भारतीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका 'A' के खिलाफ त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल मुकाबले में क्रिकेट इतिहास का एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने डंबुला में मात्र 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज पचासा लगाने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। उनकी यह तूफानी पारी ऐसी थी कि विरोधी टीम के गेंदबाज असहाय नजर आए और मैदान पर चौके-छक्कों की आतिशबाजी देखने को मिली। अपनी इस विध्वंसक पारी के दौरान, वैभव ने कुल 29 गेंदों का सामना करते हुए 324.13 के हैरतअंगेज स्ट्राइक रेट से 94 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। वैभव की बल्लेबाजी का खौफ ऐसा था कि जब वह क्रीज पर थे, तब ऐसा लगने लगा था कि भारतीय टीम 50 ओवरों में 600 रनों का आंकड़ा भी पार कर सकती है। उनके 8वें ओवर में आउट होने तक, भारत का स्कोर 132 रन तक पहुँच चुका था, जो 16 रन प्रति ओवर से अधिक की रन रेट थी। हालांकि, वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय टीम को जो अविश्वसनीय और ऐतिहासिक शुरुआत दिलाई थी, उसका फायदा बाद में आने वाले बल्लेबाज पूरी तरह से नहीं उठा सके। उनके आउट होते ही रनों की गति पर अचानक ब्रेक लग गया और मध्यक्रम तथा निचले क्रम के बल्लेबाजों के संघर्ष के कारण भारतीय टीम निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 377 रन ही बना सकी। हालांकि 377 रन का स्कोर भी मजबूत है, लेकिन वैभव की शुरुआत को देखते हुए भारतीय फैंस और टीम मैनेजमेंट को 450+ के विशाल स्कोर की उम्मीद थी। बहरहाल, टीम के स्कोर से परे वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस 29 गेंदों में 94 रनों की पारी और 11 गेंदों में बनाए वर्ल्ड रिकॉर्ड से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। यह पारी लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में दर्ज रहेगी।
भारतीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका 'A' के खिलाफ त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल मुकाबले में क्रिकेट इतिहास का एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने डंबुला में मात्र 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज पचासा लगाने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। उनकी यह तूफानी पारी ऐसी थी कि विरोधी टीम के गेंदबाज असहाय नजर आए और मैदान पर चौके-छक्कों की आतिशबाजी देखने को मिली। अपनी इस विध्वंसक पारी के दौरान, वैभव ने कुल 29 गेंदों का सामना करते हुए 324.13 के हैरतअंगेज स्ट्राइक रेट से 94 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। वैभव की बल्लेबाजी का खौफ ऐसा था कि जब वह क्रीज पर थे, तब ऐसा लगने लगा था कि भारतीय टीम 50 ओवरों में 600 रनों का आंकड़ा भी पार कर सकती है। उनके 8वें ओवर में आउट होने तक, भारत का स्कोर 132 रन
तक पहुँच चुका था, जो 16 रन प्रति ओवर से अधिक की रन रेट थी। हालांकि, वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय टीम को जो अविश्वसनीय और ऐतिहासिक शुरुआत दिलाई थी, उसका फायदा बाद में आने वाले बल्लेबाज पूरी तरह से नहीं उठा सके। उनके आउट होते ही रनों की गति पर अचानक ब्रेक लग गया और मध्यक्रम तथा निचले क्रम के बल्लेबाजों के संघर्ष के कारण भारतीय टीम निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 377 रन ही बना सकी। हालांकि 377 रन का स्कोर भी मजबूत है, लेकिन वैभव की शुरुआत को देखते हुए भारतीय फैंस और टीम मैनेजमेंट को 450+ के विशाल स्कोर की उम्मीद थी। बहरहाल, टीम के स्कोर से परे वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस 29 गेंदों में 94 रनों की पारी और 11 गेंदों में बनाए वर्ल्ड रिकॉर्ड से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। यह पारी लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में दर्ज रहेगी।
- महेशपुर प्रखंड के प्रतापपुर गाँव निवासी अरुणा टुडू का शव तमिलनाडु से उनके पैतृक गाँव तक पहुँचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जो झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी के विशेष प्रयासों के कारण संभव हो पाया। दुख की इस घड़ी में, उपासना मरांडी ने शोकाकुल परिवार के साथ खड़े होकर न सिर्फ अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं, बल्कि उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। ग्रामीणों और परिजनों ने उनके इस सराहनीय और मानवीय कार्य के लिए आभार प्रकट किया, जिसने संवेदनशीलता की एक मिसाल कायम करते हुए मानवता की जिम्मेदारी निभाई।4
- पाकुड़ जिला अदालत ने मंतोष कुमार सिंह की निर्मम हत्या और अपहरण के मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने इस मामले में राजन साह और मिलन कुमार साह नामक दो दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्या की भयावह क्रूरता को देखते हुए एक विशेष आदेश भी दिया है। इसके तहत, दोनों दोषियों को उनकी सभी सजाएं एक के बाद एक, अलग-अलग भुगतनी होंगी, जिसे प्रभावी रूप से दोहरी उम्रकैद माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना मार्च 2024 में हुई थी, जब मंतोष को पत्थर से कुचलकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया था।1
- उधवा के राधानगर थाना क्षेत्र स्थित पूर्वी उधवा पंचायत में पंचायत सचिवालय के पास उर्दू प्राथमिक विद्यालय बाबू टोला का बंद पड़ा भवन इन दिनों नशेरियों का अड्डा बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां प्रतिदिन दिन-रात असामाजिक तत्व जमा होते हैं और विशेषकर ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। नशेड़ियों का कहना है कि यह भवन उनके लिए नशा करने की एक बहुत अच्छी जगह है, जबकि यह पंचायत सचिवालय के बगल में ही है। यह विद्यालय पूर्व की झारखंड की रघुवर सरकार के कार्यकाल के दौरान दूसरे विद्यालय में विलय कर दिया गया था, जिसके चलते सभी बच्चे और शिक्षक स्थानांतरित हो गए और विद्यालय बंद हो गया। हालांकि, चुनाव आयोग इस भवन का उपयोग विधानसभा और पंचायत चुनावों के दौरान मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र के रूप में भी करता रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि युवा इस नशे की लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिंज ने इस संबंध में बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसकी जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।4
- झारखंड के साहिबगंज जिले में मदन साई रोड और मदन साहब रोड पर सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस खबर से स्थानीय लोगों में खुशी और आश्चर्य का मिला-जुला माहौल देखा जा रहा है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गांव से एक शिक्षिका ने दर्शकों से एक भावुक सवाल पूछा है। शिक्षिका ने इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देने के लिए दर्शकों से कमेंट बॉक्स का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने अपने संदेश का समापन करते हुए सभी का धन्यवाद किया और अगले वीडियो में मिलने की बात कही।1
- बांका पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपनी टॉप-10 सूची में शामिल दो कुख्यात इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों अपराधी 25-25 हजार रुपये के इनामी थे और हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट तथा अन्य संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने प्रेस वार्ता के जरिए इस गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि इन बदमाशों को भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र से एक बिना नंबर की अपाची बाइक के साथ पकड़ा गया है। अपराध पर नकेल कसने के लिए बांका पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है।1
- बांका शहर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन बांका नगर परिषद के सभापति बालमुकुंद सिन्हा उर्फ मक्को दा और पूर्व सांसद जनार्दन प्रसाद यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया।1
- बांका जिले में पुलिस ने एक बड़े और सफल अभियान को अंजाम देते हुए दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे कई हत्याकांडों के सिलसिले में वांछित थे। पुलिस के इस ऑपरेशन में आखिर इन वांछित अपराधियों को पकड़ लिया गया।1