छतरपुर में जमीन धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता दीपा अहिरवार ने आज 29 मई को दोपहर करीब 3:30 बजे पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन सौंपकर आरोपी हीरा बंसल पर फर्जीवाड़ा, कूटरचना और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2020 में आरोपी ने लगभग 1600 वर्गफुट भूमि 90 हजार रुपये में विक्रय इकरारनामा के ज़रिए बेचकर कब्जा दे दिया था। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि यह भूमि शासकीय पट्टे की थी, जिसकी वजह से इसकी रजिस्ट्री संभव नहीं थी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने इस तथ्य को छिपाकर, यानी पूर्व में किए गए विक्रय इकरारनामे और कब्जे की जानकारी को छिपाकर, अधिकारियों के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत किए और उसी भूमि का दोबारा विक्रय व हस्तांतरण कर दिया। इस धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक विश्वासघात के मामले में, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
छतरपुर में जमीन धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता दीपा अहिरवार ने आज 29 मई को दोपहर करीब 3:30 बजे पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन सौंपकर आरोपी हीरा बंसल पर फर्जीवाड़ा, कूटरचना और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2020 में आरोपी ने लगभग 1600 वर्गफुट भूमि 90 हजार रुपये में विक्रय इकरारनामा के ज़रिए बेचकर कब्जा दे दिया था। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि यह भूमि शासकीय पट्टे की थी, जिसकी वजह से इसकी रजिस्ट्री संभव नहीं थी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने इस तथ्य को छिपाकर, यानी पूर्व में किए गए विक्रय इकरारनामे और कब्जे की जानकारी को छिपाकर, अधिकारियों के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत किए और उसी भूमि का दोबारा विक्रय व हस्तांतरण कर दिया। इस धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक विश्वासघात के मामले में, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार बिजावर के पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता के साथ क्षेत्र में विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए निकले। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने वर्षों से कागज़ों और भाषणों में बताए जा रहे विकास के वास्तविक चेहरे को ज़मीन पर देखा, जिस पर वे भौचक्का रह गए। यह घटना इस सवाल को उजागर करती है कि जो विकास सिर्फ कागजों पर था, उसकी ज़मीनी सच्चाई देखकर मंत्री जी हैरान थे।1
- केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार, भूपेंद्र गुप्ता के साथ विजावर पहुँचे। यहाँ उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास की हकीकत का जायजा लिया और वास्तविक स्थिति को समझा।1
- आज 29 मई को दोपहर करीब 4:00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना, लंबित राजस्व प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की गहन समीक्षा की गई। खराब प्रगति के कारण कई तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को नोटिस जारी करने तथा उनके वेतन में कटौती करने के निर्देश दिए गए। सबसे अधिक लंबित प्रकरण नौगांव तहसीलदार के पास पाए जाने पर उनका 3 दिवस का वेतन काटने और उन्हें न्यायिक कार्य से तत्काल मुक्त करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्वामित्व योजना में लापरवाही बरतने के लिए अलीपुरा और खड्डी पटवारी को निलंबित करने के आदेश भी दिए गए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने, लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन स्वीकार करने, पीएम किसान ई-केवाईसी का कार्य पूर्ण करने तथा आतिशबाजी व अमोनियम नाइट्रेट गोदामों की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए।1
- मध्य प्रदेश के नौगांव (छतरपुर) में ओबीसी महासभा द्वारा विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। ओबीसी महासभा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष राजलक्ष्मी कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुल नौ प्रमुख मांगें उठाई गईं, जिनमें बिजली कटौती, पेयजल समस्या, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करना, NEET पेपर लीक की घटना, बढ़ती महंगाई पर रोक, राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग और शराबबंदी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इन जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे चलकर एक उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- टीकमगढ़ के पलेरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं, जहां भीषण गर्मी में सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुँच रहे हैं, लेकिन डॉक्टर नदारद मिल रहे हैं और कुर्सियां खाली पड़ी हैं। डॉक्टरों की इस लापरवाही से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मरीजों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी डॉक्टर सरकार से वेतन लेने के बावजूद अस्पताल पर कम ध्यान देते हैं। वे अपनी निजी क्लिनिक और घरों से मरीजों को देखते हैं, जबकि मरीजों को मेडिकल की बाहरी दवाइयां लिखकर अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं। अस्पताल में पहले से ही दवाओं और डॉक्टरों की कमी है, जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है और घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी इलाज नहीं मिल पाता। हाल ही में, अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण संगठन के प्रांतीय नेतृत्व दल ने CHC पलेरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्रांतीय महासचिव राम रतन दीक्षित के निरीक्षण में अस्पताल की भौतिक स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई, जिससे प्रशासनिक और नैतिक स्तर पर घोर अनियमितताएं उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान पता चला कि चिकित्सालय का मुख्य भवन अत्यंत प्राचीन और जीर्ण-शीर्ण है; स्टाफ ने बताया कि वर्षाकाल में छत से पानी टपकता है, जिससे बहुमूल्य चिकित्सीय उपकरण नष्ट हो रहे हैं और मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। संगठन ने अस्पताल में कुछ शासकीय कर्मचारियों की 'वटवृक्ष प्रवृत्ति' पर भी प्रकाश डाला, जो 5 से 10 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और शासकीय सेवा की आड़ में अवैध धनार्जन के लिए अनैतिक जड़ें फैला चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 'हस्ताक्षर संस्कृति' का खुलासा हुआ, जहाँ कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहते हैं; वे या तो आते ही नहीं, या केवल उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर तुरंत चले जाते हैं, जिससे शासन को गुमराह कर बिना काम किए वेतन लिया जा रहा है। राम रतन दीक्षित ने इस स्थिति को शासकीय नियमों का घोर उल्लंघन और पलेरा क्षेत्र की गरीब जनता के स्वास्थ्य व मानव अधिकारों के साथ खिलवाड़ बताया है। संगठन ने जनहित में CMHO टीकमगढ़ से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में केवल हस्ताक्षर करके भागने वाले कर्मचारियों पर अंकुश लगाने के लिए अस्पताल में डिजिटल/बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करना और समय-समय पर औचक निरीक्षण दल भेजना शामिल है।2
- छतरपुर में संयुक्त ए.एन.एम. एसोसिएशन संघ ने आज, 29 मई को दोपहर करीब 4:30 बजे, मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से एएनएम कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। संघ ने यह ज़ोर दिया कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और उन्होंने कोविड टीकाकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसके बावजूद उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। एसोसिएशन की मुख्य मांगों में संविदा एएनएम का शोषण बंद करना, उन्हें पूर्व की भांति नर्सिंग कैडर में शामिल करना, और पिछले तीन वर्षों से कार्यरत एएनएम का नियमितीकरण करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, संघ ने वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे बढ़ाने, पदोन्नति देने, तथा ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत एएनएम को यात्रा भत्ता एवं वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। छतरपुर जिले की एएनएम कर्मचारियों ने अपनी इन्हीं तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन सीएमएचओ को सौंपा है।1
- छतरपुर के अपोलो क्रॉस मार्केट में खड़ी डोमिनोज कंपनी की एक गाड़ी में धमाका होने की खबर मिली है। इस हादसे के कारण डोमिनोज की कई गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में कुल 10 गाड़ियों के जलने की सूचना है, जिसका कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।1