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जनगणना के समय बरते सावधानियां ताकि ना करना पड़े आपको किसी भी प्रकार की हानि का सामना
Deepak Adventure Diary
जनगणना के समय बरते सावधानियां ताकि ना करना पड़े आपको किसी भी प्रकार की हानि का सामना
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- Post by अपना प्रतापगढ़ 🙏🙏1
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1
- सुलतानपुर में मातम: बेटी के जन्म की खुशी के बीच पिता की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव। बरही और प्रीति भोज के जश्न के बीच दर्दनाक घटना, पुलिस जांच में जुटी—आत्महत्या या कुछ और? सुलतानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खुशियों से भरा एक घर कुछ ही घंटों में मातम में बदल गया। जिस आंगन में नवजात बच्ची के जन्म की खुशियाँ मनाई जा रही थीं, वहीं से आज एक पिता की अर्थी उठ गई। पूरा मामला चांदा कोतवाली क्षेत्र के सराय जुझार गांव का है। यहाँ 55 वर्षीय शीतला प्रसाद उर्फ नन्हकऊ यादव के घर में बच्ची की बरही और प्रीति भोज का आयोजन था। दिन में श्रीरामचरितमानस का पाठ हुआ, शाम को मेहमानों ने दावत का आनंद लिया और रात में आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम चल रहा था। लेकिन इसी खुशियों के माहौल के बीच एक अनहोनी ने सब कुछ बदल दिया। बताया जा रहा है कि शीतला प्रसाद आर्केस्ट्रा के कार्यक्रम से नाराज थे। रात में वह एक रिश्तेदार के पास लेटे हुए थे। देर रात उन्होंने शौच जाने की बात कहकर घर से बाहर कदम रखा, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटे। सुबह जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। घर से करीब 100 मीटर दूर एक आम के पेड़ से साड़ी के फंदे के सहारे उनका शव लटकता हुआ मिला। यह दृश्य देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के चार बेटे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पहले खुशियों में डूबा था, लेकिन अब गहरे शोक में डूब गया है। घटना की सूचना मिलते ही चांदा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है—क्या यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य संदिग्ध कारण है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले शीतला प्रसाद के इस कदम ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। एक छोटी सी नाराजगी ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।4
- सुल्तानपुर नॉर्मल चौराहे पर दिनदहाड़े युवक पर जानलेवा हमला चौराहे से दौड़कर मारी गोली बाल बाल बची निशात मिश्रा की जान। घटनास्थल पर पहुंचे नगर कोतवाल संदीप राय विधिक कार्रवाई जारी। आपको बताते चले की सुल्तानपुर के नॉर्मल चौराहे पर उस समय देखने को मिला जब निशांत मिश्रा के ऊपर 8 से 10 लोगों द्वारा दौड़कर फायरिंग की गई निशांत द्वारा बताया गया कि जयआरवीर राजपूत ने हमारे ऊपर फायरिंग की मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा छानबीन की जा रही है।1
- संदिग्ध हालात में अधेड़ की मौत, पेड़ से लटका मिला शव; गांव में शोक चांदा, सुल्तानपुर। कोतवाली चांदा क्षेत्र के सराय जुझार गांव में शनिवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में अधेड़ की मौत का मामला सामने आया है। रविवार सुबह ग्रामीणों ने बगीचे में आम के पेड़ से साड़ी के सहारे लटका शव देखा, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शीतला प्रसाद यादव (लगभग 55 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय श्रीनाथ यादव अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके चार बेटे हैं—जय सिंह यादव, उदय चंद, उत्तम यादव और उत्सव यादव। परिवार में शनिवार को ही में रामायण पाठ एवं गृह प्रवेश तथा प्रीतिभोज के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद देर रात किसी समय अज्ञात कारणों से यह घटना घटित हो गई। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 6 बजे जब ग्रामीण शौच के लिए जा रहे थे, तभी घर से लगभग 300 मीटर दूर बगीचे में आम के पेड़ पर शव लटका दिखाई दिया। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतारकर घर ले आए। घटना की सूचना तत्काल कोतवाली चांदा पुलिस को दी गई। सूचना पाते ही थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना का निरीक्षण कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की। परिजनों के अनुसार, मृतक की पत्नी सुशीला देवी हैं। चारों बेटों में से जय सिंह यादव और उत्तम यादव की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटे अविवाहित हैं। परिजनों ने आपसी सहमति से पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।4
- प्रकृति का एक अनमोल उपहार… छाया तपती धूप में जब सूरज अपनी पूरी तीव्रता से धरती को झुलसाता है, तब छाया ही वह सुकून बनकर सामने आती है, जो थके हुए मन और शरीर को राहत देती है। पेड़ों की ठंडी छांव हो या किसी दीवार का सहारा—छाया हर रूप में जीवन को संतुलन देती है। छाया हमें यह भी सिखाती है कि उजाले के साथ अंधेरा भी जरूरी है। जैसे जीवन में सुख-दुख, दिन-रात एक-दूसरे के पूरक हैं, वैसे ही छाया हमें धैर्य, ठहराव और संतुलन का एहसास कराती है। पेड़ सिर्फ फल और ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि अपनी छाया से जीवन को सहज और सुगम बनाते हैं। इसलिए पेड़ों का संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना हमारी जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस अनमोल उपहार का आनंद ले सकें। छाया सिर्फ धूप से बचाव नहीं, बल्कि प्रकृति का वह स्नेह है जो बिना कुछ मांगे हमें मिलता है। 🌿1
- एक ब्यूटी पार्लर में दो जूतियां आपस में भिड़ी1
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1
- सुलतानपुर के लंभुआ क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां नारायनपुर मिश्रौली के मोहना तालाब में 15 वर्षीय अर्पित गुप्ता का शव मिला। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, शव पर धारदार हथियार के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। अर्पित अपनी मां के साथ दाना-भूजा बेचकर परिवार की मदद करता था। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। 👉 क्या यह हत्या है या कोई और रहस्य? 👉 क्या पुलिस जल्द कर पाएगी खुलासा? वीडियो में जानिए पूरी खबर।1