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नागौर जिले के रियां बड़ी नगरपालिका क्षेत्र में कुछ माह पूर्व सीसी सड़क निर्माण के बाद कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, घटिया सामग्री के उपयोग, बेहद धीमी गति और निर्धारित मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, नाला निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, और कई स्थानों पर बिना उचित नाप-जोख के ही निर्माण किया जा रहा है, जिससे ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम कर रहा है। चिंताजनक बात यह भी है कि जहाँ आगे नए नाले बन रहे हैं, वहीं पीछे बने हुए नालों के हिस्से कई जगह टूटने लगे हैं, जो निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। नागरिकों ने बताया कि कई जगह निर्माण कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़कर आगे बढ़ा दिया गया है, और अनेक स्थानों पर सड़क के किनारे नाले की चौड़ाई काफी कम रखी गई है, जिससे बरसात के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होने की आशंका है। मानसून की शुरुआत के साथ ही कई स्थानों पर नालों में पानी का जमाव होने लगा है, जिसने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। इस मामले को लेकर उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि उन्हें शिकायतें मिली हैं और संबंधित सड़क विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही संबंधित विभाग के अधिकारी और ठेकेदार को मौके पर बुलाकर संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण में नाले की गुणवत्ता, उपयोग की गई निर्माण सामग्री और यह कि कार्य निर्धारित नाप के अनुसार हुआ है या नहीं, इसकी गहनता से जांच की जाएगी। एसडीएम सुखाड़िया ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की एक निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, और नालों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार दोबारा कराया जाए।

2 hrs ago
user_Vishnaram saini
Vishnaram saini
Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
2 hrs ago

नागौर जिले के रियां बड़ी नगरपालिका क्षेत्र में कुछ माह पूर्व सीसी सड़क निर्माण के बाद कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, घटिया सामग्री के उपयोग, बेहद धीमी गति और निर्धारित मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, नाला निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, और कई स्थानों पर बिना उचित नाप-जोख के ही निर्माण किया जा रहा है, जिससे ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम कर रहा है। चिंताजनक बात यह भी है कि जहाँ आगे नए नाले बन रहे हैं, वहीं पीछे बने हुए नालों के हिस्से कई जगह टूटने लगे हैं, जो निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। नागरिकों ने बताया कि कई जगह निर्माण कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़कर आगे बढ़ा दिया गया है, और अनेक स्थानों पर सड़क के किनारे नाले की चौड़ाई काफी कम रखी गई है, जिससे बरसात के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होने की आशंका है। मानसून की शुरुआत के साथ ही कई स्थानों पर नालों में पानी का जमाव होने लगा है, जिसने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। इस मामले को लेकर उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि उन्हें शिकायतें मिली हैं और संबंधित सड़क विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही संबंधित विभाग के अधिकारी और ठेकेदार को मौके पर बुलाकर संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण में नाले की गुणवत्ता, उपयोग की गई निर्माण सामग्री और यह कि कार्य निर्धारित नाप के अनुसार हुआ है या नहीं, इसकी गहनता से जांच की जाएगी। एसडीएम सुखाड़िया ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की एक निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, और नालों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार दोबारा कराया जाए।

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  • राजस्थान के सीकर में पुजारियों ने मंदिर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण और उन पर बढ़ते हमलों के विरोध में अपना प्रदर्शन दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, पुजारियों ने अपनी चिंताओं और मांगों को अधिकारियों तक पहुँचाने के लिए एक ज्ञापन सौंपा।
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    राजस्थान के सीकर में पुजारियों ने मंदिर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण और उन पर बढ़ते हमलों के विरोध में अपना प्रदर्शन दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, पुजारियों ने अपनी चिंताओं और मांगों को अधिकारियों तक पहुँचाने के लिए एक ज्ञापन सौंपा।
    user_रमेश सिंह
    रमेश सिंह
    Merta, Nagaur•
    9 hrs ago
  • ब्यावर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नकली सरस घी बेचने के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी पिछले एक साल से फरार चल रहा था और उसे जयपुर से पकड़ा गया है।
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    ब्यावर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नकली सरस घी बेचने के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी पिछले एक साल से फरार चल रहा था और उसे जयपुर से पकड़ा गया है।
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    58 min ago
  • भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजसमंद जिले के कुकरखेड़ा मंडल की कार्यसमिति बैठक कथार, धवाला में संपन्न हुई। यह बैठक मंडल अध्यक्ष एडवोकेट नारायण सिंह की अध्यक्षता और विधानसभा प्रवासी प्रभारी धर्मवीर कीर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई, जिसमें मंडल प्रभारी करण सिंह राव और जिलाप्रवक्ता पंकजासिंह की भी उपस्थिति रही। बैठक का शुभारंभ वंदे मातरम के गायन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान संगठन की रीति-नीति एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण, सदस्यता अभियान, बूथ सशक्तिकरण, और शक्ति केंद्रों की सक्रियता जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, आगामी संगठनात्मक एवं जनहित कार्यक्रमों, सेवा कार्यों, तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों को पूर्ण निष्ठा और सक्रियता के साथ सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, प्रत्येक कार्यकर्ता से नियमित संपर्क बनाए रखने तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। संगठन हित में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए, और सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती एवं जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया। इस बैठक में मंडल उपाध्यक्ष, मंडल महामंत्री, किसान मोर्चा मंत्री सहित मंडल के कई पदाधिकारी, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष और बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे।
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    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजसमंद जिले के कुकरखेड़ा मंडल की कार्यसमिति बैठक कथार, धवाला में संपन्न हुई। यह बैठक मंडल अध्यक्ष एडवोकेट नारायण सिंह की अध्यक्षता और विधानसभा प्रवासी प्रभारी धर्मवीर कीर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई, जिसमें मंडल प्रभारी करण सिंह राव और जिलाप्रवक्ता पंकजासिंह की भी उपस्थिति रही। बैठक का शुभारंभ वंदे मातरम के गायन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

इस दौरान संगठन की रीति-नीति एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण, सदस्यता अभियान, बूथ सशक्तिकरण, और शक्ति केंद्रों की सक्रियता जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, आगामी संगठनात्मक एवं जनहित कार्यक्रमों, सेवा कार्यों, तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

कार्यकर्ताओं ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों को पूर्ण निष्ठा और सक्रियता के साथ सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, प्रत्येक कार्यकर्ता से नियमित संपर्क बनाए रखने तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। संगठन हित में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए, और सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती एवं जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया। इस बैठक में मंडल उपाध्यक्ष, मंडल महामंत्री, किसान मोर्चा मंत्री सहित मंडल के कई पदाधिकारी, मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष और बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे।
    user_धर्मवीर क़ीर
    धर्मवीर क़ीर
    Advertising Photographer जैतारण, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने टोंक में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान पटवारी भंवर सिंह को जाल बिछाकर पकड़ा गया। उसे जमीन की डिक्री करने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा गया।
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    भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने टोंक में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान पटवारी भंवर सिंह को जाल बिछाकर पकड़ा गया। उसे जमीन की डिक्री करने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा गया।
    user_Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
    Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
    जैतारण, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • जिला ब्यावर के 'वांटेड समाचार' कार्यक्रम में दर्शकों का स्वागत किया गया है। संपादक साबुद्दीन खान भूट्टा मेड़तिया लौहार ने सभी से प्रतिदिन वीडियो देखते रहने का आग्रह किया है।
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    जिला ब्यावर के 'वांटेड समाचार' कार्यक्रम में दर्शकों का स्वागत किया गया है। संपादक साबुद्दीन खान भूट्टा मेड़तिया लौहार ने सभी से प्रतिदिन वीडियो देखते रहने का आग्रह किया है।
    user_साबुदीन खान न्यूज़पेपर सत्य
    साबुदीन खान न्यूज़पेपर सत्य
    Local News Reporter ब्यावर, अजमेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • रियान बड़ी क्षेत्र में राजस्व विभाग ने जड़ाऊ मार्ग पर स्थित सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटा दिया है। यह कार्रवाई भू-अभिलेख निरीक्षक रणजीत सिंह चौहान, भू-अभिलेख निरीक्षक चेना राम और पटवारी समय सिंह मीणा की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की सहायता से की गई। प्रशासन को सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया। जेसीबी मशीन का उपयोग कर भूमि पर बने अस्थायी निर्माणों और अन्य अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया, जिससे सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। इस कार्रवाई के दौरान, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने संबंधित लोगों को सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ भी एकत्रित हो गई थी, जिसे प्रशासनिक टीम ने शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाया। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है, और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। राजस्व विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें। साथ ही, यदि कहीं अवैध कब्जे की जानकारी हो तो उसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने दोहराया कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण भी किए जाएंगे।
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    रियान बड़ी क्षेत्र में राजस्व विभाग ने जड़ाऊ मार्ग पर स्थित सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटा दिया है। यह कार्रवाई भू-अभिलेख निरीक्षक रणजीत सिंह चौहान, भू-अभिलेख निरीक्षक चेना राम और पटवारी समय सिंह मीणा की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की सहायता से की गई।

प्रशासन को सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया। जेसीबी मशीन का उपयोग कर भूमि पर बने अस्थायी निर्माणों और अन्य अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया, जिससे सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई। इस कार्रवाई के दौरान, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने संबंधित लोगों को सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ भी एकत्रित हो गई थी, जिसे प्रशासनिक टीम ने शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाया।

अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकता है, और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। राजस्व विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें। साथ ही, यदि कहीं अवैध कब्जे की जानकारी हो तो उसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने दोहराया कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण भी किए जाएंगे।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • Post by Kailash Fulwari
    1
    Post by Kailash Fulwari
    user_Kailash Fulwari
    Kailash Fulwari
    अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने दान में मिली सभी 2800 वस्तुओं को मीडिया के सामने प्रदर्शित किया है, जिससे चोरी की अफवाहों का खंडन हो गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी ने ट्रस्ट की बैठक के बाद ज्वैलरी, स्वर्ण रामचरितमानस, चरणपादुकाएं और कागभुशुंडी पेश कीं, यह साबित करते हुए कि सारा माल सुरक्षित है। जैतारण से राधेश्याम दाधीच ने 'रामद्रोही' तत्वों द्वारा फैलाई जा रही इन अफवाहों की कड़ी निंदा की है, जो दान चोरी जैसे 'महा पाप और विश्वासघात' को हल्का करने की कोशिश कर रहे थे, और उन्होंने इसे राजनीति करने वालों द्वारा दानदाताओं के निराधार संशय को आहार देने वाला बताया। इसी बीच, एक रिटायर्ड गृह सचिव पर 'धूर्तता और चालबाजी' का आरोप लगा है, जिन्होंने '5 करोड़ की सोने की रामायण' दान करने का दावा किया था, लेकिन बिना पक्के बिल या हॉलमार्क सर्टिफिकेट के ₹5 करोड़ की आधिकारिक रसीद के लिए दबाव डाल रहे थे। असल में, यह रामायण मोटे कागजों पर लिखी गई थी, जिसके सिर्फ बॉर्डर्स पर सोने के पतले पत्तर चिपकाए गए थे, लेकिन बाहर इसे 'पूरी तरह सोने से निर्मित' बताया गया। चंपत राय जी ने पहली बार में ही इन कमियों को पकड़ा और फटकार लगाई, फिर भी वे बार-बार उसी अधूरे उत्पाद को लेकर दबाव बनाते रहे। इस ₹5 करोड़ की रसीद मांगने के पीछे की धूर्तता साफ थी: यदि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बिना किसी टैक्स ट्रेल या वैध दस्तावेज के ₹5 करोड़ का मूल्य अंकित करके आधिकारिक रसीद दे देता, तो वह रसीद एक वैध कानूनी दस्तावेज बन जाती। इससे उनकी अघोषित संपत्ति या ब्लैक मनी को 'लीगल डोनेशन' का सुरक्षा कवच मिल जाता और आयकर विभाग के सामने क्लीन चिट पाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता था। दानकर्ता ने दावा किया था कि सोना 'मां के पुराने गहने पिघलाकर' बनाया गया था, जिसका कोई आधिकारिक खरीद बिल या स्रोत नहीं था, जिससे यह तकनीकी और कानूनी रूप से 'अघोषित' श्रेणी में आता। अगर ट्रस्ट रसीद जारी करता, तो वह अनजाने में इस अघोषित संपत्ति को 'व्हाइट' करने का जरिया बन जाता। चंपत राय जी और ट्रस्ट के वित्तीय सलाहकारों ने यहाँ अपनी सूझबूझ दिखाते हुए आस्था का सम्मान करते हुए रामायण को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन उसकी व्यावसायिक कीमत को प्रमाणित करने वाली रसीद देने से साफ इनकार कर दिया। ट्रस्ट की सख्त और पारदर्शी ऑडिटिंग व्यवस्था ने अधिकारी महोदय के इस प्रशासनिक 'मास्टरस्ट्रोक' को पूरी तरह से फेल कर दिया। लेखक ने यह भी कहा कि यह मामला अखिलेश यादव जैसे नेताओं के लिए 2027 में 'बैक फायर' करेगा। अंत में, कड़ी चेतावनी दी गई है कि भगवान का दरबार अघोषित संपत्तियों को वैध बनाने का 'लॉन्ड्री हब' नहीं है, बल्कि यहां व्यवस्था नियमों, पारदर्शिता और सच्ची निष्ठा से ही चलती है, चाहे किसी की भी हैसियत कुछ भी रही हो।
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    अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने दान में मिली सभी 2800 वस्तुओं को मीडिया के सामने प्रदर्शित किया है, जिससे चोरी की अफवाहों का खंडन हो गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी ने ट्रस्ट की बैठक के बाद ज्वैलरी, स्वर्ण रामचरितमानस, चरणपादुकाएं और कागभुशुंडी पेश कीं, यह साबित करते हुए कि सारा माल सुरक्षित है। जैतारण से राधेश्याम दाधीच ने 'रामद्रोही' तत्वों द्वारा फैलाई जा रही इन अफवाहों की कड़ी निंदा की है, जो दान चोरी जैसे 'महा पाप और विश्वासघात' को हल्का करने की कोशिश कर रहे थे, और उन्होंने इसे राजनीति करने वालों द्वारा दानदाताओं के निराधार संशय को आहार देने वाला बताया।

इसी बीच, एक रिटायर्ड गृह सचिव पर 'धूर्तता और चालबाजी' का आरोप लगा है, जिन्होंने '5 करोड़ की सोने की रामायण' दान करने का दावा किया था, लेकिन बिना पक्के बिल या हॉलमार्क सर्टिफिकेट के ₹5 करोड़ की आधिकारिक रसीद के लिए दबाव डाल रहे थे। असल में, यह रामायण मोटे कागजों पर लिखी गई थी, जिसके सिर्फ बॉर्डर्स पर सोने के पतले पत्तर चिपकाए गए थे, लेकिन बाहर इसे 'पूरी तरह सोने से निर्मित' बताया गया। चंपत राय जी ने पहली बार में ही इन कमियों को पकड़ा और फटकार लगाई, फिर भी वे बार-बार उसी अधूरे उत्पाद को लेकर दबाव बनाते रहे।

इस ₹5 करोड़ की रसीद मांगने के पीछे की धूर्तता साफ थी: यदि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बिना किसी टैक्स ट्रेल या वैध दस्तावेज के ₹5 करोड़ का मूल्य अंकित करके आधिकारिक रसीद दे देता, तो वह रसीद एक वैध कानूनी दस्तावेज बन जाती। इससे उनकी अघोषित संपत्ति या ब्लैक मनी को 'लीगल डोनेशन' का सुरक्षा कवच मिल जाता और आयकर विभाग के सामने क्लीन चिट पाने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता था। दानकर्ता ने दावा किया था कि सोना 'मां के पुराने गहने पिघलाकर' बनाया गया था, जिसका कोई आधिकारिक खरीद बिल या स्रोत नहीं था, जिससे यह तकनीकी और कानूनी रूप से 'अघोषित' श्रेणी में आता। अगर ट्रस्ट रसीद जारी करता, तो वह अनजाने में इस अघोषित संपत्ति को 'व्हाइट' करने का जरिया बन जाता।

चंपत राय जी और ट्रस्ट के वित्तीय सलाहकारों ने यहाँ अपनी सूझबूझ दिखाते हुए आस्था का सम्मान करते हुए रामायण को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन उसकी व्यावसायिक कीमत को प्रमाणित करने वाली रसीद देने से साफ इनकार कर दिया। ट्रस्ट की सख्त और पारदर्शी ऑडिटिंग व्यवस्था ने अधिकारी महोदय के इस प्रशासनिक 'मास्टरस्ट्रोक' को पूरी तरह से फेल कर दिया। लेखक ने यह भी कहा कि यह मामला अखिलेश यादव जैसे नेताओं के लिए 2027 में 'बैक फायर' करेगा। अंत में, कड़ी चेतावनी दी गई है कि भगवान का दरबार अघोषित संपत्तियों को वैध बनाने का 'लॉन्ड्री हब' नहीं है, बल्कि यहां व्यवस्था नियमों, पारदर्शिता और सच्ची निष्ठा से ही चलती है, चाहे किसी की भी हैसियत कुछ भी रही हो।
    user_Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
    Radheyshyam DADHICH BUMBO K(रा
    जैतारण, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • वायनाड में हुए एक हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें भूस्खलन का खौफनाक मंजर कैद हुआ है।
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    वायनाड में हुए एक हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें भूस्खलन का खौफनाक मंजर कैद हुआ है।
    user_KHABRON KA SAFAR NEWS
    KHABRON KA SAFAR NEWS
    Ajmer, Rajasthan•
    4 hrs ago
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