भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (भीलवाड़ा डेयरी) ने आम उपभोक्ताओं को झटका देते हुए सरस ब्रांड दूध की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी होगी। डेयरी के प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार ने बताया कि इस वृद्धि के बाद सरस फुल क्रीम (गोल्ड) दूध की कीमत 68 रुपये प्रति लीटर और सरस स्टैंडर्ड दूध की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। यह फैसला दुग्ध उत्पादकों को अधिक भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, जिसके तहत दूध की खरीद दर में 20 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, डेयरी प्रशासन के अनुसार सरस के टोन्ड, डबल टोन्ड, गाय दूध और चाय साथी जैसे अन्य ब्रांडों की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई पैकिंग उपलब्ध होने तक पुराने पैकेटों पर मुद्रित कीमतें रहेंगी, लेकिन संशोधित दरें अलग से अंकित की जाएंगी। डेयरी के इस कदम से जहां एक ओर दुग्ध उत्पादकों को बेहतर भुगतान की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं पर महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। नई दरें 1 जून से भीलवाड़ा और राजसमंद जिले के शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लागू हो जाएंगी।
भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (भीलवाड़ा डेयरी) ने आम उपभोक्ताओं को झटका देते हुए सरस ब्रांड दूध की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी होगी। डेयरी के प्रबंध संचालक त्रिभुवन पाटीदार ने बताया कि इस वृद्धि के बाद सरस फुल क्रीम (गोल्ड) दूध की कीमत 68 रुपये प्रति लीटर और सरस स्टैंडर्ड दूध की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। यह फैसला दुग्ध उत्पादकों को अधिक भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, जिसके तहत दूध की खरीद दर में 20 रुपये प्रति किलोग्राम फैट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, डेयरी प्रशासन के अनुसार सरस के टोन्ड, डबल टोन्ड, गाय दूध और चाय साथी जैसे अन्य ब्रांडों की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई पैकिंग उपलब्ध होने तक पुराने पैकेटों पर मुद्रित कीमतें रहेंगी, लेकिन संशोधित दरें अलग से अंकित की जाएंगी। डेयरी के इस कदम से जहां एक ओर दुग्ध उत्पादकों को बेहतर भुगतान की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं पर महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। नई दरें 1 जून से भीलवाड़ा और राजसमंद जिले के शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लागू हो जाएंगी।
- भीलवाड़ा शहर में दिनभर की तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से तुरंत राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। शाम के समय आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। कई इलाकों में हुई तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं तेज हवा के कारण लोगों को कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा। लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान शहरवासियों ने बारिश के बाद राहत महसूस की और मौसम ठंडा होने से उनके चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे में तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की है।2
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने 30 मई को अपने कार्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) और चंबल परियोजना के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करना था। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि इस प्रचंड गर्मी में आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने जल वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और किसी भी क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल उसका समाधान करने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'वंदे गंगा जल जन अभियान' के तहत प्राचीन जलाशयों, बावड़ियों और कुओं के जल को जनता के लिए उपयोगी बनाने हेतु एक कार्ययोजना तैयार कर नागरिकों को राहत प्रदान करने को भी कहा। बैठक में अधीक्षण अभियंता चंबल विनोद गर्ग, अधिशाषी अभियंता चंबल महेश नरानिया, अधीक्षण अभियंता किशन खोईवाल, सहायक अभियंता दिलराज मीणा, कनिष्ठ अभियंता श्रीराम मीणा, सहायक अभियंता प्रेम जीनगर, कनिष्ठ अभियंता हरीश मीणा, सौभाग्य राज सिंह, सुरेश सालवी, संदीप मीणा, विजय सिंह खटाना और नरेश गुर्जर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। उनके साथ एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेंद्र सिंह राठौड़, बाबूलाल टाक, सुंदरलाल बंबोरा, संजय राठी, चेतन मानसिहका, कमल कोठारी, केदार जागेटिया, प्रिंस जैन, अजय पाराशर और पृथ्वीराज सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।2
- भीलवाड़ा में नौतपा के अवसर पर भेरुनाथ मंदिर में पंच धुना अग्नि तप का आरंभ हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान के शुरू होते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।1
- 30 मई 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई गई है, जिसके चलते व्यापक स्तर पर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इस मौसमी आपदा के कारण कई जगहों पर बिजली गुल होने की संभावना है, साथ ही पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुँच सकता है। तूफान की वर्तमान स्थिति और उसकी तीव्रता को देखते हुए, यह संभावना नहीं दिख रही कि यह शांतिपूर्वक थम जाएगा। इसी बीच, राजस्थान के भीलवाड़ा में भी बारिश के साथ तेज तूफान आया है, जिसने राज्य के कुछ जिलों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।1
- साड़ास क्षेत्र में आई तेज़ आंधी और तूफान ने स्थानीय लोगों में भय और दहशत का माहौल बना दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई मकानों के चदर (छत) उड़ने की खबरें मिली हैं, जिससे लोगों को काफी नुकसान हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी निवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में रहें और सुरक्षित स्थान पर रहकर सावधानी बरतें।1