*कोरोना के जख्म अभी भरे नहीं और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की स्वास्थ्य सेवाओं ने फिर तोड़ा दम* *ग्रेटर नोएडा वेस्ट में महाशिवरात्रि पर स्वास्थ्य पर फिर हुआ अटैक* आपदा हमें सबक सिखाती है, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट के मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन ने 'सबक न लेने' की कसम खा रखी है। कोरोना काल की उस भयावह तस्वीर को कौन भूल सकता है जब ऑक्सीजन और बेड के लिए हाहाकार मचा था? महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर कुट्टू के आटे से हुए फूड पॉइजनिंग के प्रकरण ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार और गौतम बुद्ध नगर प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान हिमालय प्राइड सोसाइटी और आसपास के इलाकों में कुट्टू का आटा खाने से दर्जनों लोग बीमार हो गए। देखते ही देखते निजी हॉस्पिटल इमरजेंसी में 15 से 45 मरीज पहुँच गए, जबकि अन्य निजी हॉस्पिटल पर भी मरीजों का तांता लग गया। बीमारों में सांस लेने में तकलीफ, उल्टी और चक्कर आने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए।45 मरीजों में ही फूल गईं सांसें,हैरानी की बात यह है कि महज कुछ दर्जन मरीजों के आने भर से इलाके के निजी अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गईं।अंकिता राजपूत ने इस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा"अगर एक छोटा सा फूड पॉइजनिंग का मामला निजी अस्पतालों को पसीने ला सकता है,तो किसी बड़ी आपदा में इस लाखों की आबादी वाले 'नये नोएडा' का क्या होगा? यहाँ एक बड़े सरकारी अस्पताल की कमी आज फिर महसूस हुई है।"सालों से वही ढर्रा,हर नवरात्रि और शिवरात्रि पर कुट्टू के आटे से लोग बीमार होते हैं। क्या प्रशासन सिर्फ घटना होने के बाद सैंपल लेने की औपचारिकता पूरी करने के लिए है?जनप्रतिनिधि क्यों चुप हैं?वोट के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट को एक सर्वसुविधायुक्त सरकारी अस्पताल क्यों नहीं दिला पाए?क्या खाद्य विभाग की शिथिलता ही मिलावट खोरों को लोगों की जान से खेलने का लाइसेंस दे रही है?स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब केवल जांच का आश्वासन काफी नहीं है। दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो नजीर बने।साथ ही, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक सुसज्जित सरकारी अस्पताल की मांग अब 'जरूरत' नहीं बल्कि 'अस्तित्व की लड़ाई' बन गई है। प्रशासन ने अपील की है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री का सेवन न करें और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। लेकिन सवाल वही है—सहायता मिलेगी कहाँ, जब सिस्टम ही बीमार है?
*कोरोना के जख्म अभी भरे नहीं और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की स्वास्थ्य सेवाओं ने फिर तोड़ा दम* *ग्रेटर नोएडा वेस्ट में महाशिवरात्रि पर स्वास्थ्य पर फिर हुआ अटैक* आपदा हमें सबक सिखाती है, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट के मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन ने 'सबक न लेने' की कसम खा रखी है। कोरोना काल की उस भयावह तस्वीर को कौन भूल सकता है जब ऑक्सीजन और बेड के लिए हाहाकार मचा था? महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर कुट्टू के आटे से हुए फूड पॉइजनिंग के प्रकरण ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार और गौतम बुद्ध नगर प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान हिमालय प्राइड सोसाइटी और आसपास के इलाकों में कुट्टू का आटा खाने से दर्जनों लोग बीमार हो गए। देखते ही देखते निजी हॉस्पिटल इमरजेंसी में 15 से 45 मरीज पहुँच गए, जबकि अन्य निजी हॉस्पिटल पर भी मरीजों का तांता लग गया। बीमारों में सांस लेने में तकलीफ, उल्टी और चक्कर आने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए।45 मरीजों में ही फूल गईं सांसें,हैरानी की बात यह है कि महज कुछ दर्जन मरीजों के आने भर से इलाके के निजी अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गईं।अंकिता राजपूत ने इस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा"अगर एक छोटा सा फूड पॉइजनिंग का मामला निजी अस्पतालों को पसीने ला सकता है,तो किसी बड़ी आपदा में इस लाखों की आबादी वाले 'नये नोएडा' का क्या होगा? यहाँ एक बड़े सरकारी अस्पताल की कमी आज फिर महसूस हुई है।"सालों से वही ढर्रा,हर नवरात्रि और शिवरात्रि पर कुट्टू के आटे से लोग बीमार होते हैं। क्या प्रशासन सिर्फ घटना होने के बाद सैंपल लेने की औपचारिकता पूरी करने के लिए है?जनप्रतिनिधि क्यों चुप हैं?वोट के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि आखिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट को एक सर्वसुविधायुक्त सरकारी अस्पताल क्यों नहीं दिला पाए?क्या खाद्य विभाग की शिथिलता ही मिलावट खोरों को लोगों की जान से खेलने का लाइसेंस दे रही है?स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब केवल जांच का आश्वासन काफी नहीं है। दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो नजीर बने।साथ ही, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक सुसज्जित सरकारी अस्पताल की मांग अब 'जरूरत' नहीं बल्कि 'अस्तित्व की लड़ाई' बन गई है। प्रशासन ने अपील की है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री का सेवन न करें और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। लेकिन सवाल वही है—सहायता मिलेगी कहाँ, जब सिस्टम ही बीमार है?
- Post by Shivram Chodrya1
- आज का पंचांग1
- Post by संवाददाता देवेन्द्र कुमार सत्य1
- प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय डीग उपसेवाकेंद्र में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई गई अमरदीप सैन डीग। प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के उपसेवा । केंद्र डीग द्वारा महाशिवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संत दास बाबा राजा मुरली मनोहर मंदिर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्र. कु. बबिता दीदी सह प्रभारी, भरतपुर ने की। विशिष्ट अतिथियों में भगवान शरण आड़तिया, हिंदी साहित्य समिति के महामंत्री चंद्रभान वर्मा, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्र. कु. प्रवीणा बहन प्रभारी ब्र. कु. योगिता बहन प्रभारी ओल एवं ब्र. कु. जागृति बहन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ईश्वरीय स्मृति गीत से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्मृति गीत “ऐ आत्माओं सुन लो शिव ये शुभ संदेश” से हुआ। मुख्य अतिथि संत दास बाबा राजा ने अपने उद्बोधन में कहा कि परमात्मा शिव एकांतवासी कहलाते हैं। यदि हम ईश्वर की प्राप्ति करना चाहते हैं तो एकांत और मौन की आवश्यकता होती है। समय स्वप्न के समान है, इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस का पाठ तो अनेक लोग करते हैं, किंतु उसे आचरण में लाना आवश्यक है। ईर्ष्या, निंदा और चुगली से दूर रहकर सदाचारपूर्ण जीवन जीना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य अध्यक्षीय संबोधन में ब्र. कु. बबिता दीदी ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परमात्मा शिव का अवतरण दिवस है। शिवरात्रि पर नमक और मिर्च का त्याग प्रतीकात्मक है अर्थात् हमें कड़वे और तीखे वचन नहीं बोलने चाहिए। सभी के प्रति प्रेम, सहयोग और सम्मान का भाव रखना ही सच्चा जीवन है। विशिष्ट अतिथि चंद्रभान वर्मा ने अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए “घर-घर शिव का ध्वज फहराएंगे” कविता सुनाई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। परमात्मा का सत्य परिचय ब्र. कु. योगिता बहन ने अपने वक्तव्य में कहा कि परमात्मा निराकार ज्योति बिंदु स्वरूप हैं, जो गुणों के सागर हैं। उनके सान्निध्य से मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ और दिव्य बना सकता है। प्रभात फेरी और झांकियों ने बांधा समां कार्यक्रम से पूर्व डीग कस्बे के प्रमुख स्थानों पर प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी में भगवान शिव शंकर एवं राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिनके दर्शन कर नगरवासियों ने श्रद्धाभाव प्रकट किया। प्रभात फेरी को संत दास बाबा राजा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा शिव ध्वजारोहण किया गया तथा सभी को यह प्रतिज्ञा दिलाई गई कि वे मन, वचन और कर्म से किसी को भी दुख नहीं देंगे। गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें दीपू फोजदार पूर्व प्रेसिडेंट, डीग कॉलेज, रज्जन सिंह , गिरधारी मित्तल, दिगंबर, गौरव, सुरेश, गीता, केला, मुस्कान, मोनिका सहित सैकड़ों भाई-बहन शामिल रहे।3
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- Post by Vinay_creator1121
- लखनऊ विधानसभा का घिराव करने जा रहे कांग्रेसियों को मथुरा पुलिस ने किया नजर बंद मथुरा में मंगलवार को प्रस्तावित कांग्रेस के विधानसभा घेराव से पहले मथुरा महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकदम को हिरासत में ले लिया गया थाना कोतवाली पुलिस ने उन्हें उनके निजी निवास पैतृक आवास संतोषपुर पर नजर बंद किया थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद बाबू अपनी टीम के साथ महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकदम को हिरासत में लेने पहुंचे पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर और महानगर अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकदम वह अन्य पदाधिकारीयों को अलग-अलग स्थान पर नजर बंद किया गया है इस दौरान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकदम और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकदम ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ सरकार मजदूरों गरीबों और आमजन के अधिकारों की आवाज दबाने के लिए कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले रही है उन्होंने इसे संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया कांग्रेस पदाधिकारीयों ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए सभी नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की है महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित यतेंद्र मुकदम ने कहा कि कांग्रेसी जनहित की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा2
- एक और नई पहल दो बच्चियों की दिया दान दहेज का सामान अमर दीप सेन डीग आज शहर की हनुमान मोहल्ला स्थित कोली समाज की बस्ती में दो गरीब बच्चियों की शादी में एक बच्ची जो की निहायती गरीब है जिसके पिता बहुत ही निर्धन है आय का कोई स्रोत नहीं है और वह चार बहने हैं भाई भी नहीं है और दूसरी बच्ची जिसके पिता नहीं है मां भी दिव्यांग है और एक भाई है वह भी दिव्यांग है आप दोनों की शादी में पूर्व पंचायत समिति सदस्य पूनम शर्मा जी की पहल पर गृहस्थी का सामान दिया जिसमें दोनों को अलग-अलग 11 साड़ियां एक साल एक बेडशीट एक डबल बेड का कंबल 25 किलो चीनी एक रिफाइंड का पीपा 25 किलो आटा 11 किलो बेसन एक सिलाई मशीन एक प्रेशर कुकर एक जोड़ी पायल एक सोने की बाली एक जोड़ी बिछुआ ₹1100 नगद वह कुछ गिफ्ट परिवार को भेंट किया गुरुजी लोकेश शर्मा के सानिध्य में एवं साथ मै भामाशाह डॉक्टर जितेंद्र सिंह फौजदार ,सौरभ जैन, काजल जैन, योगेश शर्मा जयपुर ,आलोक आगरा ,नरेश ककड़ा वाले, देवेंद्र ठेकेदार लेखू भगत ,दीपक , दीपांशु खंडेलवाल एवं संतों महमदपुर आप सभी के सहयोग से यह पुनीत कार्य किया गया2