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बच्चा मां की पहली Kiss से ही शांत हो गया, मां का स्पर्श ही काफी होता है। बच्चा मां की पहली Kiss से ही शांत हो गया, मां का स्पर्श ही काफी होता है।
Ram Naresh Journalist
बच्चा मां की पहली Kiss से ही शांत हो गया, मां का स्पर्श ही काफी होता है। बच्चा मां की पहली Kiss से ही शांत हो गया, मां का स्पर्श ही काफी होता है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by शिव सागर मौर्य2
- sanjeetkesharbhartiya2
- ब्रेकिंग न्यूज़ | वाराणसी वाराणसी में सड़क हादसे का मामला सामने आया है। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने चलती बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस को सूचना दी और 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को भी अवगत कराया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।1
- कौशाम्बी में मंझनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मानपुर गौरा में पति पत्नी के झगडे में पड़ोसी ने पीड़िता के पति पर किया जानलेवा हमला जिसमें पीड़िता के पति का सर फट गया है और अभी तक विपक्षियों पर संबंधित चौकी प्रभारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिसके बाद पीड़िता ने कौशाम्बी पुलिस अधीक्षक को लिखित प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई देखें पीड़िता का पूरा बयान !1
- कौशांबी | नेवादा क्षेत्र विकासखंड नेवादा के चकपीन्हा गांव स्थित गौशाला का हाल निरीक्षण के दौरान बेहद चिंताजनक मिला। यहां न तो बाउंड्रीवाल है, न ही मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा-पानी और छांव की समुचित व्यवस्था। निरीक्षण के समय एक जर्सी गाय जमीन पर तड़पती मिली, जबकि मौके पर कोई देखभाल करने वाला मौजूद नहीं था। बाद में पहुंचे केयरटेकर ने 55 मवेशियों का रिकॉर्ड बताया, लेकिन मौके पर केवल 43 ही पाए गए, जिससे रिकॉर्ड और वास्तविकता में बड़ा अंतर सामने आया। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए—मवेशियों को पर्याप्त भोजन नहीं दिया जाता, चोकर केवल दिखावे के लिए रखा जाता है और लापरवाही के चलते मवेशियों की मौतें हो रही हैं। यहां तक कि मृत पशुओं के टैग बदलने जैसी अनियमितताओं की भी बात सामने आई है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभात गौतम ने बताया कि एक बीमार गाय का इलाज जारी है और अन्य कमियों को जल्द दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया है। बड़ा सवाल: हर साल लाखों खर्च होने के बावजूद गौशालाओं की ऐसी बदहाली क्यों? क्या जिम्मेदारों की अनदेखी ही मवेशियों की इस दुर्दशा की वजह है? अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- Post by Saraswati Kumari2
- Post by Mohini Shukla1
- Post by शिव सागर मौर्य1