Shuru
Apke Nagar Ki App…
गुना जिले के चाचौड़ा तहसील से ग्राम पिपलिया मोती गांव लगते हुए यहां पर पिपलिया मोती से जार का पूरा में सड़क ना होते हुए लोगों को हो रही है परेशानी मेरी सरकार से यही विनती है कि कृपया जल्द से जल्द यहां रोड बनाएं क्योंकि लोगों को बारिश में बहुत परेशानी होती है अतः हमारी यही गुजारिश है कि जारकापुरा में रोड बनाया जाए
JITENDRA BHIL
गुना जिले के चाचौड़ा तहसील से ग्राम पिपलिया मोती गांव लगते हुए यहां पर पिपलिया मोती से जार का पूरा में सड़क ना होते हुए लोगों को हो रही है परेशानी मेरी सरकार से यही विनती है कि कृपया जल्द से जल्द यहां रोड बनाएं क्योंकि लोगों को बारिश में बहुत परेशानी होती है अतः हमारी यही गुजारिश है कि जारकापुरा में रोड बनाया जाए
- User4935Guna, Madhya Pradesh💣on 19 March
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- आज बमोरी तहसील के कई गांव में ओलावृष्टि हुई1
- रुद्रदेव सिंह मीडिया से हुए रूबरू बीजेपी जिला मंत्री गुना1
- राजगढ़ जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है… जहां एक युवक ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाने की चेतावनी दी है! मामला है राजगढ़ जिले की ब्यावरा तहसील का… जहां गोकुलपुरा निवासी बलबहादुर सिंह, पिता स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह ने एक वीडियो जारी कर सनसनी फैला दी है। वीडियो में बलबहादुर सिंह ने राजस्व विभाग के अधिकारी, एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं… और दावा किया है कि वह इन हालातों से परेशान होकर जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रहे हैं। "SDM पर गंभीर आरोप, युवक ने दी आत्महत्या की चेतावनी" इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है… हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है… लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर एक व्यक्ति को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ा? क्या सच में प्रशासनिक दबाव है…? या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है…? यह जांच का विषय है… हम आपसे अपील करते हैं… जीवन अनमोल है… किसी भी समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं हो सकता। अगर आप या आपके आसपास कोई भी व्यक्ति परेशानी में है, तो तुरंत मदद लें। फिलहाल इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।1
- Post by Jagdish nagar1
- हरनावदाशाहजी - सारथल में गत दिनों मानवता को शर्मसार करती एक बुजुर्ग की नृशंस हत्या की घटना के मामले में सारथल पुलिस ने मृतक के दोहिते को गिरफ्तार किया है। जिसने केवल खर्चे के दो हजार रुपए देने की मना करने पर ही संगीन अपराध कर डाला। सारथल थानाधिकारी धर्मपाल ने बताया कि गत 27 मार्च को सारथल निवासी भैरु लाल ने पुलिस को रिपोर्ट लिखाई थी कि उनके बडे भाई बद्रीलाल खेत पर पूजा करने गे थे जिनका शव अगले दिन कुए में मिला।जिसके पैर बंधे हुए थे और सिर में चोट लगी होने से हत्या की आशंका जताई गई थी। टीमें गठित कर पुलिस ने दिया कार्रवाई को अंजाम - मामले में पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए वृत्ताधिकारी ताराचंद के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित कर तकनीकी जांच करते हुए करीब सौ सीसीटीवी कैमराें की फुटेज खंगालते हुए साइबर सेल और एफएसएल टीम की मदद से एक संदिग्ध युवक रणजीत की पहचान की । और झालावाड़ जिले के अकलेरा बस स्टैंड से हिरासत में लेकर पूछताछ में युवक ने अपने नाना बद्रीलाल की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि अपने नाना से खर्चे के लिए 2000 रुपए मांगे थे । पैसे नही मिलने पर गुस्से में पत्थर से सिर पर वार कर बद्रीलाल की हत्या कर दी और पैर बांध कर कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले से ही नाना की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था और मौका देखते ही वारदात को अंजाम दे दिया। झालावाड़ जिले के ल्हास निवासी रणजीत पु्त्र भंवरलाल काछी के खिलाफ पहले भी चोरी, झगडा एवं आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। पुलिस मामले में जांच कर रही है।2
- Post by Suriya yadav media1
- गुना शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) की जिला परिषद ने जिला कलेक्टर गुना को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम कहा कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शासकीय शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य करने का नियम अन्यायपूर्ण है और इससे लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। AIDSO जिला परिषद के अध्यक्ष शुभम राव ने ज्ञापन में बाताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के कारण लगभग 3 लाख से अधिक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों पर TET पास करने का दबाव बनाया जा रहा है, अन्यथा उन्हें सेवा से बाहर किया जा सकता है। इस आदेश के विरोध में शिक्षक संगठनों द्वारा आंदोलन शुरू किया गया है, जिसका AIDSO समर्थन करता है। एक तरफ सरकार हजारों सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से कार्यरत शिक्षकों को हटाने की तैयारी की जा रही है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार लगभग 1 लाख शिक्षकों के पद पहले से खाली हैं, लेकिन इन पदों को भरने के बजाय कार्यरत शिक्षकों को ही हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे सरकारी स्कूलों की स्थिति और खराब होगी। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को होगा।1
- Post by Jagdish nagar1