ई- टोकन व्यवस्था से किसानों को समय पर यूरिया मिलेगा व पारदर्शी आएगी- कलेक्टर किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत ई- विकास जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न नरसिहपुर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने कहा कि जिले में जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन किसानों की फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनवाएं। राज्य शासन द्वारा जो ई- टोकन (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली लागू की है, इससे किसानों को काफी सुविधा होगी। ई-टोकन व्यवस्था से कालाबाजारी रूकेगी और किसानों को पारदर्शिता के साथ समय पर यूरिया मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण इस उद्देश्य से आयोजित किया गया है, जिससे किसानों से जुड़े मैदानी अमला किसानों को ई-टोकन बुक कराने में सहायता कर सकें। कलेक्टर श्रीमती सिंह ने ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के तहत सोमवार को शासकीय पीजी कॉलेज नरसिंहपुर में आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। राज्य शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग निर्देशानुसार किसान कल्याण वर्ष 2026 अंतर्गत ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू की गई है। प्रशिक्षण का प्रथम सत्र में विकासखंड नरसिंहपुर, करेली, एवं गोटेगांव और प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में चावरपाठा, चीचली एवं साइखेड़ा को दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोपाल स्तर से आए मास्टर ट्रेनर श्री मनीष बिरहा एवं निमेष जैन ने ई-टोकन जनरेट करने की प्रणाली, किसानों को ई-टोकन जनरेट नहीं करने पर मैदानी अमले द्वारा टोकन जनरेट करना व उन्हें प्रशिक्षित करने तथा जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनकी फार्मर आईडी बनाने आदि से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण पटवारी, सचिव / ग्राम सहायक, सोसाइटी मैनेजर, वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, डबल लॉक एग्रो गोदाम प्रभारियों को दिया गया। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, परियोजना संचालक आत्मा श्री आरपी झारिया, उपायुक्त सहकारिता, जिला सहकारी बैंक, जिला विपणन अधिकारी आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
ई- टोकन व्यवस्था से किसानों को समय पर यूरिया मिलेगा व पारदर्शी आएगी- कलेक्टर किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत ई- विकास जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न नरसिहपुर कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने कहा कि जिले में जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन किसानों की फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनवाएं। राज्य शासन द्वारा जो ई- टोकन (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली लागू की है, इससे किसानों को काफी सुविधा होगी। ई-टोकन व्यवस्था से कालाबाजारी रूकेगी और किसानों को पारदर्शिता के साथ समय पर यूरिया मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण इस उद्देश्य से आयोजित किया गया है, जिससे किसानों से जुड़े मैदानी अमला किसानों को ई-टोकन बुक कराने में सहायता कर सकें। कलेक्टर श्रीमती सिंह ने ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के तहत सोमवार को शासकीय पीजी कॉलेज नरसिंहपुर में आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। राज्य शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग निर्देशानुसार किसान कल्याण वर्ष 2026 अंतर्गत ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था लागू की गई है। प्रशिक्षण का प्रथम सत्र में विकासखंड नरसिंहपुर, करेली, एवं गोटेगांव और प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में चावरपाठा, चीचली एवं साइखेड़ा को दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोपाल स्तर से आए मास्टर ट्रेनर श्री मनीष बिरहा एवं निमेष जैन ने ई-टोकन जनरेट करने की प्रणाली, किसानों को ई-टोकन जनरेट नहीं करने पर मैदानी अमले द्वारा टोकन जनरेट करना व उन्हें प्रशिक्षित करने तथा जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनकी फार्मर आईडी बनाने आदि से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण पटवारी, सचिव / ग्राम सहायक, सोसाइटी मैनेजर, वरिष्ट कृषि विकास अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, डबल लॉक एग्रो गोदाम प्रभारियों को दिया गया। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, परियोजना संचालक आत्मा श्री आरपी झारिया, उपायुक्त सहकारिता, जिला सहकारी बैंक, जिला विपणन अधिकारी आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- साईंखेड़ा में बुजुर्ग दंपति की निर्मम हत्या, इलाके में सनसनी डॉग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम मौके पर, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच साईंखेड़ा। थाना साईंखेड़ा क्षेत्र के ग्राम बम्होरी में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक बुजुर्ग दंपति की निर्मम हत्या की वारदात सामने आई। अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई इस दोहरे हत्याकांड की घटना से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बम्होरी निवासी लगभग 65 से 70 वर्षीय छुटई अहिरवार और उनकी पत्नी जेराबाई अहिरवार की बीती रात अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। सोमवार सुबह जब आसपास के लोगों को घटना की जानकारी लगी तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना साईंखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ जिले के अन्य थानों के थाना प्रभारी एवं पुलिस बल भी मौजूद रहा। पुलिस अधिकारियों ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतक दंपति के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। बड़ा बेटा पहलवान अहिरवार दिल्ली में निवास करता है, जिसने साईंखेड़ा क्षेत्र में एक पक्का मकान बनवाया था। उसी मकान में यह बुजुर्ग दंपति निवास कर रहे थे। वहीं छोटा बेटा ओमजी अहिरवार करीब 30 किलोमीटर दूर इमलिया पिपरिया में रहता है। ग्रामीणों के अनुसार दंपति पिछले दो से तीन वर्षों से यहां रह रहे थे और वृद्धा पेंशन व मजदूरी के सहारे अपना जीवनयापन कर रहे थे। घटना के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी निर्मम वारदात ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सकेगा और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। (जारी जांच – पुलिस जुटी सुराग तलाशने में) दोहरे हत्याकांड की इस गंभीर वारदात के बाद पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कई संभावित पहलुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है। आसपास के गांवों के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस द्वारा मृतक दंपति के परिजनों तथा परिचितों से भी बातचीत कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किसी से कोई पुराना विवाद तो नहीं था या फिर घटना के पीछे चोरी, रंजिश अथवा अन्य कोई कारण तो नहीं है। फोरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल से मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद कई अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं पुलिस ने आसपास के इलाकों में भी संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।4
- Post by प्रदीप शर्मा करेली जिला नरसिंह1
- Post by Dharmendra sahu1
- Post by सुशील सिंह ठाकुर3
- Post by सन्तोष1
- ठेमी थाना अंतर्गत मुराच गांव में बिक रही अवैध शराब बंद करवाने की मांग को लेकर ग्रामीण ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर आबकारी विभाग अधिकारी को दिया आवेदन वही आवेदक लाल साहब चौधरी ने बताया कि गाँव के ग्रामीण के द्वारा 15 वर्षों से अवैध शराब बेची जा रही है जिससे गांव के बहुत से लोग बीमार हैं और युवा नशे के आदी हो रहे हैं वही उसने आबकारी अधिकारी को आवेदन देते हुए गांव में पूर्णता शराब बिक्री पर पाबंदी लगाने की मांग की है।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- Post by प्रदीप शर्मा करेली जिला नरसिंह1