*गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है* *गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है*
*गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है* *गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है*
- करेरा नगर में अवैध अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों के सामने 10–12 फीट तक सड़क पर कब्जा किए बैठे हैं, जिससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। नगर के एक युवक ने वीडियो बनाकर इस मुद्दे को उठाया और प्रशासन को जमकर खरी-खोटी सुनाई। सवाल यह है कि कार्रवाई आखिर कब होगी? चौंकाने वाली बात यह है कि जब गरीबों के ठेले सड़क पर लगते हैं तो नगर परिषद तुरंत कार्रवाई करती है, लेकिन बड़े दुकानदारों पर कोई सख्ती नहीं दिखती। जनता की मांग है कि सभी के लिए एक समान नियम लागू हों और अवैध अतिक्रमण हटाया जाए। #Karera #करेरा #अतिक्रमण #नगरपरिषद #PublicIssue #Trending1
- नरवर में चोरों के होंसले बुलंद अशोक अग्रवाल की दुकान से की पैसों की चोरी, चोर सीसीटीवी में कैद ।1
- खबर – मगरौनी, जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश) जितेन्द्र शाक्य की रिपोर्ट नगर परिषद मगरौनी स्थित R.G.M.S. स्कूल में एक भव्य पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के मेधावी छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, नियमित उपस्थिति रखने वाले छात्रों एवं सुंदर लेखन (हैंडराइटिंग) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। बच्चों को सम्मानित होते देख अभिभावकों और शिक्षकों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में थाना प्रभारी नरवर दीपक यादव जी एवं मगरौनी चौकी प्रभारी अभिमन्यु राजावत जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्रों को पुरस्कार प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय प्रबंधन एवं स्टाफ द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को और अधिक3
- Post by User9708 - कपिल मिश्रा क्राइम पत्रकार1
- बबीना नगर में जैन समाज द्वारा महावीर स्वामी जी के जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर निकाली विशाल भव्य शोभायात्रा,,,,,4
- Post by Bablu Ramaiya1
- Post by Lakshya News tv1
- सर्वेलंस सेल, झाँसी द्वारा गुमशुदा/खोए हुए कुल 126 मोबाइल फोन (लगभग 18 लाख रुपये मूल्य) बरामद किए गए, जिन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, झाँसी श्री बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति द्वारा उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया गया।1