छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 'जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा' का शुभारंभ किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस मौके पर एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर लोगों को परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और जनसंख्या स्थिरता से संबंधित महत्वपूर्ण संदेशों के प्रति जागरूक करेगा। जिले भर में इस पखवाड़े का आयोजन 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक किया जाएगा, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने बताया कि बच्चों के जन्म के बीच पर्याप्त अंतर रखने से कुपोषण, मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी आती है। परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मातृ व शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। पखवाड़े के दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में इच्छुक दंपत्तियों को परिवार नियोजन से जुड़ी निःशुल्क सेवाएं और परामर्श दिए जाएंगे। इस दौरान कॉपर-टी, गर्भनिरोधक गोलियां और कंडोम जैसी सामग्रियां मुफ्त बांटी जाएंगी, साथ ही पुरुष नसबंदी और महिला बंध्याकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीण इलाकों में मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से 'सास-बहू सम्मेलन' का आयोजन किया जाएगा, जिसके जरिए महिलाओं और परिवारों को परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण की जानकारी दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने नागरिकों से अफवाहों और भ्रांतियों से बचने तथा इन उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है। कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को, बीएमओ डॉ. ओ.पी. प्रसाद, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 'जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा' का शुभारंभ किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस मौके पर एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर लोगों को परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और जनसंख्या स्थिरता से संबंधित महत्वपूर्ण संदेशों के प्रति जागरूक करेगा। जिले भर में इस पखवाड़े का आयोजन 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक किया जाएगा, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने बताया कि बच्चों के जन्म के बीच पर्याप्त अंतर रखने से कुपोषण, मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी आती है। परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मातृ व शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। पखवाड़े के दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में इच्छुक दंपत्तियों को परिवार नियोजन से जुड़ी निःशुल्क सेवाएं और परामर्श दिए जाएंगे। इस दौरान कॉपर-टी, गर्भनिरोधक गोलियां और कंडोम जैसी सामग्रियां मुफ्त बांटी जाएंगी, साथ ही पुरुष नसबंदी और महिला बंध्याकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीण इलाकों में मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से 'सास-बहू सम्मेलन' का आयोजन किया जाएगा, जिसके जरिए महिलाओं और परिवारों को परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण की जानकारी दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने नागरिकों से अफवाहों और भ्रांतियों से बचने तथा इन उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है। कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को, बीएमओ डॉ. ओ.पी. प्रसाद, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण एनडीए कॉन्क्लेव में देश के विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इसके साथ ही, बैठक में आगामी 2029 की रणनीति को लेकर भी गहन मंथन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और देश के विकास की गति को और अधिक तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी दलों को "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इस बैठक के जरिए विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने का प्रयास किया गया है और जनता से भी इस बैठक के प्रभावों पर उनकी राय मांगी गई है।1
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- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में आज मौसम का तापमान काफी अधिक है और तेज धूप निकली हुई है। ऐसी भीषण धूप को लेकर चिंता जताई जा रही है कि यदि दो-चार दिन और ऐसी ही स्थिति रही, तो खेतों में लगाई जा रही धान की फसल पूरी तरह मुरझा जाएगी और जमीन सूख जाएगी। हालांकि, अत्यधिक तापमान और इस भीषण धूप के बीच यह संभावना भी जताई जा रही है कि कुछ समय में बारिश हो सकती है।1
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल उपस्थित रहे। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा को सबसे प्रभावी माध्यम बताया। श्री वारियाल ने विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध व पारिस्थितिक अपराध के बीच अंतर और उनसे संबंधित दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 तथा किशोर न्याय से संबंधित प्रमुख कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ बाल विवाह के दुष्परिणामों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। अपने छात्र जीवन से न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन जीने और उच्च लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की सलाह दी और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता व NALSA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स भी मौजूद रहे।4
- छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के खड़गवां विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरदर के बासापारा में 'मोर गांव मोर पानी' अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत लगभग 2,000 पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण कर जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनभागीदारी का संदेश दिया गया। जनपद पंचायत खड़गवां द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के तहत एक जन सम्मेलन भी हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाने से भूजल स्तर में वृद्धि होगी और पर्यावरण संतुलन बना रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा देकर साल में तीन फसल लेने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए गरीबों को पक्के मकान देने और रोजगार गारंटी योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 125 दिनों के रोजगार के साथ प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी देने के प्रावधानों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान हुई हल्की बारिश को स्वास्थ्य मंत्री ने 'मेघदेव का आशीर्वाद' बताते हुए इसे अभियान की सफलता का प्रतीक और प्रकृति का शुभ संकेत करार दिया। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों को जल व पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने हर नागरिक से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।1
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर के माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून और समाज के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल थे। उन्होंने अपने संबोधन में बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहद सरल भाषा में न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध और पारिस्थितिक अपराध के बीच का अंतर, अपराधों की गंभीरता तथा उनके लिए तय दंडात्मक प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। न्यायाधीश श्री वारियाल ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने अपने छात्र जीवन और न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए छात्रों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग करने और ज्ञानवर्धन के लिए इंटरनेट व मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण सहित पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।3
- कोरिया के पटना नगर पंचायत में लगभग 70 से 80 वर्ष पुराने एक शासकीय विद्यालय को तोड़े जाने के बाद अब उसी भूमि पर निर्माण कार्य बेहद तेज़ी से जारी है। सबसे गंभीर बात यह है कि प्रशासन द्वारा इस निर्माण कार्य को रोकने के आदेश दिए जाने के बावजूद भी मौके पर काम लगातार चल रहा है, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है। लोगों का सवाल है कि यदि प्रशासन ने निर्माण रोकने के निर्देश दिए हैं, तो फिर इस आदेश का पालन कौन कराएगा? आखिर किसके संरक्षण में सरकारी भूमि पर खुलेआम यह निर्माण कार्य जारी है? स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे यह संदेश जा रहा है कि प्रभावशाली लोगों के सामने प्रशासनिक आदेश भी बौने साबित हो रहे हैं। जिस भूमि पर वर्षों तक शासकीय विद्यालय संचालित होता रहा, आज वहां चल रहे निर्माण कार्य को लेकर मांग उठ रही है कि यदि यह वैध है तो संबंधित विभाग को इसके सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए। वहीं, यदि यह निर्माण अवैध है तो इस पर तत्काल रोक लगाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अब जनता की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन अपने ही आदेश का पालन करा पाएगा या सरकारी जमीन पर कब्जे का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ने पर विशेष जोर दिया। इस बैठक का देश के विकास की दिशा में क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे लेकर लोगों से कमेंट में अपनी राय साझा करने को कहा गया है।1