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डिंडोरी के सेनगुड़ा के पास एक बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर गया, जिससे उसे चोटें आईं। यह घटना सेनगुड़ा गांव के पुलिया के पास हुई, जिसमें रामनगर निवासी एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल को तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
Santosh Ahirwar
डिंडोरी के सेनगुड़ा के पास एक बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर गया, जिससे उसे चोटें आईं। यह घटना सेनगुड़ा गांव के पुलिया के पास हुई, जिसमें रामनगर निवासी एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल को तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
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- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- चार जंगली प्रवासी हाथियों का एक समूह 37 दिन बाद छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को फिर से पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। ये हाथी 24 जून की रात 8:50 बजे जैतहरी क्षेत्र के चोलना, बचहाटोला, छातापटपर और पड़रिया गांवों से होते हुए गूजरनाला पार कर जिले में दाखिल हुए। गुरुवार को दिन भर उन्होंने धनगवां बीट के जंगल में विश्राम किया, और देर शाम जंगल से निकलकर जैतहरी नगर के प्रमुख मार्गों, तालाब, सम्राट होटल, बस स्टैंड और रेलवे लाइन को पार किया। शुक्रवार की सुबह तक, वे तिपान नदी को पार कर गोबरी बीट के झुरहीतलैया जंगल में पहुँचकर दिन भर आराम कर रहे थे। अपने विचरण के दौरान, इन चारों प्रवासी हाथियों ने तीन दिनों के भीतर दो घरों में तोड़फोड़ की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खेतों और बाड़ियों में लगी विभिन्न प्रकार की फसलें, सब्जियां, आम और कटहल जैसे पेड़ों को तोड़कर फलों को खाकर काफी नुकसान पहुँचाया है। वन विभाग, पुलिस विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर हाथियों के विचरण पर लगातार निगरानी रखी, जिसमें जिला मुख्यालय अनूपपुर के वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल का भी सहयोग रहा। इस निरंतर सतर्कता और ग्रामीण जनों के सहयोग के कारण कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हो सकी। हालांकि, 25 जून की रात 11:45 से 12:00 बजे के बीच, जब हाथियों का यह समूह जैतहरी नगर के मुख्य मार्ग पर था, तब एक उपद्रवी युवक को लंबे डंडे से बार-बार हाथियों पर हमला करते और उन्हें मारने की कोशिश करते देखा गया। मूल पाठ में इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की गई है कि वन विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा इस उपद्रवी युवक की पहचान कर उसके विरुद्ध वन्यजीव के साथ मारपीट करने पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।1
- मंडला में हुई एक घटना में, रंजिश की आग में रिश्ते जल गए और भरोसेमंद चेहरों ने अपना रंग बदल लिया। इसी के चलते एक कत्ल को अंजाम दिया गया, जिसके बाद शव को एक नाले में फेंक दिया गया था। आखिरकार, पुलिस की जाँच के बाद इस पूरे मामले से जुड़े सभी राज सामने आ गए।1
- साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नारायणगंज टिकरिया के सांदीपनि विद्यालय में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में टिकरिया थाना प्रभारी प्रदीप पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय में हो रहे विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड के प्रति सचेत किया। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी प्रदीप पांडे ने विद्यार्थियों को तकनीकी दौर में सुरक्षित रहने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने फर्जी लोन ऐप, संदिग्ध डिलीवरी मैसेज, डिजिटल अरेस्ट, निवेश के नाम पर होने वाली ठगी और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए, साथ ही जोर देकर कहा कि सजगता ही साइबर अपराधियों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। इस दौरान सभी छात्रों को साइबर फ्रॉड से खुद बचने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए छात्रों के लिए 20 प्रश्नों की एक परीक्षा भी आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम दो विजेताओं को थाना प्रभारी प्रदीप पांडे द्वारा 200-200 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों का उत्साहवर्धन हुआ। इस कार्यक्रम में सांदीपनि विद्यालय की प्राचार्य अर्चना नेमा, संगीता गुप्ता, ब्लॉक खेल समन्वयक श्रीमती करुणा मर्सकोले सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। पुलिस प्रशासन की ओर से थाना प्रभारी प्रदीप पांडे के साथ आरक्षक प्रशांत बघेल, नियासा परते एवं अन्य स्टाफ भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।1
- दो बहनों ने अपनी पैतृक जमीन पर हक के लिए संघर्ष शुरू किया है, जिसके संबंध में उन्होंने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि उनके चाचा ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है और उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं।1
- शहडोल में जिला कांग्रेस कमेटी की समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला कांग्रेस कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इस बैठक में जिला कांग्रेस संगठन प्रभारी एवं विधायक नारायण पट्टा तथा फुंदेलाल सिंह मार्को की विशिष्ट उपस्थिति रही, जबकि जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल के जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने इसकी अध्यक्षता की। अपने संबोधन में विधायक नारायण पट्टा ने कार्यकर्ताओं से जनता की आवाज को प्राथमिकता देने, गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचकर आमजन की समस्याओं को सुनने तथा उनके समाधान के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं की सक्रियता को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए आपसी समन्वय, अनुशासन और निरंतर जनसंपर्क को संगठनात्मक मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह ने कांग्रेस की विचारधारा को समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली बताया और कार्यकर्ताओं से जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने तथा प्रदेश एवं केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संगठन की एकजुटता ही आने वाले समय में कांग्रेस को और अधिक सशक्त बनाएगी। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने भी सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से जिला कांग्रेस संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि पार्टी द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए प्रत्येक स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। बैठक में संगठनात्मक विस्तार, सदस्यता अभियान, बूथ समितियों के गठन, जनहित के मुद्दों पर आंदोलन की रणनीति तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अंत में, सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने और कांग्रेस की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला संगठन प्रभारी विधायक नारायण पट्टा, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह, जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश कटारे, पूर्व जिलाध्यक्ष नीरज द्विवेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरिमोहन तिवारी, जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा, नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, सोहागपुर ब्लॉक अध्यक्ष प्रीतमदास सोनी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रीतेश द्विवेदी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी, सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन, खैरहा ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी, ओबीसी जिलाध्यक्ष सत्यनारायण साहू, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नरेन्द्र मरावी, रामलखन सिंह, जनपद अध्यक्ष बुढ़ार उमा धुर्वे, संतोष पाण्डेय, सिंहपुर ब्लॉक अध्यक्ष अजीत सोनी, जैतपुर ब्लॉक अध्यक्ष मनोज सिंह, मुख्य निर्वाचन प्रभारी विष्णू प्रताप सिंह, कुंज बिहारी द्विवेदी, सुरेश विश्वकर्मा, अनिल पटेल, रमेश मिश्रा, सुंदर लाल गुप्ता और महेश सिंह सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।1
- अनूपपुर जिले के राजनगर (हसदेव क्षेत्र, एसईसीएल) स्थित क्षेत्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र में आज साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर सुरक्षा के प्रति एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 से 60 प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षक श्री अरविंद सिंह की उपस्थिति में, उपस्थित प्रशिक्षुओं को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी और बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं तथा साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नए-नए तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षुओं को यह भी सलाह दी गई कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर क्लिक न करें और अपनी व्यक्तिगत तथा बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इस अवसर पर भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित “सेफ क्लिक 2.0” अभियान की भी जानकारी दी गई, जिसमें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षुओं से सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने और अपने परिवार तथा समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। रामनगर पुलिस द्वारा भी प्रशिक्षुओं को अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।1
- उमरिया जिले के पनपथा बफर क्षेत्र की पलझा बीट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 5 वर्षीय बाघ के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीण बाघ को तत्काल क्षेत्र से हटाने की मांग पर अड़ गए। वन विभाग ने ग्रामीणों की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 6 घंटे के भीतर बाघ का सफल रेस्क्यू कर लिया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन को 4 विभागीय हाथियों की मदद से अंजाम दिया गया, जहाँ वन अमले ने प्रशिक्षित हाथियों की सहायता से बाघ को ट्रैक किया, उसे सुरक्षित पकड़ा और फिर बहेरहा इनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए बाघ की गतिविधियों और व्यवहार की लगातार निगरानी की जाएगी। इस सफल कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को सामने लाती है।2