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ईव्हीएम की हुई फर्स्ट लेवल चेकिंग पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 (पूर्वार्द्ध) अंतर्गत गत शुक्रवार को जिला स्तर पर ईव्हीएम मशीन की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) कार्यवाही संपन्न हुई। मास्टर टेªनर, कलेक्टर प्रतिनिधि एवं नोडल अधिकारी ईव्हीएम की उपस्थिति में तकनीकी टीम द्वारा उक्त प्रक्रिया संपादित की गई। अब आगामी 16 सितम्बर को डीईओ लेवल एवं 19 सितम्बर को रिटर्निंग अधिकारी लेवल रेण्डमाईजेशन होगा, जबकि 25 सितम्बर को ईव्हीएम की कमीशनिंग कार्यवाही होगी। रेण्डमाईजेशन की प्रक्रिया जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा दोपहर 12 बजे से की जाएगी।

6 hrs ago
user_Sitaram rai
Sitaram rai
Local News Reporter सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago
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ईव्हीएम की हुई फर्स्ट लेवल चेकिंग पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 (पूर्वार्द्ध) अंतर्गत गत शुक्रवार को जिला स्तर पर ईव्हीएम मशीन की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) कार्यवाही संपन्न हुई। मास्टर टेªनर, कलेक्टर प्रतिनिधि एवं नोडल अधिकारी ईव्हीएम की उपस्थिति में तकनीकी टीम द्वारा उक्त प्रक्रिया संपादित की गई। अब आगामी 16 सितम्बर को डीईओ लेवल एवं 19 सितम्बर को रिटर्निंग अधिकारी लेवल रेण्डमाईजेशन होगा, जबकि 25 सितम्बर को ईव्हीएम की कमीशनिंग कार्यवाही होगी। रेण्डमाईजेशन की प्रक्रिया जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा दोपहर 12 बजे से की जाएगी।

More news from Panna and nearby areas
  • अजयगढ़ में बड़ा हादसा: रिश्तेदारी मे जा रहीं ग्रामीणों से भरी लोडर ऑटो अनियंत्रित होकर पलटी, 5 गंभीर घायल, जिला अस्पताल रेफर। रिश्तेदारी से लौट रहे ग्रामीणों की एक तीन पहिया मालवाहक ऑटो (लोडर) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। *अचानक अनियंत्रित होकर पलटी गाड़ी* मिली जानकारी के अनुसार, छतरपुर जिले के ग्राम पलकोंहा निवासी ग्रामीण अजयगढ़ क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के यहां आए हुए थे। वापसी के दौरान अचानक सलैया के पास लोडर ऑटो बेकाबू होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त गाड़ी में लगभग 8 से 10 लोग सवार थे। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन में सवार लोग सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे चीख-पुकार मच गई। घटना में सियारानी (पति दीना), उम्र- 40 वर्षरुकमन (पति स्व. रधो), उम्र- 40 वर्ष पंचू अहिरवार (पिता जमुना), उम्र- 40 वर्षहरबाई (पति स्व. झाल्लू), उम्र- 55 वर्ष रामप्रसाद (पिता फाटा अहिरवार), उम्र- 35 वर्ष सभी निवासी: ग्राम पलकोंहा, जिला छतरपुर शामिल है। *अस्पताल में भर्ती, 5 की हालत गंभीर* घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने 5 लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शी रामप्रसाद अहिरवार ने बताया कि हम लोग रिश्तेदारी में आए हुए थे। गाड़ी अपनी सामान्य गति से जा रही थी कि अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। लोडर ऑटो में करीब 8 से 12 लोग सवार थे।
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    अजयगढ़ में बड़ा हादसा:
रिश्तेदारी मे जा रहीं ग्रामीणों से भरी लोडर ऑटो अनियंत्रित होकर पलटी, 5 गंभीर घायल, जिला अस्पताल रेफर।
रिश्तेदारी से लौट रहे ग्रामीणों की एक तीन पहिया मालवाहक ऑटो (लोडर) अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
*अचानक अनियंत्रित होकर पलटी गाड़ी*
मिली जानकारी के अनुसार, छतरपुर जिले के ग्राम पलकोंहा निवासी ग्रामीण अजयगढ़ क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के यहां आए हुए थे। वापसी के दौरान अचानक सलैया के पास लोडर ऑटो बेकाबू होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त गाड़ी में लगभग 8 से 10 लोग सवार थे। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन में सवार लोग सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे चीख-पुकार मच गई।
घटना में सियारानी (पति दीना), उम्र- 40 वर्षरुकमन (पति स्व. रधो), उम्र- 40 वर्ष
पंचू अहिरवार (पिता जमुना), उम्र- 40 वर्षहरबाई (पति स्व. झाल्लू), उम्र- 55 वर्ष
रामप्रसाद (पिता फाटा अहिरवार), उम्र- 35 वर्ष 
सभी निवासी: ग्राम पलकोंहा, जिला छतरपुर शामिल है।
*अस्पताल में भर्ती, 5 की हालत गंभीर*
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने 5 लोगों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शी रामप्रसाद अहिरवार ने बताया कि
हम लोग रिश्तेदारी में आए हुए थे। गाड़ी अपनी सामान्य गति से जा रही थी कि अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। लोडर ऑटो में करीब 8 से 12 लोग सवार थे।
    user_Anil gupta
    Anil gupta
    computer teacher and reporter Ajaigarh, Panna•
    22 hrs ago
  • मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन *मुआवजा और पुनर्वास की मांग पर पानी में चिता पर लेटकर जताया विरोध, बोले अमित भटनागर—“न्याय दो या मार दो”* *एंकर:+* पन्ना/अजयगढ़। केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित मझगाय, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और आदिवासी महिलाएं बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पानी में चिताओं पर लेटकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने कहा कि प्रभावितों ने कभी विकास का विरोध नहीं किया, बल्कि ग्रामसभा, पारदर्शिता, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की थी। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कई परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा और पुनर्वास राशि नहीं मिली है। उनका कहना है कि कई गांवों में पानी पहुंच चुका है और कुछ मकान लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। प्रभावित किसानों ने सिंचित भूमि को रिकॉर्ड में असिंचित किए जाने से मुआवजा प्रभावित होने का भी आरोप लगाया। आंदोलनकारियों के अनुसार पहले पुनर्वास पैकेज ₹5 लाख था, जबकि जुलाई के चिता आंदोलन के बाद ₹12.50 लाख पैकेज की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद कई परिवार पुराने पैकेज की राशि के लिए भी इंतजार कर रहे हैं। अमित भटनागर ने कहा कि बिना उचित मुआवजा और पुनर्वास के घरों को डूब क्षेत्र में छोड़ना गंभीर मानवीय और कानूनी सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि निषेधात्मक कार्रवाई और मुकदमों के बावजूद प्रभावित परिवार लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि घर, जमीन और गांव डूब रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सरकार विकास कर रही है तो विस्थापितों के भविष्य की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा। चिता आंदोलन में विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित लोग एक मंच पर नजर आए। मझगाय बांध, केन-बेतवा, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग के प्रभावितों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो या मार दो” का नारा लगाते हुए अपना आक्रोश जताया। आंदोलनकारियों ने डूब क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का तत्काल सत्यापन कराने की मांग की। साथ ही लंबित मुआवजा, मकान एवं परिसंपत्तियों का उचित मूल्यांकन और सिंचित-असिंचित भूमि संबंधी शिकायतों के निराकरण की मांग की। अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई किसी अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रभावितों के अधिकार और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों को न्याय, मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलता, चिता आंदोलन जारी रहेगा। *Bite अमित भटनागर*
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    मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन
मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन
*मुआवजा और पुनर्वास की मांग पर पानी में चिता पर लेटकर जताया विरोध, बोले अमित भटनागर—“न्याय दो या मार दो”*
*एंकर:+* पन्ना/अजयगढ़। केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित मझगाय, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा।
भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और आदिवासी महिलाएं बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं।
प्रदर्शनकारियों ने पानी में चिताओं पर लेटकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने कहा कि प्रभावितों ने कभी विकास का विरोध नहीं किया, बल्कि ग्रामसभा, पारदर्शिता, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की थी।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि कई परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा और पुनर्वास राशि नहीं मिली है।
उनका कहना है कि कई गांवों में पानी पहुंच चुका है और कुछ मकान लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
प्रभावित किसानों ने सिंचित भूमि को रिकॉर्ड में असिंचित किए जाने से मुआवजा प्रभावित होने का भी आरोप लगाया।
आंदोलनकारियों के अनुसार पहले पुनर्वास पैकेज ₹5 लाख था, जबकि जुलाई के चिता आंदोलन के बाद ₹12.50 लाख पैकेज की घोषणा की गई थी।
इसके बावजूद कई परिवार पुराने पैकेज की राशि के लिए भी इंतजार कर रहे हैं।
अमित भटनागर ने कहा कि बिना उचित मुआवजा और पुनर्वास के घरों को डूब क्षेत्र में छोड़ना गंभीर मानवीय और कानूनी सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि निषेधात्मक कार्रवाई और मुकदमों के बावजूद प्रभावित परिवार लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।
महिलाओं ने कहा कि घर, जमीन और गांव डूब रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सरकार विकास कर रही है तो विस्थापितों के भविष्य की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा।
चिता आंदोलन में विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित लोग एक मंच पर नजर आए।
मझगाय बांध, केन-बेतवा, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग के प्रभावितों ने अपनी समस्याएं साझा कीं।
प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो या मार दो” का नारा लगाते हुए अपना आक्रोश जताया।
आंदोलनकारियों ने डूब क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का तत्काल सत्यापन कराने की मांग की।
साथ ही लंबित मुआवजा, मकान एवं परिसंपत्तियों का उचित मूल्यांकन और सिंचित-असिंचित भूमि संबंधी शिकायतों के निराकरण की मांग की।
अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई किसी अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रभावितों के अधिकार और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों को न्याय, मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलता, चिता आंदोलन जारी रहेगा।
*Bite अमित भटनागर*
    user_Ajay Dwivedi
    Ajay Dwivedi
    Local News Reporter पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    20 min ago
  • इंस्टाग्राम की दोस्ती बनी हत्या की वजह! 48 घंटे में पन्ना पुलिस ने खोला अंधा हत्याकांड, एक आरोपी गिरफ्तार
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    इंस्टाग्राम की दोस्ती बनी हत्या की वजह! 48 घंटे में पन्ना पुलिस ने खोला अंधा हत्याकांड, एक आरोपी गिरफ्तार
    user_पत्रकार अभिषेक मिश्रा
    पत्रकार अभिषेक मिश्रा
    Home Decoration पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बृजपुर थाना बृजपुर की बड़ी कार्यवाही विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और लाखों की लूट बृजपुर थाना बृजपुर की बड़ी कार्यवाही विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और लाखों की लूट
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    बृजपुर थाना बृजपुर की बड़ी कार्यवाही विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और लाखों की लूट
बृजपुर थाना बृजपुर की बड़ी कार्यवाही विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और लाखों की लूट
    user_Rupesh Jain
    Rupesh Jain
    में दैनिक भास्कर में संवाददाता हु Panna, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
  • “इंदौर के छात्रों की गूंज” को लेकर देश के नेता जननायक राहुल गांधी जी के जागरूकता कार्यक्रम बंसल आई.टी.आई. कॉलेज में सतना जिला कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन मंत्री आदरणीय नागेश मिश्रा जी ने शिक्षा के लिए छात्रों की गूंज शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं की बात सुनी जाएगी, समस्याओं को समझा जाएगा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए आवाज़ बुलंद की जाएगी। युवा शक्ति—बदलेगी तस्वीर! ✊🇮🇳 धर्मेन्द्र रजक हिलौंधा पूर्व युवक कांग्रेस जिला प्रवक्ता सतना “इंदौर के छात्रों की गूंज” को लेकर देश के नेता जननायक राहुल गांधी जी के जागरूकता कार्यक्रम बंसल आई.टी.आई. कॉलेज में सतना जिला कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन मंत्री आदरणीय नागेश मिश्रा जी ने शिक्षा के लिए छात्रों की गूंज शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं की बात सुनी जाएगी, समस्याओं को समझा जाएगा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए आवाज़ बुलंद की जाएगी। युवा शक्ति—बदलेगी तस्वीर! ✊🇮🇳 धर्मेन्द्र रजक हिलौंधा पूर्व युवक कांग्रेस जिला प्रवक्ता सतना
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    “इंदौर के छात्रों की गूंज” को लेकर देश के नेता जननायक राहुल गांधी जी के जागरूकता कार्यक्रम
बंसल आई.टी.आई. कॉलेज में सतना जिला कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन मंत्री आदरणीय नागेश मिश्रा जी ने शिक्षा के लिए छात्रों की गूंज शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।
युवाओं की बात सुनी जाएगी, समस्याओं को समझा जाएगा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए आवाज़ बुलंद की जाएगी।
युवा शक्ति—बदलेगी तस्वीर! ✊🇮🇳

धर्मेन्द्र रजक हिलौंधा 
पूर्व युवक कांग्रेस जिला प्रवक्ता सतना 

“इंदौर के छात्रों की गूंज” को लेकर देश के नेता जननायक राहुल गांधी जी के जागरूकता कार्यक्रम
बंसल आई.टी.आई. कॉलेज में सतना जिला कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन मंत्री आदरणीय नागेश मिश्रा जी ने शिक्षा के लिए छात्रों की गूंज शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।
युवाओं की बात सुनी जाएगी, समस्याओं को समझा जाएगा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए आवाज़ बुलंद की जाएगी।
युवा शक्ति—बदलेगी तस्वीर! ✊🇮🇳
धर्मेन्द्र रजक हिलौंधा 
पूर्व युवक कांग्रेस जिला प्रवक्ता सतना
    user_AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    Internet shop नागौद, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बांदा में कचरे से कमाई! | नारियल के Waste से बन रहे 6 Products | Banda News 2026 बांदा में नारियल के कचरे को बेकार समझने के बजाय उससे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की पहल सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक नारियल के कचरे से छह अलग-अलग उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह पहल कचरे के बेहतर इस्तेमाल और स्थानीय स्तर पर रोजगार व कमाई के नए अवसरों से जुड़ी है।
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    बांदा में कचरे से कमाई! | नारियल के Waste से बन रहे 6 Products | Banda News 2026
बांदा में नारियल के कचरे को बेकार समझने के बजाय उससे उपयोगी उत्पाद तैयार करने की पहल सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक नारियल के कचरे से छह अलग-अलग उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह पहल कचरे के बेहतर इस्तेमाल और स्थानीय स्तर पर रोजगार व कमाई के नए अवसरों से जुड़ी है।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान! शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान! *जब सिस्टम ने नहीं सुनी, तो निजी पहल से मिली सड़क को राहत!* *टैक्स जनता दे, सड़क भी जनता ही बनवाए?* *देवेंद्रनगर में NH-39 की बदहाल पर प्रशासन की चुप्पी, निजी पहल से मिली राहगीरों को राहत* एंकर-- पन्ना जिले के देवेंद्रनगर से निकालने वाला रोड NH-39 के गड्ढों से परेशान जनता के लिए रिसॉर्ट संचालक भाइयों ने अपने खर्च पर कराया लेवलिंग का काम नगर से गुजरने वाले NH-39 की बदहाल सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों ने लंबे समय से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रखी थी। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। सड़क पर बने गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में जब लोगों को राहत की उम्मीद सरकारी व्यवस्था से थी, तब एक निजी पहल सामने आई। देवेंद्रनगर के अन्वी रिसॉर्ट संचालक आशीष अग्रवाल और उनके छोटे भाई आयुष अग्रवाल ने नगरहित में पहल करते हुए अपने खर्च पर जेसीबी लगवाकर NH-39 के खराब हिस्से की लेवलिंग कराई। सड़क के इस हिस्से को समतल किए जाने के बाद फिलहाल वाहनों की आवाजाही में कुछ राहत देखने को मिल रही है। महीनों से परेशान थे लोग, शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद NH-39 की स्थिति लगातार खराब होती गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण बाइक सवारों के साथ-साथ बस और अन्य बड़े वाहनों के चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर जिम्मेदार विभाग के समक्ष शिकायतें भी की गईं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद आशीष अग्रवाल और आयुष अग्रवाल ने स्वयं आगे आकर सड़क के एक हिस्से को जेसीबी की मदद से समतल कराने का निर्णय लिया। *दुकानदार बोले—*‘जिस काम की उम्मीद व्यवस्था से थी, वह निजी व्यक्ति ने कर दिया’ स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए। उनका कहना है कि नागरिकों से विभिन्न प्रकार के टैक्स और शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन बदहाल सड़क, धूल और गड्ढों जैसी मूलभूत समस्याओं से उन्हें खुद जूझना पड़ रहा है। एक दुकानदार ने कहा कि “सड़क की हालत सुधारने की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की है। अगर लोगों को राहत देने के लिए निजी व्यक्ति को अपने खर्च से सड़क समतल करानी पड़े, तो यह सोचने का विषय है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कितनी प्रभावी है।” धूल, गड्ढे और बदहाल सड़क से कब मिलेगी स्थायी राहत? जेसीबी से की गई लेवलिंग से फिलहाल एक हिस्से में आवागमन आसान हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल अब भी कायम है कि NH-39 की स्थायी मरम्मत आखिर कब होगी? जनता का कहना है कि अस्थायी राहत के बजाय सड़क की गुणवत्ता के साथ स्थायी सुधार किया जाना चाहिए, ताकि बारिश के बाद दोबारा वही स्थिति न बने। एक तरफ सरकारी तंत्र से सड़क सुधार की उम्मीद, दूसरी तरफ निजी व्यक्ति की पहल—देवेंद्रनगर की यह तस्वीर व्यवस्था के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—क्या मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जनता को निजी पहल का इंतजार करना पड़ेगा? स्थानीय लोगों की निगाह अब जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर है। लोगों को उम्मीद है कि NH-39 की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल जनता की नाराजगी साफ है और लोग व्यवस्था से यही सवाल पूछ रहे हैं—“क्या यही सुशासन है?” *वइट:-अशोक विश्वकर्मा दुकानदार*
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    शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान!
शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान!
*जब सिस्टम ने नहीं सुनी, तो निजी पहल से मिली सड़क को राहत!*
*टैक्स जनता दे, सड़क भी जनता ही बनवाए?*
*देवेंद्रनगर में NH-39 की बदहाल पर प्रशासन की चुप्पी, निजी पहल से मिली राहगीरों को राहत*
एंकर-- पन्ना जिले के देवेंद्रनगर से  निकालने वाला रोड  NH-39 के गड्ढों से परेशान जनता के लिए रिसॉर्ट संचालक भाइयों ने अपने खर्च पर कराया लेवलिंग का काम
नगर से गुजरने वाले NH-39 की बदहाल सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों ने लंबे समय से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रखी थी। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। सड़क पर बने गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में जब लोगों को राहत की उम्मीद सरकारी व्यवस्था से थी, तब एक निजी पहल सामने आई।
देवेंद्रनगर के अन्वी रिसॉर्ट संचालक आशीष अग्रवाल और उनके छोटे भाई आयुष अग्रवाल ने नगरहित में पहल करते हुए अपने खर्च पर जेसीबी लगवाकर NH-39 के खराब हिस्से की लेवलिंग कराई। सड़क के इस हिस्से को समतल किए जाने के बाद फिलहाल वाहनों की आवाजाही में कुछ राहत देखने को मिल रही है।
महीनों से परेशान थे लोग, शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद 
NH-39 की स्थिति लगातार खराब होती गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण बाइक सवारों के साथ-साथ बस और अन्य बड़े वाहनों के चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर जिम्मेदार विभाग के समक्ष शिकायतें भी की गईं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद आशीष अग्रवाल और आयुष अग्रवाल ने स्वयं आगे आकर सड़क के एक हिस्से को जेसीबी की मदद से समतल कराने का निर्णय लिया।
*दुकानदार बोले—*‘जिस काम की उम्मीद व्यवस्था से थी, वह निजी व्यक्ति ने कर दिया’
स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए। उनका कहना है कि नागरिकों से विभिन्न प्रकार के टैक्स और शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन बदहाल सड़क, धूल और गड्ढों जैसी मूलभूत समस्याओं से उन्हें खुद जूझना पड़ रहा है।
एक दुकानदार ने कहा कि “सड़क की हालत सुधारने की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की है। अगर लोगों को राहत देने के लिए निजी व्यक्ति को अपने खर्च से सड़क समतल करानी पड़े, तो यह सोचने का विषय है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कितनी प्रभावी है।”
धूल, गड्ढे और बदहाल सड़क से कब मिलेगी स्थायी राहत?
जेसीबी से की गई लेवलिंग से फिलहाल एक हिस्से में आवागमन आसान हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल अब भी कायम है कि NH-39 की स्थायी मरम्मत आखिर कब होगी?
जनता का कहना है कि अस्थायी राहत के बजाय सड़क की गुणवत्ता के साथ स्थायी सुधार किया जाना चाहिए, ताकि बारिश के बाद दोबारा वही स्थिति न बने।
एक तरफ सरकारी तंत्र से सड़क सुधार की उम्मीद, दूसरी तरफ निजी व्यक्ति की पहल—देवेंद्रनगर की यह तस्वीर व्यवस्था के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल—क्या मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जनता को निजी पहल का इंतजार करना पड़ेगा?
स्थानीय लोगों की निगाह अब जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर है। लोगों को उम्मीद है कि NH-39 की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल जनता की नाराजगी साफ है और लोग व्यवस्था से यही सवाल पूछ रहे हैं—“क्या यही सुशासन है?”
*वइट:-अशोक विश्वकर्मा दुकानदार*
    user_Ajay Dwivedi
    Ajay Dwivedi
    Local News Reporter पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *पन्ना - इन्स्टाग्राम पर इश्क, रात के अंधेरे में दगा।* 👉*पन्ना में 'लव ट्रैप' बिछाकर सिर कुचला, मामा निकला खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड।* 👉*नाबलिक गर्लफ्रेंड भी गिरफ्तार।* *देखते रहिए मध्य प्रदेश का सबसे प्रतिष्ठित सेटेलाइट न्यूज़ चैनल*👇 🌹*सी न्यूज़ भारत🌹* *CONTACT US - 9926868786* *C New BARAT से* *जिला ब्यूरो - रफी सिद्दीकी*
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    *पन्ना - इन्स्टाग्राम पर इश्क, रात के अंधेरे में दगा।*

👉*पन्ना में 'लव ट्रैप' बिछाकर सिर कुचला, मामा निकला खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड।*

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    user_Rafi siddiqui
    Rafi siddiqui
    Awadhi Restaurant पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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