*सरलानगर रोड पर ओवरलोड हाइवा का आतंक, जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी* मैहर। जिले की सरलानगर रोड पर बेलगाम ओवरलोड हाइवा वाहनों की आवाजाही को लेकर *जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी* ने प्रशासन और सीमेंट फैक्ट्रियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए *देवदत्त सोनी* ने कहा कि मैहर क्षेत्र में तीन-तीन बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियां संचालित होने के बावजूद स्थानीय लोग धूल, प्रदूषण और बीमारियों से जूझने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों की संख्या में हाइवा और भारी वाहन सरलानगर एवं भटूरा रोड पर लगातार दौड़ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों का सड़क पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ऐसे हैं मानो यह सड़क आम लोगों के लिए नहीं बल्कि केवल पत्थर और खनिज ढोने वाले भारी वाहनों के लिए ही बनाई गई हो। ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार से चलने वाले इन वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। *देवदत्त सोनी* ने खदानों में अंधाधुंध खुदाई पर भी गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि लगातार हो रही खनन गतिविधियों से क्षेत्र का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कई गांवों में हैंडपंप पानी के बजाय हवा उगल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का गहरा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि बेलदार, हृदयपुर, गिरगिटा, भद्दनपुरा और अमगार जैसे गांवों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फैक्ट्रियों द्वारा गांवों की जमीन लीज पर लेकर उन्हें खाली कराने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा केजेएस सीमेंट की लीज निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही पहाड़ क्षेत्र में बिचौलियों द्वारा आदिवासी जमीनों को औने-पौने दामों पर खरीदने और फर्जी तरीके से लेन-देन करने की गतिविधियों पर भी सख्त रोक लगाने की मांग की। देवदत्त सोनी ने फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों के शोषण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ठेकेदारों के माध्यम से काम कर रहे मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं किया जाता और उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। अंत में उन्होंने प्रशासन और संबंधित कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इन समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो पहाड़ क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और फैक्ट्रियों की होगी।
*सरलानगर रोड पर ओवरलोड हाइवा का आतंक, जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी* मैहर। जिले की सरलानगर रोड पर बेलगाम ओवरलोड हाइवा वाहनों की आवाजाही को लेकर *जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी* ने प्रशासन और सीमेंट फैक्ट्रियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए *देवदत्त सोनी* ने कहा कि मैहर क्षेत्र में तीन-तीन बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियां संचालित होने के बावजूद स्थानीय लोग धूल, प्रदूषण और बीमारियों से जूझने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों की संख्या में हाइवा और भारी वाहन सरलानगर एवं भटूरा रोड पर लगातार दौड़ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों का सड़क पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ऐसे हैं मानो यह सड़क आम लोगों के लिए नहीं बल्कि केवल पत्थर और खनिज ढोने वाले भारी वाहनों के लिए ही बनाई गई हो। ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार से चलने वाले इन वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। *देवदत्त सोनी* ने खदानों में अंधाधुंध खुदाई पर भी गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि लगातार हो रही खनन गतिविधियों से क्षेत्र का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कई गांवों में हैंडपंप पानी के बजाय हवा उगल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का गहरा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि बेलदार, हृदयपुर, गिरगिटा, भद्दनपुरा और अमगार जैसे गांवों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फैक्ट्रियों द्वारा गांवों की जमीन लीज पर लेकर उन्हें खाली कराने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा केजेएस सीमेंट की लीज निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही पहाड़ क्षेत्र में बिचौलियों द्वारा आदिवासी जमीनों को औने-पौने दामों पर खरीदने और फर्जी तरीके से लेन-देन करने की गतिविधियों पर भी सख्त रोक लगाने की मांग की। देवदत्त सोनी ने फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों के शोषण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ठेकेदारों के माध्यम से काम कर रहे मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं किया जाता और उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। अंत में उन्होंने प्रशासन और संबंधित कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इन समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो पहाड़ क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और फैक्ट्रियों की होगी।
- satna rajendra nagar Gali no. 13 ka naliyo ka hal1
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- Post by मीडिया1
- सतना, मध्य प्रदेश सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। क्या है पूरा मामला? कुछ समय पूर्व मझगवां के मोटवा जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था। शुरुआती नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल के हालातों और परिजनों के बयानों पर संदेह हुआ। पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साजिश और हत्या का तरीका जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी का किसी अन्य युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। पति उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था, जिसे रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने खौफनाक साजिश रची: बहाना: पत्नी अपने पति को मजदूरी दिलाने के बहाने मोटवा के घने जंगल में ले गई। हत्या: वहाँ पहले से मौजूद प्रेमी के साथ मिलकर दोनों ने युवक की गला दबाकर हत्या कर दी। गुमराह करने की कोशिश: हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए उन्होंने शव को रस्सी के सहारे पेड़ से लटका दिया ताकि पुलिस और ग्रामीण इसे खुदकुशी समझें। पुलिस की कार्रवाई मझगवां पुलिस ने सोमवार को घेराबंदी कर पत्नी और उसके प्रेमी को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या (IPC/BNS की संबंधित धाराएं) और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज किया है। सोमवार शाम को ही दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। मुख्य बिंदु: स्थान: मोटवा जंगल, मझगवां थाना क्षेत्र, सतना। आरोप: पत्नी और प्रेमी द्वारा मिलकर हत्या। पुलिस स्टेटस: दोनों आरोपी गिरफ्तार और जेल भेजे गए।1
- Post by Deepak Tiwari (Sonu)1
- satna panna main road nauniya near mdhi mode4
- 💥 *बड़ी खबर*💥 *बाबा बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी अपने सेवादारों से परेशान। कहा कि वह गुरु का भोकाल देखकर सेवादार बन रहे हैं और कुछ लौंडे, लौंडियाबाजी के चक्कर में बन रहे हैं।* सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो मे पंडित धीरेंद्र शास्त्री अपने चेलों पर बरसते हुए कहते हैं- हमारे यहां के सेवादारों की टोन बहुत खराब है। बात करने का तरीका बहुत घटिया है। ऐसे बात करते हैं, जैसे एहसान जता रहे हों। ऐसे धक्का देते हैं, जैसे ये आर्मी वाले हों। इनकी मानसिकता ऐसी हो गई है कि हमारे पीठ देते ही ये खुद गुरु बन जाते हैं। बात भी सही है कि चाय से ज्यादा केतली गरम होती है। इन्हें गुरु दिख ही नहीं रहा है। इन्हें गुरु के आस-पास का भौकाल दिख रहा है। इनकी नजर गुरु पर थोड़े है। इनकी नजर इस पर है कि इनका गुरु सीधा पीएम से जुड़ा है। सीएम से सीधी बात होती है। आधे सेवादार तो इसलिए बन रहे हैं, क्योंकि यहां बढ़िया माल-पानी है। कुछ लौंडे लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन रहे हैं। कुछ माताएं और बच्चियां भी विचित्र होती हैं, हमसे मिलने के बहाने उनसे मिलने आती हैं। इसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने चेलों और सेवादारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें सबकी सच्चाई पता है। उन्होंने कहा कि कई लोग बिना उनसे मिले ही उनके नाम का इस्तेमाल कर सेवादार बन गए हैं। शास्त्री ने कहा कि आधे से ज्यादा लोग उनके नाम का सहारा लेकर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जैसे वे भक्तों की पर्ची निकालकर सच बताते हैं, वैसे ही जरूरत पड़ी तो सेवादारों की सच्चाई भी सबके सामने ला सकते हैं। हालांकि ये वायरल वीडियो कब का और कहां का है इसकी पुष्टी नहीं हो सकी है।1
- *मैहर जिले के बदेरा थाना में युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला, दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर।*1