बिहार में बदले वाहन चेकिंग के नियम, सिपाही ASI नहीं करेंगे गाड़ी चेक. * बिहार में बदले वाहन चेकिंग के नियम, सिपाही ASI नहीं करेंगे गाड़ी चेक. * * यातायात के नियमों में बाद, सिपाही ASI नहीं चेक करेंगे वाहन.. * by: TARUN kumar singh.. *बिहार पुलिस ने अब गाड़ी चेकिंग के नियम बदल दिए हैं. अब सिपाही और एएसआई गाड़ी चेक नहीं करेंगे. बिहार पुलिस मुख्यालय से यह आदेश जारी किया गया है. पुलिस ने गाड़ियों की जांच को लेकर बेहद सख्त नियम कर दिए हैं. अब सिपाही और ASI रैंक के पुलिसकर्मी सड़क पर गाड़ियों की चेकिंगyh नहीं कर सकेंगे. आदेश में कहा गया है कि अब वाहन चेकिंग का अधिकार सिर्फ दारोगा (SI) या उससे ऊपर के अधिकारियों के पास होगा. सिपाही और जमादार का काम सिर्फ सड़कों को जाम से मुक्त रखना होगा, वे सिर्फ ट्रैफिक को रेगुलेट करेंगे. किसी भी परिस्थिति में दारोगा से नीचे के पुलिसकर्मी वाहन चालकों को रोककर गाड़ी की चेकिंग नहीं करेंगे. नियमों का पालन न करने पर होगा एक्शन सरकार की ओर से इसको लेकर बेद सख्त नियम बनाए गए हैं. इसके लिए जांच दल बनाकर इसकी जांच कराई जाएगी. अगर कोई सिपाही या एएसआई गाड़ी चेकिंग करते पाया गया, तो उस पर एक्शन लिया जाएगा. ट्रैफिक या चेकिंग ड्यूटी में लगे सभी पुलिसकर्मियों को अपना बॉडी वार्न कैमरा अनिवार्य रूप से ऑन रखना होगा. कैमरा बंद रहने पर अगर राहगीर या वाहन चालक से किसी तरह का विवाद होता है, तो उस स्थिति में पुलिसकर्मी को ही जिम्मेदार माना जाएगा. बॉडी कैमरा बंद मिला तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस आदेश के बाद ट्रैफिक पुलिस के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं. ऑन-स्पॉट चालान नहीं काटेंगे हवलदार और एएसआई बिहार में पहले सिपाही, हवलदार और एएसआई किसी भी वाहन को रोक लिया करते थे. अब वे किसी भी गाड़ी न ही रोक पाएंगे और न किसी का ऑन-स्पॉट चालान नहीं कर पाएंगे. अब से ये पुलिसकर्मी सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था को संभालेंगे और सड़कों को जाम से मुक्त करेंगे.
बिहार में बदले वाहन चेकिंग के नियम, सिपाही ASI नहीं करेंगे गाड़ी चेक. * बिहार में बदले वाहन चेकिंग के नियम, सिपाही ASI नहीं करेंगे गाड़ी चेक. * * यातायात के नियमों में बाद, सिपाही ASI नहीं चेक करेंगे वाहन.. * by: TARUN kumar singh.. *बिहार पुलिस ने अब गाड़ी चेकिंग के नियम बदल दिए हैं. अब सिपाही और एएसआई गाड़ी चेक नहीं करेंगे. बिहार पुलिस मुख्यालय से यह आदेश जारी किया गया है. पुलिस ने गाड़ियों की जांच को लेकर बेहद सख्त नियम कर दिए हैं. अब सिपाही और ASI रैंक के पुलिसकर्मी सड़क पर गाड़ियों की चेकिंगyh नहीं कर सकेंगे. आदेश में कहा गया है कि अब वाहन चेकिंग का अधिकार सिर्फ दारोगा (SI) या उससे ऊपर के अधिकारियों के पास होगा. सिपाही और जमादार का काम सिर्फ सड़कों को जाम से मुक्त रखना होगा, वे सिर्फ ट्रैफिक को रेगुलेट करेंगे. किसी भी परिस्थिति में दारोगा से नीचे के पुलिसकर्मी वाहन चालकों को रोककर गाड़ी की चेकिंग नहीं करेंगे. नियमों का पालन न करने पर होगा एक्शन सरकार की ओर से इसको लेकर बेद सख्त नियम बनाए गए हैं. इसके लिए जांच दल बनाकर इसकी जांच कराई जाएगी. अगर कोई सिपाही या एएसआई गाड़ी चेकिंग करते पाया गया, तो उस पर एक्शन लिया जाएगा. ट्रैफिक या चेकिंग ड्यूटी में लगे सभी पुलिसकर्मियों को अपना बॉडी वार्न कैमरा अनिवार्य रूप से ऑन रखना होगा. कैमरा बंद रहने पर अगर राहगीर या वाहन चालक से किसी तरह का विवाद होता है, तो उस स्थिति में पुलिसकर्मी को ही जिम्मेदार माना जाएगा. बॉडी कैमरा बंद मिला तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस आदेश के बाद ट्रैफिक पुलिस के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं. ऑन-स्पॉट चालान नहीं काटेंगे हवलदार और एएसआई बिहार में पहले सिपाही, हवलदार और एएसआई किसी भी वाहन को रोक लिया करते थे. अब वे किसी भी गाड़ी न ही रोक पाएंगे और न किसी का ऑन-स्पॉट चालान नहीं कर पाएंगे. अब से ये पुलिसकर्मी सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था को संभालेंगे और सड़कों को जाम से मुक्त करेंगे.
- छोटी माता माँ कथा ....................................1
- गयाजी जिला के टेकारी अनुमंडल के कोच प्रखंड के उतरेन गांव कि रहने वाली ढाई साल कि वाणी 158देशों के झंडे को पहचानकर उसके देश का नाम बता देती है गयाजी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट ढाई साल की बच्ची ने खेल-खेल में रच दिया इतिहास, 153 देशों के झंडे पहचानकर बताती है नाम… इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, अब वर्ल्ड रिकॉर्ड पर नजर बिहार के गया जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आपको हैरान कर देगी। महज ढाई साल की उम्र… और सैकड़ों देशों के झंडे देखकर उनके नाम बताने की अद्भुत प्रतिभा। गया के टेकारी अनुमंडल के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली नन्हीं वाणी ने अपनी इस अनोखी प्रतिभा से इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। अब वाणी के परिवार की नजर प्रतिष्ठित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। इसके लिए वाणी को दुनिया के 195 देशों के झंडे पहचानने होंगे। ये तस्वीरें हैं गया जिले के कोच प्रखंड के उतरेन गांव की रहने वाली महज 2 साल 10 महीने की नन्हीं वाणी की। उम्र भले ही छोटी है, लेकिन प्रतिभा ऐसी कि बड़े-बड़े भी हैरान रह जाएं। वाणी को अलग-अलग देशों के झंडे दिखाइए और वह तुरंत झंडे को देखकर देश का नाम बता देती है। बताया जा रहा है कि वाणी अब तक 153 से अधिक देशों के झंडों को पहचानकर उनके नाम बता चुकी है। वाणी की इस अद्भुत प्रतिभा का पता उसके पिता रविकांत कुमार को उस वक्त चला, जब ढाई साल की उम्र में खेल-खेल में वाणी ने एक पोस्टर पर बने 20 देशों के झंडे देखकर उनके नाम बता दिए। इसके बाद पिता ने वाणी की प्रतिभा को गंभीरता से लिया और उसकी क्षमता को निखारने की कोशिश शुरू की। कुछ ही समय में वाणी ने 45 एशियाई देशों के झंडे पहचानने शुरू कर दिए। 29 जून 2026 को वाणी को 45 एशियन कंट्री के नाम पहचानने के लिए पहला अवार्ड मिला। इसके बाद परिवार ने उसकी तैयारी और तेज कर दी। महज 10 दिनों के अंदर वाणी ने 127 देशों के झंडे पहचानने की क्षमता हासिल कर ली। परिवार ने इसका वीडियो बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड को भेजा, जिसके बाद वाणी का रिकॉर्ड कंफर्म किया गया। परिजनों के मुताबिक, वाणी ने 127 देशों के नाम महज 6 मिनट 35 सेकंड में झंडे देखकर बताए। इससे पहले 45 देशों के नाम उसने 2 मिनट 10 सेकंड में बताए थे, जिसके आधार पर उसे प्रमाण पत्र भी मिला। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से वाणी को मेडल, आई कार्ड और रिकॉर्ड बुक देकर सम्मानित किया गया है। बेटी की इस प्रतिभा को देखकर पिता रविकांत कुमार भी बेहद उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वाणी को बचपन से ही रंगों में काफी रुचि थी। इसी वजह से अलग-अलग देशों के झंडों के रंग और डिजाइन को देखकर वह उन्हें आसानी से पहचान लेती है। अब परिवार का लक्ष्य वाणी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना है। वाणी की मां पल्लवी मिश्रा और परिवार के अन्य सदस्य भी उसकी प्रतिभा से बेहद खुश हैं। परिवार का कहना है कि दोनों बेटियां अभी छोटी हैं और अल्फाबेट भी पूरी तरह नहीं जानतीं, लेकिन वाणी सैकड़ों देशों के नाम झंडे देखकर बता देती है। यही वजह है कि परिवार वाणी की इस प्रतिभा को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। वाणी के दादा राम पांडे बताते हैं कि उनकी पोती को रंगों की शानदार समझ है। वह झंडे के रंग और पैटर्न को देखकर देश का नाम बता देती है। परिवार ने अब दुनिया के 195 देशों के झंडों की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि वाणी जल्द से जल्द वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ा सके। गया की नन्हीं वाणी की यह प्रतिभा वाकई अद्भुत है। जिस उम्र में बच्चे खेल-खेल में अक्षर और रंग सीखते हैं, उस उम्र में वाणी सैकड़ों देशों के झंडे पहचानकर उनके नाम बता रही है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद अब वाणी और उसके परिवार की नजर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है। अगर वाणी 195 देशों के झंडे पहचानने में कामयाब होती है, तो यह नन्हीं प्रतिभा दुनिया के सामने बिहार और गया का नाम रोशन कर सकती है।1
- शेखपुरा जिला दिवस, का शेखपुरा जिला वासी को हार्दिक हार्दिक बधाई, BLCP ITS ASHOK SAMRAT1
- पटना SSP के खिलाफ प्रशांत किशोर नेचुनाव आयोग मेंजांच के लिए दिया आवेदन । बांकीपुर से जनसुराज प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने पटना SSP के खिलाफ की शिकायत, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के काउंटिंग से पहले चुनाव आयोग पहुंचे प्रशांत किशोर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर सौंपा प्रतिवेदन पटना के एसएसपी को लेकर शिकायत की है,उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत किया है कि पिछले 3 दिनों में अधिकारी ने अपने लोगों के साथ मिलकर काफी संख्या में लोगों को डराया धमकाया प्रजातंत्र की हत्या की इसीलिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए1
- बड़ी माता माँ कथा हरी चुरी..................................1
- बांकीपुर विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने किसे चुना किस मुद्दे पर वोट किया? #foryou #viralnews1
- 49% आरक्षण से काम नहीं चलेगा, पूरा 90% आरक्षण चाहिए, बोलें BLCP सुप्रीमो सुभाष कुमार जी, देखिए ITS ASHOK SAMRAT के साथ,1
- पिलर विवाद में चली गोलियां! वैशाली में 76 वर्षीय बुजुर्ग की दिनदहाड़े हत्या पिलर विवाद में चली गोलियां! वैशाली में 76 वर्षीय बुजुर्ग की दिनदहाड़े हत्या1