28 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद शिक्षिका श्रीमती अनु डेहरिया को दी गई भावभीनी विदाई, नम आंखों से दीं शुभकामनाएं *28 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद शिक्षिका श्रीमती अनु डेहरिया को दी गई भावभीनी विदाई, नम आंखों से दीं शुभकामनाएं* कुरई -शासकीय हाई स्कूल चक्की खमरिया में शनिवार को एक भावुक और गरिमामय वातावरण के बीच वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती अनु डेहरिया को उनके सेवानिवृत्त होने पर भावभीनी विदाई दी गई। विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं, पूर्व विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। सभी ने पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके 28 वर्षों के समर्पित शिक्षकीय जीवन को नमन किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। जानकारी के अनुसार, श्रीमती अनु डेहरिया की नियुक्ति वर्ष 1998 में शासकीय हाई स्कूल चक्की खमरिया में हुई थी। उन्होंने अपने पूरे 28 वर्षों का सेवाकाल इसी विद्यालय में पूर्ण किया। इतने लंबे समय तक एक ही विद्यालय में रहकर उन्होंने न केवल हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों और अनुशासन की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कार्यनिष्ठा, समयपालन, सरलता और विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय व्यवहार ने उन्हें क्षेत्र की लोकप्रिय शिक्षिकाओं में शामिल किया। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता होता है। श्रीमती अनु डेहरिया ने अपने सेवाकाल में इसी भावना के साथ कार्य किया। उन्होंने शिक्षा को मिशन मानकर प्रत्येक विद्यार्थी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उनकी मेहनत, समर्पण और सकारात्मक सोच का परिणाम रहा कि विद्यालय की अनेक पीढ़ियां आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्वागत गीत एवं भावपूर्ण उद्बोधनों के माध्यम से अपनी प्रिय शिक्षिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कई विद्यार्थियों की आंखें उस समय नम हो गईं जब उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अनु मैडम ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। विद्यालय परिवार ने भी उनके साथ बिताए वर्षों की यादों को साझा करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने भी श्रीमती अनु डेहरिया के सामाजिक व्यवहार और शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने केवल विद्यालय तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि गांव के बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहीं। उनके मधुर स्वभाव और सहज व्यवहार ने सभी के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। अपने सम्मान से अभिभूत श्रीमती अनु डेहरिया ने विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चक्की खमरिया उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों का हिस्सा रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां मिले स्नेह, सहयोग और सम्मान को वे जीवनभर नहीं भूलेंगी। उन्होंने विद्यार्थियों से हमेशा ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने श्रीमती अनु डेहरिया के सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। समारोह का वातावरण भावनाओं से ओत-प्रोत रहा और उपस्थित लोगों ने उन्हें तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सम्मानपूर्वक विदा किया।
28 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद शिक्षिका श्रीमती अनु डेहरिया को दी गई भावभीनी विदाई, नम आंखों से दीं शुभकामनाएं *28 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद शिक्षिका श्रीमती अनु डेहरिया को दी गई भावभीनी विदाई, नम आंखों से दीं शुभकामनाएं* कुरई -शासकीय हाई स्कूल चक्की खमरिया में शनिवार को एक भावुक और गरिमामय वातावरण के बीच वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती अनु डेहरिया को उनके सेवानिवृत्त होने पर भावभीनी विदाई दी गई। विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं, पूर्व विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। सभी ने पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके 28 वर्षों के समर्पित शिक्षकीय जीवन को नमन किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। जानकारी के अनुसार, श्रीमती अनु डेहरिया की नियुक्ति वर्ष 1998 में शासकीय हाई स्कूल चक्की खमरिया में हुई थी। उन्होंने अपने पूरे 28 वर्षों का सेवाकाल इसी विद्यालय में पूर्ण किया। इतने लंबे समय तक एक ही विद्यालय में रहकर उन्होंने न केवल हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण,
नैतिक मूल्यों और अनुशासन की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कार्यनिष्ठा, समयपालन, सरलता और विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय व्यवहार ने उन्हें क्षेत्र की लोकप्रिय शिक्षिकाओं में शामिल किया। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता होता है। श्रीमती अनु डेहरिया ने अपने सेवाकाल में इसी भावना के साथ कार्य किया। उन्होंने शिक्षा को मिशन मानकर प्रत्येक विद्यार्थी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उनकी मेहनत, समर्पण और सकारात्मक सोच का परिणाम रहा कि विद्यालय की अनेक पीढ़ियां आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्वागत गीत एवं भावपूर्ण उद्बोधनों के माध्यम से अपनी प्रिय शिक्षिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कई विद्यार्थियों की आंखें उस समय नम हो गईं जब उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अनु मैडम ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। विद्यालय परिवार ने भी उनके साथ बिताए वर्षों की यादों को साझा करते हुए
उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने भी श्रीमती अनु डेहरिया के सामाजिक व्यवहार और शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने केवल विद्यालय तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि गांव के बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहीं। उनके मधुर स्वभाव और सहज व्यवहार ने सभी के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। अपने सम्मान से अभिभूत श्रीमती अनु डेहरिया ने विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चक्की खमरिया उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों का हिस्सा रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां मिले स्नेह, सहयोग और सम्मान को वे जीवनभर नहीं भूलेंगी। उन्होंने विद्यार्थियों से हमेशा ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने श्रीमती अनु डेहरिया के सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। समारोह का वातावरण भावनाओं से ओत-प्रोत रहा और उपस्थित लोगों ने उन्हें तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सम्मानपूर्वक विदा किया।
- सिवनी जिले में 01 जून से अब तक 505.5 मिमी औसत बारिश दर्ज सिवनी जिले में मानसून लगातार सक्रिय है। भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय के अनुसार 1 जून से 1 अगस्त 2026 तक जिले में कुल 505.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि बीते 24 घंटों में 7.0 मिमी बारिश हुई। जिले में सर्वाधिक बारिश सिवनी तहसील में 641.0 मिमी और सबसे कम घंसौर में 333.2 मिमी रिकॉर्ड की गई है। बीते 24 घंटों में भी सिवनी तहसील में सबसे ज्यादा 20.6 मिमी बारिश दर्ज हुई। गौरतलब है कि पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 728.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी।1
- लोकेशन _बांकी/बंडोल नरेश उर्फ नीलू यादव सिवनी बांकी प्राचार्य गिरवर सिंह उइके को सेवामुक्ति के अवसर पर दी गई भावभीनी विदाई बांकी/बंडोल/- शासकीय हाईस्कूल बांकी के प्राचार्य गिरवर सिंह उइके के सेवामुक्ति के अवसर पर विद्यालय परिसर में गरिमामय एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने श्री उइके का पुष्पहार, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया तथा उनके दीर्घ, स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि श्री गिरवर सिंह उइके ने अपने सेवाकाल के दौरान अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके कुशल नेतृत्व, सादगी, ईमानदारी और समर्पित कार्यशैली ने विद्यालय को नई पहचान दिलाई। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कीं। अपने उद्बोधन में श्री उइके ने विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों द्वारा वर्षों तक मिले स्नेह, विश्वास और सहयोग के लिए सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। समारोह के अंत में सभी ने भावुक मन से उन्हें विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ कीं। लोकेशन _बांकी/बंडोल नरेश उर्फ नीलू यादव सिवनी बांकी प्राचार्य गिरवर सिंह उइके को सेवामुक्ति के अवसर पर दी गई भावभीनी विदाई बांकी/बंडोल/- शासकीय हाईस्कूल बांकी के प्राचार्य गिरवर सिंह उइके के सेवामुक्ति के अवसर पर विद्यालय परिसर में गरिमामय एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने श्री उइके का पुष्पहार, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया तथा उनके दीर्घ, स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि श्री गिरवर सिंह उइके ने अपने सेवाकाल के दौरान अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके कुशल नेतृत्व, सादगी, ईमानदारी और समर्पित कार्यशैली ने विद्यालय को नई पहचान दिलाई। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कीं। अपने उद्बोधन में श्री उइके ने विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों द्वारा वर्षों तक मिले स्नेह, विश्वास और सहयोग के लिए सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। समारोह के अंत में सभी ने भावुक मन से उन्हें विदाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ कीं।4
- Seoni News: घोड़े पर बैठे ये कोई दूल्हा नहीं... अपने विद्यार्थियों के दिलों के 'मास्टर जी' हैं, जिन्हें मिली यादगार विदाई1
- राजनीति के हर सवाल का सीधा जवाब, सिर्फ न्यूज़ नेशन 81 पर। सच, सवाल और संवाद—देखिए विशेष इंटरव्यू। युवा राजनीति की नई सोच, बेबाक सवाल और बेझिझक जवाब। सिवनी की सियासत पर खुलकर बोले यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष। विपक्ष की आवाज़ या भविष्य का नया चेहरा? देखिए एक्सक्लूसिव बातचीत। राजनीति के हर सवाल का सीधा जवाब,1
- परासिया में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत परासिया नगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा वृद्धा विकलांग विधवा/परित्यक्ता पेंशन पिछले चार महीने से पत्र महिलाओं एवं पुरुषों के खाते में नहीं डाली गई है जिसके विरोध में नगर कांग्रेस कमेटी परासिया द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा और मध्यप्रदेश सरकार से ये मांग है कि रुकी हुई पेंशन को तुरंत शुरू करने और बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करे दिनांक - 6 अगस्त 2026 दिन - गुरुवार समय - सुबह 10 बजे से स्थान - अम्बेडकर चौक परासिया पुलिस थाने के पास।1
- सिवनी: कलेक्ट्रेट परिसर में धारा 163 लागू, धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध सिवनी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट परिसर और उसकी 100 मीटर की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा जारी यह आदेश 1 अगस्त 2026 से आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। आदेश के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, धरना, प्रदर्शन, जुलूस और लाठी-डंडे या हथियार लेकर प्रवेश करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बिना पूर्व अनुमति कोई भी व्यक्ति ज्ञापन प्रस्तुत नहीं कर सकेगा और अनुमति मिलने पर भी केवल अधिकृत प्रतिनिधि ही ज्ञापन दे सकेंगे। शासकीय कार्यों के सुचारू संचालन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।1
- दर्दनाक हादसा,, ट्रेन की चपेट में आने से कोसमी निवासी डालीराम भगत की मौत लखनवाड़ा रेलवे स्टेशन के समीप मिला शव, हादसा किस ट्रेन से हुआ,,जांच का विषय शुक्रवार सुबह लखनवाड़ा रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक के पास ग्राम कोसमी निवासी 50 वर्षीय डालीराम भगत पिता लखनलाल भगत का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन की चपेट में आने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि हादसा किस समय और किस ट्रेन से हुआ, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।जानकारी के अनुसार, डालीराम भगत गुरुवार सुबह अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने ट्रेन से बालाघाट गए थे। परीक्षा के बाद उनकी बेटी शाम को अपनी सहेली और सहेली के पिता के दोपहिया वाहन से घर लौट आई थी। बताया गया कि उन्होंने अपने पिता से शाम की ट्रेन से लखनवाड़ा लौटने के लिए कहा था। ग्रामीणों के अनुसार, आशंका है कि डालीराम रात में बालाघाट से आने वाली ट्रेन से लखनवाड़ा पहुंचे होंगे। इसके बाद रेलवे ट्रैक पर हादसा ह1