यवस्था की बदहाली: 12 कर्मियों की जगह सिर्फ 4 कर रहे काम, कूड़ा जलाने से खतरा सुल्तानपुर। अमहट मंडी में सफाई के नाम पर घोर लापरवाही बरती जा रही है। मंडी समिति द्वारा 12 सफाई कर्मियों की सूची में नाम दर्ज हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मात्र 4 सफाई कर्मी ही काम कर रहे हैं। इससे पूरा काम अधूरा रह जाता है और व्यापारियों को रोजाना गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार, मंडी में कूड़ा-करकट इकट्ठा हो रहा है, जिससे न सिर्फ सड़कें गंदी हो रही हैं बल्कि सब्जी-फल रखने वाले व्यापारियों को भी स्वास्थ्य व आर्थिक नुकसान का खतरा बना हुआ है। बुधवार शाम करीब 4 बजे मंडी में तैनात सफाई कर्मचारियों ने दीवार के किनारे कूड़ा एकत्रित कर उसे आग लगा दी। इस धुएं और आग से बगल में स्थित मंडी समिति की कॉलोनी में रहने वाले लोगों और व्यापारियों में दहशत का माहौल है। किसी अनहोनी घटना की आशंका बनी हुई है। एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “अगर कोई बड़ा हादसा हो गया तो जिम्मेदारी कौन लेगा? हम अपनी मेहनत की कमाई से सब्जी रखते हैं, अगर आग या गंदगी से नुकसान हुआ तो कौन मुआवजा देगा?” *जाम और गंदगी की दोहरी मार* मंडी में सफाई कर्मचारियों की कमी के साथ-साथ जाम की समस्या भी विकराल रूप ले चुकी है। लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान गंदगी और अव्यवस्था के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी लगातार मंडी समिति से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। मंडी समिति में पंकज बाबू और मंडी सचिव के नाम पर चर्चा हो रही है। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई ठेकेदार की नियुक्ति और पर्यवेक्षण में इनकी भूमिका है, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। ठेकेदार पर भी आरोप है कि वह पूरी संख्या में कर्मी नहीं लगाता और काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देता। *मांग* व्यापारियों ने मंडी प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांगें हैं: *12 सफाई कर्मियों की पूर्ण संख्या तैनात की जाए।* *ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई हो और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए कूड़ा जलाने की प्रथा बंद की जाए और वैज्ञानिक तरीके से निपटान हो* *मंडी में जाम नियंत्रण के लिए बेहतर व्यवस्था।*
- सोनार नेवढ़िया में छेड़खानी व छीना-झपटी मामले में तीन गिरफ्तार सोनार नेवढ़िया में छेड़खानी व छीना-झपटी मामले में तीन गिरफ्तार सुल्तानपुर। जनपद के थाना गोसाईगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोनार नेवढ़िया में छेड़खानी एवं छीना-झपटी की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, दिनांक 06 मई 2026 को प्राप्त शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर समीचीन धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है तथा पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।1
- प्रतिबंधित मांस रखकर फंसाने का प्रयास चार गिरफ्तार, तीन हिस्ट्रीशीटर, भेजे गए जेल प्रतिबंधित मांस रखकर फंसाने का प्रयास चार गिरफ्तार, तीन हिस्ट्रीशीटर, भेजे गए जेल सुलतानपुर। थाना कोतवाली देहात के थाना क्षेत्र के ग्राम वजूपुर मे पुरानी रंजिश को लेकर बोरी मे प्रतिबंधित गोमांस्त वादी के दरवाजा पर रखकर फंसाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने इस संबंध मे वादी की सूचना पर गोवध निवारण अधिनियम की एफआईआर लिखी और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जानकारी दी है कि पकड़े गए मो. वसीम, शमीम उर्फ बूबनु, मो. सलीम उर्फ सन्नन पुत्रगण मो. कलीम वजूपुर हङही थाना को.देहात के निवासी है। ये तीनों आरोपी थाना कोतवाली देहात के हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। पूछताछ में प्रकाश मे आये मो. रहमान उर्फ ताज पुत्र अकील अहमद उर्फ बब्बू निवासी फिरोजपुर कला थाना कुङवार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में कोतवाल धर्मवीर सिंह दरोगा सादिक खां, हे.का. शिवशंकर, हे.का. विनय यादव व का. फिरदौस आलम शामिल रहे। गिरफ्तार वसीम सलीम व शमीम पर अमेठी अयोध्या व बाराबंकी जिले में भी कई मुकदमे दर्ज है।1
- मेरठ में एक हप्ते में दूसरी अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी गई पुलिस प्रशासन पर उठ रहे सवाल उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ की लगभग एक हप्ते में दूसरी बार आ रही घटनाओ से जिले की कानून व्यवस्था और अपराघियों के मजबूत नेटवर्क को लेकर चिंता बढ गयी है1
- मई में सावन जैसा मौसम, घनघोर बादलों और रिमझिम बारिश से जनजीवन प्रभावित जयसिंहपुर क्षेत्र में गुरुवार को मौसम ने एक बार फिर करवट लेते हुए लोगों को मई महीने में ही सावन जैसा एहसास करा दिया। बुधवार शाम से चल रही तेज हवाओं के बाद गुरुवार सुबह आसमान पर काले घनघोर बादलों ने डेरा जमा लिया और रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह से ही पूरे क्षेत्र में शाम जैसा नजारा देखने को मिला। बादलों की गड़गड़ाहट और ठंडी हवाओं के बीच लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। आलम यह है कि रात के समय लोगों को हल्की ठंड महसूस होने लगी है और कई घरों में लोग कंबल तक ओढ़ने लगे हैं। सप्ताह भर में दो से तीन बार हुई बारिश और तेज हवाओं ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया है, वहीं किसानों और आम लोगों के चेहरे पर राहत दिखाई दे रही है। हालांकि दूसरी ओर शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों वाले परिवारों के लिए यह मौसम परेशानी का कारण बन रहा है। अचानक हो रही बारिश और तेज हवाओं से टेंट, सजावट और आवागमन प्रभावित हो रहा है। मौसम के इस बदले मिजाज को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।2
- *आज दिनांक 07.05.2026 को रात्रि में थाना मांधाता क्षेत्रान्तर्गत 01 युवती द्वारा अपने घर के अंदर कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या करने पर थाना स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-* *क्षेत्राधिकारी रानीगंज श्री विनय प्रभाकर साहनी की बाइट ।*1
- Kanpur Accident Breaking News : कानपुर में बड़ा हादसा / डंपर की टक्कर से नहर में गिरी Kanpur Accident Breaking News : कानपुर में बड़ा हादसा / डंपर की टक्कर से नहर में गिरी बस ,#KanpurAccident #BusAccident #KanpurNews #UPNews #UttarPradesh #RoadAccident #BreakingNews #Kanpur #BusCrash #UPKhabar #HindiNews #AccidentNews #khabreinuttarpradeshki Khabrein Uttar Pradesh ki1
- aao dekhte hai apna Sultanpur aur Sultanpur ki barish agar accha lage to like bhi kar dena1
- उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू, 7 से 21 मई तक होगी स्व-गणना उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू, 7 से 21 मई तक होगी स्व-गणना लखनऊ/सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस चरण में नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा प्रदान की गई है, जिसके तहत लोग स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यह प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू होकर 21 मई 2026 तक चलेगी। सरकार द्वारा शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। स्व-गणना के माध्यम से नागरिक अपने घर, परिवार और अन्य आवश्यक विवरण स्वयं भर सकेंगे, जिससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी और समय की बचत होगी। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। अधिकारियों के अनुसार जनगणना के दौरान प्राप्त आंकड़े सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1