घर का फैसला जब गैर करने लगें… तब परिवार टूटने लगता है! जब परिवार का कोई सदस्य अपने फैसलों के लिए घर से ज्यादा बाहर वालों की राय लेने लगे, तो ये सिर्फ एक आदत नहीं… एक संकेत है। संकेत इस बात का कि रिश्तों में भरोसा कमजोर हो रहा है, और बाहर वाले इस कमजोरी को तमाशा बना सकते हैं। समय रहते समझिए… परिवार की बात, परिवार में ही सुलझाइए। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #परिवार #रिश्ते #सच्चीबात #समाज #हकीकत #फैमिलीइश्यू #सोशलमैसेज #रिलेशनशिप #इमोशनल #घरेलूमुद्दा #Ankesh_Thakur घर का फैसला जब गैर करने लगें… तब परिवार टूटने लगता है! जब परिवार का कोई सदस्य अपने फैसलों के लिए घर से ज्यादा बाहर वालों की राय लेने लगे, तो ये सिर्फ एक आदत नहीं… एक संकेत है। संकेत इस बात का कि रिश्तों में भरोसा कमजोर हो रहा है, और बाहर वाले इस कमजोरी को तमाशा बना सकते हैं। समय रहते समझिए… परिवार की बात, परिवार में ही सुलझाइए। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #परिवार #रिश्ते #सच्चीबात #समाज #हकीकत #फैमिलीइश्यू #सोशलमैसेज #रिलेशनशिप #इमोशनल #घरेलूमुद्दा #Ankesh_Thakur
घर का फैसला जब गैर करने लगें… तब परिवार टूटने लगता है! जब परिवार का कोई सदस्य अपने फैसलों के लिए घर से ज्यादा बाहर वालों की राय लेने लगे, तो ये सिर्फ एक आदत नहीं… एक संकेत है। संकेत इस बात का कि रिश्तों में भरोसा कमजोर हो रहा है, और बाहर वाले इस कमजोरी को तमाशा बना सकते हैं। समय रहते समझिए… परिवार की बात, परिवार में ही सुलझाइए। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #परिवार #रिश्ते #सच्चीबात #समाज #हकीकत #फैमिलीइश्यू #सोशलमैसेज #रिलेशनशिप #इमोशनल #घरेलूमुद्दा #Ankesh_Thakur घर का फैसला जब गैर करने लगें… तब परिवार टूटने लगता है! जब परिवार का कोई सदस्य अपने फैसलों के लिए घर से ज्यादा बाहर वालों की राय लेने लगे, तो ये सिर्फ एक आदत नहीं… एक संकेत है। संकेत इस बात का कि रिश्तों में भरोसा कमजोर हो रहा है, और बाहर वाले इस कमजोरी को तमाशा बना सकते हैं। समय रहते समझिए… परिवार की बात, परिवार में ही सुलझाइए। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #परिवार #रिश्ते #सच्चीबात #समाज #हकीकत #फैमिलीइश्यू #सोशलमैसेज #रिलेशनशिप #इमोशनल #घरेलूमुद्दा #Ankesh_Thakur
- समस्तीपुर में लोको पायलट को अपराधियों ने गोलियों से भूना । क्या बिहार में अपराधी बेवकूफ हो गया है?1
- Post by Rahul Singh1
- विजय सिन्हा जी कहते हैं थाने जाइए, FIR कराइए… लेकिन जमीन पर सच्चाई क्या है? क्या सच में आम आदमी की FIR दर्ज होती है या सब कुछ पैसे, पहचान और वोट बैंक पर चलता है? इस वीडियो में देखिए हकीकत, जैसा लोग रोज झेल रहे हैं। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #Bihar #FIRReality #PoliceSystem #GroundReality #VijaySingh #BiharNews #IndianPolitics #VoteBankPolitics #DalitIssue #CastePolitics #SystemFailure #PublicVoice #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार1
- Post by Santosh kumar1
- --जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा कुछ महीने पहले निजी विद्यालयों के संचालकों पर चलाया गया था चाबुक, किताब जूता आदि बेचने पर लगाई गई थी प्रबंध, अब निजी विद्यालय को के संचालकों के द्वारा किताब कलम खरीदने के लिए अपने द्वारा सेट किए गए दुकानदार के पास ही भेजने का काम कर धन उगाही करने का खेल खेली जा रही है। (मनीष साह सन ऑफ इंडिया दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मोतिहारी 02 अप्रैल 2026- मोतिहारी:-निजी विद्यालय के संचालकों के द्वारा प्रोसेसिंग फी, डेवलपमेंट फी, रीएडमिशन फीस, स्मार्ट क्लास पर फीस,के नाम पर अभिभावकों का किया जा रहा है शिक्षा के नाम पर धन शोधन।जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा कुछ महीने पहले निजी विद्यालयों के संचालकों पर चलाया गया था चाबुक, किताब जूता आदि बेचने पर लगाई गई थी प्रबंध, अब निजी विद्यालय को के संचालकों के द्वारा किताब कलम खरीदने के लिए अपने द्वारा सेट किए गए दुकानदार के पास ही भेजने का काम कर धन उगाही करने का खेल खेली जा रही है। आज व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता लिपि के रूप में कार्य करने वाले एवं दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मोतिहारी के अनुमंडल ब्यूरो चीफ मनीष शाह ने अपने एक सहयोगी के द्वारा वीडियो क्लिप जारी करते हुए स्थानीय जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण से मांग किया है कि निजी विद्यालयों के संचालकों के द्वारा दोबारा एडमिशन चार्ज नहीं लगे, एक ड्रेस,गार्जियन के साथ अच्छा व्यवहार करने, स्मार्ट क्लास के नाम पर लिए जा रहे फीस, डेवलपमेंट के नाम पर लिए जा रहे फीस, प्रोसेसिंग फीस, के नाम पर निजी विद्यालय के संचालकों के द्वारा शिक्षा के नाम पर अभिभावक से धन उगाही करने की कार्य को शीघ्र बंद करने संबंधित कार्रवाई करने की कृपा किया जाए।नीजी विद्यालय के प्रिंसिपल को सबसे पहले अभिभावक के साथ मधूर व्यवहार रखने का दिशा निर्देश जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण के द्वारा हो जाए तो पूर्वी चंपारण में नीजी विद्यालय में पढ़ाने वाले और अभिभावकों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। डीएम जिले के मालिक होते हैं। पूर्वी चंपारण के अभिभावक गण एक मोर्चा बनाए थे, वह मोर्चा डीएम साहब से मिले थे। पिछले महिने डीएम साहब जो है एक पत्र जारी किए थे, और लोगों में निजी विद्यालयों के संचालकों पर जो चाबुक चलाने का कार्य किए थे उसका मैसेज बहुत सुंदर गया था। निजी विद्यालय के लोग किताब बेचते थे, जूता बेचते थे, टाइई बेचते थे, किताब बेचते थे, हर साल रीएडमिशन चार्ज लेते थे, रिजर्वेशन चार्ज का नाम बदलकर डेवलपमेंट चार्ज लेते हैं, इस पर जिलाधिकारी महोदय ने निजी विद्यालयों को बुलाकर मीटिंग किये थे। मैं डीएम साहब के माध्यम से निजी विद्यालय के संचालकों से यह पूछना चाहते हैं यह जानना चाहते हैं कि आप डेवलपमेंट हमारे बच्चों की कर रहे हैं या आप डेवलपमेंट अपने विद्यालय का कर रहे हैं अपने विद्यालय के लिए भवन बना रहे हैं अपने विद्यालय के लिए जमीन खरीद रहे हैं क्या यही आपका शिक्षा का विकास है। यही आपके छात्रों का विकास है। यह तो शिक्षा के नाम पर अभिभावकों के पॉकेट खाली करने का एक प्रकार का लूट की संज्ञा दिया जाए तो कोई शिकवा शिकायत नहीं होगी। हम सभी अपने पूर्वी चंपारण जिला अधिकारी महोदय से मांग करते हैं की निजी विद्यालयों के संचालकों पर जो अभी वर्तमान में पहले के चार्ज का नाम बदलकर विभिन्न नाम से जो चार्ज लेना शुरू किया गया है उसे बंद करवाई जाए और उनके द्वारा जो किताब की दुकान सेट किया गया है उन दुकानदारों का जांच किया जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके किया विद्यालय के निजी संचालक का किताब केंद्र से कैसा साठ गाठ है। जांच के क्रम में दोषी पाए जाने वाले विद्यालय का लाइसेंस रद्द किया जाए और उन पर शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से अनेकों फीस के नाम पर किए जा रहे हैं धन शोधन के विरुद्ध दंडनात्मक करवाई किया जाए। ताकि इस तरह की शिक्षा के नाम का व्यवसायीकरण होने से बच सकते हैं।3
- Post by RAJA KUMAR1
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- Post by Rahul Singh1