सरकारी PHC में मिले ताले, बुजुर्ग किसान की मौत:परिजनों का आरोप- निजी हॉस्पिटल में काम कर रहा था स्टाफ; तबीयत बिगड़ने पर लेकर गए थे जोधपुर जिले की बावड़ी तहसील के सोयला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में समय पर इलाज नहीं मिलने पर खींवसर के नारवा निवासी पुखराज सिंह(79) की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जब वे तड़पते हुए मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे, तो वहां ताले लटके हुए थे और स्टाफ मौजूद नहीं था। मृतक पुखराज सिंह की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सबसे पहले खींवसर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर ले जाते समय रास्ते में सोयला के पास मरीज की हालत और ज्यादा खराब होने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल सहायता के लिए पास ही स्थित सोयला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, लेकिन वहां अस्पताल पूरी तरह बंद था और सन्नाटा पसरा था। मृतक के भतीजे नरेंद्र सिंह ने बताया कि इमरजेंसी की स्थिति में जब उन्होंने अस्पताल परिसर में बने क्वार्टर में पूछताछ की, तो पता चला कि वहां तैनात डॉक्टर और स्टाफ अपनी ड्यूटी पर रहने के बजाय सोयला के ही एक निजी 'बालाजी हॉस्पिटल' में मरीजों को देख रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने या प्राथमिक इलाज देने के बजाय सुबह 10 बजे के बाद आने या किसी निजी अस्पताल ले जाने की नसीहत दी गई। कीमती समय बर्बाद होने और सही समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण पुखराज सिंह ने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार- पुखराज सिंह किसान थे और उनके दो बेटों में से एक दिव्यांग है, जबकि दूसरा बेटा कपड़े की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। ग्रामीणों और परिजनों ने मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले और सरकारी समय में निजी क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे प्रभावी बनाने की मांग की है।
सरकारी PHC में मिले ताले, बुजुर्ग किसान की मौत:परिजनों का आरोप- निजी हॉस्पिटल में काम कर रहा था स्टाफ; तबीयत बिगड़ने पर लेकर गए थे जोधपुर जिले की बावड़ी तहसील के सोयला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में समय पर इलाज नहीं मिलने पर खींवसर के नारवा निवासी पुखराज सिंह(79) की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जब वे तड़पते हुए मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे, तो वहां ताले लटके हुए थे और स्टाफ मौजूद नहीं था। मृतक पुखराज सिंह की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सबसे पहले खींवसर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर ले जाते समय रास्ते में सोयला के पास मरीज की हालत और ज्यादा खराब होने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल सहायता के लिए पास ही स्थित सोयला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, लेकिन वहां अस्पताल पूरी तरह बंद था और सन्नाटा पसरा था। मृतक के भतीजे नरेंद्र सिंह ने बताया कि इमरजेंसी की स्थिति में जब उन्होंने अस्पताल परिसर में बने क्वार्टर में पूछताछ की, तो पता चला कि वहां तैनात डॉक्टर और स्टाफ अपनी ड्यूटी पर रहने के बजाय सोयला के ही एक निजी 'बालाजी हॉस्पिटल' में मरीजों को देख रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने या प्राथमिक इलाज देने के बजाय सुबह 10 बजे के बाद आने या किसी निजी अस्पताल ले जाने की नसीहत दी गई। कीमती समय बर्बाद होने और सही समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण पुखराज सिंह ने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार- पुखराज सिंह किसान थे और उनके दो बेटों में से एक दिव्यांग है, जबकि दूसरा बेटा कपड़े की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। ग्रामीणों और परिजनों ने मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले और सरकारी समय में निजी क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक मुआवजे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे प्रभावी बनाने की मांग की है।
- शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी जोधपुरक्ष1
- Post by Pukhraj soni1
- *जयपुर में आंधी, तूफ़ान और उसके बाद बरसात और ओलावृष्टि* 03-04-2026 *.*1
- वर्तमान सरकार के बड़े-बड़े दिग्गज नेता जब इलेक्शन आते हैं तब पांव पढ़ते हैं और वोटो के लिए कई तरह के वादे करते हैं और उसके बाद में जब सत्ता हाथ में आने के बाद में वापस आईना तक न बताते हैं और हम एससी एसटी ओबीसी अनुसूचित जनजाति सवाई सिंह की बस्ती ग्राम पंचायत बलाई में आते हैं हमारे मेघवालों की बस्ती में कम से कम 400 घर की बस्ती है लेकिन फिर भी हमारे रास्ते की पंचायत से लेकर और हमारे बस्ती तक हमारे कोई रास्ते की व्यवस्था नहीं है ऐसी पोजीशन है कि मैं आपको क्या बताऊं मैं वीडियो डाल रखा है और पंचायत की खुद की ऐसी पोजीशन है कि चारों तरफ से झाड़ियां में डकी हुई है और जो भी पंचायत में काम होता है तो अधिकारी और गांव के बड़े-बड़े लोग मिलकर अंदर बैठकर ही काम करते हैं हमें तक गरीबों तक पता ही नहीं चलता है की रात्रि चौपाल की या मीटिंग हो और टाइम पर हमें जो राशन के गेहूं मिलते हैं वह भी नहीं मिलते वह भी गांव में ही एक दुकान लगा कर रखी है घर के अंदर तो हमारे को घरों के अंदर जाना पड़ता है और पोस्ट ऑफिस से हमारे ग्राम पंचायत बलाई का तो एक पर्सनल मकान में ऑफिस बना कर रखा है तो उसके पोस्ट ऑफिस किया गया ना तो गाड़ी ले जा सकते हैं यदि ले जाते हैं तो राजपूत समाज के ही युवा नेता लोग लड़के हमें एससी एसटी समाज के लोगों को डांटे हैं की गाड़ी करके आगे मत लाया करो लेकिन हमारे कोई कागज आते हैं पोस्ट में तो हमारे को जाना पड़ता है क्या करें लेकिन हमारे को वह दो अक्षर सुनाने पड़ते हैं मजबूरी पड़ जाती है और हर तरह की हमारे ग्राम पंचायत पाल में समस्या है कोई सुनवाई नहीं करने वाला है और धरातल की सरकारी बड़ी-बड़ी बातें करती है हमारे मेघवाल समाज की प्याऊ है पानी की पीने के लिए वह पर्सनल देकर रखिए राजपूत समाज के लोगों ने जो नेता लोग हैं उन्होंने मांग कारण सन ऑफ आत्माराम मेघवाल समाज से ही है जो अपने पर्सनल आदमी होते हैं उनका काम अलग से देते हैं बाकी आम आदमी गरीब आदमी हम यूं ही लटकती रहती हमारे को शौचालय तक नसीब नहीं है और हमारे मेवाड़ों की ढाणी में स्कूल है पांचवी की आज 15 साल हो गए बाउंड्री तक नहीं है शौचालय नहीं है लाइट नहीं है पानी नहीं है जल जीवन की तो बात हम वीडियो देखते हैं बाकी हमें तो कहां नसीब है वह भी ग्राम पंचायत भलाई के अंदर हम खाली ऐड देखते हैं बाकी हम हर सरकारी योजना से वंचित है कोई सुनवाई नहीं करने वाले धरातल पर और मेरे जैसे कोई ऐसी वीडियो एडिट करके मैं डालता हूं तो लोग मेरे ऊपर चलते हैं और वही 245 लोगों को बोलकर रखते हैं कि ऐसे व्यक्ति को ठिकाने लगाओ ताकि दोबारा शिकायत ना करें फिर भी मैं वीडियो अपलोड करता रहता हूं क्यों लोकतंत्र है कोई जवाब नहीं है और हमारी फिर वगैरा कोई प्रशासन पुलिस के पास में जाते हैं तो पुलिस प्रशासन भी मिला-जुला रहताहै ऐसे हालात है हमारे ग्राम पंचायत बलाई के जो शिव विधानसभा क्षेत्र में रविंद्र सिंह बड़े-बड़े ठुमके लगाते कि मैं आधी रात को आपके लिए हाजिर हूं फोन करना और सरोज सिंह खारा की तो बात करेगी क्या बस पुलिस की गाड़ी के ऊपर चढ़कर किसी के घर के ऊपर बुलडोजर फेरना होता है तब वह तैयार हो जाते हैं नहीं तो नजर नहीं आते और हम आज हमारे लिए हम यही सोचते हैं कि हम अभी भी गुलाम हैं हम हम अभी भी गुलामी में जी रहे हैं 21वीं साड़ी और मोदी जी बोलते हैं कि डिजिटल इंडिया है हमारे लिए डिजिटल क्या पहले जैसा वह है हम तो नरक में पड़े कोई सुनवाई नहीं करने वाला है जय श्री राम जय संविधान जय-जय राजस्थान जय भीम जय भीम मैं प्रहलाद परिहार मेघवाल मिस्त्री गांव बलाई सवाई सिंह की बस्ती मेघवालों की ढाणी मेरी यह शिकायत की जरूर कार्रवाई करें और सनी जरूर कलेक्टर तक पहुंचनी चाहिए1
- भगत की कोठी चेन्नई एक्सप्रेस मोकलसर रेल्वे स्टेशन पर ठहराव होने से लोगों में खुशी का माहौल है1
- नृत्य गोपालराम जी महाराज के सानिध्य में सिवाना कस्बे में हनुमान जयंती पर्व पर सिवाना कस्बे मे निकली भव्य शोभायात्रा सदर बाजार से रवाना हो कर बस स्टेशन गांधी चौक नगर पालिका होते हुए पुनः सदर बाजार पहुंच कर समापन हुई1
- Post by Sachin vyas1
- Post by Pukhraj soni1