खींवसर के भाजपा विधायक सहित राजस्थान विधानसभा के तीन विधायकों द्वारा विधायक निधि से राशि स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत / कमीशन लेने से जुड़े मामले को आज लोक सभा के शून्य काल में उठाया और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ऐसे भ्रष्ट आचरण में संलिप्त विधायकों को बर्खास्त करने की मांग की खींवसर के भाजपा विधायक सहित राजस्थान विधानसभा के तीन विधायकों द्वारा विधायक निधि से राशि स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत / कमीशन लेने से जुड़े मामले को आज लोक सभा के शून्य काल में उठाया और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ऐसे भ्रष्ट आचरण में संलिप्त विधायकों को बर्खास्त करने की मांग की क्योंकि इन विधायकों ने न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाई है, बल्कि जनता के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाया है | विधायक निधि जारी करने के एवज में रिश्वत लेने और कमीशन लेने के खेल को समाचार पत्र ने तथ्यों और सबूतों के साथ प्रकाशित किया ,चैनलों ने भी उस स्टिंग को दिखाया, जिसमे भाजपा के एक विधायक ने तो स्टिंगर से दस लाख रूपये घर बुलाकर रिश्वत के रूप में लिए | जनता विधायकों और सांसदों को अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनती है ताकि हम उनके अधिकारों की रक्षा करें और उनके हितों के लिए कार्य करें,लेकिन जब जनप्रतिनिधि स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र की नींव को कमजोर करता है ऐसे में यदि ऐसे आचरण पर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार को सहन किया जा सकता है। मैने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री जी कहते है कि न खाऊंगा न खाने दूंगा मगर जब उनकी पार्टी के विधायक के ऐसे कृत्य सामने आते है और उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती है पीएम की मंशा पर जनता सवालिया निशान खड़ा करती है |
खींवसर के भाजपा विधायक सहित राजस्थान विधानसभा के तीन विधायकों द्वारा विधायक निधि से राशि स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत / कमीशन लेने से जुड़े मामले को आज लोक सभा के शून्य काल में उठाया और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ऐसे भ्रष्ट आचरण में संलिप्त विधायकों को बर्खास्त करने की मांग की खींवसर के भाजपा विधायक सहित राजस्थान विधानसभा के तीन विधायकों द्वारा विधायक निधि से राशि स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत / कमीशन लेने से जुड़े मामले को आज लोक सभा के शून्य काल में उठाया और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ऐसे भ्रष्ट आचरण में संलिप्त विधायकों को बर्खास्त करने की मांग की क्योंकि इन विधायकों ने न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाई है, बल्कि जनता के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाया है | विधायक निधि जारी करने के एवज में रिश्वत लेने और कमीशन लेने के खेल को समाचार पत्र ने तथ्यों और सबूतों के साथ प्रकाशित किया ,चैनलों ने भी उस स्टिंग को दिखाया, जिसमे भाजपा के एक विधायक ने तो स्टिंगर से दस लाख रूपये घर बुलाकर रिश्वत के रूप में लिए | जनता विधायकों और सांसदों को अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनती है ताकि हम उनके अधिकारों की रक्षा करें और उनके हितों के लिए कार्य करें,लेकिन जब जनप्रतिनिधि स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र की नींव को कमजोर करता है ऐसे में यदि ऐसे आचरण पर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार को सहन किया जा सकता है। मैने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री जी कहते है कि न खाऊंगा न खाने दूंगा मगर जब उनकी पार्टी के विधायक के ऐसे कृत्य सामने आते है और उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती है पीएम की मंशा पर जनता सवालिया निशान खड़ा करती है |
- Post by Bablu Mehar2
- *गुलाबपुरा में अधिवक्ता पर हमले को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश* *अधिवक्ता सुरक्षा कानून की मांग तेज, मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र* *केकड़ी 28 मार्च (पवन राठी )* *प्रदेश में अधिवक्ताओं के साथ बढ़ रही मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटनाओं को लेकर अधिवक्ता समाज में रोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के प्रदेश महासचिव मनोज आहूजा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। पत्र में बताया कि 25 मार्च 2026 को गुलाबपुरा (भीलवाड़ा) स्थित आगूंचा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रामकुंवर प्रजापत एवं उनके परिवार के साथ टोलकर्मियों द्वारा मारपीट की गई।* *आरोप है कि पहचान बताने के बावजूद अधिवक्ता पेशे को लेकर अभद्र टिप्पणी की गई और महिलाओं व बच्चियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। घटना के बाद गुलाबपुरा थाने में मामला दर्ज कर पीड़ित अधिवक्ता व उनके परिजनों का मेडिकल कराया गया, लेकिन आरोपियों के खिलाफ केवल साधारण धाराओं में कार्रवाई की गई।* *मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्तारी से बाहर हैं, जिससे अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी व्याप्त है। पत्र में कहा गया है कि यदि अधिवक्ता और उनका परिवार ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है। प्रदेश में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करना समय की आवश्यकता बताया गया है। मनोज आहूजा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश में शीघ्र अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू किया जाए और गुलाबपुरा घटना में शामिल सभी दोषी टोलकर्मियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए। पत्र भेजने के दौरान बार उपाध्यक्ष द्वारका प्रसाद पंचोली, वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मल चौधरी, मुरलीधर शर्मा, शिवप्रसाद पाराशर, लेसी झवर, भैरू सिंह राठौड़, फरीद खान, धर्मेंद्र सिंह मेघवंशी, शंकर सिंह आदि मौजूद थे।*3
- लालसोट उपखंड के डीडवाना में जय ज्वाला जोबनेर सेवक दल द्वारा गर्मी के मौसम में बेजुबान पक्षियों के पीने के लिए पानी की व्यवस्था हेतु परिंडा अभियान की शुरुआत की गई। जिसमें सभी सेवक दल के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। और जगह-जगह पर परिंडे लगाकर गर्मी के मौसम में बेजुबान पक्षियों के लिए पीने के लिए पानी की व्यवस्था की। जिससे गर्मी के मौसम में प्यास से किसी बेजुबान पक्षी की मौत ना हो। इस इस पुण्य काम मैं सभी ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इनका लगभग 200 परिंडे लगाने का लक्ष्य है। जिसमें से अब तक 20 पर हिंदी इनके द्वारा लगा दिए गए हैं।1
- मेले से पहले प्रशासन सख्त, सुरक्षा-व्यवस्थाओं का लिया जायजा उपखंड क्षेत्र के खुर्रा ग्राम में प्रसिद्ध बीजासणी माता का पांच दिवसीय विशाल मेला 31 मार्च से श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। मेले को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में एएसपी विनोद सीपा ने मंडावरी थाना प्रभारी सुधीर उपाध्याय सहित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मेले स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन एवं पार्किंग सहित सभी पहलुओं का गहनता से जायजा लिया। एएसपी विनोद सीपा ने निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को सख्ती से रोका जाए। प्रशासन द्वारा मेले में चिकित्सा सुविधा, पेयजल, पर्याप्त रोशनी, सीसीटीवी कैमरे एवं पुलिस जाब्ते की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा, जिससे आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। ग्राम पंचायत किशोरपुरा के सरपंच हरिओम मीणा ने बताया कि मेले में प्रदेशभर से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या, घुड़दौड़, कुश्ती सहित विभिन्न मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।1
- लाखेरी - लाखेरी सहित उपखंड क्षेत्र में काली बजरी के अवैध कारोबार इन दिनों बिना रोक टोक धड़ल्ले से चल रहा है। दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन अब आमजन की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। ऐसा ही मामला लाल पुलिया का है, जहां काली बजरी से भरी एक ट्रॉली का अचानक पहिया निकल गया। बताया जा रहा है कि ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा रुकी। इसी दौरान पीछे आ रहे दोपहिया वाहन सवारों ने किसी तरह खुद को संभाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखेरी क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन लगातार जारी है और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। जिसके चलते ओवरलोड और बिना सुरक्षा मानकों के दौड़ रहे ये वाहन कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।4
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- मीन राशि 29 मार्च 2026: आज मिलेगा बड़ा संकेत, धैर्य से मिलेगा फल!1
- *जिला समाप्ति की मासिक बरसी को ब्लैक डे के रूप मे मनाया गया* *केकड़ी क्षेत्र की जनता कर रही न्याय की मांग -जिला बहाल करो -चेतन धाबाई* *हुक्मरानो की नाइंसाफी की सजा भुगत रही केकड़ी क्षेत्र की आवाम -सलीम गौरी* *केकड़ी 28मार्च (पवन राठी )* *केकड़ी जिले को राज्य की भजन लाल सरकार द्वारा 28दिसंबर 2024 को समाप्त कर दिया था l* *बार एसोसिएशन केकड़ी के बैनर तले 2 जनवरी 2025 से जिला वापस बहाली की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन अनवरत आज भी जारी है और प्रत्येक माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाया जाता है l* *इसी कड़ी मे आज 28 मार्च को धरना स्थल पर ब्लैक डे मनाया गया l* *इस अवसर पर वकीलों ने काली पट्टी बाँध न्यायिक कार्यो का बहिष्कार कर राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर केकड़ी जिला बहाल करो की भी नारेबाजी कर उपखण्ड अधिकारी को मुख्य मंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा l* *ज्ञापन मे लिखा गया है की केकड़ी जिला बनने की सभी पात्रताये पूरी कर रहा था परन्तु उसके बाद भी सरकार द्वारा राजनितिक द्वेषता वश केकड़ी जिले को समाप्त करके क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय किया गया है lजिला समाप्ति के कारण केकड़ी मे विकास कार्य थम चुके है और विगत काल से अब तक केकड़ी विकास कार्यो मे काफी पिछड़ गया है l* *ब्लैक डे पर अपने सम्बोधन मे वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन धाबाई ने भी यही बात कही की राज्य सरकार ने केकड़ी जिले को समाप्त करके क्षेत्र की जनता के साथ घोर अन्याय किया है lइसलिए राज्य सरकार को जनहित मे तत्काल केकड़ी जिले को बहाल करके अपनी गलती को सुधार लेना चाहिए l* *वरिष्ठ अधिवक्ता सलीम गौरी ने अपने उद्बोधन मे कहा की हुकमरानों की दहशत के कारण जिला बहाली आंदोलन का कारवा भले ही थम सा गया प्रतीत हो रहा हो लेकिन जो आंदोलन की चिंगारी केकड़ी बार द्वारा लगाई गई थी वही छोटी सी चिंगारी वक़्त आने पर शोले का रूप धारण करके अपना अधिकार प्राप्त करके ही रहेगी l*भले ही हुकमरान कितनी ही दहशत फैलाये जूनून को कभी काबू करके बंधक नहीं बनाया जा सकेगा l*4
- 📰 ब्रेकिंग न्यूज़ | मंडावरी (दौसा) मंडावरी क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कोठी वाली ढाणी के पास तेज़ रफ्तार कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने भिड़ंत में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। 🚨 हादसे का पूरा विवरण आज दोपहर करीब 1:00 बजे एक ग्रैंड विटारा कार (DL 7CW 1118) और बजाज प्लेटिना बाइक (RJ29 SJ0844) के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दंपत्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान गुमान सिंह (66 वर्ष) और उनकी पत्नी श्रीमती सरोज के रूप में हुई है। दोनों खेड़ला खुर्द (थाना मंडावरी) के निवासी थे। 👮 पुलिस की तत्परता हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और आक्रोश के चलते जाम लगाने की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुधीर उपाध्याय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया और जाम नहीं लगने दिया। ⚖️ आगे की कार्रवाई दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया दुर्घटना में शामिल कार को पुलिस ने ज़ब्त कर लिया चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है 👉 इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।1