कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित बहबलपुर गांव के पास सेंगुर नदी में युवती ज्योति का शव मिलने के मामले में पुलिस ने फरार चल रही उसकी भाभी रेखा को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, रेखा ने पूछताछ में ज्योति की हत्या करने की बात स्वीकार की है। यह मामला चंदकुरा गांव का है, जहाँ पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि रेखा के अपने देवर मिलन के साथ अवैध संबंध थे। बीते पाँच जून को ज्योति ने उन दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद राज खुलने के डर और ज्योति के विरोध के कारण रेखा और मिलन ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, शव को दरी में लपेटकर ससुर मान सिंह, रिश्तेदार सुनील उर्फ मौला और एक अज्ञात कार चालक की मदद से सेंगुर नदी में फेंक दिया गया था। ज्योति छह जून से लापता थी और उसका शव आठ जून को नदी से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शनिवार को रेखा को महोई टेंपो स्टैंड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि इस मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश अभी भी जारी है।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित बहबलपुर गांव के पास सेंगुर नदी में युवती ज्योति का शव मिलने के मामले में पुलिस ने फरार चल रही उसकी भाभी रेखा को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, रेखा ने पूछताछ में ज्योति की हत्या करने की बात स्वीकार की है। यह मामला चंदकुरा गांव का है, जहाँ पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि रेखा के अपने देवर मिलन के साथ अवैध संबंध थे। बीते पाँच जून को ज्योति ने उन दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद राज खुलने के डर और ज्योति के विरोध के कारण रेखा और मिलन ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, शव को दरी में लपेटकर ससुर मान सिंह, रिश्तेदार सुनील उर्फ मौला और एक अज्ञात कार चालक की मदद से सेंगुर नदी में फेंक दिया गया था। ज्योति छह जून से लापता थी और उसका शव आठ जून को नदी से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शनिवार को रेखा को महोई टेंपो स्टैंड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि इस मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश अभी भी जारी है।
- कानपुर देहात के संदलपुर ब्लॉक सभागार में रविवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सेवा, संस्कार, सुशासन, सम्मान' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और बीते 12 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालना था। विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अरुण पाठक ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर एमएलसी अरुण पाठक ने बताया कि केंद्र सरकार सेवा और सुशासन के संकल्प के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में देश और प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास, कानून व्यवस्था में सुधार तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। पाठक ने इस बात पर जोर दिया कि विकास की धारा को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है, और उन्होंने उपस्थित लोगों से विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी आशुतोष शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख मीनू तिवारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अमित सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष विनय तिवारी, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुमित दिवाकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- औरैया में, उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग के राज्य मंत्री और औरैया के प्रभारी राकेश कुमार राठौर गुरु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल को देश के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 साल और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के 9 साल बेमिसाल साबित हुए हैं। मंत्री राठौर गुरु ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के 50 साल के शासनकाल में गांवों में बिजली और पानी नहीं पहुंचा, जबकि आज हर गांव और मजरों तक बिजली पहुंच चुकी है और 'हर घर जल' योजना के तहत हर घर में पानी मिल रहा है। उन्होंने बताया कि हर घर में शौचालय बन चुके हैं, आवासविहीन झोपड़ियों में रहने वालों को आवास मिले हैं और आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक के निःशुल्क उपचार की गारंटी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि कानून व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ हुई है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करती, बल्कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जो भाजपा को वोट नहीं देते, उन्हें भी राशन और सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के मिल रहा है। समाजवादी पार्टी पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सपा के पास कुछ नहीं बचा है और भाजपा 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका सम्मान' की तर्ज पर कार्य कर रही है। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय रात 8 से 9 बजे के बाद कोई घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था और व्यापारी शाम होने से पहले ही अपनी दुकानें बंद कर देते थे। इसके विपरीत, आज महिलाएं पूरी रात सड़कों पर सुरक्षित आवागमन कर रही हैं और व्यापारी वर्ग भी सुरक्षित महसूस कर रहा है, क्योंकि प्रदेश की योगी सरकार में गुंडे-बदमाश या तो प्रदेश से बाहर चले गए हैं, या परलोक में पहुंच गए हैं, या जेल में हैं। प्रभारी मंत्री ने औरैया जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित हुए परिवारों और लाभार्थियों का विस्तृत आंकड़ा भी साझा किया। ग्रामीण आवास योजना से 24,914 परिवार, मुख्यमंत्री आवास योजना से 4,822 परिवार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से 1,05,867 लाभार्थी, मनरेगा से 1,19,369 लाभार्थी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 2,81,931 किसान लाभान्वित हुए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2,38,634 लाभार्थियों को, श्रमिक कल्याण योजनाओं से 12,346 श्रमिक परिवारों को और आयुष्मान भारत योजना व जननी सुरक्षा योजना के तहत 2,53,459 परिवारों को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से 333 लाभार्थी, एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण से 131 लाभार्थी, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से 1,741 लाभार्थी, शादी अनुदान योजना से 596 लाभार्थी और मुख्यमंत्री शादी अनुदान योजना से 3,497 लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, रोजगार मेला कैरियर काउंसलिंग के तहत 51,983 लाभार्थी और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री दमोह उद्योग माटी कला के तहत 389 लाभार्थी भी लाभान्वित हुए हैं। इस अवसर पर, भाजपा महिला की प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य गीता शाक्य ने भी भाजपा की केंद्र सरकार के 12 साल और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभान्वित करने के साथ ही प्रदेश और देश के विकास का इतिहास रचा है। शाक्य ने यह भी कहा कि यही कारण है कि आज पूरे देश में भाजपा की लहर चल रही है और भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं के निराकरण और फफूंद रेलवे स्टेशन पर कई अन्य ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित कराने के लिए हर संभव प्रयास करने का भी भरोसा दिया। इस मौके पर भाजपा की सदर विधायक गुड़िया कठेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया, बिधूना ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि आदर्श ठाकुर, सर्वेश भूषण शर्मा, नगर पालिका परिषद औरैया के अध्यक्ष अनूप गुप्ता, नगर पंचायत दिबियापुर के अध्यक्ष राघव मिश्रा, प्रधान अवनीश ठाकुर सहित जिलाधिकारी बृजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी और जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र सिंह जैसे प्रमुख नेता और अधिकारी मौजूद थे।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के कुठौंद थाना क्षेत्र स्थित राधे हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान एक जच्चा और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, नौरंगपुर निवासी जितेन्द्र अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए कुठौंद रोड स्थित राधे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें सामान्य डिलीवरी का भरोसा दिया था, लेकिन डिलीवरी के बाद नवजात शिशु की हालत बिगड़ने की बात कहकर उसे आईसीयू में भर्ती कराने की सलाह दी गई। परिजनों का दावा है कि प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) के कारण महिला की हालत गंभीर हो गई और उसकी अस्पताल में ही मौत हो गई। उनका यह भी आरोप है कि नवजात शिशु ने भी अस्पताल में ही दम तोड़ दिया था। परिजनों ने यह भी कहा है कि अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए डॉक्टरों ने मृत जच्चा-बच्चा को औरैया के 100 शैया अस्पताल रेफर कर दिया था। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है और वे न्याय की मांग को लेकर थाना कोतवाली औरैया पहुंचे, जहां उन्होंने मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम औरैया में किया जाएगा, और अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे जच्चा और नवजात की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सकेगा। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चल रही जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- जिले के प्रभारी मंत्री राकेश कुमार राठौर औरैया जनपद पहुंचे, जहाँ उन्होंने सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उसकी उपलब्धियों को गिनाया। यह कार्यक्रम ककोर मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार, औरैया में आयोजित किया गया था। इस दौरान मंत्री ने विकास कार्यों, बेहतर कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार के अवसर और जनकल्याणकारी योजनाओं को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है, साथ ही आगामी योजनाओं और भविष्य के विकास कार्यों को लेकर भी एक बड़ा संदेश दिया।1
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- औरैया जिले के प्रभारी मंत्री राकेश कुमार राठौर जनपद पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उसकी उपलब्धियों को गिनाया। ककोर मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार औरैया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सरकार के कार्यों को सराहा। मंत्री राकेश कुमार राठौर ने विकास कार्यों, बेहतर कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है। इसके साथ ही, उन्होंने आगामी योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और अधिकारियों की मौजूदगी रही।1
- केंद्र सरकार के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने के उपलक्ष्य में, झींझक स्थित संदलपुर ब्लॉक परिसर में ‘सेवा, सुशासन, संस्कार एवं सम्मान- विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान, चार लाभार्थियों को टीवी किट प्रदान की गईं, दो परिवारों को आयुष्मान कार्ड दिए गए, दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई, और एक शिशु का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। मुख्य अतिथि विधायक अरुण पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण और आयुष्मान भारत योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। यह कार्यक्रम सेवा, सुशासन और संस्कार के साथ एक विकसित भारत के निर्माण का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने ननद की हत्या कर शव को सेंगुर नदी में फेंकने के मामले में वांछित महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने देवर के साथ अपने अवैध संबंधों के उजागर होने के डर से यह हत्या की थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 12 जून 2026 को वादी की तहरीर पर मंगलपुर थाने में मुकदमा संख्या 156/2026, धारा 103(1)/238ए बीएनएस के तहत रेखा देवी सहित चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि पड़ोस में रहने वाली ज्योति पुत्री मान सिंह की हत्या कर उसके शव को कार से ले जाकर सेंगुर नदी में फेंक दिया गया था। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने शुक्रवार को ग्राम महोई स्थित टेंपो स्टैंड से मुख्य आरोपी रेखा देवी (26 वर्ष), पत्नी वीरू, निवासी ग्राम चंद्रकुरा, थाना मंगलपुर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिला को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पूछताछ में रेखा देवी ने बताया कि उसका पति वीरू मजदूरी के लिए बाहर रहता है, और इस दौरान उसके अपने देवर मिलन के साथ अवैध संबंध बन गए थे। 5 जून को जब वे दोनों घर में आपत्तिजनक स्थिति में थे, तब ननद ज्योति ने उन्हें देख लिया और इसका विरोध करने लगी। पकड़े जाने के डर से रेखा देवी और मिलन ने धारदार चाकू से ज्योति की हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने अपने ससुर मान सिंह को घटना की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मान सिंह, मिलन, सुनील उर्फ मौला और एक अज्ञात कार चालक की मदद से शव को एक दरी में लपेटकर कार से ले जाया गया और सेंगुर नदी में फेंक दिया गया। 8 जून को नदी से शव बरामद होने की खबर मिलते ही सभी आरोपी फरार हो गए थे। रेखा देवी ने पुलिस को यह भी बताया कि उसकी और मिलन की झींझक रेलवे स्टेशन पर मुलाकात तय थी, जहां से वे दोनों मुंबई भागने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी महेश कुमार दुबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की है और फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।1
- जनपद औरैया के ककोर मुख्यालय स्थित मानस सभागार में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कानून व्यवस्था और पत्रकार सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रभारी मंत्री ने उन लोगों के सवालों का जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, जो अक्सर पूछते हैं कि मोदी और योगी सरकार ने क्या काम किया है। उन्होंने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने घर-घर शौचालय बनवाकर महिलाओं को सम्मान और सुविधा प्रदान की है। प्रभारी मंत्री ने कानून व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि पहले महिलाएं शाम के समय घर से निकलने में भी असुरक्षित महसूस करती थीं, जबकि आज वे देर रात तक भी बिना भय के आवागमन कर सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पुलिस व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है। पहले लोग डकैती, चोरी और लूटपाट के डर से शाम होते ही घरों में कैद हो जाते थे, लेकिन अब यूपी-112 पुलिस किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करती है और कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करती है। महिला सुरक्षा के विषय में, उन्होंने बताया कि अब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 1090 महिला हेल्पलाइन त्वरित सहायता और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा प्रदान कर रही है, जिससे महिलाओं को न्याय पाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता और कई मामलों में उन्हें थाने जाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती। साथ ही, प्रदेश के सभी थानों, चौकियों और प्रमुख स्थानों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं, जहाँ महिलाएं अपनी समस्याएं और शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकती हैं। प्रेस वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री ने पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर झूठे मुकदमे, फर्जी आरोप, मारपीट और धमकियों की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी पत्रकार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने से पहले संबंधित पत्रकार से बातचीत कर तथ्य जाने जाएं और यदि जांच में गलती पाई जाती है, तभी विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि यदि किसी पत्रकार की सुरक्षा को खतरा होता है, तो सरकार उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। कुल मिलाकर, प्रेस वार्ता में सरकार की उपलब्धियों, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था और पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से चर्चा के केंद्र रहे।1