रायबरेली के ऊँचाहार कस्बे में 10 मुहर्रम (यौम-ए-आशूरा) के अवसर पर युवा कमेटी द्वारा एक भव्य लंगर का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लंगर ग्रहण किया। कमेटी के सदस्यों ने इस पहल के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करना और समाज में इंसानियत, आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सेवा की भावना को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें कस्बे के अनेक गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ नागरिक और अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने युवा कमेटी के इस सामाजिक और सेवा कार्य की सराहना की। युवा कमेटी लंबे समय से ऐसे सामाजिक कार्य करती आ रही है और इसका प्राथमिक उद्देश्य हमेशा से ही आपसी भाईचारे एवं सौहार्द को बनाए रखना रहा है। 10 मुहर्रम पर आयोजित इस लंगर के माध्यम से कमेटी ने एक बार फिर इंसानियत और एकता का सशक्त संदेश दिया।
रायबरेली के ऊँचाहार कस्बे में 10 मुहर्रम (यौम-ए-आशूरा) के अवसर पर युवा कमेटी द्वारा एक भव्य लंगर का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लंगर ग्रहण किया। कमेटी के सदस्यों ने इस पहल के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करना और समाज में इंसानियत, आपसी भाईचारे, प्रेम तथा सेवा की भावना को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें कस्बे के अनेक गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ नागरिक और अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने युवा कमेटी के इस सामाजिक और सेवा कार्य की सराहना की। युवा कमेटी लंबे समय से ऐसे सामाजिक कार्य करती आ रही है और इसका प्राथमिक उद्देश्य हमेशा से ही आपसी भाईचारे एवं सौहार्द को बनाए रखना रहा है। 10 मुहर्रम पर आयोजित इस लंगर के माध्यम से कमेटी ने एक बार फिर इंसानियत और एकता का सशक्त संदेश दिया।
- रायबरेली के ऊंचाहार में दशवीं मुहर्रम पर यौमे अशुरा का जुलूस नगर से लेकर गांव तक मातम और एकजुटता के माहौल में निकाला गया। अक़ीदत मंदों की आँखों में आँसू थे, और वे यजीद के जुल्म के खिलाफ़ लगातार आवाज़ बुलंद करते रहे। इस मौके पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने यजीद की तुलना आज के आतंकवादियों से की, जिसके बाद जुलूस में "आतंकवाद मुर्दाबाद" के नारे जमकर गूंजे। इस जुलूस में हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय की महिलाएं, पुरुष, बड़े और बुजुर्ग शामिल हुए, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुँचे। शुक्रवार को ऊंचाहार में जुलूस की शुरुआत बड़े इमामबाड़े में ओवेश नकवी के मर्सिया "आज शबबीर पे क्या आलमे तनहाई है, जुल्म की चंद पे ज़हरा के घटा छाई है" के साथ हुई, जिसके तुरंत बाद सीनाजनी, छूरी और जंजीर का मातम शुरू हो गया। जुलूस आगे बढ़ा तो रास्ते में नोहा ख्वानी और तकरीरें होती रहीं। इमाम चौक पर हसनैन मुस्तफाबादी ने जोर देकर कहा कि विश्व में आतंकवाद के खिलाफ सबसे पहली आवाज इमाम हुसैन ने ही उठाई थी, जिसके लिए उन्होंने अपने पूरे कुनबे की कुर्बानी दे दी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत हुसैन की चाहत का देश है, क्योंकि विश्व में अगर कहीं इंसानियत है तो वह भारत में है, और इसीलिए हुसैन भारत आना चाहते थे। जुलूस में छोटे बच्चों द्वारा अता हुसैन का मातम देखकर सभी की आँखें नम हो गईं। महिला धर्मगुरु फलक इदरीसी ने कर्बला की लड़ाई को मानवता, लोकतंत्र और समानता की लड़ाई बताया। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह लोगों ने लंगर का आयोजन किया। समाजसेवी नफीस के आवास पर इदरीसी परिवार की ओर से भी लंगर का भव्य आयोजन किया गया, जहाँ सिराज इदरीसी (राजू पेंटर) और अंजुमन कजियाना ने श्रद्धालुओं का इस्तकबाल किया। दिन भर चले इस जुलूस का समापन शाम को कर्बला में हुआ, जिसके साथ ही अलबिदाई भी संपन्न हो गई। इसी बीच, गदागंज के कजियाना में दसवीं मोहर्रम का जुलूस मखदुमपुर पुलिस चौकी की प्रशासनिक निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। इस पूरे आयोजन में अशरफ हुसैन असद, शाह आलम, माजू, मसरुर हैदर, कैसर अब्बास, हादी हुसैन, समीर नक़वी, फ़राज़ नक़वी, सैफ़ नक़वी, शमशाद हुसैन, हुसैन मेहंदी, इन्तिजार नक़वी, अंन्सर नक़वी, मंन्ज़र नक़वी, पिंटू नक़वी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।1
- देश की राजनीति में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी जाने वाली है और आगामी 48 घंटों के भीतर कई मंत्रियों का इस्तीफा होगा।1
- उत्तर प्रदेश में प्रशासक बने ग्राम प्रधानों के संबंध में एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें उनकी 'उल्टी गिनती' शुरू होने का संकेत दिया गया है। यह स्थिति कोर्ट और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए एक 'बड़े एक्शन' के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुई है।1
- कड़ा ब्लॉक के नरसिंहपुर कछुआ गांव में गंदगी और जलभराव ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। सिराथू तहसील क्षेत्र के इस गांव में मुख्य मार्ग पर गंदा पानी भरा होने के कारण आवागमन बुरी तरह बाधित है, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति सरकारी दावों की पोल खोल रही है, जहाँ बरसात आने से पहले ही गांव का हाल बदहाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान और कड़ा ब्लॉक में शिकायत की है, लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका सीधा आरोप ग्राम प्रधान पर अनदेखी का है। गांव में नालियों की बदहाल व्यवस्था के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है, खासकर जिलाधिकारी से इस ओर एक नजर डालने का आग्रह किया गया है।2
- कौशाम्बी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित चकिया गांव में एक झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने का मामला सामने आया है। इस घटना में झोपड़ी के अंदर रखा गृहस्थी का पूरा सामान और नगदी जलकर राख हो गई, जिससे पीड़ित परिवार को भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित व्यक्ति, जो चाय बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, ने इस आगजनी के लिए तीन अज्ञात लोगों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ही झोपड़ी में आग लगाई थी। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- 10वीं मोहर्रम यानी यौम-ए-आशूरा के अवसर पर अंजुमन-ए-काज़मिया द्वारा जुलूस-ए-अज़ा निकाला गया। इस दौरान अज़ादारों ने नौहाख़्वानी और सीना-ज़नी के माध्यम से हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदा-ए-कर्बला को भावभीनी ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश की, जिससे चारों ओर "या हुसैन" की सदाएं गूंज उठीं। यह जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों से होता हुआ कर्बला पहुँचा, जहाँ नम आँखों से पुर्सा-ए-अक़ीदत अर्पित किया गया। इस कार्यक्रम में शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। पुलिस-प्रशासन के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- रायबरेली के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के सावापुर नेवादा गांव में करंट की चपेट में आने से लाली, पत्नी लाल जी नामक एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए और आक्रोशित परिजनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। परिजनों की मुख्य मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कोतवाली में प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तत्काल मुस्तैद हो गया। अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए उग्र परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उन्हें उचित कार्यवाही का ठोस आश्वासन दिया। पुलिस द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके पश्चात, पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- यह पोस्ट भारत तिवारी के खो जाने पर दुख व्यक्त करती है और इसके साथ ही "इन्हें" (अन्यों को) बचाने की तत्काल गुहार लगाती है। पोस्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि यह सामग्री सार्वजनिक स्रोतों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाचार और जनहित में जानकारी साझा करना है। इसमें आगे कहा गया है कि किसी भी मामले में अंतिम सत्य का निर्धारण संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया द्वारा ही किया जाएगा।1
- कौशाम्बी के कोखराज टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर डिवाइडर से टकराने के बाद भीषण आग का गोला बन गया। इस दुर्घटना में टोल कर्मियों सहित कई लोग झुलस गए। आग की वजह से टोल प्लाजा के तीन बूथ, तीन जनरेटर, कई मोटरसाइकिलें और चार पहिया वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गए। हादसे में घायल हुए लोगों में राजेश, सोनू, अरविंद, पिंटू, मुकेश, रामबाबू, जितेंद्र (कोखराज), हीरामणि सिंह (रायबरेली), आलोक सिंह (रायबरेली), अतुल कुमार मिश्रा (रीवा, मध्य प्रदेश), कृष्णपाल मौर्य (ललितपुर) और अनिल (हंडिया, प्रयागराज) शामिल हैं। इनमें से हीरामणि सिंह, आलोक सिंह और अनिल को गंभीर चोटों के कारण प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में रेफर किया गया है। दमकल विभाग की टीम ने लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि टैंकर के खलासी की मौत की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।1